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UPSC Civil Services Exam 2026: नोटिफिकेशन स्थगित, पढे ताजा अपडेट..

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UPSC Civil Services Exam 2026 notification Postpone

UPSC Civil Services Exam 2026

UPSC Civil Services Exam 2026 का इंतजार कर रहे लाखों उम्मीदवारों के लिए अहम खबर सामने आई है। Union Public Service Commission (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 और भारतीय वन सेवा (IFS) परीक्षा का नोटिफिकेशन फिलहाल स्थगित कर दिया है। पहले यह नोटिफिकेशन 14 जनवरी को जारी होने वाला था, लेकिन अब आयोग ने इसे टाल दिया है। इस संबंध में एक आधिकारिक नोटिस भी जारी किया गया है, जिसे उम्मीदवार UPSC की वेबसाइट upsc.gov.in पर जाकर देख सकते हैं।

यह खबर उन अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है, जो लंबे समय से आवेदन प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि नोटिफिकेशन टलने का मतलब क्या है, आगे क्या हो सकता है और उम्मीदवारों को अभी क्या करना चाहिए।

क्यों टला UPSC Civil Services Exam 2026 का नोटिफिकेशन?

UPSC की ओर से जारी नोटिस में बताया गया है कि प्रशासनिक कारणों के चलते सिविल सेवा परीक्षा 2026 और IFS परीक्षा के नोटिफिकेशन की तारीख स्थगित की गई है। आयोग ने यह भी साफ किया है कि नई तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी।

मतलब यह कि:

  • अभी आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं होगी
  • नई अधिसूचना (Notification) की तारीख अलग से घोषित की जाएगी
  • उम्मीदवारों को फिलहाल इंतजार करना होगा

हालांकि, UPSC ने यह संकेत दिया है कि यह देरी स्थायी नहीं है और कुछ ही दिनों में स्थिति साफ हो सकती है।


क्या कुछ दिन बाद जारी हो सकता है नोटिफिकेशन?

हां, ऐसी पूरी संभावना है। आमतौर पर UPSC जब नोटिफिकेशन स्थगित करता है, तो कुछ समय बाद नई तारीख के साथ उसे जारी कर देता है। इस बार भी आयोग ने कहा है कि नोटिफिकेशन जल्द ही नोटिफाई किया जाएगा

उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे:

  • रोजाना UPSC की आधिकारिक वेबसाइट चेक करें
  • किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें
  • केवल आधिकारिक नोटिस को ही सही मानें

UPSC Civil Services Exam 2026 के लिए आवेदन कैसे करें?

जो उम्मीदवार UPSC Civil Services Exam 2026 के लिए आवेदन करने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए आवेदन प्रक्रिया जानना जरूरी है। नोटिफिकेशन जारी होते ही आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी, जो पूरी तरह ऑनलाइन होगी।

आवेदन करने के स्टेप्स

  1. सबसे पहले UPSC की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं
  2. होमपेज पर “UPSC Civil Services Exam 2026 Registration” लिंक दिखाई देगा
  3. लिंक पर क्लिक करने के बाद नया पेज खुलेगा
  4. यहां मांगी गई सभी जरूरी जानकारी ध्यान से भरें
  5. रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद अपने अकाउंट में लॉग इन करें
  6. निर्धारित आवेदन शुल्क जमा करें
  7. सभी डिटेल्स चेक करने के बाद फॉर्म सबमिट करें
  8. आवेदन फॉर्म का PDF डाउनलोड कर अपने पास सुरक्षित रखें

यह प्रक्रिया आसान है, लेकिन एक छोटी सी गलती भी आवेदन रद्द करा सकती है। इसलिए फॉर्म भरते समय पूरी सावधानी जरूरी है।


क्या परीक्षा शेड्यूल पर पड़ेगा असर?

यह सवाल इस समय लगभग हर उम्मीदवार के मन में है। नोटिफिकेशन टलने के बाद स्वाभाविक रूप से यह चिंता होती है कि क्या परीक्षा की तारीख भी बदलेगी।

UPSC कैलेंडर के अनुसार:

  • प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) की संभावित तारीख: 24 मई 2026

अभी परीक्षा में काफी समय बाकी है। ऐसे में:

  • प्रीलिम्स की तारीख बदलने की संभावना कम है
  • हां, अगर नोटिफिकेशन और आवेदन प्रक्रिया में ज्यादा देरी होती है, तो आवेदन की अंतिम तारीख में बदलाव हो सकता है

पिछले वर्षों के ट्रेंड देखें तो UPSC आमतौर पर परीक्षा तिथि को यथावत रखने की कोशिश करता है।


उम्मीदवार अभी क्या करें?

