Uttarakhand
फरासू व चमधार भूस्खलन जोन के ट्रीटमेंट को 90 करोड़ स्वीकृतः डॉ. धन सिंह रावत

फरासू व चमधार भूस्खलन जोन के ट्रीटमेंट को 90 करोड़ स्वीकृतः डॉ. धन सिंह रावत
मंत्री रावत ने मजरा महादेव-सौठ मोटरमार्ग पीडब्ल्यूडी को हस्तांतरित करने के निर्देश
देहरादून: श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 07 पर यातायात बाधित न हो इसके लिये फरासू व चमधार में भूस्खलन जोन का ट्रीटमेंट किया जायेगा। इसके लिये 90 करोड़ की धनराशि स्वीकृत कर दी गई है। इसके अलावा क्षेत्र के अंतर्गत पीएमजीएसवाई के तहत बनी सड़कों को लोक निर्माण विभाग को हस्तगत की जायेगी, जिसके लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं, साथ ही क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न मोटरमार्गों के डामरीकरण व सुधारीकरण के कार्यों में तेजी लाने को भी कहा गया है।
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज शासकीय आवास पर अपने विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर के विभिन्न मोटरमार्गों के निर्माण, डामरीकरण व सुधारीकरण कार्यों की समीक्षा की। जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग और पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को मोटरमार्गों के डामरीकरण व सुधारीकरण के कार्यों की नियमित मॉनिटिरिंग कर नियत समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिये। डॉ. रावत ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग 07 पर फरासू व चमधार में अब भूस्खलन से बार-बार यातायात बाधित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इन दोनों जगह पर भूस्खलन जोन का उचित ट्रीटमेंट किया जायेगा, इसके लिये 90 करोड़ की धनराशि स्वीकृत कर दी गई है। जिसमें फरासू के लिये 53 करोड़ जबकि चमधार क्षेत्र में ट्रीटमेंट के लिये 37 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है।
शीघ्र ही दोनों जगहों पर ट्रीटमेंट कार्य शुरू कर दिया जायेगा। जिससे जनसामान्य व तीर्थयात्री सुगम व सुरक्षित आवागमन कर सकेंगे। डॉ. रावत ने कहा कि पीएमजीएसवाई के तहत झाला-ग्वाड मोटरमार्ग व हिंवालीधार-सिरतोली मोटरमार्ग को स्वीकृति दे दी गई है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को माण्डाखाल-सरणा-चोपड्यूं मोटरमार्ग की स्वीकृति तथा श्रीनगर में पंचपीपल से स्वीत तक एलिवेटेड रोड़ की शीघ्र डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिये। डॉ. रावत ने पीएमजीएसवाई के तहत निर्मित सड़कों की समीक्षा करते हुये अधिकारियों को मजरा महादेव-सौठ मोटरमार्ग को यथाशीघ्र लोक निर्मोण विभाग को हस्तगत करने को भी कहा। इसके अलावा उन्होंने चंगीन, कुठखाल, कठ्यूड़ मोटरमार्ग के सुधारीकरण, जल्लू गांव के मोटरमार्ग, गडोली, डुंगरी, जाख-अक्सोड़ा मोटरमार्ग का डामरीकरण तथा चपलोड़ी व फल्द्वाड़ी मोटर मार्ग के अवशेष कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।
बैठक में सचिव लोक निर्माण विभाग पंकज पाण्डेय, अपर सचिव दिनेश कुमार, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग राजेश शर्मा, मुख्य अभियंता पीएमजीएसवाई एस.के.पाठक सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
Ramnagar
रामनगर : कोसी नदी में मशीनों से खनन का आरोप, बेरोज़गार मजदूरों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

