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UGC NET Result Date : इस दिन जारी हो सकता है यूजीसी नेट का परिणाम, यहाँ देखें लेटेस्ट अपडेट…

UGC NET Result Date : 4 फरवरी को जारी हो सकता है परिणाम
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (UGC NET) दिसंबर 2025 सत्र के नतीजों का इंतजार कर रहे लाखों उम्मीदवारों के लिए राहत भरी खबर है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) जल्द ही अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर परीक्षा के परिणाम घोषित करने वाली है। ताजा रिपोर्टों और सोशल मीडिया पर एनटीए के आधिकारिक हैंडल से मिले संकेतों के अनुसार, 4 फरवरी 2026 को रिजल्ट जारी होने की प्रबल संभावना है।
इस परीक्षा में देश भर के 7.35 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे, जो अब अपनी मेहनत का फल देखने के लिए उत्सुक हैं। यह लेख आपको रिजल्ट की तारीख, डाउनलोड करने की प्रक्रिया और कट-ऑफ से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी प्रदान करेगा।
यूजीसी नेट दिसंबर 2025: एक नजर में
यूजीसी नेट परीक्षा का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा 31 दिसंबर 2025 से 7 जनवरी 2026 के बीच किया गया था। यह परीक्षा कुल 83 विषयों के लिए कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की गई थी। परीक्षा के संपन्न होने के बाद, 14 जनवरी 2026 को प्रोविजनल आंसर-की (Provisional Answer Key) जारी की गई थी, जिस पर आपत्तियां दर्ज करने के लिए 17 जनवरी तक का समय दिया गया था।
अब जबकि आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, एनटीए किसी भी समय फाइनल आंसर-की और रिजल्ट की घोषणा कर सकता है।
रिजल्ट चेक करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
जैसे ही रिजल्ट का लिंक एक्टिव होगा, उम्मीदवार नीचे दिए गए आसान चरणों का पालन करके अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर पाएंगे:
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाएं।
- रिजल्ट लिंक खोजें: होमपेज पर ‘UGC NET December 2025 Result’ या ‘Score Card’ के लिंक पर क्लिक करें।
- लॉगिन विवरण भरें: एक नया पेज खुलेगा, जहाँ आपको अपना एप्लीकेशन नंबर और जन्म तिथि (DOB) दर्ज करनी होगी।
- सबमिट करें: कैप्चा कोड (Security Pin) भरने के बाद ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।
- स्कोरकार्ड डाउनलोड करें: आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा। इसे डाउनलोड करें और भविष्य के संदर्भ के लिए इसका प्रिंटआउट जरूर निकाल लें।
पास होने के लिए कितने अंक जरूरी? (Qualifying Marks)
यूजीसी नेट परीक्षा को पास करने के लिए श्रेणियों के आधार पर न्यूनतम योग्यता अंक निर्धारित किए गए हैं:
| श्रेणी (Category) | न्यूनतम योग्यता अंक (दोनों पेपर मिलाकर) |
| सामान्य वर्ग (General/Unreserved) | 40% अंक |
| ओबीसी/एससी/एसटी/पीडब्ल्यूडी (OBC/SC/ST/PwD) | 35% अंक |
नोट: केवल न्यूनतम अंक प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है। सहायक प्रोफेसर की पात्रता के लिए शीर्ष 6% उम्मीदवारों में स्थान बनाना अनिवार्य होता है।
इस बार क्या हो सकती है संभावित कट-ऑफ?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार पेपर का स्तर मध्यम से कठिन (Moderate to Difficult) था, जिससे कट-ऑफ में मामूली बदलाव देखने को मिल सकता है। जेआरएफ (JRF) के लिए कट-ऑफ हमेशा सहायक प्रोफेसर (Assistant Professor) की तुलना में अधिक रहती है।
रिजल्ट के साथ जारी होंगी ये महत्वपूर्ण चीजें
जब एनटीए रिजल्ट पोर्टल अपडेट करेगा, तो केवल स्कोरकार्ड ही नहीं बल्कि कई अन्य दस्तावेज भी जारी किए जाएंगे:
- फाइनल आंसर-की: आपत्तियों के बाद तैयार की गई अंतिम उत्तर कुंजी, जिसके आधार पर अंकों की गणना हुई है।
- सब्जेक्ट-वाइज कट-ऑफ: हर विषय और श्रेणी के लिए अलग-अलग कट-ऑफ लिस्ट।
