Uttarakhand
Bhootnath Temple Rishikesh : जानिये इतिहास, रहस्य और आध्यात्मिक महत्व..

परिचय : Bhootnath Temple Rishikesh
उत्तराखंड के पवित्र शहर ऋषिकेश को योग, ध्यान और अध्यात्म की राजधानी कहा जाता है। यहां गंगा तट पर कई प्राचीन मंदिर और आश्रम स्थित हैं, जो लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इन्हीं पवित्र स्थलों में से एक है भूतनाथ मंदिर, जिसे आध्यात्मिक ऊर्जा और रहस्यमयी वातावरण के लिए जाना जाता है।
भूतनाथ मंदिर ऋषिकेश एक बहुमंजिला प्राचीन शिव मंदिर है, जहां भगवान शिव के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है। यह मंदिर शांत वातावरण, सुंदर प्राकृतिक दृश्य और धार्मिक महत्व के कारण श्रद्धालुओं के लिए खास स्थान रखता है।
इस लेख में हम भूतनाथ मंदिर का इतिहास, धार्मिक महत्व, वास्तुकला, दर्शन समय, यात्रा गाइड और रोचक तथ्यों के बारे में विस्तार से जानेंगे।
Table of Contents
भूतनाथ मंदिर का स्थान

भूतनाथ मंदिर ऋषिकेश उत्तराखंड के पवित्र शहर ऋषिकेश में गंगा नदी के किनारे स्थित है। यह मंदिर प्रसिद्ध राम झूला के पास पहाड़ी पर बना हुआ है।
मंदिर की ऊंचाई से गंगा नदी और आसपास के पर्वतीय दृश्य बेहद मनमोहक दिखाई देते हैं। यही कारण है कि यहां आने वाले श्रद्धालु आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ प्रकृति की खूबसूरती का भी आनंद लेते हैं।
भूतनाथ मंदिर का इतिहास
भूतनाथ मंदिर का इतिहास कई दशकों पुराना माना जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और यहां उन्हें भूतनाथ यानी भूत-प्रेतों के स्वामी के रूप में पूजा जाता है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक समय भगवान शिव ने इस स्थान पर तपस्या की थी। कहा जाता है कि भगवान शिव यहां अपने गणों और भूत-प्रेतों के साथ विराजमान रहते थे। इसी वजह से इस स्थान का नाम भूतनाथ मंदिर पड़ा।
समय के साथ यह मंदिर धीरे-धीरे विस्तारित होता गया और आज यह कई मंजिलों वाला भव्य मंदिर बन चुका है।
भूतनाथ मंदिर की वास्तुकला
भूतनाथ मंदिर ऋषिकेश की वास्तुकला बेहद अनोखी है।
इस मंदिर की कुछ प्रमुख विशेषताएं:
- यह मंदिर कई मंजिलों में बना हुआ है
- हर मंजिल पर अलग-अलग देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं
- मंदिर की दीवारों पर धार्मिक चित्र और पौराणिक कथाओं के दृश्य बनाए गए हैं
- मंदिर का शिखर पारंपरिक उत्तर भारतीय शैली में बनाया गया है
ऊपर की मंजिलों से गंगा नदी और लक्ष्मण झूला क्षेत्र का शानदार दृश्य दिखाई देता है।
भूतनाथ मंदिर का धार्मिक महत्व
भूतनाथ मंदिर का धार्मिक महत्व अत्यंत विशेष माना जाता है।
हिंदू धर्म में भगवान शिव को भूतों और गणों के स्वामी कहा गया है। इसलिए उन्हें भूतनाथ भी कहा जाता है।
श्रद्धालुओं का मानना है कि:
- यहां पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
- मानसिक शांति और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है
- भय और बाधाओं से मुक्ति मिलती है
विशेष रूप से महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
भूतनाथ मंदिर से जुड़ी मान्यताएं
इस मंदिर से कई रोचक धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं।
- नकारात्मक शक्तियों से रक्षा
मान्यता है कि भूतनाथ मंदिर में भगवान शिव की पूजा करने से नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा मिलती है। - तपस्या स्थल
कई साधु-संतों ने इस क्षेत्र में वर्षों तक तपस्या की है। - आध्यात्मिक ऊर्जा
यहां का वातावरण ध्यान और साधना के लिए अत्यंत उपयुक्त माना जाता है।