Ramnagar News : रामनगर में आज कोसी नदी में उपखनिज भरान कार्य को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। बिहर से आए सैकड़ों मजदूरों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि कोसी नदी में अवैध रूप से बैककैरा और अन्य भारी मशीनें चलाई जा रही हैं, जिसके कारण वे बेरोज़गार हो गए हैं
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रामनगर में कोसी नदी में मशीनों से खनन का आरोप
नैनीताल जिले के रामनगर में आज बेरोजगार मजदूरों का हल्लाबोल देखने को मिला। मजदूरों ने कोसी नदी में अवैध रूप से बैककैरा और अन्य भारी मशीनें चलाए जाने का आरोप लगाया है। मजदूरों का कहना है कि मशीनों से खनन होने के कारण वो बेरोजगार हो गए हैं और उनके सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
बेरोज़गार मजदूरों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने बताया कि वे हर साल बड़ी संख्या में कोसी नदी में मैन्युअल तरीके से उपखनिज निकालकर वाहनों में भरने का कार्य करते हैं। इसी काम से उनके परिवारों का पालन-पोषण होता है। मजदूरों का कहना है कि इस बार नदी में मशीनों के जरिए उपखनिज भरा जा रहा है, जिससे उनका पारंपरिक रोजगार पूरी तरह छिन गया है।
मजदूरों ने बताया कि उन्होंने काम की उम्मीद में हजारों रुपये खर्च कर परात, बेलचे और अन्य औजार खरीदे थे, लेकिन नदी में मशीनों के चलते उन्हें काम ही नहीं मिल पाया। मजदूरों का कहना है कि अब वे अपने घर लौटने को मजबूर हैं और उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

कोसी नदी में मशीनों के संचालन पर रोक लगाने की मांग
मजदूरों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आरटीआई कार्यकर्ता देव बिष्ट ने बताया कि हर साल कोसी नदी में करीब 50 हजार से लेकर एक लाख तक मजदूर उपखनिज भरान कार्य के लिए आते हैं। लेकिन इस बार मशीनों के इस्तेमाल से ये सभी मजदूर बेरोज़गार हो गए हैं। उन्होंने कहा कि मजदूरों के सामने भुखमरी की नौबत आ गई है।
इसी को लेकर आज रामनगर उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर उपजिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें मांग की गई है कि कोसी नदी में मशीनों के संचालन पर तत्काल रोक लगाई जाए।
नदी तक पहुंचने के बाद भी बिना काम लौट रहे मजदूर
कांग्रेस के पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत ने इसस मामले को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जब से उत्तराखंड की नदियों का खनन एक हैदराबाद की कंपनी को दिया गया है, तब से लगातार नदियों में बैककैरा और अन्य भारी मशीनें चलाई जा रही हैं, उन्होंने कहा कि सरकार ने स्थानीय लोगों को रोजगार देने के वादे किए थे, लेकिन हकीकत ये है कि मजदूर नदी तक पहुंचने के बाद भी बिना काम लौटने को मजबूर हैं।

रणजीत रावत ने आरोप लगाया कि नदी में मशीनों से खनन करना नियमों के खिलाफ है। कानून के अनुसार आपदा की स्थिति को छोड़कर नदी में किसी भी तरह की मशीनों से खुदाई नहीं की जा सकती और खनन कार्य केवल मैन्युअल तरीके से सीमित गहराई तक किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कोसी नदी में कई जगह 90-90 मीटर गहरे गड्ढे खोद दिए गए हैं, जो भविष्य में बड़े खतरे का कारण बन सकते हैं।
दोषियों के खिलाफ की जाएगी सख्त कार्रवाई
रामनगर के उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि कोसी नदी में बैककैरा चलने से जुड़े वीडियो उनके संज्ञान में आए हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वन विकास निगम के संबंधित अधिकारियों को जानकारी दे दी गई है और कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। उपजिलाधिकारी ने कहा कि अवैध खनन को लेकर औचक छापेमारी की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Uttarakhand
भारत नेपाल बॉर्डर पर अतिक्रमण, बढ़ सकता है सीमा विवाद……

