Uttarakhand
उत्तराखंड में स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा, 423 करोड़ की लागत से 13 आईटीआई होंगे अपग्रेड….

उत्तराखंड सरकार प्रदेश के युवाओं की स्किल को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसके तहत सोमवार को उत्तराखंड सरकार और टाटा टेक्नोलॉजी के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) साइन हुआ, जिसके तहत प्रदेश के 13 आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) में इण्डस्ट्री 4.0 के तहत पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इस समझौते के साथ ही इन संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा और टाटा टेक्नोलॉजी की ओर से उपकरण, मशीनरी, कंप्यूटर समेत अन्य आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
एमओयू के तहत, इन 13 आईटीआई संस्थानों में 423.54 करोड़ रुपए की लागत से उन्नयन कार्य किए जाएंगे, जिनमें से 87 फीसदी (368.48 करोड़ रुपए) खर्च टाटा टेक्नोलॉजी द्वारा किया जाएगा, जबकि शेष 13 फीसदी (64.97 करोड़ रुपए) खर्च उत्तराखंड सरकार करेगी। प्रत्येक संस्थान को उन्नत बनाने पर लगभग 32.58 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने इस अवसर पर बताया कि उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में 13 आईटीआई संस्थानों को चिन्हित किया है, जिनमें हरिद्वार, उधम सिंह नगर और नैनीताल जिले में 2-2 संस्थान, और देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली, पिथौरागढ़, चंपावत और अल्मोड़ा में एक-एक संस्थान शामिल हैं। इन संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कार्य जारी हैं, जिसमें बिजली, पानी, फर्नीचर, एसी, जनरेटर और 10,000 वर्ग फुट कार्यशाला का निर्माण किया जा रहा है। इन कार्यों के लिए नाबार्ड से 79.0955 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है, जिसमें से पहली किस्त के रूप में 21.36 करोड़ रुपए सरकार को मिल चुके हैं।
साथ ही, मंत्री ने बताया कि इन संस्थानों में छात्रों को आधुनिक पाठ्यक्रम पढ़ाने के लिए टाटा टेक्नोलॉजी द्वारा पहले दो साल तक 2 प्रशिक्षक और तीसरे साल एक प्रशिक्षक नियुक्त किया जाएगा। यह प्रशिक्षक युवाओं को ‘Mechanic Electric Vehicle’, ‘Advanced CNC Machining’, ‘Industrial Robotics & Digital Manufacturing’, ‘Basics Designer & Virtual Verifier’, ‘Manufacturing Process Control & Automation’, और ‘Artisan Using Advanced Tools’ जैसे पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षित करेंगे।
Dehradun
देहरादून में अनिंत्रित होकर खाई में गिरी कार, एक की मौत, शराब के नशे के कारण हुआ हादसा

Dehradun Accident : देहरादून में मंगलवार को देर रात दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। प्रेमनगर में एक कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। इस हादसे में एक युवक की मौत हो गई जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए।
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देहरादून में अनिंत्रित होकर खाई में गिरी कार, एक की मौत
देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र स्थित फूलसेनी मोड़ पर हुए एक सड़क हादसे में कार चालक की मौत हो गई, जबकि उसके साथ मौजूद दो युवक मामूली रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और राहत और बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है।

घूमने के लिए निकले थे तीनों दोस्त
पुलिस के मुताबिक, सूचना मिली थी कि एक कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खाई में गिर गई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार में फंसे युवकों को बाहर निकालकर आवश्यक कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में पता चला कि कार में सवार तीनों युवक आपस में मित्र थे और घूमने के लिए निकले थे।
शराब के नशे के कारण हुआ हादसा
जांच के दौरान ये भी सामने आया कि हादसे से पहले तीनों ने शराब का सेवन किया था। पुलिस का मानना है कि फूलसेनी मोड़ पर चालक सड़क का सही अनुमान नहीं लगा सका, जिससे वाहन पर नियंत्रण खो गया और कार खाई में जा गिरी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
Uttarakhand
Best Places To Visit In Uttarakhand:उत्तराखंड के 10 सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थल

