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अंकिता हत्याकांड: गट्टू कंट्रोवर्सी ने देहरादून से दिल्ली तक मचाया बवाल, सत्ता से सड़क तक सियासी तूफान

Ankita Murder Case : अंकिता भंडारी हत्याकांड मामला प्रदेश में इन दिनों एक बार फिर से चर्चाओं में है। अंकिता हत्याकांड में गट्टू कंट्रोवर्सी की एंट्री से उत्तराखंड की सर्द वादियों में सियासी उबाल देखने को मिल रहा है। इस मामले ने अब देहरादून से लेकर दिल्ली तक बवाल मचा दिया है।
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गट्टू कंट्रोवर्सी ने देहरादून से दिल्ली तक मचाया बवाल
उत्तराखंड का सर्द मौसम इन दिनों गरमाया हुआ है। वजह पूर्व बीजेपी विधायक की कथित पत्नी उर्मिला सनावर के एक बाक एक किए गए खुलासे हैं। उर्मिला सनावर ने फेसबुक पर लाइव आकर बीते दिनों Ankita Murder Case से जुड़े कई ऐसे दावे किए हैं जिसके बाद उत्तराखंड की राजनीति में भूचाल आ गया है।
सनावर ने जो दावे किए हैं उसमें उन्होंने बीजेपी के बड़े नेता पर अंकिता हत्याकांड में वीआईपी होने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही बीजेपी के कई नेताओं का इसमें शामिल होने का भी आरोप लगाया है। जिसके बाद से बीजेपी विपक्ष के निशाने पर है। पूर्व सीएम हरीश रावत से लेकर उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस मामले को लेकर बीजेपी को जमकर घेरा है।

सत्ता से सड़क तक सियासी तूफान
उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस मामले को लेकर दिल्ली में पीसी कर बीजेपी पर कई सवाल उठाए हैं। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में अब तक कोई बड़ी कार्रवाई ना होने को लेकर भी सवाल उठाए हैं। इतना ही नहीं गणेश गोदियाल ने सरकार पर इसे लेकर सवाल उठाए हैं।
गणेश गोदियाल ने कहा कि सरकार ने इस मामले में बीजेपी से जुड़े बड़े नेताओं को बचाने का प्रयास किया। गोदियाल ने एक महिला के वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए Ankita Murder Case के बाद रिजॉर्ट पर की गई बुलडोजर कार्रवाई को भी संदेह के घेरे में रखा। उनका कहना था कि बीजेपी सरकार ने न्याय सुनिश्चित करने के बजाय अपनी पूरी ताकत आरोपियों को संरक्षण देने में झोंक दी। उन्होंने कहा कि अब जब इस मामले में बीजेपी के नेताओं का नाम सामने आ रहा है तब भी सरकार चुप है।

हरदा ने भी भाजपा पर उठाए सवाल
गणेश गोदियाल ही नहीं पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी इस मामले को लेकर जमकर हमला बोला है। हरदा का कहना है कि अंकिता हत्याकांड, सिर्फ एक हत्याकांड नहीं है, ये उत्तराखंड के स्वाभिमान की हत्या है। उन्होंने कहा है कि उस दिन रिसॉर्ट पर नहीं बल्कि उत्तराखंड के स्वाभिमान पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई। हरदा ने कहा देर से ही सही लेकिन आज सच सामने आ गया है कि अंकिता पर बीजेपी के ही लोग स्पेशल सर्विस के लिए दबाव बना रहे थे।
कांग्रेस प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में इसे लेकर प्रदर्शन भी कर रही है। देहरादून से लेकर उत्तरकाशी तक वीआईपी के नाम को फांसी की सजा देने की मांग के साथ कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है। इसके साथ मामले की सीबीआई जांच की भी मांग की जा रही है। कांग्रेस का कहना है कि उर्मिला सनावर के वीडियो और बयानों की भी जांच होनी चाहिए। ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
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उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड का आखिरी दिन आज, कल से अस्तित्व में आएगा अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण

Uttarakhand News : उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा बदलाव 1 जुलाई 2026 से लागू होने जा रहा है। राज्य सरकार ने उत्तराखंड मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय लागू कर दिया है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी मदरसों को अब नई व्यवस्था के तहत उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता लेनी होगी और उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से संबद्धता प्राप्त करनी होगी।
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उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड का आखिरी दिन आज
मंगलवार, 30 जून यानी कि आज उत्तराखंड मदरसा बोर्ड का अंतिम कार्य दिवस है। इसके बाद 1 जुलाई से उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण आधिकारिक रूप से कार्यभार संभालेगा। प्रदेश के सभी 452 मदरसों को नई व्यवस्था के तहत पंजीकरण और मान्यता की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
कल से अस्तित्व में आएगा अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण
नई नियमावली के अनुसार किसी भी मदरसे को मिलने वाली मान्यता तीन शैक्षणिक वर्षों के लिए वैध रहेगी। इसके अलावा संस्थानों को उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से विधिवत संबद्धता भी प्राप्त करनी होगी। प्राधिकरण समय-समय पर मदरसों का भौतिक निरीक्षण करेगा और निर्धारित मानकों के पालन की समीक्षा करेगा।