India Nepal Border: इंटरनेशनल बॉर्डर एरिया में नेपाल अतिक्रमण कर खेती कर रहा
मुख्य बिंदु
India Nepal Border: से एक बड़ी खबर सामने आई है। जहाँ पर नेपाल की ओर से खुली International Border Line के खटीमा से जुड़े निर्जन इलाके में अतिक्रमण कर खेती करने का मामला सामने आया है।
भारत-नेपाल बॉर्डर पर अतिक्रमण का मामला
भारत और नेपाल 1751 किलोमीटर लम्बी अंतराष्ट्रीय सीमा एक दूसरे से साझा करते हैं। इसका अधिकतम हिस्सा विषम भौगोलिक परिस्थियाँ होने के चलते निर्जन है। हालिया सूत्रों के मुताबिक नेपाल की तरफ से भारत से लगने वाली अंतराष्ट्रीय सीमा के निर्जन इलाके में अतिक्रमण किया गया है। जिस पर नेपाल की ओर से गेहूं की खेती की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, ओपन बॉर्डर पर नेपाल के गांव कंचनभोज और सुंदर नगर के पास वाले इलाके में सबसे ज्यादा अतिक्रमण है।
भविष्य में दोनों देशों में बाद सकता है तनाव
India Nepal Border की ओपन इंटरनेशनल बॉर्डर पर अतिक्रमण को लेकर दोनों मित्र राष्ट्रों के जनप्रतिनिधि और अधिकारी पहले भी सर्वे भी कर चुके हैं।इस मामले लेकर 16 अक्तूबर साल 2023 में टनकपुर में विभागीय अधिकारियों की बैठक भी हुई थी। जिसके बाद दोनों देशों के सैन्य बलों के बीच सीमा विवाद और सीमांकन को लेकर चर्चा भी की जा चुकी है।
साल 2025 में भारत की ओर से प्रशासन की टीम द्वारा अंतरराष्ट्रीय सीमा पर खटीमा की ओर से हुए अतिक्रमण को भी हटाया गया था। लेकिन नेपाल की ओर से अभी भी ये अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि भविष्य में दोनों देशों के बीच इस मामले को लेकर सीमा विवाद हो सकता है। सूत्रों के हवाले से जानकारी है कि भारत की ओर से अतिक्रमण की समस्या और इसके समाधान को लेकर प्रशासन, एसएसपी, वन विभाग समेत सभी संबंधित विभाग सतर्क हैं।
खटीमा, एसडीएम तुषार सैनी ने बताया कि
खुली International Border Line पर अतिक्रमण को लेकर पहले भी सर्वे किए गए हैं। इसे लेकर स्थानीय खुफिया एजेंसियों से भी समय-समय पर इसकी जानकारी ली जाती है। यदि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अतिक्रमण मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी। – तुषार सैनी, एसडीएम, खटीमा
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Pithoragarh
पिथौरागढ़ में इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर महिला से तीन लाख की ठगी, बिहार से दो साइबर ठग गिरफ्तार

Pithoragarh News : पिथौरागढ़ से महिला से तीन लाख की ठगी का मामला सामने आया है। ठग ने महिला से इंस्टाग्राम के जरिए दोस्ती की। इसके बाद उस से तीन लाख रूपए ठग लिए।
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Pithoragarh में इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर महिला से तीन लाख की ठगी
पिथौरागढ़ में महिला से इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर ठगी करने का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के मुताबिक एक नवम्बर 2025 को एक महिला द्वारा कोतवाली झूलाघाट में तहरीर दी गई कि इंस्टाग्राम पर एक व्यक्ति द्वारा स्वयं को यू.के. का डॉक्टर बताया गया तथा महंगे उपहार भेजने का लालच देकर कस्टम में पार्सल फँसने का बहाना बनाते हुए उससे तीन लाख की धोखाधड़ी की है।
पार्सल कस्टम में फंसने के बहाने बनाया शिकार
बता दें कि इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर ठग ने महिला को खुद को यू.के. का डॉक्टर बताया था। दोनों की बातचीत आगे बढ़ी और दोस्ती हुई। इसके बाद ठग ने महिला से महंगे उपहार भेजने का लालच देकर कस्टम में पार्सल फसने का बहाना बनाया और उस से तीन लाख की ठगी को अंजाम दिया।

पुलिस ने बिहार से दो साइबर ठग किए गिरफ्तार
Pithoragarh की कोतवाली झूलाघाट पुलिस टीम द्वारा सर्विलांस सेल के अपर उप निरीक्षक हेम चन्द्र और कांस्टेबल, कमल तुलेरा की सहायता से औरंगाबाद व गया (बिहार) जाकर अभियुक्तों की लोकेशन और पहचान की पुष्टि की गई। अभियुक्तों को धारा 35(3) बीएनएसएस के अंतर्गत नोटिस तामील कराकर कानून के शिकंजे में लिया गया।
पुलिस ने की डिजिटल लेन-देन में सावधानी बरतने की अपील
जिसके बाद दिलकेश्वर पासवान पुत्र लक्ष्मी पासवान, निवासी – औरंगाबाद, बिहार और रघुनंदन पासवान पुत्र वसुदेव पासवान, निवासी – गया, बिहार को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील है कि ऑनलाइन खरीद-फरोख्त और डिजिटल लेन-देन करते समय विशेष सतर्कता बरतें। इसके साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
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