Rishikesh
ऋषिकेश में बड़ा हादसा! फोटो खींचते-खींचते गंगा में समाए दो युवक, रेस्क्यू अभियान जारी

Rishikesh News : ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला क्षेत्र के पास दो युवक नदी में बह गए। बताया जा रहा है कि युवक फोटो ले रहे थे इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वो नदी में गिर गए। दोनों की तलाश जारी है।
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ऋषिकेश में फोटो खींचते-खींचते गंगा में समाए दो युवक
ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां प्रतिबंधित घाट क्षेत्र में फोटो खींचने के दौरान दो युवक गंगा नदी की तेज धारा में बह गए। घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया।
फोटो लेने के संतुलन बिगड़ने से हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चार दोस्त डबल ट्रिपल बीच क्षेत्र में घूमने पहुंचे थे। इसी दौरान दो युवक नदी किनारे फोटो ले रहे थे, तभी अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गंगा के तेज बहाव की चपेट में आ गए। साथ मौजूद दोस्तों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके।

प्रतिबंधित घाट क्षेत्र में हुआ हादसा
घटना 21 मई की शाम की बताई जा रही है। सूचना के बाद एसडीआरएफ टीम ने आज सुबह से डीप डाइवरों और आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि हादसा प्रतिबंधित घाट क्षेत्र में हुआ, जहां लोगों के जाने पर पहले से रोक लगी हुई है। फिलहाल दोनों युवकों की तलाश जारी है।
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योग नगरी रेलवे स्टेशन के पास उज्जैन एक्सप्रेस हादसे का शिकार, खांड गांव में तीन डिब्बे पटरी से उतरे

rishikesh train accident : उत्तराखंड के ऋषिकेश में सोमवार रात एक बड़ा रेल हादसा हो गया। योगनगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन के यार्ड क्षेत्र में खड़ी उज्जैनी एक्सप्रेस के तीन डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए।
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योग नगरी रेलवे स्टेशन के पास उज्जैन एक्सप्रेस हादसे का शिकार
मिली जानकारी के मुताबिक हादसा रात करीब 9:30 बजे हुआ। जिसके बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि एक कोच पूरी तरह पटरी से अलग होकर पलट गया और ट्रैक से कई फीट दूर जाकर अटक गया।
खांड गांव क्षेत्र में तीन डिब्बे पटरी से उतरे
राहत की बात ये रही कि घटना के समय ट्रेन में कोई यात्री मौजूद नहीं था। जानकारी के अनुसार ट्रेन सुबह रवाना होने वाली थी और उसी दौरान यार्ड में तकनीकी कार्य चल रहा था। हादसे के वक्त ट्रेन में केवल लोको पायलट मौजूद था, जो सुरक्षित बताया जा रहा है।

ब्रेक सिस्टम में गड़बड़ी की आशंका
प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी और ब्रेक सिस्टम में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि ट्रेन का ट्रैक बदले जाने की प्रक्रिया चल रही थी, तभी अचानक नियंत्रण बिगड़ गया और डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद GRP और रेलवे कर्मचारियों ने स्थिति संभाली।
रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी टीम गठित की गई है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
CHAR DHAM YATRA
ट्रांजिट कैंप से श्रद्धालुओं का दल चारधाम यात्रा के लिए निकला, सीएम धामी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

Char Dham Yatra : विश्व प्रसिद्ध चार धाम यात्रा कल से शुरू होगी, उससे पहले आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप से श्रद्धालुओं का दल चार धाम यात्रा के लिए रवाना किया।
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चारधाम यात्रा के लिए पहले दल को सीएम ने किया रवाना
मुख्यमंत्री ने वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वहीं मुख्यमंत्री ने चार धाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार सभी यात्रियों का देवभूमि में स्वागत करती है। चार धाम यात्रा को लेकर सरकार ने व्यवस्थाएं दुरुस्त की हैं।
भ्रामक खबरों को प्रसारित करने वालों पर होगी कार्रवाई
सीएम ने कहा कि खुद केदार घाटी में जाकर ग्राउंड जीरो से यात्रा व्यवस्था को परख चुके हैं। उन्होंने कहा कि मध्य एशिया के बीच चले युद्ध से प्रदेश में किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है, उत्तराखंड में खाने-पीने से लेकर ईंधन की पूरी व्यवस्था है। यही नहीं मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि भ्रामक खबरों को प्रसारित करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

