Chamoli
बर्फ़बारी से लकदक हुई उत्तराखंड की वादिया, चार धामों में जमकर हुई बर्फ़बारी…पर्यटकों का आना हुआ शुरू।

उत्तराखंड – मौसम का मिजाज बदलते ही पहाड़ों ने सफेद बर्फ की चादल ओढ़ ली। बर्फबारी का ये नजारा देवभूमि उत्तराखंड में जन्नत का अहसास कर रहा है। खूबसूरत बर्फीली वादियों से नजर नहीं हटेगी। सफेद चादर बिछते ही रौनक लौटी और पर्यटक भी मौज मस्ती करने पहुंच गए।

पहाड़ों में एक बार फिर से मौसम विभाग की भविष्य वाणी सही साबित हुई। चमोली के जोशीमठ क्षेत्र की ऊंचाई वाले स्थान औली बद्रीनाथ हेमकुंड केदारनाथ,तुंगनाथ साहिब एवं नीति घाटी में जबरदस्त बर्फबारी शुरू हो चुकी है। वहीं अब निचले ग्रामीण इलाकों में भी बारिश के साथ-साथ बर्फबारी भी शुरू होने लग गई है। एक बार फिर से पूरा चमोली सीमांत वर्ती क्षेत्र भीषण ठंड की चपेट में आ चुका है आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है ।

लोगों को हालांकि कोरी ठंड से राहत मिली है। इस बारिश और बर्फबारी को फसलों के लिए संजीवनी बताया जा रहा है। बदरीनाथ धाम सहित हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, लाल माटी, नंंदा घुंघटी, औली, गोरसों सहित नीती और माणा घाटियों में बर्फबारी हुई है। निजमुला घाटी के पाणा, ईराणी, झींझी गांव में भी बर्फबारी हुई, वहीं पर्यटन ग्राम रामणी में भी बर्फबारी होने से खेतों और आम रास्तों में बर्फ बिछ गई है। औली में बर्फबारी से पर्यटन कारोबारियों के चेहरे भी खिल गए हैं।
यमुनोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव जानकीचट्टी नारायण पुरी फूलचट्टी खरशालीगांव क्षेत्र में भी बर्फबारी के बाद दिलकश नजारा सामने आया। यमुनोत्री धाम सहित आसपास की चोटियों पर खूब बर्फबारी होने के साथ ही धाम से लगे गीठ पट्टी के 12 गांवों के अलावा सरबडियार और ठकराल पट्टी के 13 गांवों में भी बर्फबारी जमकर हुई। इधर तहसील मुख्यालय सहित यमुना घाटी में रातभर झमाझम बारिश हुई बारिश बर्फबारी के बीच यमुना घाटी की विधुत सप्लाई भी बाधित रही।

औली में जमकर बर्फबारी हो रही है। यहां खासतौर पर पर्यटकों को बर्फबारी का इंतजार रहता है। आज पर्यटकों की मुराद भी पूरी हुई। चमोली के कर्णप्रयाग, आदिबरी,देवाल,थराली, नारायणबगड़ सहित ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से बारिश जारी है। नोटी,नंदसैन, चौरासैन और बेनिताल सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। वहीं वेदनी बुग्याल, रूपकुंड में बर्फबारी जारी है। देवाल के लोहाजंग में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। नदी किनारे वाले शहरों में कड़ाके की ठंडी हवाएं चल रही हैं और लोग कड़ाके की ठंड से बेहाल हैं।

चारधाम समेत ऊंचाई वाले इलाकों में लंबे इंतजार के बाद बर्फबारी हुई, जिससे यहां पर्यटकों व किसानों के चेहरे खिल गए। फरवरी के पहले सप्ताह में भी कई बार बारिश-बर्फबारी होने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना यह भी है कि बारिश और बर्फबारी से तापमान पर कुछ ज्यादा असर नहीं पड़ेगा और मैदान से लेकर पहाड़ तक लोगों को सूखी ठंड से राहत मिलेगी।
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चमोली में घास लेने गई महिलाओं पर भालू ने किया हमला, एक की मौके पर मौत, 1 घायल

Chamoli News : चमोली जिले के पोखरी क्षेत्र में शुक्रवार सुबह जंगल में घास लेने गई दो महिलाओं पर भालू ने हमला कर दिया। अचानक हुए हमले के बाद दोनों महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे में एक महिला की मौत हो गई। जबकि एक महिला घायल बताई जा रही है।
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चमोली में घास लेने गई महिलाओं पर भालू ने किया हमला
चमोली जिले के पोखरी विकासखंड की नैल ग्राम पंचायत के सिदेली गांव से भालू के हमले सामने आई है। जानकारी के अनुसार गांव की विमला देवी (55) और लक्ष्मी देवी (42) शुक्रवार सुबह बोगा जंगल की ओर घास काटने गई थीं। इसी दौरान जंगल में अचानक उनका सामना भालू से हो गया और भालू ने दोनों पर हमला कर दिया।
भालू के हमले में एक महिला की मौत
हमले से बचने के दौरान दोनों महिलाएं चट्टान से नीचे जा गिरीं। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीण तुरंत जंगल पहुंचे और दोनों महिलाओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोखरी लेकर आए।

अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने विमला देवी को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी मौत अस्पताल लाए जाने से पहले ही हो चुकी थी। वहीं लक्ष्मी देवी की हालत गंभीर बताई गई, जिसके चलते प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
एक महिला गंभीर रूप से घायल
तहसीलदार रामकिशोर ध्यानी ने बताया कि घायल महिला को जल्द उपचार दिलाने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर हेलिकॉप्टर की व्यवस्था की गई थी। हालांकि मौसम खराब होने के कारण हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका। इसके बाद घायल महिला को एंबुलेंस के माध्यम से हायर सेंटर भेजा गया।
जंगल में भालू के हमले की इस घटना से सिदेली गांव समेत आसपास के इलाकों में भय का माहौल है। ग्रामीणों में जंगल जाने को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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17 अक्टूबर को बंद होंगे चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट, उसके बाद यहां कर सकते हैं दर्शन

Chamoli News : उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित पंचकेदारों में शामिल चतुर्थ केदार रुद्रनाथ धाम के कपाट आगामी 17 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
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17 अक्टूबर को बंद होंगे चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट
चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट बंद होने की तिथि का ऐलान हो गया है। इस साल 17 अक्टूबर को रूद्रनाथ धाम के कपाट बंद होंगे। रुद्रनाथ मंदिर के पुजारी हरीश भट्ट के अनुसार, वर्तमान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु कठिन पैदल यात्रा कर धाम पहुंच रहे हैं। मौसम अनुकूल होने के कारण यात्रा सुचारू रूप से जारी है और तीर्थयात्रियों में रुद्रनाथ के दर्शन को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
शीतकाल में गोपीनाथ मंदिर में होती है पूजा
शीतकाल के दौरान भारी बर्फबारी और कठिन मौसम के कारण रुद्रनाथ धाम की यात्रा बंद हो जाती है। इस अवधि में भगवान रुद्रनाथ की पूजा-अर्चना गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर में की जाती है। यानी की कपाट बंद होने के बाद गोपीनाथ मंदिर में रूद्रनाथ जी के दर्शन कर सकते हैं।

11,808 फीट की ऊंचाई पर स्थित है रुद्रनाथ धाम
चमोली जिले में समुद्र तल से करीब 11,808 फीट की ऊंचाई पर स्थित रुद्रनाथ मंदिर उत्तराखंड के प्रमुख शिव धामों में शामिल है। हिमालय की ऊंची और दुर्गम चोटियों के बीच स्थित यह मंदिर अपनी आध्यात्मिक मान्यता के साथ-साथ अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी जाना जाता है।
रुद्रनाथ में होती है भगवान शिव के मुख की पूजा
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, रुद्रनाथ पंचकेदारों में विशेष स्थान रखता है। यहां भगवान शिव के एकानन यानी मुख स्वरूप की पूजा की जाती है, जबकि भगवान शिव के संपूर्ण स्वरूप से जुड़ी मान्यता नेपाल के काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर से जुड़ी हुई है।
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फूलों की घाटी में टूटा पर्यटकों की संख्या का रिकॉर्ड, अब तक पहुंचे 22,745 सैलानी

Chamoli News : उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी में इस साल पर्यटकों की आवाजाही ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर इस घाटी को देखने के लिए अब तक रिकॉर्ड संख्या में सैलानी पहुंच चुके हैं।
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फूलों की घाटी में पर्यटकों की संख्या का रिकॉर्ड टूटा
फूलों की घाटी में पर्यटकों की संख्या का रिकॉर्ड टूट गया है। मिली जानकारी के मुताबिक, 21 जून तक फूलों की घाटी में कुल 22,745 पर्यटक पहुंच चुके हैं। इनमें 154 विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि यह घाटी में अब तक दर्ज की गई पर्यटकों की सबसे बड़ी संख्या है।
एक जून से शुरू हुई पर्यटकों की आवाजाही
फूलों की घाटी में इस साल 1 जून से पर्यटकों के प्रवेश की शुरुआत हुई थी। इसके बाद से लगातार देश-विदेश से सैलानी यहां पहुंच रहे हैं। घाटी में खिले रंग-बिरंगे फूल और आसपास का प्राकृतिक नजारा पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रहा है।

मौसम अनुकूल रहने का भी मिला फायदा
इस बार मानसून के दौरान मौसम अपेक्षाकृत अनुकूल रहने का भी पर्यटन पर सकारात्मक असर देखने को मिला है। सड़क और हाईवे बाधित होने की घटनाएं कम रहने से पर्यटकों की आवाजाही सुचारू बनी रही। इसका सीधा फायदा फूलों की घाटी पहुंचने वाले सैलानियों की संख्या में दिखाई दे रहा है।
31 अक्टूबर तक खुली रहेगी फूलों की घाटी
फूलों की घाटी अभी पर्यटकों के लिए खुली है और 31 अक्टूबर तक यहां घूमने का मौका रहेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होने की संभावना है। रिकॉर्ड संख्या में सैलानियों के पहुंचने से स्थानीय पर्यटन कारोबार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
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