भूतनाथ मंदिर में मनाए जाने वाले प्रमुख पर्व
भूतनाथ मंदिर में पूरे वर्ष कई धार्मिक त्योहार मनाए जाते हैं।
1. महाशिवरात्रि
महाशिवरात्रि के दिन यहां विशेष पूजा और रात्रि जागरण किया जाता है।
2. सावन माह
सावन के महीने में भगवान शिव के भक्त दूर-दूर से यहां जलाभिषेक करने आते हैं।
3. श्रावण सोमवार
श्रावण सोमवार के दिन मंदिर में विशेष भीड़ रहती है और भक्त गंगा जल से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं।
भूतनाथ मंदिर दर्शन का समय
यदि आप भूतनाथ मंदिर ऋषिकेश जाने की योजना बना रहे हैं, तो यहां के दर्शन समय इस प्रकार हैं:
- सुबह: 6:00 बजे से 12:00 बजे तक
- शाम: 4:00 बजे से 8:00 बजे तक
हालांकि त्योहारों के दौरान समय में परिवर्तन हो सकता है।
भूतनाथ मंदिर कैसे पहुंचे
सड़क मार्ग
ऋषिकेश उत्तराखंड के प्रमुख शहरों से सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।
रेल मार्ग
सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है
ऋषिकेश रेलवे स्टेशन।
हवाई मार्ग
सबसे नजदीकी हवाई अड्डा है
जॉली ग्रांट एयरपोर्ट।
यहां से टैक्सी या बस द्वारा आसानी से मंदिर पहुंचा जा सकता है।
भूतनाथ मंदिर घूमने का सबसे अच्छा समय
ऋषिकेश घूमने के लिए अक्टूबर से मार्च का समय सबसे अच्छा माना जाता है।
इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और गंगा तट की सुंदरता देखने लायक होती है।
सावन और महाशिवरात्रि के समय भी यहां विशेष धार्मिक माहौल देखने को मिलता है।

भूतनाथ मंदिर के आसपास घूमने की जगहें
यदि आप भूतनाथ मंदिर ऋषिकेश जा रहे हैं, तो आसपास के इन स्थानों को भी देख सकते हैं।
1. राम झूला
राम झूला गंगा नदी पर बना प्रसिद्ध झूला पुल है।
2. लक्ष्मण झूला
लक्ष्मण झूला ऋषिकेश का एक ऐतिहासिक और लोकप्रिय पर्यटन स्थल है।
3. त्रिवेणी घाट
त्रिवेणी घाट शाम की गंगा आरती के लिए प्रसिद्ध है।
भूतनाथ मंदिर से जुड़े रोचक तथ्य
- यह मंदिर कई मंजिलों में बना हुआ है
- यहां हर मंजिल पर अलग-अलग देवी-देवताओं की मूर्तियां हैं
- मंदिर की ऊंचाई से गंगा नदी का शानदार दृश्य दिखाई देता है
- यह ऋषिकेश के सबसे शांत और आध्यात्मिक स्थानों में से एक है
भूतनाथ मंदिर यात्रा के लिए टिप्स
यदि आप भूतनाथ मंदिर ऋषिकेश जाने की योजना बना रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
- सुबह के समय दर्शन करना बेहतर रहता है
- आरामदायक जूते पहनें क्योंकि कुछ दूरी पैदल चलना पड़ सकता है
- मंदिर परिसर में शांति बनाए रखें
- गंगा तट की स्वच्छता का ध्यान रखें
निष्कर्ष
भूतनाथ मंदिर ऋषिकेश केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा और प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत संगम है। यहां आकर श्रद्धालु भगवान शिव की भक्ति के साथ-साथ गंगा तट की दिव्य शांति का अनुभव करते हैं।
यदि आप ऋषिकेश घूमने की योजना बना रहे हैं, तो भूतनाथ मंदिर जरूर जाएं। यहां का शांत वातावरण, भव्य मंदिर संरचना और आध्यात्मिक माहौल आपकी यात्रा को यादगार बना देगा।
FAQs
1. भूतनाथ मंदिर कहां स्थित है?
भूतनाथ मंदिर उत्तराखंड के ऋषिकेश में गंगा नदी के किनारे स्थित है।
2. भूतनाथ मंदिर किस देवता को समर्पित है?
यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है।
3. भूतनाथ मंदिर में कितनी मंजिलें हैं?
भूतनाथ मंदिर कई मंजिलों वाला मंदिर है और हर मंजिल पर अलग-अलग देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं।
4. भूतनाथ मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
अक्टूबर से मार्च का समय यहां घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।
5. क्या भूतनाथ मंदिर में विशेष त्योहार मनाए जाते हैं?
हाँ, यहां महाशिवरात्रि और सावन के दौरान विशेष पूजा और उत्सव मनाए जाते हैं।
Meta Title: भूतनाथ मंदिर ऋषिकेश: इतिहास, दर्शन, यात्रा गाइड
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Dehradun
गैरसैंण सत्र से पहले 24 को देहरादून में होगी कार्यमंत्रणा की बैठक, प्रीतम सिंह ने उठाए सवाल