नोटिफिकेशन भले ही टल गया हो, लेकिन यह समय बिल्कुल भी बर्बाद करने का नहीं है।

अभी करने योग्य बातें

  • अपनी तैयारी जारी रखें, ब्रेक न लें
  • सिलेबस और पिछले साल के प्रश्न पत्रों पर फोकस करें
  • करेंट अफेयर्स की नियमित तैयारी करें
  • UPSC की आधिकारिक वेबसाइट को ही अपडेट का स्रोत बनाएं

जो उम्मीदवार इस देरी से घबरा रहे हैं, उन्हें समझना चाहिए कि यह अतिरिक्त समय उनकी तैयारी को और मजबूत करने का मौका भी है।


निष्कर्ष

UPSC Civil Services Exam 2026 का नोटिफिकेशन फिलहाल स्थगित किया गया है, लेकिन यह कोई नकारात्मक संकेत नहीं है। आयोग ने साफ कर दिया है कि नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी। परीक्षा की संभावित तारीख में अभी बदलाव के आसार कम हैं।

उम्मीदवारों को चाहिए कि वे धैर्य बनाए रखें, तैयारी पर फोकस रखें और केवल आधिकारिक अपडेट पर ही भरोसा करें। UPSC जैसी परीक्षा में सफलता के लिए निरंतरता और सही जानकारी सबसे ज्यादा जरूरी होती है।


FAQs

Q1. UPSC Civil Services Exam 2026 का नोटिफिकेशन क्यों टला है?
प्रशासनिक कारणों की वजह से नोटिफिकेशन फिलहाल स्थगित किया गया है।

Q2. क्या UPSC ने नई तारीख घोषित कर दी है?
नहीं, अभी नई तारीख घोषित नहीं की गई है। इसे जल्द नोटिफाई किया जाएगा।

Q3. क्या प्रीलिम्स परीक्षा की तारीख बदलेगी?
फिलहाल इसकी संभावना कम है। UPSC कैलेंडर के अनुसार प्रीलिम्स 24 मई 2026 को प्रस्तावित है।

Q4. आवेदन कहां से करना होगा?
आवेदन UPSC की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in के जरिए ऑनलाइन किया जाएगा।

Q5. नोटिफिकेशन से जुड़ी अपडेट कहां मिलेगी?
उम्मीदवारों को केवल UPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नोटिस को ही फॉलो करना चाहिए।

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मकर ज्योति 2026: तारीख, समय, महत्व और दर्शन की पूरी जानकारी..

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Makara Jyothi 2026: Date, Time, History & Significance

Makara Jyothi 2026: तारीख, समय, इतिहास और धार्मिक महत्व

Makara Jyothi 2026 दक्षिण भारत के सबसे पवित्र और आध्यात्मिक आयोजनों में से एक है। हर साल मकर संक्रांति की संध्या पर केरल के सबरीमला में प्रकट होने वाला यह दिव्य प्रकाश भगवान अयप्पा के भक्तों के लिए आस्था, तपस्या और विश्वास का प्रतीक माना जाता है।

इस दिन लाखों श्रद्धालु सबरीमला और आसपास के क्षेत्रों में एकत्र होकर Makara Jyothi के दर्शन करते हैं। यह क्षण 41 दिनों की कठिन व्रत साधना के पूर्ण होने का संकेत देता है और भक्तों के लिए आध्यात्मिक शांति का मार्ग खोलता है।

Makara Jyothi 2026 Date and Time (सटीक जानकारी)

  • तारीख: 14 जनवरी 2026 (बुधवार)
  • समय: लगभग 6:45 PM से 7:00 PM IST
  • स्थान: सबरीमला, केरल
  • अवसर: मकर संक्रांति संध्या

Makara Jyothi का समय सूर्यास्त पर आधारित होता है, इसलिए हर वर्ष कुछ मिनटों का अंतर संभव है। आमतौर पर सूर्यास्त के तुरंत बाद यह दिव्य ज्योति दिखाई देती है।


Makara Jyothi क्या है?

Makara Jyothi एक दिव्य प्रकाश है जो सबरीमला के पास स्थित पोनमाला पर्वत पर दिखाई देता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह भगवान अयप्पा की उपस्थिति और उनकी कृपा का प्रतीक है।

यह ज्योति:

  • अज्ञान से ज्ञान की ओर यात्रा को दर्शाती है
  • तपस्या के फल को दर्शाने वाला संकेत मानी जाती है
  • भक्तों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है

Makara Jyothi का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

Makara Jyothi केवल एक दृश्य घटना नहीं, बल्कि गहरे आध्यात्मिक अर्थ से जुड़ी हुई है।

धार्मिक दृष्टि से:

  • यह आत्मशुद्धि का प्रतीक मानी जाती है
  • अहंकार, क्रोध और मोह से मुक्ति का संकेत देती है
  • भगवान अयप्पा के प्रति समर्पण की अंतिम परीक्षा मानी जाती है

कई भक्त मानते हैं कि Makara Jyothi के दर्शन से:

