Champawat
पूर्णागिरी मेला क्षेत्र में अस्थाई व्यवस्थाओं की जगह स्थाई व्यवस्थाओं पर अधिक प्रथमिकता दें अधिकारी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।

मुख्यमंत्री ने बनबसा, चंपावत में उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरी मेले की तैयारियों के संबद्ध में ली समीक्षा बैठक।
सभी की सहभागिता से पूर्णागिरी मेले को नया स्वरूप देना है : मुख्यमंत्री।
हमारा संकल्प है कि पूर्णागिरी मेले से श्रद्धालु अच्छा अनुभव लेकर जाए : मुख्यमंत्री।
मुख्यमंत्री ने पूर्णागिरी मेले में मुंडन हेतु कम से कम शुल्क लिए जाने के दिए निर्देश।
बनबसा कैनाल क्षेत्र में 1 हज़ार लोगों की हो रैन बसेरे में व्यवस्था : मुख्यमंत्री।
शारदा एवं बूम घाट में नियमित रुप से हो भव्य शारदा आरती का आयोजन : मुख्यमंत्री।
शारदा कॉरीडोर ( शारदा रिवर फ्रंट डेवलपमेंट) का होगा भव्य निर्माण : मुख्यमंत्री।
पूर्णागिरी मेला क्षेत्र में अस्थाई व्यवस्थाओं की जगह स्थाई व्यवस्थाओं पर अधिक प्रथमिकता दें अधिकारी : मुख्यमंत्री।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को एनएचपीसी, बनबसा में उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरी मेले की तैयारियों के संबद्ध में समीक्षा बैठक ली।

चम्पावत – सीएम ने मां पूर्णागिरी मेले के संबंध में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि पूर्णागिरी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम, सुरक्षित हो। श्रद्धालुओं को यात्रा एवं पैदल मार्गो पर किसी तरह की कोई दिक्कत न हो, इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। उन्होने कहा सभी की सहभागिता से पूर्णागिरी मेले को नया स्वरूप देना है। हमारा संकल्प है कि पूर्णागिरी मेले से श्रद्धालु अच्छा अनुभव लेकर जाए।

मुख्यमंत्री ने जिला पंचायत द्वारा मेले के अंतर्गत मुंडन हेतु लिए जाने वाली धनराशि पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुंडन हेतु कम से कम शुल्क लिए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा शासन प्रशासन का ध्येय लोगों को सहूलियत पहुंचाना है। उन्होंने कहा मुंडन हेतु ली जाने वाली धनराशि के कम होने से श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बनबसा कैनाल क्षेत्र में 1 हज़ार लोगों के लिए रैन बसेरे की व्यवस्था किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा स्थानीय लोगों, मंदिर समिति एवं प्रशासन के सहयोग से शारदा एवं बूम घाट में नियमित रुप से भव्य शारदा आरती का आयोजन हो। उन्होंने कहा श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक इस आरती से जोड़ा जाए एवं आरती हेतु जागरूक किया जाए।
मुख्यमंत्री ने शारदा कॉरीडोर ( शारदा रिवर फ्रंट डेवलपमेंट) के विकास कार्य बारे में भी जानकारी लेते हुए कहा कि शारदा कॉरिडोर का भव्य निर्माण हो, इसके लिए यू.आई.डी.बी को जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा क्षेत्र का विकास दीर्घ कालीन विजन के साथ किया जाए। हमें वर्तमान के साथ भविष्य के विकास को भी ध्यान के रखना है। उन्होंने कहा सभी विभाग, पूर्णागिरी मेला क्षेत्र में अस्थाई व्यवस्थाओं की जगह स्थाई व्यवस्थाओं पर अधिक प्रथमिकता दे। साथ ही सभी ऑनरशिप लेकर कार्य करें। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को मेले हेतु पुनः मैनपावर का आंकलन करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा अनुसार पैदल मार्गो पर स्वास्थ शिविरों, डॉक्टरों की तैनाती, आवश्यक दवाईयों की व्यवस्था की जाएं। उन्होंने कहा यात्रा मार्ग पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था हो। इसके साथ ही पूर्णगिरी क्षेत्र हेतु अतिरिक्त पेयजल योजना बनाई जाए। उन्होने कहा पूर्णागिरी एवं टनकपुर क्षेत्र में जन सहभागिता से विशेष स्वच्छता कार्यक्रम चलाए जाए। मार्गो पर बने शौचालयों में भी स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा पूर्णागिरी क्षेत्र में यातायात व्यवस्थाओं को सुगम संचालन हो। आने वाले श्रद्धालुओं हेतु पार्किंग की भी पर्याप्त व्यवस्था हो। साथ ही मार्गो पर पुलिस की अस्थाई चौकी एवं खोया पाया केंद्र की व्यवस्था हो। उन्होंने संपूर्ण यात्रा मार्ग पर हाई मास्क लाइट, सौर ऊर्जा लाइट, स्ट्रीट लाइट लगाए जाने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्णागिरी मेले में आने वाले श्रद्धालु अधिक से अधिक दिनों तक क्षेत्र में रुके एवं आस पास के पर्यटक स्थलों का दीदार करें, इसके लिए योजना बनाई जाए। उन्होंने कहा मेले में स्थानीय उत्पादों की उपलब्धता हो इसके लिए स्थानीय उत्पादों के स्टॉल खोले जाए। साथ ही प्लास्टिक फ्री पूर्णागिरी यात्रा पर भी कार्य हो। मुख्यमंत्री ने पूर्णगिरि मेले में स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़े जाने, मेले में आने वाले श्रद्धालुओं हेतु पर्यटन स्पॉट का विकास, बच्चों हेतु पार्क एवं मेले के साथ ही साहसिक खेलों को भी आगे बढ़ाने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने पूर्णागिरि मंदिर हेतु पूर्व में की गई घोषणाओ के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि संचार व्यवस्था हेतु स्वीकृति दो मोबाइल टावरों को शीघ्र लगाया जाए। संपूर्ण पूर्णागिरी मंदिर, पैदल मार्ग , गाड़ी मार्ग में संचार व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होने बाटनागाढ पुल निर्माण कार्य, पूर्णागिरी मुख्य मंदिर से काली मंदिर तक व्यकल्पिक पैदल मार्ग, एवं रोपवे निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थाई मेला कार्यालय, सामुदायिक भवन का व्यवस्था किए जाने के भी निर्देश दिए।
इस दौरान अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय, दर्जा राज्यमंत्री डॉ. अनिल डब्बू, जिला अध्यक्ष भाजपा निर्मल माहरा, पूर्णागिरी मंदिर समिति अध्यक्ष किशन तिवारी, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, डीएफओ आरसी कांडपाल, अपर जिलाधिकारी हेमंत कुमार वर्मा, सीडीओ संजय सिंह, जीएम एनएचपीसी राजिल व्यास एवं अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।
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नेपाल में जलप्रलय के बाद उत्तराखंड में हाई अलर्ट, शारदा नदी उफान पर, प्रशासन अलर्ट मोड में