- ई-सर्टिफिकेट: सफल उम्मीदवारों के लिए पात्रता प्रमाणपत्र (कुछ समय बाद)।
यूजीसी नेट परीक्षा का महत्व
यह परीक्षा भारत के उच्च शिक्षण संस्थानों में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए प्रवेश द्वार की तरह है। इसे पास करने के बाद उम्मीदवार:
- असिस्टेंट प्रोफेसर: भारतीय विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पढ़ाने के लिए पात्र हो जाते हैं।
- JRF (Junior Research Fellowship): पीएचडी (PhD) शोध के लिए सरकार द्वारा फेलोशिप (छात्रवृत्ति) प्राप्त करने के हकदार बनते हैं।
- पीएचडी एडमिशन: अब यूजीसी नेट स्कोर का उपयोग सीधे पीएचडी प्रवेश के लिए भी किया जा सकता है।
निष्कर्ष और अगली राह
अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे रिजल्ट की तारीखों को लेकर किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक वेबसाइट (ugcnet.nta.nic.in) पर ही भरोसा करें। 4 फरवरी की तारीख एक टेंटेटिव डेट है, इसलिए वेबसाइट को नियमित अंतराल पर चेक करते रहें।
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Telegram Ban इन इंडिया: भारत में क्यों लगी टेलीग्राम पर पाबंदी? जानें क्या है पूरा मामला और छात्रों पर इसका असर

Telegram Ban इन इंडिया : मुख्य बिंदु (Quick Highlights)
- अस्थायी प्रतिबंध: केंद्र सरकार ने भारत में प्रसिद्ध मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम (Telegram) पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है।
- NEET-UG 2026 री-एग्जाम: यह कदम 21 जून 2026 को होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा की शुचिता बनाए रखने और फ्रॉड रोकने के लिए उठाया गया है।
- एडिटिंग फीचर पर रोक: ऐप पर मैसेज एडिट करने वाले फीचर को 30 जून 2026 तक ब्लॉक कर दिया गया है।
- NTA का रुख: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है और इसे छात्रों के हित में बताया है।
भूमिका: भारत में टेलीग्राम पर क्यों लगा प्रतिबंध?
भारत में सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल जितनी तेजी से बढ़ा है, उतनी ही तेजी से इनके दुरुपयोग के मामले भी सामने आए हैं। हाल ही में भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए देश में लोकप्रिय क्लाउड-बेस्ड मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम (Telegram) पर अस्थायी प्रतिबंध (Temporary Restriction) लगाने का निर्देश दिया है।
यह प्रतिबंध आगामी NEET-UG 2026 री-एग्जामिनेशन (पुनर्परीक्षा) को ध्यान में रखते हुए लगाया गया है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA (National Testing Agency) ने सरकार के इस कड़े कदम का पुरजोर स्वागत किया है। सरकार का मानना है कि परीक्षा के दौरान और उसके ठीक बाद टेलीग्राम के जरिए अफवाहें फैलाने और “पेपर लीक” के झूठे दावे करके छात्रों को ठगने वाले गिरोह सक्रिय हो जाते हैं, जिन्हें रोकना बेहद जरूरी है।
क्या है पूरा मामला? MeitY और NTA का बड़ा फैसला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, MeitY ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की सिफारिशों पर कार्रवाई करते हुए टेलीग्राम ऐप तक पहुंच को 22 जून 2026 तक के लिए सीमित कर दिया है। इसके अलावा, ऐप के एक बेहद महत्वपूर्ण टूल—मैसेज एडिटिंग फीचर (Message-Editing Feature)—पर भी 30 जून 2026 तक के लिए रोक लगा दी गई है।
NTA द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह कदम संगठित चीटिंग नेटवर्क (Organised Cheating Networks) और साइबर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए उठाया गया है। ये अपराधी टेलीग्राम प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल छात्रों को गुमराह करने, फर्जी प्रश्नपत्र बेचने और परीक्षा की विश्वसनीयता को प्रभावित करने के लिए करते रहे हैं।
टेलीग्राम का ‘मैसेज एडिटिंग फीचर’ जांच के घेरे में क्यों आया?