  • मानसिक शांति मिलती है
  • जीवन में स्थिरता आती है
  • कठिनाइयों से लड़ने की शक्ति प्राप्त होती है

Makara Jyothi और Makar Sankranti का संबंध

Makara Jyothi हमेशा Makar Sankranti के दिन ही दिखाई जाती है। इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, जिसे हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ माना गया है।

इसी कारण:

  • यह दिन आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर होता है
  • दक्षिण भारत में इसे विशेष पर्व के रूप में मनाया जाता है
  • सबरीमला यात्रा का यह सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है

41 दिन का व्रत और Makara Jyothi

भगवान अयप्पा के भक्त Makara Jyothi से पहले 41 दिन का मंडल काल व्रत रखते हैं। इस दौरान:

  • सात्विक जीवन शैली अपनाई जाती है
  • संयम और ब्रह्मचर्य का पालन किया जाता है
  • नियमित पूजा और ध्यान किया जाता है

Makara Jyothi के दर्शन इस व्रत की पूर्णता माने जाते हैं।


श्रद्धालुओं के लिए जरूरी दिशा-निर्देश

  • दर्शन के लिए प्रशासन द्वारा तय नियमों का पालन करें
  • भारी भीड़ के कारण सीमित क्षेत्र में ही प्रवेश संभव होता है
  • कई टीवी चैनलों और आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर लाइव दर्शन उपलब्ध रहते हैं
  • अफवाहों और अपुष्ट सूचनाओं से बचें

Makara Jyothi 2026 – FAQs

❓ Makara Jyothi 2026 किस दिन है?

Makara Jyothi 2026 14 जनवरी 2026 (बुधवार) को है।

❓ Makara Jyothi 2026 का समय क्या है?

यह लगभग 6:45 PM से 7:00 PM IST के बीच दिखाई देगी।

❓ Makara Jyothi कहाँ दिखाई देती है?

यह केरल के सबरीमला स्थित पोनमाला पर्वत पर दिखाई देती है।

❓ क्या Makara Jyothi हर साल एक ही समय पर होती है?

नहीं, इसका समय सूर्यास्त पर निर्भर करता है, इसलिए हर साल कुछ मिनटों का अंतर होता है।

❓ Makara Jyothi का मुख्य महत्व क्या है?

यह भगवान अयप्पा की दिव्य उपस्थिति, तपस्या की पूर्णता और आत्मशुद्धि का प्रतीक मानी जाती है।


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कौन थे स्वामी विवेकानंद, जानिए सम्पूर्ण जीवन परिचय, शिक्षा Read More……

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SWAMI VIVEKANADA

SWAMI VIVEKANANDA: आध्यात्मिक जागरण, राष्ट्रनिर्माण और विश्वबंधुत्व का प्रखर स्वर

मुख्य बिंदु

SWAMI VIVEKANANDA का जीवन केवल एक संन्यासी की जीवनी नहीं है, बल्कि ये आधुनिक भारत के बौद्धिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की कहानी भी है। उन्होंने भारतीय दर्शन को नए रूप में दुनिया के सामने रखा, वहीं दूसरी ओर उन्होंने युवाओं के अंदर आत्मविश्वास और राष्ट्रभक्ति की ज्वाला भी प्रज्वलित की। इसलिए, आज भी उन्हें केवल एक आध्यात्मिक गुरु नहीं बल्कि विचारों के महान क्रांतिकारी के रूप में माना जाता है।

उनका व्यक्तित्व विविध रंगों से भरा रहा – वो अपने जीवन काल के दौरान कुशल वक्ता, चिंतक, संन्यासी, समाज सुधारक, राष्ट्र प्रेरक और मानवतावादी सोच वाले महान पुरुष रहे हैं। इसीलिए, जैसे-जैसे उनका जीवन गहराई से समझा जाता है, वैसे-वैसे ये स्पष्ट होता जाता है कि विवेकानंद सिर्फ अतीत के नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के भी पथप्रदर्शक हैं।

VIVEKANANDA BIOGRAPHY : जन्म और शुरूआती जीवन

स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ। उनका बचपन का नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था। पिता विश्वनाथ दत्त एक प्रतिष्ठित वकील थे, जिनका स्वभाव आधुनिक और व्यवहारिक था। इसके विपरीत, उनकी माँ भुवनेश्वरी देवी धार्मिक और आध्यात्मिक प्रवृत्ति की थीं। जिससे, नरेन्द्रनाथ के व्यक्तित्व में तर्क और आस्था दोनों का अद्भुत संयोजन देखने को मिला।

बचपन से ही वो जिज्ञासु, तेजस्वी और ऊर्जा से भरपूर थे। वो अक्सर ईश्वर के अस्तित्व और जीवन के उद्देश्य जैसे गहरे प्रश्न पूछते। यहीं से उनके चिंतनशील स्वभाव की शुरुआत हुई। धीरे-धीरे ये जिज्ञासा उन्हें आध्यात्मिक खोज की दिशा में ले गई।