Champawat News : नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ के बीच उत्तराखंड के सीमावर्ती चम्पावत जिले में भी प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। नेपाल में बिगड़े हालात को देखते हुए टनकपुर क्षेत्र में शारदा नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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नेपाल में जलप्रलय के बाद उत्तराखंड में हाई अलर्ट
नेपाल में आई बाढ़ के बाद चंपावत जिले में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। शारदा बैराज, घाटों और आसपास के निचले इलाकों में निगरानी बढ़ाते हुए SDRF को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सेनानायक SDRF के निर्देश पर टनकपुर की टीम संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त कर रही है।
घाटों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील
जवानों ने शारदा घाट, बैराज और नदी किनारे के क्षेत्रों में पहुंचकर स्थानीय लोगों, यात्रियों और मछुआरों को संभावित खतरे के प्रति जागरूक किया। लोगों से नदी और घाटों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की गई है।

नदियों के जलस्तर पर रखी जा रही नजर
SDRF की टीम जरूरी जीवनरक्षक उपकरणों के साथ 24 घंटे तैयार है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव अभियान तुरंत शुरू किया जा सके। स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। सिंचाई, राजस्व, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग को आपसी समन्वय के साथ काम करने और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।
तटीय इलाकों से दूरी बनाए रखने की अपील
जिला प्रशासन के आपदा नियंत्रण कक्ष से भी हालात की निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से उफनती नदियों, शारदा घाट और तटीय इलाकों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। बच्चों और पशुओं को भी नदी किनारे न जाने देने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को तुरंत सूचना देने को कहा गया है।
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टनकपुर में सीएम के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों का डीएम ने लिया जायजा,छात्रों को दिए सफलता के मंत्र..

