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मंत्री रेखा आर्या: राईस मीलों का औचक निरीक्षण; पाई गयी कई खामिया, मिलो व अधिकारीयों के खिलाफ कार्यवाही के दिए निर्देश।

बाजपुर – आज बाजपुर पहुंची उत्तराखंड सरकार में खाद्य मंत्री रेखा आर्या ने कई धान मिलों का औचक निरीक्षण किया।अपने बाजपुर दौरे में खाद्य मंत्री ने धनलक्ष्मी फूड्स,धनलक्ष्मी सीड्स,उत्तरांचल फूड्स ,महाबीर राइस, ASM मीलों के औचक निरीक्षण में कई खामियां पाई।खासकर कर की धनलक्ष्मी सीड्स और महाबीर राइस मिल में खाद्य मंत्री ने खामियों को देखा।
खाद्य मंत्री ने कहा कि धनलक्ष्मी फूड्स का जो प्लांट संचालित है जहां से यह प्लांट संचालित हो रहा है वह सही प्रकार से चल रहा है किंतु इन्ही की एक अन्य फर्म जो कि धनलक्ष्मी सीड्स है यहां के निरीक्षण में कई खामियां मिली है।
वहीं ASM मील के अपने निरीक्षण में खाद्य मंत्री को यह प्लांट बंद मिला। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि यह प्लांट संचालन की अवस्था मे नही है क्योंकि जहां यहां धूल फैली हुई है तो वहीं यहां पर कर्मचारियों का ना होना भी इस बात की पुष्टि करता है कि यह प्लांट भी बंद है।
कहा कि प्रथम द्रश्य ऐसा प्रतीत हो रहा है कि यह प्लांट सिर्फ एक डमी के रूप में लगाया गया है जिसका उद्देश्य सिर्फ धान का क्रय करना है।वहीं उन्होंने बताया कि महाबीर राइस मील के भी निरीक्षण में यही कमियां देखने को मिली है। कहा कि जिन भी मिलों में कमियां पाई गई हैं वहां पर सौरटैक्स मशीन मौजूद नही है। साथ ही अन्य भी बहुत सी कमियां हैं। इन राइस मिलों में ना ही सौरटैक्स मशीन, ड्रायर प्लांट, ब्लेन्डिंग मशीन का ना होना पाया गया इसके अलावा भी कई अन्य खामियां इन मिलों में देखने मे आई। यह प्लांट सिर्फ एक डमी के रूप में स्थापित किये गए हैं जो कि लापरवाही की घोर पराकाष्ठा है।
खाद्य मंत्री ने कहा कि शाशन को यह स्पष्ट दिशा निर्देश दिए गए हैं कि ऐसी सभी मिलों को जो कि नियमो के विपरीत काम कर रहे हैं उनके इम्पेलमेंट को समाप्त किया जाए। जो मिल नियमो का पालन कर रही हैं उन्हें नियमो का पालन ना करने वाली मिलो के लक्ष्य को निरस्त करते हुए दे दिए जाएं।

साथ ही शाशन को यह भी निर्देश दिए हैं कि तीन दिनों के भीतर आदेश जारी करते हुए जांच आख्या से भी अवगत कराएं और आरएएफसी ,एम आई पर कारवाही करना सुनिश्चित करें,अगर जरूरत पड़ती है तो एफआईआर करना भी सुनिश्चित करे।

मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि यह बेहद ही घोर लापरवाही की बात है कि राइस मिलों के द्वारा नियमो को ताक पर रखकर काम किया जा रहा है जिसे बर्दास्त नही किया जाएगा। कहा कि विभागीय सचिव को ऐसी मिलो के खिलाफ और अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।

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क्या है कॉकरोच जनता पार्टी ?, किसने बनाया इसे, जानें कैसे सिर्फ पांच दिनों में ही कैसे हो गई इतनी फेमस

cockroach janata party kya hai : देश में इन दिनों हर ओर कॉकरोच जनता पार्टी की चर्चा हो रही है। महज पांच दिनों में इंस्टाग्राम पर 90 लाख फॉलोअर्स पाने वाली इस पार्टी के बारे में हर कोई जानने के लिए उत्सुक है। अगर आपके दिमाग में भी ये सवाल आ रहा कि ये कॉकरोच जनता पार्टी है क्या और किसने बनाई कैसे इतनी फेमस हो गई तो आईए हम आपको बताते हैं।
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क्या है कॉकरोच जनता पार्टी ? (cockroach janata party kya hai)
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से की थी। जिसके बाद इस बयान के विरोध में एक पार्टी जिसका नाम ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बन गई।