कई लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर टेलीग्राम के मैसेज एडिट करने वाले फीचर से सरकार को क्या परेशानी थी? NTA ने इसका विस्तार से खुलासा किया है।
NTA के अनुसार, “टेलीग्राम का मैसेज-एडिटिंग फीचर साइबर अपराधियों के लिए एक बड़ा हथियार बन गया था। चैनल एडमिनिस्ट्रेटर परीक्षा खत्म होने के बाद अपने पुराने पोस्ट को एडिट कर देते थे और उसमें असली प्रश्नपत्र की पीडीएफ या तस्वीरें अटैच कर देते थे। चूंकि टेलीग्राम पर एडिट करने के बाद भी मूल टाइमस्टैम्प (Original Timestamp) नहीं बदलता, इसलिए ऐसा लगता था कि वह पेपर परीक्षा से कई घंटे पहले ही लीक हो गया था।”
इस लूपहोल का फायदा उठाकर धोखाधड़ी करने वाले लोग सोशल मीडिया पर फर्जी “पेपर लीक” के सबूत तैयार करते थे, जिससे न केवल छात्रों में मानसिक तनाव पैदा होता था, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली पर भी सवाल खड़े हो जाते थे। इसी वजह से सरकार ने इस फीचर को जून के अंत तक ब्लॉक रखने का निर्देश दिया है।
साइबर फ्रॉड नेटवर्क पर क्रैकडाउन: अहमदाबाद और बिहार पुलिस की कार्रवाई
टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने के पीछे सिर्फ आशंकाएं नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे पुख्ता खुफिया जानकारी और पुलिसिया कार्रवाई भी शामिल है। गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने इस पूरे मामले में टेलीग्राम-आधारित फ्रॉड और भ्रामक अभियानों के खिलाफ समन्वय स्थापित किया है।
हाल के दिनों में कई ऐसे टेलीग्राम चैनलों, ग्रुप्स और बॉट्स (Bots) को टेकडाउन (हटाया) किया गया है, जो NEET परीक्षा के पेपर देने के नाम पर लाखों रुपये की मांग कर रहे थे।
प्रमुख राज्य एजेंसियों की कार्रवाई:
- अहमदाबाद सिटी साइबर क्राइम ब्रांच की गिरफ्तारी: अहमदाबाद पुलिस ने हाल ही में एक अंतर-राज्यीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह टेलीग्राम पर कई फर्जी चैनल चला रहा था। जांचकर्ताओं के अनुसार, इस नेटवर्क ने महज एक महीने में लगभग 1,000 मोबाइल नंबरों से संपर्क किया था और करीब 1.5 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन किया था।
- बिहार पुलिस की एडवाइजरी: बिहार पुलिस ने भी छात्रों और अभिभावकों के लिए एक सार्वजनिक परामर्श (Public Advisory) जारी किया है, जिसमें उन्हें टेलीग्राम पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा करने वाले ठगों से सावधान रहने को कहा गया है।
टेलीग्राम बैन का आम यूजर्स और छात्रों पर क्या असर होगा?