Best Places To Visit In Uttarakhand : भारत के उत्तर में स्थित उत्तराखंड को “देवभूमि” यानी देवताओं की भूमि कहा जाता है। हिमालय की ऊंची-ऊंची बर्फ से ढकी चोटियों, कल-कल बहती पवित्र नदियों, घने जंगलों और प्राचीन मंदिरों से समृद्ध यह राज्य हर साल करोड़ों पर्यटकों, ट्रैकर्स और आध्यात्मिक झुकाव वाले लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यदि आप भी अपनी व्यस्त और भागदौड़ भरी जिंदगी से थोड़ा ब्रेक लेना चाहते हैं और प्रकृति की गोद में कुछ पल सुकून के बिताना चाहते हैं, तो उत्तराखंड से बेहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता।
इस लेख में हम आपको उत्तराखंड के 10 सबसे खूबसूरत और बेहतरीन पर्यटन स्थलों (Best places to visit in Uttarakhand) के बारे में विस्तार से बताएंगे, जहां की यात्रा आपके जीवन के सबसे यादगार अनुभवों में से एक बन जाएगी।
Best Places To Visit In Uttarakhand
1. ऋषिकेश: योग और रोमांच का वैश्विक केंद्र
गंगा नदी के तट पर बसा ऋषिकेश न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में “योग की राजधानी” के रूप में जाना जाता है। आध्यात्मिक शांति की तलाश करने वालों के साथ-साथ यह जगह एडवेंचर के शौकीनों के लिए भी एक स्वर्ग है।
- मुख्य आकर्षण: लक्ष्मण झूला, राम झूला, त्रिवेणी घाट पर शाम की भव्य गंगा आरती, और नीलकंठ महादेव मंदिर।
- रोमांचक गतिविधियां: व्हाइट वाटर राफ्टिंग (White Water Rafting), बंजी जंपिंग, कैंपिंग और क्लिफ जंपिंग।
- क्यों जाएं: यदि आप मानसिक शांति के साथ-साथ थोड़े एडवेंचर का अनुभव करना चाहते हैं, तो ऋषिकेश आपकी सूची में सबसे ऊपर होना चाहिए।

2. नैनीताल: झीलों की खूबसूरत नगरी
कुमाऊं की पहाड़ियों में बसा नैनीताल उत्तराखंड का एक बेहद लोकप्रिय हिल स्टेशन है। यह चारों ओर से ऊंचे पहाड़ों और खूबसूरत झीलों से घिरा हुआ है। नैनीताल को “झीलों का शहर” भी कहा जाता है।
- मुख्य आकर्षण: नैनी झील (Naini Lake), नैना देवी मंदिर, मॉल रोड, टिफिन टॉप (डोरोथी सीट) और स्नो व्यू पॉइंट।
- रोमांचक गतिविधियां: नैनी झील में नौकाविहार (Boating), केव गार्डन की सैर, और मॉल रोड पर शाम की वॉक।
- क्यों जाएं: परिवारों और हनीमून कपल्स के लिए यह जगह एकदम सही है, जहां का शांत मौसम और ठंडी हवाएं आपका दिल जीत लेंगी।
3. मसूरी: पहाड़ों की रानी
देहरादून से महज 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मसूरी को “पहाड़ों की रानी“ कहा जाता है। ब्रिटिश काल से ही यह हिल स्टेशन पर्यटकों की पहली पसंद रहा है। यहां से दिखने वाली शिवालिक पर्वत श्रृंखला और दून घाटी का नजारा बेहद अद्भुत होता है।
- मुख्य आकर्षण: केम्प्टी फॉल (Kempty Fall), गन हिल, कंपनी गार्डन, क्लाउड्स एंड, और प्रसिद्ध लेखक रस्किन बॉन्ड का पसंदीदा गंतव्य “लैंडौर”।
- रोमांचक गतिविधियां: केबल कार राइड, ट्रेकिंग और मॉल रोड पर शॉपिंग।
- क्यों जाएं: यदि आप वीकेंड पर दिल्ली या आस-पास के इलाकों से एक छोटी और खूबसूरत ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो मसूरी सबसे बेहतरीन विकल्प है।