VIVEKANANDA EDUCATION : शिक्षा और व्यक्तित्व गठन

NARENDRANATH की शिक्षा कोलकाता के प्रतिष्ठित संस्थानों में हुई। वे पढ़ाई में काफी तेज़ थे और संगीत, खेल और व्यायाम में भी रुचि रखते थे। दर्शन, इतिहास, पश्चिमी विचारधाराओं और भारतीय शास्त्रों का गहन अध्ययन उन्होंने युवावस्था में ही कर लिया था।

इसके अलावा, वो तर्कशीलता के समर्थक थे। वे केवल मान लेने के पक्षधर नहीं थे, बल्कि हर बात का कारण जानना चाहते थे। इसलिए, आगे चलकर जब वेदांत और उपनिषदों से उनका साक्षात्कार हुआ, तो उन्होंने इन विचारों को अंधविश्वास की तरह नहीं अपनाया, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समझा।

RAMKRISHN PARAMHANS से मुलाकात – जीवन का निर्णायक मोड़

NARENDRANATH के जीवन की वास्तविक दिशा तब बदली, जब वे श्री रामकृष्ण परमहंस से मिले। वे दक्षिणेश्वर के काली मंदिर में पूजारी थे। NARENDRANATH के प्रश्नों का जिस सरलता और प्रेम से रामकृष्ण परमहंस ने उत्तर दिया, उसने उनका जीवन परिवर्तित कर दिया।

यहीं से उन्होंने जाना कि—
“प्रत्येक मनुष्य के भीतर ईश्वर है और मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है।”

धीरे-धीरे उन्होंने संन्यास ग्रहण किया और अपना जीवन गुरु की शिक्षाओं के अनुसार समाज सेवा और आध्यात्मिक उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। रामकृष्ण के महाप्रयाण के बाद विवेकानंद ने उनके मिशन को संगठित रूप दिया। जिसे रामकृष्ण परमहंस मिशन के नाम से भी जाना जाता है।

संन्यास और अखिल भारतीय यात्रा

संन्यास ग्रहण करने के बाद विवेकानंद ने पूरे भारत का भ्रमण किया। उन्होंने राजाओं के महलों से लेकर गरीब झोपड़ियों तक का जीवन बहुत करीब से देखा। इसके बाद, उन्हें महसूस हुआ कि भारत की वास्तविक समस्या गरीबी, अशिक्षा और आत्मविश्वास की कमी है।

इसलिए उन्होंने कहा—

पहले मनुष्य बनो

अपने भीतर की शक्ति पहचानो

राष्ट्र के लिए जियो

यहीं से उनका सामाजिक और राष्ट्रीय चिंतन और अधिक प्रखर हुआ।

शिकागो की विश्व धर्म संसद – वैश्विक मंच पर भारत की गूंज

सन् 1893 में शिकागो में विश्व धर्म संसद आयोजित हुई। SWAMI VIVEKANANDA ने इसमें भारत का प्रतिनिधित्व किया। प्रारंभ में उन्हें भाषण का मौका आसानी से नहीं मिला, लेकिन जब वो मंच पर पहुंचे, तो उनका पहला वाक्य—

“Sisters and Brothers of America”

सुनते ही पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। उनके उद्बोधन ने विश्व को यह सिखाया कि धर्म आपसी द्वेष नहीं, बल्कि मानवता और प्रेम का मार्ग है। इसके बाद वे अनेक देशों में गए, व्याख्यान दिए और भारतीय दर्शन का संदेश फैलाया।

रामकृष्ण मिशन की स्थापना (RAMKRISHN MISSION)

भारत लौटने के बाद उन्होंने 1897 में रामकृष्ण मिशन की स्थापना की। यह केवल धार्मिक संस्था नहीं, बल्कि सेवा और करुणा का संगठन था। मिशन ने शिक्षा, स्वास्थ्य, राहत कार्यों और सामाजिक सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आज भी यह संस्था देश-विदेश में मानव सेवा का बड़ा केंद्र है। यही स्वामी विवेकानंद के विचारों की जीवंत विरासत है।

नारी सम्मान और मानवतावादी सोच

SWAMI VIVEKANANDA के विचारों में स्त्री सम्मान का विशेष स्थान था। वे मानते थे कि समाज तभी प्रगति कर सकता है जब महिला शिक्षित और सम्मानित हो। विदेश में घटी एक घटना इसका सुंदर उदाहरण है। एक महिला उनके विचारों से प्रभावित होकर विवाह प्रस्ताव लेकर आई। विवेकानंद ने शांत स्वर में कहा—

“मैं संन्यासी हूँ, विवाह नहीं कर सकता। यदि चाहो तो मुझे पुत्र मान लो।”