इंस्टाग्राम हैंडल पर हैं 9 मिलियन से भी ज्यादा फॉलोवर्स
देखते ही देखते अब कॉकरोच जनता पार्टी के इंस्टाग्राम हैंडल (cockroach janata party instagram account) पर 9 मिलियन से भी ज्यादा फॉलोवर्स हो गए हैं और यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. वहीं, दूसरी ओर अगर भाजपा की बात करें तो इंस्टाग्राम पर बीजेपी के 87 लाख और कांग्रेस के 1.32 करोड़ फॉलोअर हैं।
किसने बनाई cockroach janata party ?
अब बात करते हैं कि आखिर ये पार्टी किसने बनाई – तो आपको बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी महाराष्ट्र के अभिजीत दीपके ने बनाई है। इसका नारा है- ‘सेक्युलर, सोशलिस्ट, डेमोक्रेटिक, लेजी।’ जबकि पार्टी ज्वाइन करने के लिए योग्यता …
- 1. पहली- बेरोजगारी.
- 2. दूसरी- आलसी होना यानी डले रहो, पड़े रहो.
- 3. तीसरी- ऑनलाइन रहने की लत.
- 4. चौथी- प्रोफेशनली भड़ास निकालने की क्षमता. है
सोशल मीडिया पर CJP vs BJP की छिड़ी बहस
इस पार्टी के बनने के सिर्फ पांच दिन में ही 9 मिलियन से ज्यादा फॉलोवर्स होने के बाद बहस और भी तेज हो गई। लोग इसे सपोर्ट कर रहे हैं खासकर युवा सपोर्ट कर रहे हैं। इस पार्टी के बनने के बाद एक और बहस छिड़ गई है तो cjp vs bjp की।

लोगों का कहना है कि कॉकरोच जनता पार्टी आने वाले चुनावों में बीजेपी को टक्कर दे सकती है। ये भले ही जीते ना लेकिन वोट आसानी से काट सकती है। ऐसा लोग इसलिए भी कह रहे हैं क्योंकि इसने अपना मेनीफेस्टों भी जारी किया है।
FAQs – cockroach janata party kya hai
Q1. कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party) क्या है?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) एक सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ राजनीतिक/व्यंग्यात्मक अभियान है, जिसने कम समय में युवाओं के बीच काफी चर्चा बटोरी है।
Q2. कॉकरोच जनता पार्टी किसने बनाई?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कॉकरोच जनता पार्टी को महाराष्ट्र के अभिजीत दीपके ने शुरू किया है।
Q3. कॉकरोच जनता पार्टी इतनी जल्दी वायरल कैसे हुई?
पार्टी ने बेरोजगारी, युवाओं की नाराजगी और सोशल मीडिया ट्रेंड्स से जुड़े कंटेंट के कारण तेज़ी से लोकप्रियता हासिल की। मीम्स और रील्स ने इसकी पहुंच बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई।
Q4. कॉकरोच जनता पार्टी के इंस्टाग्राम पर कितने फॉलोअर्स हैं?
रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्टी के इंस्टाग्राम हैंडल पर 9 मिलियन (90 लाख) से अधिक फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है।
Q5. कॉकरोच जनता पार्टी का नारा क्या है?
इस पार्टी का नारा बताया जाता है:
“Secular, Socialist, Democratic, Lazy”
Q6. कॉकरोच जनता पार्टी जॉइन करने की योग्यता क्या बताई गई है?
सोशल मीडिया पर वायरल जानकारी के अनुसार इसमें बेरोजगारी, आलसी होना, ऑनलाइन रहने की आदत और प्रोफेशनली भड़ास निकालने जैसी बातें मजाकिया/व्यंग्यात्मक तरीके से बताई गई हैं।
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बड़ी खबर : उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी का निधन, मैक्स हॉस्पिटल में ली अंतिम सांस

BC Khanduri Death : राजधानी देहरादून से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी का निधन हो गया है। खंडूरी की पुत्री व विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी ने क
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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी का निधन
उत्तराखंड की राजनीति से जुड़ी एक बेहद दुखद खबर ने पूरे प्रदेश को शोक में डुबो दिया है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता भुवन चंद्र खंडूरी का निधन हो गया है।
लंबे समय से बीमार चल रहे BC khanduri का देहरादून के मैक्स हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। उनके निधन की पुष्टि उनकी पुत्री और विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी ने की है।

बीजेपी के कद्दावर नेताओं में से एक थे बीसी खंडूरी
उत्तराखंड की राजनीति में बीसी खंडूरी एक बड़े और प्रभावशाली चेहरे के रूप में जाने जाते थे। सादगी, अनुशासन और साफ-सुथरी छवि के लिए पहचाने जाने वाले खंडूरी ने राज्य की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई थी। साल 2007 में वो पहली बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने थे और बाद में दोबारा भी उन्हें राज्य की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
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धामी कैबिनेट की बैठक हुई समाप्त, चकबंदी को लेकर मंत्रिमंडल ने लिया बड़ा फैसला, एक क्लिक में पढ़ें सारे फैसले

