Uttarakhand
भडेलीगाड यमुनोत्री वैकल्पिक मार्ग पर एक घोड़े ने तोडा दम, श्रद्धालुओं के साथ बेजुबानों की आवाजाहीभी रहती है जोखिम भरी।

उत्तरकाशी – भडेलीगाड यमुनोत्री वैकल्पिक मार्ग पर एक घोड़े ने दम तोड़ दिया। वन विभाग के वैकल्पिक मार्ग की बदहाली ने विभाग की कार्यप्रणाली की खोली पोल दी। गत वर्ष भी इसी 2.5 किमी मार्ग पर कई घोड़े खच्चरों की मौत हुई थी।
सुरक्षा एवं सुगम आवाजाही को लेकर यह मार्ग काफी संवेदनशील है। भडेलीगाड यमुनोत्री वैकल्पिक मार्ग खड़ी चढ़ाई के साथ ही ऊंचे-ऊंचे रास्ते होने से श्रद्धालुओं के साथ ही बेजुबानों की आवाजाही जोखिम भरी रहती है।
Accident
Uttarkashi: गंगोत्री हाईवे पर बीआरओ का ओवरलोड ट्रक खाई में गिरा, चालक की मौत

उत्तरकाशी: मल्ला के पास अनियंत्रित ट्रक गहरी खाई में गिरा
उत्तरकाशी (Uttarkashi): गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर मल्ला के समीप एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे, बीआरओ का रोडी-बजरी से लदा एक ओवरलोड ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया और लगभग सौ मीटर गहरी खाई में जा गिरा। इस दुर्घटना में ट्रक में सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
मुख्य बिंदु
गंगोत्री हाईवे पर खाई में गिरा ट्रक
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे। इसके बाद कड़ी मशक्कत के साथ दोनों घायलों को खाई से बाहर निकाला गया। तत्पश्चात, 108 एंबुलेंस सेवा की सहायता से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल में व्यक्ति ने तोड़ा दम
लेकिन, इलाज के दौरान ट्रक चालक 39 वर्षीय सत्येंद्र असवाल, निवासी हीना, ने दम तोड़ दिया। वहीं, 27 वर्षीय जयराम सिंह, निवासी सेकू भटवाड़ी, का अस्पताल में इलाज जारी है। जैसे ही सत्येंद्र असवाल की मौत की खबर गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
ओवरलोडिंग के चलते हुआ हादसा
इस संबंध में भटवाड़ी पुलिस चौकी प्रभारी निखिल देव ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त डंपर वाहन सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) का था और उसमें उपखनिज सामग्री निर्धारित क्षमता से अधिक लदी हुई थी। उन्होंने बताया कि ट्रक पीछे की ओर जाते समय संतुलन बिगड़ने से खाई में गिर गया।
Uttarakhand
उत्तराखंड के एक दर्जन प्राथमिक विद्यालयों का होगा पुनर्निर्माण, मरम्मत व निर्माण कार्य के लिए 568 लाख मंजूर