इस जवाब के पीछे यह संदेश छिपा था कि नारी कोई वस्तु नहीं, बल्कि सम्मान योग्य व्यक्तित्व है। इसलिए वे हर परिस्थिति में मर्यादा और सम्मान की बात करते रहे।

SWAMI VIVEKANANDA- NATIONAL YOUTH DAY

स्वामी विवेकानंद मानते थे कि भारत का भविष्य युवाओं के हाथ में है। इसलिए उन्होंने युवाओं से आह्वान किया—

उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको नहीं

अपने भीतर की शक्ति पहचानो

निर्भीक बनो, आत्मविश्वासी बनो

इसी कारण भारत सरकार ने 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस (NATIONAL YOUTH DAY) के रूप में मनाने का निर्णय लिया। उनका जीवन आज भी करोड़ों युवाओं को संघर्ष, परिश्रम और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देता है।

आध्यात्मिक विचारधारा और वेदांत का संदेश

स्वामी विवेकानंद की सोच का मूल आधार वेदांत था। वे कहते थे कि ईश्वर किसी मंदिर या मूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि हर जीव के भीतर व्याप्त है। इसलिए उन्होंने जाति, धर्म और संप्रदाय से ऊपर उठकर मानवता का संदेश दिया।

इसके साथ ही वे अंधविश्वास के विरोधी थे। उनका मानना था कि धर्म का उद्देश्य मनुष्य को मजबूत बनाना है, कमजोर नहीं। इसलिए वे विज्ञान और अध्यात्म के संतुलित समन्वय के पक्षधर थे।

राष्ट्रवाद और सामाजिक सुधार

स्वामी विवेकानंद ने भारतीय समाज को आत्मसम्मान का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा—

हम किसी से कम नहीं

भारत आध्यात्मिक गुरु है

गरीबी और भिक्षा मानसिक कमजोरी के प्रतीक हैं

उनके विचारों से प्रेरित होकर अनगिनत लोगों में राष्ट्रभक्ति जागी। यही कारण है कि स्वतंत्रता आंदोलन के अनेक नेता स्वयं को विवेकानंद का शिष्य मानते थे।

अंतिम समय और अमर विरासत

4 जुलाई 1902 को मात्र 39 वर्ष की आयु में SWAMI VIVEKANANDA महाप्रयाण कर गए। लेकिन, उनके विचार आज भी उतने ही जीवित हैं जितने उस समय थे। उन्होंने कहा था—

“मुझे विश्वास है कि मेरा देश पुनः उत्थान करेगा।”

आज जब भारत विश्व मंच पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है, तब विवेकानंद के शब्द और भी प्रासंगिक प्रतीत होते हैं।

VIVEKANANDA – एक युगपुरुष का संदेश

स्वामी विवेकानंद का जीवन हमें यह सिखाता है कि—

आत्मविश्वास सबसे बड़ी शक्ति है
मानव सेवा ही सच्चा धर्म है
और राष्ट्रप्रेम ही प्रगति की कुंजी है

वास्तव में, वे केवल संन्यासी नहीं, बल्कि युग निर्माता थे। उन्होंने भारतीयता को नया आत्मविश्वास दिया और विश्व को यह बताया कि भारत केवल परंपराओं का देश नहीं, बल्कि ज्ञान, करुणा और सार्वभौमिक बंधुत्व का प्रवक्ता है।

इसीलिए, समय बदलता रहता है, विवेकानंद के विचार कभी पुराने नहीं पड़ते। वे आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने सौ वर्ष पहले थे—और संभवतः आने वाले समय में भी रहेंगे।

स्वामी विवेकानंद कौन थे?

स्वामी विवेकानंद वेदान्त के महान दार्शनिक, आध्यात्मिक गुरु और रामकृष्ण परमहंस के शिष्य थे।

स्वामी विवेकानंद किस भाषण के लिए प्रसिद्ध हैं?

वे 1893 के शिकागो धर्म संसद के भाषण के लिए प्रसिद्ध हैं।

स्वामी विवेकानंद का जन्म कब हुआ था?

स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को हुआ था।

NATIONAL YOUTH DAY कब मनाया जाता है?

12 JANUARY

स्वामी विवेकानंद का प्रसिद्ध नारा क्या है?

“तुम महान हो, अपने अंदर की शक्ति को पहचानो।”

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10 Jan 2026 : विश्व हिंदी दिवस आज , जानें संपूर्ण इतिहास और रोचक तथ्य…

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World Hindi Day 10 Jan 2026

10 Jan 2026 : विश्व हिंदी दिवस (World Hindi Day)

आज 10 jan 2026 है, और पूरी दुनिया ‘विश्व हिंदी दिवस’ (World Hindi Day) के उल्लास में डूबी है। फिजी के तटों से लेकर मॉरीशस की गलियों तक और अमेरिका के सिलिकॉन वैली से लेकर संयुक्त राष्ट्र के गलियारों तक, आज हिंदी की गूंज सुनाई दे रही है। हिंदी अब केवल भारत की सीमाओं तक सीमित नहीं है; यह एक वैश्विक भाषा बन चुकी है।

इस विस्तृत लेख में हम विश्व हिंदी दिवस(World Hindi Day) के गहरे इतिहास, इसके महत्व, और 10 जनवरी की तारीख के पीछे के विशेष कारणों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

विश्व हिंदी दिवस क्या है? (What is World Hindi Day?)

