Chamoli
खनसर घाटी स्थित माईथान पहुंचे सीएम धामी, जन्माष्टमी महाकौथिग” कार्यक्रम में किया प्रतिभाग, विभिन्न घोषणाएं की।

खनसर घाटी स्थित माईथान पहुंचे मुख्यमंत्री, जन्माष्टमी महाकौथिग” कार्यक्रम में किया प्रतिभाग
आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक समरसता का प्रतीक है खनसर घाटी का महाकौथिग – मुख्यमंत्री
खनसर घाटी के लिए मुख्यमंत्री ने की विभिन्न घोषणाएं
चमोली – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को चमोली जनपद के गैरसैंण विकासखंड स्थित माईथान, खनसर में आयोजित “जन्माष्टमी महाकौथिग” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने माईथान क्षेत्र के मंगल दलों को 25-25 हजार रुपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने रामगंगा नदी में आवश्यक बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य किए जाने, मालकोट में पुल या वैली ब्रिज बनाने, माईथान में जिला सहकारी बैंक की शाखा खोलने, शिशु मंदिर माईथान को सीएसआर के माध्यम से धनराशि उपलब्ध कराने एवं विनायकधार-कस्बीनगर मोटरमार्ग के जल्द निर्माण की घोषणा की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा माईथान मां-भगवती का पवित्र स्थान है एवं माँ भगवती की कृपा से यह क्षेत्र बेहद संपन्न और समृद्ध है। उन्होंने आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि बीते कई वर्षों से मेला समिति श्री कृष्ण जन्माष्टमी महाकौथिग का सफल आयोजन कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि माईथान में आयोजित होने वाला यह मेला हमारी संस्कृति का प्रमुख मेला है। खनसर घाटी का यह महाकौथिग आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मेले हमारे सांस्कृतिक धरोहर हैं एवं इन मेलों के माध्यम से ही नई पीढ़ी अपनी विरासत से जुड़ती है। यह मेले लोक कलाकारों को भी मंच प्रदान करते हैं।

उन्होंने समस्त क्षेत्रवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस पर्व का मानव जीवन पर विशेष प्रभाव है। श्री कृष्ण का प्राकट्य अन्याय और अधर्म को समाप्त करने के लिए हुआ था। भगवान के श्रीमुख से निकले वाक्य आज गीता के रूप में हमें प्रेरित करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की मातृशक्ति हर क्षेत्र में आगे बढ़ कर आत्मनिर्भर बन रही है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हमारी महिलाएं विश्वस्तरीय उत्पाद बना रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार मातृशक्ति को और सक्षम एवं समृद्ध बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं को संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को देश- दुनिया तक पहुंचाने के लिए “हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड” को स्थापित किया है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार का द्वारा महिला समूहों को तीन लाख रुपए तक ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनता का आह्वान किया कि मेले में सभी लोग बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल ने मुख्यमंत्री का आभार जताया एवं प्रदेश सरकार के विभिन्न जनकल्याणकारी फैसलों के बारे में जनता को बताया। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता सतीश लखेड़ा, मेला समिति के पदाधिकारी समेत बड़ी संख्या में स्थानीय जनता उपस्थित रही।
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बड़ी खबर : चमोली में घास लेने गई महिला के ऊपर गिरा बोल्डर, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत

Chamoli News : चमोली जिले से दुखद खबर सामने आ रही है। यहां घास लेने के लिए जंगल गई एक महिला की बोल्डर गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया है।
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चमोली में घास लेने गई महिला के ऊपर गिरा बोल्डर
चमोली जिले के गैरबारम गांव में जानवरों के लिए घास लेने के जंगल गई महिला की पत्थर गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक कमला देवी(52) पत्नी कुंदन सिंह अपने पालतू पशुओं के लिए घास लेने के लिए जंगल गई थी। इसी दौरान उनके ऊपर पहाड़ी से पत्थर गिर गया। इस हादसे में वो गंभीर रूप से घायल हो गई।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही तोड़ा दम
आनन-फानन में महिला को 108 की सहायता से सीएचसी थराली ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत के बाद ग्रामीणों ने अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल के ऊपर कोई कार्य चल रहा था। वहीं से पत्थर गिर कर महिला के ऊपर आया और ये हादसा हो गया।
दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग
ग्रामीणों ने इस हादसे की जांच की मांग की है। इसके साथ ही दोषियों की गिरफ्तारी की मांग भी की है। पुलिस के समझाने के बाद ग्रामीणों शांत हो गए हैं। मामले को लेकर सीएमओ चमोली अभिषेक गुप्ता ने बताया कि अस्पताल पहुंचने के पहले ही महिला की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतका कमला देवी जूनियर हाईस्कूल में भोजनमाता थी।
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इस बार समय से पहले शुरू होगी Hemkund Sahib Yatra, 23 मई को खुलेंगे हेमकुंड साहिब के कपाट