Uttarakhand News : प्राथमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत जर्जर हो चुके एक दर्जन से अधिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों का शीघ्र पुनर्निर्माण किया जायेगा। इन विद्यालयों के भवनों के निर्माण व मरम्मत कार्यों के लिए रू0 568.85 लाख की धनराशि मंजूर कर दी है साथ ही उक्त निर्माण कार्यों के लिए कार्यदायी संस्था भी नामित कर दी गई है। शीघ्र ही इस संबंध में शासन स्तर से आदेश जारी कर दिये जाएंगे।
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उत्तराखंड के एक दर्जन प्राथमिक विद्यालयों का होगा पुनर्निर्माण
सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिये विभिन्न स्तरों पर लगातार प्रयास कर रही है। विद्यालयों में भौतिक संसाधनों, अवसंरचनात्मक कार्यों से लेकर शिक्षकों की तैनाती कर उन्हें सुविधा सम्पन्न बनाया जा रहा है, ताकि प्राथमिक स्तर पर प्रदेश के नौनिहालों को बेहतर शिक्षा मुहैया हो सके।
इसी कड़ी में सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों रूद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, टिहरी, देहरादून व चमोली में जर्जर व क्षतिग्रस्त हो चुके 16 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों के पुनर्निर्माण को रू0 568.85 लाख की धनराशि मंजूर कर दी है।
मरम्मत व निर्माण कार्य के लिए 568 लाख मंजूर
रूद्रप्रयाग जनपद के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुराड़ी, छतोड़ा, कमसाल, जसोली, सल्या में विद्यालय भवन के पुनर्निर्माण के लिये 32-32 लाख स्वीकृत किये हैं जबकि राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पौड़ीखाल में पुनर्निर्माण के लिये 40.30 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार पिथौरागढ़ जनपद में राजकीय प्राथमिक विद्यालय लास्पासांई में भवन पुनर्निमाण के लिये 39 लाख, गैला में कक्षा-कक्ष व प्राधानाध्यापक कक्ष के निर्माण को 20.47 लाख जबकि मल्ला वल्थी के लिये 20.30 लाख की धनराशि मंजूर की गई है।
ग्रामीण निर्माण विभाग और पेयजल निगम होगा कार्यदायी संस्था
टिहरी जनपद में राजकीय प्राथमिक विद्यालय तिखोन के लिये 34.86, सौन्दकोटी मल्ली 37.36, मंजूरीडागर 39.94 तथा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय क्यारी-जमुण्डा के पुनर्निर्माण के लिये 29.59 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार जनपद चमोली में राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुभाषनगर के भवन पुनर्निर्माण को 77.11 लाख जबकि देहरादून जिले में राजकीय प्राथमिक विद्यालय बद्रीपुर के भवन पुनर्निर्माण को 33.05 लाख तथा प्राथमिक विद्यालय बापूनगर जाखन के पुनर्निर्माण को 36.87 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है।
इसके साथ इन विद्यालयों में निर्माण कार्य के लिये ग्रामीण निर्माण विभाग के साथ ही पेयजल निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। डा. रावत ने बताया कि इन सभी प्राथमिक विद्यालयों में मरम्मत व पुनर्निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के लिये विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दे दिए गए हैं।
Dehradun
देहरादून : सीएम धामी ने मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का किया शुभारंभ

Dehradun : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए महिला सशक्तिकरण और बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का शुभारंभ किया।
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मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का हुआ शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने योजना का शुभारंभ करते हुए प्रथम चरण में जनपद बागेश्वर ( 42 लाभार्थी) , देहरादून (191), नैनीताल (75), पौड़ी (66), टिहरी ( 23) और उधमसिंहनगर ( 87) के कुल 484 लाभार्थियों को प्रथम किश्त के रूप में ₹ 3 करोड़ 45 लाख 34,500 की धनराशि डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में भेजी। इसके साथ मुख्यमंत्री ने विभागीय कैलेंडर का भी विमोचन किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी और उन्हें सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा राज्य की लाखों महिलाओं के संघर्ष, साहस और आत्मविश्वास को नई दिशा दी जा रही है। महिलाओं के बिना किसी भी राष्ट्र और समाज की उन्नति संभव नहीं है। महिला के सशक्त होने से परिवार के साथ पूरा समाज सशक्त होता है।

484 लाभार्थियों को प्रथम किश्त के पैसे हुए जारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत कुल 484 लाभार्थियों को प्रथम किश्त के रूप में ₹ 3 करोड़ 45 लाख 34,500 की धनराशि दी जा रही है। शेष 7 जनपदों की 540 महिलाओं को भी लगभग ₹ 4 करोड़, महीने के अंत तक डीबीटी के माध्यम से भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा इस योजना में हमने विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा या किसी भी कारण से अकेले जीवन का भार उठाने वाली महिलाओं के साथ एसिड अटैक, आपराधिक घटना की पीड़िता, ट्रांसजेंडर्स को भी शामिल किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा इस योजना के शुरू होने से राज्य की नारी शक्ति अब नेतृत्व की भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मातृशक्ति के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं । महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी, बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं अभियान, उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी योजना के साथ ही ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त करने जैसे कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं।

मातृशक्ति के कल्याण के लिए समर्पित सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, राज्य की मातृशक्ति के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता, नौकरियों में प्रदेश की महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। राज्य सरकार द्वारा उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव योजना, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के माध्यम से राज्य की मातृशक्ति को नए अवसर प्रदान किए जा रहें हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को एक ब्रांड के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में लगभग 5 लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह बनाकर अपना व्यवसाय कर रही हैं। 7 हजार से अधिक ग्राम्य संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठनों के माध्यम से राज्य की महिलाएँ सामूहिक नेतृत्व की एक अद्वितीय मिसाल भी पेश कर रही हैं। प्रदेश की 1 लाख 68 हजार से अधिक बहनों ने लखपति दीदी’ बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नया इतिहास रचा है।
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