विश्व हिंदी दिवस प्रतिवर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना, वैश्विक मंच पर इसे एक सशक्त पहचान दिलाना और दुनिया भर के हिंदी प्रेमियों को एक सूत्र में बांधना है।

जहाँ राष्ट्रीय हिंदी दिवस (14 सितंबर) भारत की आंतरिक राजभाषा के रूप में हिंदी के सम्मान पर केंद्रित है, वहीं विश्व हिंदी दिवस का फलक अंतरराष्ट्रीय है। इस दिन विदेशों में स्थित भारतीय दूतावास विशेष कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं, जिसमें गैर-हिंदी भाषियों को इस भाषा की सुंदरता और गहराई से परिचित कराया जाता है।


इतिहास: 10 जनवरी की तारीख ही क्यों?

विश्व हिंदी दिवस मनाए जाने के पीछे एक बहुत ही महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना है।

1. प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन (1975)

10 जनवरी 1975 को महाराष्ट्र के नागपुर में प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इस सम्मेलन का उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था।

  • उद्देश्य: हिंदी को अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में पहचान दिलाना।
  • सहभागिता: इस ऐतिहासिक सम्मेलन में 30 देशों के 122 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था।
  • अध्यक्षता: मॉरीशस के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिवसागर रामगुलाम ने इस सम्मेलन की अध्यक्षता की थी।

2. आधिकारिक घोषणा (2006)

हालाँकि पहला सम्मेलन 1975 में हुआ था, लेकिन इसे ‘दिवस’ के रूप में आधिकारिक पहचान मिलने में समय लगा। साल 2006 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने घोषणा की कि हर साल 10 जनवरी को ‘विश्व हिंदी दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। तब से लेकर आज तक, यह सिलसिला निरंतर जारी है।


10 Jan 2026 : विश्व हिंदी दिवस और राष्ट्रीय हिंदी दिवस में अंतर

अक्सर लोग इन दोनों तिथियों के बीच भ्रमित हो जाते हैं। इसे समझने के लिए नीचे दी गई तालिका देखें:

विशेषताविश्व हिंदी दिवसराष्ट्रीय हिंदी दिवस
दिनांक10 जनवरी14 सितंबर
उद्देश्यवैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसारभारत में राजभाषा के रूप में सम्मान
ऐतिहासिक संदर्भ1975 का नागपुर सम्मेलन1949 में संविधान सभा द्वारा राजभाषा घोषित
घोषणा वर्ष2006 (डॉ. मनमोहन सिंह)1953 (पंडित नेहरू)

विश्व हिंदी दिवस 2026 की थीम (Theme 2026)

हर साल विश्व हिंदी दिवस के लिए एक विशेष विषय (Theme) निर्धारित किया जाता है। 2026 के लिए इस वर्ष की थीम है:

“हिंदी: पारंपरिक ज्ञान से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तक”

यह थीम इस बात का प्रतीक है कि हिंदी अब केवल साहित्य और काव्य की भाषा नहीं रह गई है, बल्कि यह तकनीक और भविष्य की भाषा बन रही है। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और ओपनएआई (ChatGPT) जैसे प्लेटफॉर्म्स पर हिंदी के बढ़ते डेटा और उपयोग ने इसे डिजिटल युग की अग्रणी भाषा बना दिया है।


हिंदी का वैश्विक विस्तार: आंकड़े क्या कहते हैं?

हिंदी दुनिया की तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। ‘एथनोलॉग’ (Ethnologue) की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में लगभग 61 करोड़ से अधिक लोग हिंदी बोलते हैं।

  1. प्रवासी भारतीय: अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए हिंदी का उपयोग करते हैं।
  2. फिजी और मॉरीशस: फिजी में हिंदी को आधिकारिक भाषाओं में से एक का दर्जा प्राप्त है।
  3. यूनेस्को और संयुक्त राष्ट्र: हाल के वर्षों में संयुक्त राष्ट्र (UN) ने अपने सोशल मीडिया और सूचना पोर्टलों पर हिंदी का उपयोग बढ़ा दिया है, जो एक बड़ी कूटनीतिक जीत है।

विश्व हिंदी दिवस कैसे मनाया जाता है?