सरकार और NTA दोनों ने ही यह स्पष्ट किया है कि यह एक बेहद सीमित और अस्थायी (Temporary) उपाय है। वैध टेलीग्राम यूजर्स की असुविधा को कम करने के लिए कुछ दिशानिर्देश स्पष्ट किए गए हैं:
- नए मैसेज भेजने पर रोक नहीं: मैसेज एडिटिंग फीचर के सस्पेंड होने से यूजर्स की नए मैसेज भेजने या प्राप्त करने की क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वे पहले की तरह चैट कर सकेंगे।
- सीमित अवधि: टेलीग्राम ऐप पर एक्सेस का यह प्रतिबंध केवल परीक्षा के आसपास की अवधि यानी 22 जून तक ही लागू रहेगा, जिसके बाद इसे सामान्य कर दिया जाएगा।
| प्रतिबंध का प्रकार | कब तक प्रभावी रहेगा? | मुख्य उद्देश्य |
| टेलीग्राम ऐप एक्सेस प्रतिबंध | 22 जून 2026 तक | परीक्षा के दिन और उससे पहले पेपर लीक की अफवाहों को रोकना। |
| मैसेज एडिटिंग फीचर ब्लॉक | 30 जून 2026 तक | परीक्षा के बाद पुराने पोस्ट्स को एडिट कर फर्जी सबूत बनाने से रोकना। |
NTA की छात्रों से अपील: “पेपर लीक” के झूठे दावों पर न करें भरोसा
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने एक बार फिर दोहराया है कि NEET का कोई भी प्रश्नपत्र सुरक्षित परीक्षा प्रक्रिया से बाहर मौजूद नहीं है। परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित माहौल में आयोजित की जा रही है।
एजेंसी ने छात्रों को आगाह किया है कि कुछ टेलीग्राम चैनल पेपर देने के बदले कुछ हजार रुपये से लेकर कई लाख रुपये तक की मांग कर रहे हैं। ये सभी दावे 100% फर्जी और धोखाधड़ी का हिस्सा हैं। छात्र और अभिभावक किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चल रहे ऐसे दावों के झांसे में न आएं।
निष्कर्ष और आधिकारिक सलाह
21 जून 2026 को होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा देश के लाखों मेडिकल उम्मीदवारों के भविष्य से जुड़ी है। परीक्षा की शुचिता (Integrity) और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए सरकार का टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने का फैसला कड़ा जरूर है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में यह बेहद जरूरी कदम माना जा रहा है।
छात्रों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश:
- परीक्षा से जुड़ी किसी भी नई जानकारी, गाइडलाइंस या अपडेट के लिए केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइट और आधिकारिक संचार माध्यमों पर ही भरोसा करें।
- यदि कोई व्यक्ति या ग्रुप आपको परीक्षा का पेपर एडवांस में देने का लालच देता है या पैसे मांगता है, तो इसकी सूचना तुरंत अपने नजदीकी साइबर क्राइम सेल को दें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज कराएं।
परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का ऐसा नियमन समय की मांग है, ताकि किसी भी होनहार छात्र का भविष्य अंधकार में न जाए।
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गेहूं काटते समय मिली टॉपर बनने की खबर, बेटे के जिला टॉप करने की खबर सुन रो पड़े किसान पिता

Haridwar News : खेतों में गेहूं काटते मिले हरिद्वार जिला टॉपर, खबर सुन पिता हुए भावुक
Haridwar News : उत्तराखंड बोर्ड रिजल्ट के सामने आते ही संघर्ष और मेहनत की ऐसी खबरें सामने आ रही हैं जो हर किसी को हैरान कर रही हैं। जहां मजदूर के बेटे और टैक्सी चालक की बेटी ने टॉप किया तो वहीं हरिद्वार में जिला टॉपर खेतों में गेहूं काटते हुए मिला।
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गेहूं काटते समय मिली टॉपर बनने की खबर
खेतों में मेहनत कर रहे एक किशोर की सफलता की कहानी को सुन आप भी कह उठेंगे कि मेहनत जरूर रंग लाती है। हरिद्वार के जोनिश कुमार ने हाईस्कूल परीक्षा में 95.20% अंक प्राप्त कर जिले में तीसरा और पूरे उत्तराखंड में 12वां स्थान हासिल किया है। खास बात ये है कि रिजल्ट घोषित होने के समय भी वो खेत में मजदूरी कर रहे थे। उन्हें अपने रिजल्ट की सूचना भी तब मिली जब मीडिया उनसे मिलने के लिए पहुंची।
बिना किसी कोचिंग के विपरीत परिस्थितयों में जोनिश बने टॉपर