सरकार द्वारा जारी नियमों के अनुसार मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी समुदायों के अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान भी प्राधिकरण के दायरे में आएंगे। संस्थानों को निर्धारित सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा तथा आवश्यक दस्तावेज और निर्धारित शुल्क जमा करना होगा।
1 जुलाई 2026 से नई व्यवस्था होगी लागू
मान्यता प्रक्रिया के दौरान संस्थान की अल्पसंख्यक पहचान, भूमि संबंधी दस्तावेज, वित्तीय स्थिति, शिक्षकों की योग्यता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की प्रतिबद्धता जैसे पहलुओं की जांच की जाएगी। अगर कोई संस्थान नियमों का उल्लंघन करता है तो उसकी मान्यता निरस्त की जा सकती है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में 14 मई 2026 को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में उत्तराखंड अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान संबंधी मान्यता नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई थी। इसी निर्णय के आधार पर 1 जुलाई 2026 से मदरसा बोर्ड को समाप्त कर नई व्यवस्था लागू की जा रही है।
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अल्मोड़ा में भीषण सड़क हादसा, चार लोगों की मौके पर ही मौत, दो की हालत गंभीर

Almora Accident : उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में सोमवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यहां कार खाई में गिरने के कारण चार लोगों की मौत हो गई। जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि ये दुर्घटना लमगड़ा विकासखंड के चायखान-बेगानिया मोटर मार्ग पर बलिया क्षेत्र के पास हुई है।
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अल्मोड़ा में खाई में गिरी कार, 4 की मौत
मिली जानकारी के मुताबिक मारुति ऑल्टो कार चायखान-बेगानिया मार्ग से गुजर रही थी। बलिया के समीप पहुंचते ही चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिससे कार सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के समय वाहन में चालक सहित कुल छह लोग सवार थे।
दुर्घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। साथ ही पुलिस और प्रशासन को घटना की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान चलाया।

दर्दनाक हादसे में दो गंभीर रूप से घायल
इस हादसे में चार लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लमगड़ा ले जाया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने दोनों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल अल्मोड़ा रेफर कर दिया।
पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटी
पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं दुर्घटना के कारणों की जांच भी की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से पहाड़ी मार्गों पर वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
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पौड़ी में गुलदार ने घास काटने गई महिला को बनाया निवाला, घसीटते हुए ले गया जंगल की ओर…

Pauri News : पौड़ी गढ़वाल जिले के लैंसडाउन विधानसभा क्षेत्र के नैनीडांडा विकासखंड स्थित बणासी तल्ली गांव में शनिवार सुबह गुलदार के हमले में एक महिला की जान चली गई। इस दर्दनाक घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में भय और शोक का माहौल है।
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पौड़ी में गुलदार ने महिला को बनाया निवाला
पौड़ी गढ़वाल में एक बार फिर गुलदार का आतंक देखने को मिला है। अपने पालतू मवेशियों के लिए घास लेने गई महिला को गुलदार ने अपना निवाला बना लिया। मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह गांव की दो महिलाएं शांति देवी और सुशीला देवी रोजमर्रा की तरह जंगल में घास काटने गई थीं।
इसी दौरान झाड़ियों में छिपे गुलदार ने अचानक सुशीला देवी पर हमला कर दिया। हमला इतना अचानक और तेज था कि महिला को बचाव का मौका नहीं मिला। गुलदार उन्हें घसीटते हुए जंगल की ओर ले गया।
गुलदार ने घास काटने के दौरान किया हमला
हमले के समय साथ मौजूद शांति देवी ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और जंगल में महिला की तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद घटनास्थल से कुछ दूरी पर सुशीला देवी का शव बरामद हुआ। इस घटना से पूरे क्षेत्र में मातम छा गया।

वन विभाग ने शुरू की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हो गई। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही गुलदार की तलाश के लिए अभियान भी चलाया जा रहा है। घटना की सूचना क्षेत्रीय विधायक महंत दिलीप रावत को भी दे दी गई है।
हादसे के बाद से स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग के प्रति नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की गतिविधियां बढ़ रही हैं, लेकिन प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। इसके साथ ही लोगों ने गुलदार को आदमखोर घोषित करने और जल्द से जल्द पकड़ने की मांग की है।
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