Dhami Cabinet Decisions : सीएम धामी की अध्यक्षता में देहरादून सचिवालय में हुई कैबिनेट की बैठक समाप्त हो गई है। आज हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्तावों पर कैबिनेट की मुहर लगी है। बैठक में चकबंदी को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है।
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धामी कैबिनेट की बैठक हुई समाप्त
बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजितमंत्रिमंडल की बैठक में, राज्य में ऊर्जा और ईंधन बचत के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसके साथ ही बैठक में प्रदेश में चकबंदी को लेकर फैसला लिया गया है। उत्तराखंड में पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी होगी। इसके लिए हर जिले में 10 गांवों का लक्ष्य रखा है। ये पूरी तरीके से डिजीटल होगी।
धामी कैबिनेट की बैठक में लिए गए कई बड़े फैसले
- 1. मेडिकल कॉलेजों में समिति द्वारा तीन वर्ष के लिए संविदा पर नियुक्तियां की जाती थीं, अब यह व्यवस्था सचिव स्तर पर संचालित होगी।
2. चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के ढांचे में पुनर्गठन किया जाएगा। पदों की संख्या 29 से बढ़ाकर 40 कर दी गई है।
3. राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में वर्ष 2009 से कार्यरत 277 कार्मिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ मिलेगा।
4. लैब टेक्नीशियन संवर्ग के ढांचे के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत 266 मेडिकल लैब टेक्निकल ऑफिसर के पद होंगे।
5. महिला स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट के लिए कुल 16 पदों को स्वीकृति प्रदान की गई।
6. लघु जल विद्युत परियोजनाओं की नीति में संशोधन को मंजूरी दी गई है। अब डेवलपर्स के लिए परफॉर्मेंस सिक्योरिटी शून्य रहेगी।
7. उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम के अंतर्गत शैक्षिक नियमावली को भी मंजूरी मिली।
राज्य में ऊर्जा और ईंधन बचत के लिए महत्वपूर्ण निर्णय
सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्तमान हालात में नागरिकों से छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलावों के माध्यम से राष्ट्रीय प्रयासों में सहयोग की अपील की है। जिसका जनसामान्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। इसी क्रम में उत्तराखंड में भी कई अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुधार तत्काल प्रभाव से लागू किए जा रहे हैं।
- वर्क फ्रॉम होम – सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को बढावा दिया जाएगा। निजी क्षेत्रों में भी वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही लोगों को सार्वजनिक परिवहन के अधिकतम उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
नो व्हीकल डे – मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगणों के वाहन फ्लीट में वाहनों की संख्या आधी की जाएगी। सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे घोषित किया जाएगा।वर्क फ्रॉम होम के तहत घर से ही कार्य करेंगे। जन सामान्य को भी सप्ताह में एक दिन “No Vehicle Day” के लिए प्रेरित किया जाएगा। सरकारी एवं निजी भवनों में AC के प्रयोग को सीमित करने के प्रयास किए जाएंगे।
एक अधिकारी, एक वाहन – परिवहन विभाग को सार्वजनिक बसों की सेवा और क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग हेतु प्रेरित किया जाएगा। जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक विभाग हैं, उनके द्वारा एक दिन में अधिकतम एक वाहन का इस्तेमाल किया जाएगा।

ईवी पॉलिसी – इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए जल्द ही प्रभावी ईवी पॉलिसी लाई जाएगी, नए सरकारी वाहनों के क्रय में 50 प्रतिशत अनिवार्य तौर पर EV होंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए चार्जिंग स्टेशन / नेटवर्क का प्राथमिकता के आधार पर विस्तार किया जाएगा।
सरकारी विदेशी यात्राओं को किया जाएगा सीमित
सरकारी विदेशी यात्राओं को सीमित किया जाएगा। “Visit My State अभियान के माध्यम से घरेलू पर्यटन को बढावा दिया जाएगा। राज्य में विरासत, धार्मिक, वेलनेस, ग्रामीण और इको-टूरिज्म सर्किटों के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। राज्य में Destination Weddings को प्रोत्साहन और Single Window Clearance की व्यवस्था की जाएगी। उत्तराखंड इस दिशा में पहले ही पहल कर चुका है। प्रवासी भारतीयों को उत्तराखंड में छुट्टियां बिताने हेतु प्रेरित किया जाएगा।
राजस्व परिषद समीक्षा अधिकारी सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी। कंप्यूटर का ज्ञान के बजाय 8000 की टाइपिंग स्पीड, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, विंडोज का भी ज्ञान जरूरी सगंध पौध केंद्र का नाम परफ़्यूमरी अनुसंधान संस्थान होगा।
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