सीएम धामी का 01 सितंबर को टनकपुर दौरा , प्रशासन ने तेज की तैयारियां
सीएम पुष्कर सिंह धामी के आगामी 01 सितंबर को टनकपुर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम राजकीय प्रौद्योगिकी संस्थान के प्रस्तावित भ्रमण और विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शनिवार को जिलाधिकारी मनीष कुमार ने संस्थान का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यक्रम की तैयारियों और विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम स्थल, नवनिर्मित गर्ल्स हॉस्टल, नए सृजित संकायों सहित संस्थान की विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और संस्थान प्रबंधन को सभी तैयारियां समयबद्ध और सुव्यवस्थित तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में संस्थान के विस्तारीकरण और विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही संस्थान की आधारभूत व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय के निदेशक डॉ. एच.एल. मंडोरिया एवं प्रबंधन टीम के साथ परिसर का निरीक्षण कर विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। संस्थान के विस्तारीकरण के लिए चार हेक्टेयर भूमि क्षतिपूरक वनीकरण/कैम्पा के तहत आवंटित की जा चुकी है। वहीं कार्यदायी संस्था ब्रिडकुल के माध्यम से केएमएल फाइल अपलोडिंग और ‘परिवेश’ पोर्टल पर ऑनलाइन स्वीकृतियों से संबंधित प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।
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विद्यार्थियों से बोले डीएम सफलता के लिए लक्ष्य और अनुशासन जरूरी
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संस्थान में आयोजित ‘इंट्रोडक्शन प्रोग्राम—एक्सपर्ट टॉक ऑन रोल ऑफ इंजीनियर इन द डेवलपमेंट ऑफ सोसाइटी’ में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। उन्होंने इंजीनियरिंग विद्यार्थियों से सीधा संवाद करते हुए करियर, शिक्षा और समाज के विकास में इंजीनियरों की भूमिका पर विचार साझा किए। डीएम ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में सफलता के लिए स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासन और निरंतर मेहनत बेहद जरूरी है। उन्होंने छात्रों से अभी से अपना लक्ष्य निर्धारित कर योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि चुनौतियां जीवन का हिस्सा हैं, इसलिए कठिन परिस्थितियों में घबराने के बजाय धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ उनका सामना करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को कक्षा में पढ़ाए जाने वाले विषयों की पहले से तैयारी करने, नियमित कक्षाओं में उपस्थित रहने और लगातार रिवीजन की आदत विकसित करने की सलाह दी। साथ ही फिजिकल फिटनेस, व्यक्तित्व विकास और एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज को भी पढ़ाई का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

चार साल का कॉलेज जीवन भविष्य की नींव—डीएम
अपने इंजीनियरिंग छात्र जीवन के अनुभव साझा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि कॉलेज के चार वर्ष देखते ही देखते गुजर जाते हैं। इसलिए विद्यार्थियों को इस समय का भरपूर सदुपयोग करना चाहिए। उन्होंने पढ़ाई के साथ प्रैक्टिकल लर्निंग, मॉक अभ्यास और इंडस्ट्रियल विजिट पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने विद्यार्थियों से उत्तराखंड के ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण कर राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता को समझने तथा उसे देश-दुनिया तक पहुंचाने का भी आह्वान किया।
‘नशे से दूर रहें, समाज को भी जागरूक करें’
जिलाधिकारी ने युवाओं को नशे से पूरी तरह दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि युवा स्वयं नशामुक्त रहें और अपने आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए प्रयास करें। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर, सकारात्मक सोच और अनुशासित जीवन ही युवाओं को सफलता की ओर ले जाता है। संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने डीएम से टॉपर बनने की रणनीति, परीक्षा तनाव, समय प्रबंधन और करियर प्लानिंग को लेकर सवाल पूछे। जिलाधिकारी ने अपने अनुभवों के आधार पर विद्यार्थियों को व्यावहारिक सुझाव दिए और कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर मेहनत व सकारात्मक सोच बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
अंत में जिलाधिकारी ने छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल समाज और देश के विकास की मजबूत नींव बनेंगे।
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चंपावत में दर्दनाक हादसा! 100 मीटर खाई में गिरी कार, दो की मौत

Champawat News : चंपावत में गुरूवार को दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। कानाकोट-सिरतोली मार्ग पर एक कार अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई।
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चंपावत में 100 मीटर खाई में गिरी कार
चंपावत जिले में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। पाटी क्षेत्र के कानाकोट-सिरतोली मार्ग पर एक कार अनियंत्रित होकर करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में कार सवार दोनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
दर्दनाक हादसे में दो लोगों की मौत
घायलों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मिली जानकारी के मुताबिक, कार संख्या UK 04-6677 कानाकोट से लोहाघाट की ओर जा रही थी। सिरतोली के पास अचानक चालक का वाहन पर नियंत्रण नहीं रहा और कार सड़क से नीचे खाई में जा गिरी। हादसा दोपहर करीब ढाई बजे हुआ।

बिहार के रहने वाले थे दोनों मृतक
कार में वाहन स्वामी और चालक कमल सिंह बोहरा (58), निवासी कानाकोट और बबलू चौधरी (38), निवासी पश्चिमी चंपारण, बिहार सवार थे। दुर्घटना में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे के दौरान वहां से गुजर रही अद्वैत आश्रम मायावती लोहाघाट की एंबुलेंस की मदद से दोनों घायलों को उपजिला अस्पताल लोहाघाट ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।





