Hemkund Sahib Yatra 2026 : उत्तराखंड में स्थित पवित्र हेमकुंड साहिब तीर्थस्थल के कपाट श्रद्धालुओं के लिए 23 मई को खोल दिए जाएंगे। इसके साथ ही हेमकुंड यात्रा का भी आगाज हो जाएगा।
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23 मई को खुलेंगे हेमकुंड साहिब के कपाट
उत्तराखंड में स्थित पवित्र हेमकुंड साहिब धाम 23 मई 2026 से श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया जाएगा। इसी के साथ यात्रा का भी शुभारंभ हो जाएगा। हेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने मुख्य सचिव आनंद वर्धन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आगामी तीर्थयात्रा सीजन की तैयारियों पर चर्चा की।

इस बार समय से पहले शुरू होगी Hemkund Sahib Yatra 2026
बता दें कि इस बार हेमकुंड साहिब यात्रा समय से पहले शुरू हो रही है। हेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट ने इस वर्ष मौसम की अनुकूल परिस्थितियों और पिछले वर्षों की अपेक्षा कम बर्फबारी को देखते हुए यात्रा को सामान्य समय से पहले शुरू करने का फैसला लिया है।

पिछले साल 25 मई से शुरू हुई थी हेमकुंड साहिब यात्रा
बता दें कि साल 2025 में हेमकुंड साहिब यात्रा 25 मई से शुरू हुई थी। 10 अक्टूबर 2025 को यात्रा का समापन हुआ। यात्रा के 139 दिनों में कुल 2 लाख 75 हजार से ज्यादा श्रद्धालु गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब पहुंचे और मत्था टेका। इस संख्या को अब तक की सबसे अधिक दर्शन करने वालों की संख्या है।
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चमोली : पोखरी के डुंगर गांव में सड़क पहुंचने पर जश्न, ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर बनाई गांव तक रोड

Chamoli News : चमोली जिले से ऐसी खबर सामने आई है जो सरकार को आईना तो दिखाती ही है। लेकिन इसके साथ ही ये भी साबित करती है कि अगर पहाड़ी कुछ करने की ठान ले तो उसे कर के दिखाते हैं। पोखरी के डुंगर गांव में ग्रामीणों ने खुद चंदा जुटाकर अपने गांव तक सड़क पहुंचाई है।
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पोखरी के डुंगर गांव में सड़क पहुंचने पर जश्न
चमोली जिले विकासखंड पोखरी में डुंगर गांव में सड़क पहुंचने पर ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। वर्षों से सड़क सुविधा से वंचित इस गांव के लोगों ने आखिरकार खुद ही पहल करते हुए चंदा इकट्ठा किया और श्रमदान कर करीब 1 किलोमीटर सड़क का निर्माण कर दिया। यह सड़क तोणजी मोटर मार्ग से गांव को जोड़ती है।
वाहन के गांव पहुंचते ही ग्रामीणों मनाई खुशी
सड़क बनने के बाद बृहस्पतिवार को पहली बार गांव में वाहन पहुंचा। वाहन के गांव पहुंचते ही ग्रामीणों ने खुशी जाहिर की और इसे एक उत्सव की तरह मनाया। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने वाहन का स्वागत किया और एक-दूसरे को बधाई दी।

नेताओं ने सुध नहीं ली तो ग्रामीणों ने खुद उठाई जिम्मेदारी
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की मांग की जा रही थी, लेकिन जब कोई समाधान नहीं निकला और न किसी नेताओं ने हमारी सुध ली तो गांव के लोगों ने खुद ही सड़क बनाने की जिम्मेदारी उठाई। सभी ने मिलकर चंदा इकट्ठा किया और श्रमदान करते हुए सड़क निर्माण का कार्य पूरा किया।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से अब गांव तक वाहनों की पहुंच संभव हो गई है, जिससे मरीजों को अस्पताल ले जाने, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के कामकाज में बड़ी सुविधा मिलेगी।
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