दुनिया भर में इस दिन विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन होता है:

  • दूतावासों में कार्यक्रम: विदेशों में स्थित भारतीय मिशन निबंध प्रतियोगिता, कविता पाठ और चर्चाएं आयोजित करते हैं।
  • शैक्षणिक संस्थान: स्कूलों और विश्वविद्यालयों में वाद-विवाद प्रतियोगिताएं होती हैं।
  • डिजिटल अभियान: सोशल मीडिया पर हिंदी हैशटैग्स ट्रेंड करते हैं और लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं।

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निष्कर्ष: हमारा संकल्प

विश्व हिंदी दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि एक संकल्प है। यह संकल्प है—हिंदी को विश्व मंच पर उसका जायज हक दिलाने का। जैसे-जैसे भारत एक वैश्विक शक्ति (Vishwa Guru) के रूप में उभर रहा है, उसकी भाषा का महत्व भी उसी अनुपात में बढ़ रहा है।

हमें गर्व होना चाहिए कि हमारी भाषा इतनी लचीली है कि वह वेदों की ऋचाओं को भी समेटे हुए है और आज के दौर में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ के साथ भी कदम से कदम मिलाकर चल रही है।

शुभकामना संदेश:

“हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति का दर्पण है। आइए, इस विश्व हिंदी दिवस पर हम हिंदी को और अधिक समृद्ध और वैश्विक बनाने का संकल्प लें।”


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MICT vs SEC Dream11 Prediction: SA20 में आज करो या मरो की जंग, कौन मारेगा बाज़ी?

Uttarakhand News
big news4 hours ago

उपनल कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, कैबिनेट बैठक में लिया गया बड़ा फैसला, अब मिलेगा…

RCB-W vs GG-W Dream11 Prediction WPL 2026 Match Preview
Cricket4 hours ago

RCB-W बनाम GG-W : WPL में हाई-वोल्टेज मुकाबला आज , जाने पिच रिपोर्ट और संभन्धित प्लेईंग XI…

DEHRADUN
Dehradun4 hours ago

केदारनाथ में खच्चरों के गोबर से बनेगा बायो-ईंधन, होमस्टे योजनाओं में भी किया गया बदलाव

NAINITAL NEWS
big news5 hours ago

उत्तराखंड में ठंड का कहर, इस जिले की चार तहसीलों में दो दिन बंद रहेंगे स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र

haridwar
Haridwar6 hours ago

रात भर फोन पर बात करता रहा 11 वीं का छात्र, सुबह फंदे से लटका मिला

bageshwar
Uttarakhand21 hours ago

बागेश्वर में SARRA की अहम बैठक, गरुड़ गंगा समेत जल स्रोतों के पुनर्जीवन पर जोर

uttarakhand weather news
uttarakhand weather22 hours ago

उत्तराखंड में 16 जनवरी बदलेगा मौसम, बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी, जानें अपने जिले का हाल

Dhami Cabinet Decisions
Breakingnews22 hours ago

धामी कैबिनेट की बैठक हुई समाप्त, 19 प्रस्तावों को मिली मंत्रिमंडल की मंजूरी, यहां पढ़ें फैसले

haridwar
Haridwar23 hours ago

कुंभ से पहले हरिद्वार में गैर-हिंदू प्रवेश निषेध की मांग तेज, गंगा सभा ने अधिकारियों-पत्रकारों से की ये अपील

rudraprayag
Rudraprayag23 hours ago

अगस्त्यमुनि में डोली के प्रवेश को लेकर गरमाया मामला, लोगों ने गेट तोड़ने का किया प्रयास

Pithoragarh1 day ago

OM Parvat पर मंडराया जलवायु संकट: जनवरी में बर्फ के बिना दिखा पवित्र ॐ पर्वत, बढ़ी हिमालय की चिंता..

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HALDWANI NEWS
Haldwani3 hours ago

सिर पर रखा बक्सा हो गया फरार, IG आवास से 100 मीटर दूर दिनदहाड़े लाखों की चोरी, देखें वीडियो

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ALMORA क्वैराली गांव में चोरी
Almora3 hours ago

अल्मोड़ा: क्वैराली गांव में चोरी की वारदात, शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई

big news2 hours ago

हर की पौड़ी पर गैर हिंदुओं का प्रवेश पर रोक !, रील बनाना भी बैन, कई जगह लगे पोस्टर

DEHRADUN
Dehradun4 hours ago

केदारनाथ में खच्चरों के गोबर से बनेगा बायो-ईंधन, होमस्टे योजनाओं में भी किया गया बदलाव

Breakingnews8 months ago

रामनगर: क़ब्रिस्तान की ज़मीन को लेकर विवाद, दफनाने से पहले उठा बवाल |

Breakingnews8 months ago

हरिद्वार: गंगा घाट किनारे पेड़ पर लिपटा मिला अजगर, वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

Breakingnews8 months ago

हरिद्वार में बीजेपी नेता की दबंगई कैमरे में कैद, अफसर पर बरसे अपशब्द, चुप्पी पर उठे सवाल