4. औली: भारत का मिनी स्विट्जरलैंड
यदि आपको बर्फबारी (Snowfall) और स्कीइंग (Skiing) का शौक है, तो औली आपके लिए जन्नत से कम नहीं है। चमोली जिले में स्थित औली भारत के सबसे बेहतरीन स्कीइंग डेस्टिनेशन्स में से एक है, जिसे “भारत का मिनी स्विट्जरलैंड” भी कहा जाता है।
- मुख्य आकर्षण: औली आर्टिफिशियल लेक, जोशीमठ से औली तक की केबल कार (Asia’s longest ropeway), और त्रिशूल व नंदा देवी चोटियों का शानदार नजारा।
- रोमांचक गतिविधियां: स्कीइंग, स्नोबोर्डिंग, और गुरसो बुग्याल तक ट्रेकिंग।
- क्यों जाएं: सर्दियों के मौसम में बर्फ की सफेद चादर को करीब से देखने और विंटर स्पोर्ट्स का मजा लेने के लिए औली जरूर जाएं।

5. चोपता: उत्तराखंड का स्विट्जरलैंड
गढ़वाल क्षेत्र में स्थित चोपता एक छोटा और बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है, जिसे “उत्तराखंड का स्विट्जरलैंड” कहा जाता है। यह जगह अभी भी व्यावसायिकता से काफी दूर है, जिससे यहां की प्राकृतिक सुंदरता पूरी तरह से प्राकृतिक और अछूती बनी हुई है।
- मुख्य आकर्षण: तुंगनाथ मंदिर (दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर) और चंद्रशिला चोटी।
- रोमांचक गतिविधियां: तुंगनाथ और चंद्रशिला तक की ट्रेकिंग, बर्ड वाचिंग और जंगलों में कैंपिंग।
- क्यों जाएं: प्रकृति प्रेमियों और शांत वातावरण की तलाश करने वाले ट्रैकर्स के लिए चोपता एक आदर्श स्थान है।
6. फूलों की घाटी (Valley of Flowers)
यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर स्थलों में शामिल “वैली ऑफ फ्लावर्स” चमोली जिले में स्थित है। यह घाटी सैकड़ों प्रजातियों के जंगली फूलों से ढकी रहती है, जो मानसून के मौसम में पूरी तरह खिलते हैं।
- मुख्य आकर्षण: विभिन्न प्रकार के दुर्लभ फूल (जैसे ब्रह्मकमल), कस्तूरी मृग और नीली भेड़ जैसे दुर्लभ जीव।
- रोमांचक गतिविधियां: घांघरिया से वैली ऑफ फ्लावर्स तक का खूबसूरत और चुनौतीपूर्ण ट्रेक।
- क्यों जाएं: यदि आप प्रकृति के सबसे जादुई और रंग-बिरंगे रूप को देखना चाहते हैं, तो जुलाई से सितंबर के बीच यहां का प्लान बनाएं।