चार धाम यात्रा प्रदेश की लाइफ लाइन – सीएम धामी
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि चार धाम यात्रा प्रदेश की लाइफ लाइन है। प्रत्येक साल बड़े पैमाने पर श्रद्धालु चार धाम यात्रा करने पहुंचते हैं, और हर साल रिकॉर्ड तोड़ संख्या में श्रद्धालु आते हैं इस बार भी उन्हें पूरा भरोसा है कि पिछली बार के मुकाबले बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे।
श्रद्धालुओं ने यात्रा व्यवस्था को बताया बेहतर
वहीं अलग-अलग स्थान से पहुंचे श्रद्धालुओं ने यात्रा व्यवस्था को बेहतर बताते हुए उत्तराखंड सरकार का आभार व्यक्त किया, उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद उनसे इंटरेक्शन किया उनका हाल-चाल जाना इसके साथ ही जिस तरह की सुविधा उन्हें मिल रही हैं उससे वो बेहद खुश हैं, साथी उन्होंने कहा कि ऑफलाइन पंजीकरण में भी उन्हें कोई दिक्कत नहीं हो रही है और मेडिकल चेकअप भी किया जा रहा है।
Rishikesh
अच्छी खबर : ऋषिकेश में अब जाम के झाम से मिलेगी मुक्ति, ऋषिकेश बाईपास 4-लेन को मिली मंजूरी

Rishikesh News : ऋषिकेश में जल्द ही जाम के झाम से राहत मिलने वाली है। ऋषिकेश बाईपास के 4-लेन निर्माण कार्य को भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से स्वीकृति मिल गई है।
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ऋषिकेश में अब जाम के झाम से मिलेगी मुक्ति
ऋषिकेश में अब जाम के झाम से लोगों को छुटकारा मिलने जा रहा है। केंद्र से ऋषिकेश बाईपास 4-लेन को मंजूरी मिल गई है। मंत्रालय द्वारा इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए ₹1105.79 करोड़ की तकनीकी, प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।
भट्टोवाला और ढालवाला गांवों से गुजरेगा बाईपास
बता दें कि ये बहुप्रतीक्षित परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-7 पर टीनपानी फ्लाईओवर (किमी 529.750) से लेकर खरासोटे पुल (किमी 542.420) तक विकसित की जाएगी। लगभग 12.670 किलोमीटर लंबा ये बाईपास भट्टोवाला और ढालवाला गांवों से होकर गुजरेगा और इसे EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन) मोड पर क्रियान्वित किया जाएगा।
सरकार सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रयासरत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस स्वीकृति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश बाईपास परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा, जाम की समस्या से राहत मिलेगी और स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ चारधाम यात्रा एवं पर्यटन गतिविधियों को भी बड़ी सुविधा प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, “ ये परियोजना उत्तराखंड के समग्र विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारी सरकार राज्य के दूरस्थ और शहरी क्षेत्रों को मजबूत सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।”
केंद्र ने 1105.79 करोड़ रुपए की दी स्वीकृति
मंत्रालय के अनुसार, इस परियोजना के लिए प्रारंभिक अनुमान ₹1151.18 करोड़ था, जिसे संशोधित कर ₹1139.40 करोड़ किया गया और अंततः ₹1105.79 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना को तीन वर्षों की समयावधि में पूरा किया जाएगा और कार्य में किसी प्रकार की लागत या समय वृद्धि स्वीकार नहीं की जाएगी।
निविदाएं ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के माध्यम से आमंत्रित की जाएंगी तथा सभी कार्य निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप किए जाएंगे। इस परियोजना के लिए व्यय वित्त वर्ष 2025-26 में भारत सरकार के बजट प्रावधान (GBS) के अंतर्गत किया जाएगा। देहरादून स्थित क्षेत्रीय अधिकारी को इस कार्य के लिए ड्रॉइंग एवं डिस्बर्सिंग ऑफिसर (DDO) नामित किया गया है।
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