Breakingnews8 months ago

“सासाराम की मुस्लिम महिलाओं ने रचाया मेहंदी से ‘ऑपरेशन सिन्दूर’, पीएम मोदी के स्वागत में गूंजा एकता का संदेश|

Breakingnews8 months ago

भदोही में खाकी शर्मसार: रिश्वत लेते पकड़े गए पुलिसकर्मी, वीडियो वायरल |

Breakingnews8 months ago

“चकराता के टाइगर फॉल में प्रकृति का कहर — भारी पेड़ और पत्थरों के गिरने से 2 की मौके पर मौत, कई घायल |

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मेरठ में महिला के साथ सड़क पर अश्लील हरकत करने वाला युवक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की गिरफ्त में |

Breakingnews8 months ago

वायरल-होने-का-शौक-पड़ा-भारी-—-देहरादून-पुलिस-ने-स्टंटबाज़-युवती-पर-की-चालानी-कार्रवाई |

Breakingnews8 months ago

ब्रेकिंग न्यूज़ | चमोली जिले के पोखरी ब्लॉक के हापला बाजार में उद्यान विभाग के कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

Nainital8 months ago

नैनीताल: राज्यपाल गुरमीत सिंह ने किए मां नैना देवी के दर्शन, प्रदेश की सुख-शांति की कामना की….

Crime1 year ago

खेत की मेढ़ काटने को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष का वीडियो सोशल मिडिया पर वायरल….

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उत्तराखंड: पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और डीजीपी अभिनव कुमार आमने-सामने, त्रिवेंद्र ने आखिर क्यों DGP को दी हद में रहने की सलाह ?

Dehradun1 year ago

VIDEO: सुबह मॉर्निंग वॉक पर हाइवे पर निकला हाथी, पूर्व सैनिक घयाल, अस्पताल में भर्ती

Madhya Pradesh1 year ago

शिक्षक दिवस के अवसर पर इस शराबी शिक्षक का वीडियो सोशल मिडिया पर जमकर हो रहा वायरल !

Crime1 year ago

VIDEO: महिला की शिकायत पर हुआ नैनीताल दुग्ध संघ के अध्यक्ष पर मुकदमा दर्ज, दुष्कर्म का आरोप।

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रामनगर: क़ब्रिस्तान की ज़मीन को लेकर विवाद, दफनाने से पहले उठा बवाल |

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देहरादून: मुख्यमंत्री धामी ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े का किया भव्य स्वागत…

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ब्रेकिंग न्यूज़ देहरादून: आईपीएस रचिता जुयाल ने निजी कारणों से दिया इस्तीफा…

Crime8 months ago

हल्द्वानी: बनभूलपुरा क्षेत्र में युवक की पत्थर से कुचलकर हत्या, एक हिरासत में…

Dehradun8 months ago

देहरादून में स्मार्ट ऑटोमेटेड पार्किंग का कार्य अंतिम चरण में, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत…

Chamoli8 months ago

श्रद्धालुओं को ठगने बद्रीनाथ पहुंचा मोबाइल माफिया गैंग , पुलिस ने 6 को रंगे हाथों पकड़ा…

Crime8 months ago

कारोबारी को सेल्समैन ने लगाया 9 लाख से ज्यादा का चूना, फर्जी पेमेंट बुक से की ठगी, मुकदमा दर्ज…

Rudraprayag8 months ago

रुद्रप्रयाग: जखोली में फिर गुलदार का कहर, महिला की मौत से दहशत, वन विभाग के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश….

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देहरादून समेत उत्तराखंड के कई जिलों में आज भी बारिश, मौसम विभाग ने येलो अलर्ट किया जारी….

Dehradun8 months ago

अंकिता भंडारी हत्याकांड में इंसाफ की जीत, धामी सरकार की सख्ती से टूटा रसूखदारों का गुरूर…

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ऋषिकेश रेंज के जंगल में पत्ते लेने गए युवकों पर बाघ का हमला, एक की मौत, दूसरा घायल….

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राजभवन नैनीताल में मनाया गया गोवा स्थापना दिवस, राज्यपाल गुरमीत सिंह ने एक भारत, श्रेष्ठ भारत का दिया संदेश….

Dehradun8 months ago

उत्तराखंड में पूर्व सैनिकों के लिए बनेगा विशेष ट्रेनिंग सेंटर: मुख्यमंत्री धामी

Rudraprayag8 months ago

केदारनाथ धाम यात्रा: सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद केदारनाथ यात्रा मार्ग पर नहीं होगा घोड़े-खच्चरों का संचालन….

Nainital8 months ago

20वें गवर्नर्स कप गोल्फ टूर्नामेंट का राज्यपाल गुरमीत सिंह ने किया उद्घाटन, पहले दिन 70 गोल्फरों ने लिया भाग…

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अंकिता भंडारी हत्याकांड: तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा, कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला…

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