7. मुंसियारी: हिमालय का प्रवेश द्वार
पिथौरागढ़ जिले में स्थित मुंसियारी को “लिटिल कश्मीर” भी कहा जाता है। यह बर्फ से ढकी पंचाचूली (Panchachuli) चोटियों के आधार के रूप में कार्य करता है। ट्रेकर्स के लिए यह जगह किसी वरदान से कम नहीं है।
- मुख्य आकर्षण: पंचाचूली चोटियों का दृश्य, मिलम ग्लेशियर, रालम ग्लेशियर और नंदा देवी मंदिर।
- रोमांचक गतिविधियां: ग्लेशियर ट्रेकिंग, कैंपिंग और स्थानीय कुमाऊंनी संस्कृति का अनुभव।
- क्यों जाएं: भीड़भाड़ से दूर, हिमालय की शांत और विशाल चोटियों को एकदम करीब से महसूस करने के लिए मुंसियारी एक बेहतरीन ऑफबीट डेस्टिनेशन है।
8. हर्षिल घाटी: सेब के बागानों का स्वर्ग
उत्तरकाशी जिले में भागीरथी नदी के तट पर स्थित हर्षिल एक बेहद शांत और खूबसूरत गांव है। यह जगह अपने घने देवदार के जंगलों, सेब के बागानों और चारों ओर फैले पहाड़ों के लिए प्रसिद्ध है।
- मुख्य आकर्षण: भागीरथी नदी का किनारा, मुखबा गांव (गंगोत्री माता का शीतकालीन निवास), और सेब के विशाल बागान।
- रोमांचक गतिविधियां: प्रकृति की सैर (Nature Walks), फोटोग्राफी और स्थानीय गढ़वाली जीवनशैली को समझना।
- क्यों जाएं: यदि आप एक ऐसी जगह की तलाश में हैं जहां केवल नदियों की कल-कल आवाज और पक्षियों की चहचहाहट हो, तो हर्षिल आपके लिए ही है।
9. केदारनाथ और बद्रीनाथ: आध्यात्मिक चेतना के मुख्य केंद्र
उत्तराखंड की यात्रा तब तक अधूरी मानी जाती है जब तक कि आप इसके प्रसिद्ध “चार धाम” के दर्शन न कर लें। इनमें केदारनाथ (भगवान शिव का निवास) और बद्रीनाथ (भगवान विष्णु का निवास) सबसे प्रमुख हैं।
- मुख्य आकर्षण: 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक केदारनाथ मंदिर, अलकनंदा नदी के तट पर स्थित बद्रीनाथ मंदिर और तप्त कुंड।
- रोमांचक गतिविधियां: गौरीकुंड से केदारनाथ तक का 16 किलोमीटर का कठिन लेकिन आध्यात्मिक रूप से ऊर्जावान ट्रेक।
- क्यों जाएं: मानसिक शांति, सनातन संस्कृति की गहरी जड़ों को महसूस करने और पहाड़ों के बीच असीम श्रद्धा का अनुभव करने के लिए इन धामों की यात्रा अवश्य करें।
10. जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क: वन्यजीवों का रोमांच
नैनीताल जिले में स्थित जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क भारत का सबसे पुराना और सबसे प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान है। यह मुख्य रूप से अपने रॉयल बंगाल टाइगर्स (Royal Bengal Tigers) के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।
- मुख्य आकर्षण: ढिकला ज़ोन, रामगंगा नदी, विभिन्न प्रकार के वन्यजीव जैसे हाथी, हिरण, और पक्षियों की सैकड़ों प्रजातियां।
- रोमांचक गतिविधियां: ओपन जीप सफारी, कैंटर सफारी और नदी के किनारे बने जंगलों के रिसॉर्ट्स में ठहरना।
- क्यों जाएं: वन्यजीव प्रेमियों और एडवेंचर के शौकीनों के लिए जंगल सफारी का यह अनुभव बेहद रोमांचक और थ्रिलिंग होता है।
उत्तराखंड घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Uttarakhand)
उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि आप यहां साल के अलग-अलग महीनों में अलग-अलग अनुभवों के लिए आ सकते हैं:
| मौसम | महीने | क्यों जाएं? |
| गर्मियां (Summer) | मार्च से जून | हिल स्टेशंस (मसूरी, नैनीताल) पर सुहावने मौसम और चार धाम यात्रा के लिए सबसे उपयुक्त। |
| मानसून (Monsoon) | जुलाई से सितंबर | वैली ऑफ फ्लावर्स और चारों ओर फैली हरियाली को देखने के लिए अच्छा है (हालांकि इस समय भूस्खलन का खतरा रहता है)। |
| सर्दियां (Winter) | अक्टूबर से फरवरी | औली में स्कीइंग, बर्फबारी का मजा लेने और मुंसियारी व चोपता में विंटर ट्रेक के लिए बेस्ट। |
उत्तराखंड यात्रा के लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स (Travel Tips)
- मौसम की जानकारी रखें: पहाड़ों पर मौसम बहुत तेजी से बदलता है। यात्रा पर निकलने से पहले मौसम का पूर्वानुमान (Weather Forecast) जरूर चेक करें, विशेषकर मानसून के दौरान।
- गर्म कपड़े साथ रखें: यदि आप गर्मियों में भी जा रहे हैं, तो शाम के समय के लिए हल्के ऊनी कपड़े और यदि सर्दियों में जा रहे हैं, तो भारी जैकेट, थर्मल और दस्ताने साथ ले जाना न भूलें।
- अग्रिम बुकिंग (Advance Booking): पीक सीजन (जैसे मई-जून या दिसंबर-जनवरी) के दौरान होटल, रिसॉर्ट्स और सफारी की बुकिंग पहले से ही करा लें ताकि किसी परेशानी से बचा जा सके।
- स्थानीय संस्कृति और प्रकृति का सम्मान करें: देवभूमि एक अत्यंत पवित्र और प्राकृतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र है। यात्रा के दौरान प्लास्टिक का उपयोग कम से कम करें, गंदगी न फैलाएं और स्थानीय परंपराओं का सम्मान करें।
निष्कर्ष
उत्तराखंड एक ऐसा राज्य है जो हर तरह के यात्री को कुछ न कुछ अनोखा प्रदान करता है। चाहे आप एक ट्रैकर हों जो पहाड़ों को फतह करना चाहता है, एक प्रकृति प्रेमी हों जो शांत नजारों को कैमरे में कैद करना चाहता है, या एक श्रद्धालु हों जो ईश्वर के चरणों में शीश नवाना चाहता है—उत्तराखंड की यह देवभूमि आपकी सभी इच्छाओं को पूरा करती है। तो देर किस बात की? अपने बैग पैक कीजिए, अपनी पसंदीदा जगहों का चुनाव कीजिए और निकल पड़िए उत्तराखंड की एक जादुई और अविस्मरणीय यात्रा पर!
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Dehradun
मसूरी में डॉक्टर का इंतजार करता रहा परिवार, मासूम ने दम तोड़ा! जांच शुरू