जानकारी के अनुसार, जोनिश कुमार राष्ट्रीय इंटर कॉलेज, औरंगाबाद आनेकी का छात्र है। जैसे ही उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा का परिणाम जारी हुआ, उसकी इस उपलब्धि ने उसे सुर्खियों में ला दिया। सीमित संसाधनों वाले परिवार से आने वाले जोनिश के माता-पिता शिक्षित नहीं हैं, लेकिन उन्होंने अपने बेटे की पढ़ाई में हर संभव सहयोग किया।
बिना किसी कोचिंग के हासिल की गई ये सफलता जोनिश की कड़ी मेहनत और लगन को दर्शाती है। खेतों में काम करने के साथ-साथ पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उसने यह साबित कर दिया कि कठिन परिस्थितियां भी सफलता की राह नहीं रोक सकतीं।

माता-पिता दोनों फैक्टी में करते हैं मजदूरी
जोनिश के माता और पिता दोनों ही सिडकुल की एक फैक्ट्री में काम करते हैं। इन दिनों वो खेतों में गेहूं काटने का कामन कर रहे हैं। जिस वक्त जोनिश से मिलने के लिए मीडिया पहुंची तो भी खेतों में गेहूं काट रहे थे।
इस दौरान मीडिया से अपनी उपलब्धि का उन्हें पता चला तो वो अपने घर गए और कपड़े बदले फिर फोटो खिंचवाई। उन्होंने कहा कि उनका सपना डॉक्टर बनना है और उनकी सफलता का श्रेय उनके माता-पिता और भाई को जाता है।
बेटे के जिला टॉप करने की खबर सुन किसान पिता के छलके आंसू
बेटे के जिला टॉपर बनने की खबर को सुन पिता भावुक हो गए। पिता राजेश कुमार ने कहा कि उन्हें यकीन था कि उनका बेटा एक दिन गांव का नाम रोशन जरूर करेगा। उन्होंने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति सही ना होने के बाद भी उनके दो बेटे बीकॉम और बीबीए की पढ़ाई कर रहे हैं। वो जोनिश को भी कुछ करता देखना चाहते हैं।
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रामनगर के अक्षत गोपाल ने 10वीं में किया टॉप, बिना ट्यूशन के ये मुकाम किया हासिल, बताया सफलता का राज

UK Board Class 10 Topper Akshat : इंजीनीयर बनना चाहते हैं उत्तराखंड बोर्ड के 10वीं के टॉपर अक्षत
UK Board Class 10 Topper Akshat : उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2026 में 10वीं रामनगर के अक्षत गोपाल ने 10वीं में टॉप किया है। रामनगर के एक साधारण परिवार से आने वाले अक्षत गोपाल ने असाधारण प्रदर्शन करते हुए हाईस्कूल परीक्षा में प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है।
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रामनगर के अक्षत गोपाल ने 10वीं में किया टॉप
रामनगर के एमपी हिंदू इंटर कॉलेज के छात्र अक्षत गोपाल ने 500 में से 491 अंक हासिल कर 98.2 प्रतिशत के साथ टॉप किया है। उनकी इस सफलता ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ा दी है। हर कोई अक्षत की मेहनत और लगन की तारीफ कर रहा है।
बिना ट्यूशन के ये मुकाम किया हासिल
खास बात ये है कि अक्षत ने बिना किसी ट्यूशन के ये मुकाम हासिल किया। उन्होंने रोजाना 4 से 5 घंटे की नियमित पढ़ाई को अपनी आदत बनाया और मोबाइल फोन से दूरी बनाकर केवल किताबों पर ध्यान केंद्रित किया। यही अनुशासन उनकी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी बना।

अक्षत का इंजीनियर बनने का है सपना
अक्षत गोपाल का कहना है कि मेरा सपना आगे चलकर इंजीनियर बनने का है। मैंने बस नियमित पढ़ाई की और अपने शिक्षकों की बातों को फॉलो किया। और फोन का इस्तेमाल नहीं किया उसके साथ ही ट्यूशन भी नहीं लिया घर पर ही पढ़ाई की।
अक्षत ने अपनी इस उपलब्धि का पूरा श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है। उनके पिता गोपाल, जो एक प्राइवेट शिक्षक हैं, बेटे की इस सफलता से बेहद खुश और भावुक नजर आए। परिवार में जश्न का माहौल है और घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

अक्षत की सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल
अक्षत की छोटी बहन, जो अभी सातवीं कक्षा में पढ़ रही हैं, भी अपने भाई से प्रेरित होकर आगे बढ़ने का सपना देख रही हैं। ये सफलता सिर्फ एक छात्र की नहीं, बल्कि पूरे परिवार के संघर्ष और मेहनत की कहानी भी है। रामनगर के इस होनहार बेटे ने ये साबित कर दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत सच्ची हो, तो सफलता जरूर मिलती है। अक्षत गोपाल आज हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।
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