Mussoorie News : मसूरी के उप जिला चिकित्सालय में करीब एक वर्ष के बच्चे की मौत के बाद अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई।
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मसूरी के सरकारी अस्पताल में एक साल के बच्चे की मौत
मसूरी एक साल की बच्ची की अस्पताल में मौत हो गई। बच्ची के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को खारिज करते हुए मामले की जांच शुरू करने की बात कही है।
परिजनों ने अस्पताल पर लगाया लापरवाही का आरोप
मृतक बच्चे की मां, जो बार्लोगंज क्षेत्र की रहने वाली हैं, ने बताया कि वो सोमवार सुबह करीब पांच बजे अपने बीमार बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंची थीं। उनका आरोप है कि उस समय अस्पताल में न तो कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही तत्काल उपचार के लिए आवश्यक स्टाफ उपलब्ध था।

डॉक्टर के इंतजार में मासूम ने दम तोड़ा
परिजनों का कहना है कि काफी इंतजार और आग्रह के बाद डॉक्टर व कर्मचारी पहुंचे, लेकिन बच्चे को समय पर उचित इलाज नहीं मिला। उनका आरोप है कि उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया गया कि बच्चों के विशेषज्ञ चिकित्सक सुबह आठ बजे आएंगे। परिवार का दावा है कि अगर समय रहते उपचार शुरू हो जाता तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।
चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
घटना के बाद परिजनों ने जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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