Uttarakhand News : 27 अक्टूबर से गैरसैंण में विधानसभा सत्र होना है। जिसके लिए तैयारियां जोरों पर हैं। सत्र से पहले 24 अक्टूबर को देहरादून में विधानसभा की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक बुलाई गई है। देहरादून में बैठक बुलाने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह ने सवाल उठाए हैं।
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गैरसैंण सत्र से पहले 24 को देहरादून में होगी कार्यमंत्रणा की बैठक
उत्तराखंड में 27 और 28 अक्टूबर को भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में विधानसभा सत्र प्रस्तावित है। सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही और एजेंडा तय करने के लिए 24 अक्टूबर को देहरादून में विधानसभा की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक बुलाई गई है। इस फैसले पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने सवाल उठाते हुए इसे सरकार की कथनी और करनी में अंतर बताया है।
गैरसैंण में ही क्यों नहीं हो सकती कार्यमंत्रणा की बैठक
प्रीतम सिंह ने कहा कि एक ओर राज्य सरकार गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बताकर वहां विधानसभा सत्र आयोजित करने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर सत्र की कार्यवाही तय करने वाली महत्वपूर्ण समिति की बैठक देहरादून में रखी गई है। उन्होंने इस निर्णय को विरोधाभासी बताते हुए कहा कि जब विधानसभा सत्र भराड़ीसैंण में होना है, तो कार्य मंत्रणा समिति की बैठक भी वहीं आयोजित की जानी चाहिए।
गैरसैंण में सत्र आयोजित करना अब रह गया केवल औपचारिकता
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करना अब केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। उनके अनुसार, सरकार गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में विकसित करने और वहां राजधानी के अनुरूप सुविधाएं तैयार करने को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है।

प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने का श्रेय तो लेती है, लेकिन वहां नियमित रूप से विधानसभा सत्र आयोजित करने और जरूरी व्यवस्थाएं विकसित करने के मामले में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाती। उन्होंने इसे सरकार के दोहरे रवैये का उदाहरण बताया।
दो दिन के सत्र पर भी उठाए सवाल
प्रीतम सिंह ने विधानसभा सत्र केवल दो दिनों तक आयोजित किए जाने पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, पलायन और आपदा प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन पर सदन में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने सवाल किया कि इतने अहम विषयों पर केवल दो दिन के सत्र में सार्थक और व्यापक चर्चा कैसे हो सकेगी। कांग्रेस नेता ने सरकार से सत्र की अवधि और उसमें प्रदेश की प्रमुख समस्याओं पर होने वाली चर्चा को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
Dehradun
अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में उर्मिला सनावर का फिर होगा नार्को टेस्ट, CBI ने दिया नोटिस

Dehradun News : अंकिता भंडारी हत्याकांड में अभिनेत्री उर्मिला सनावर का फिर से नार्को टेस्ट होगा। उर्मिला ने दावा किया है कि सीबीआई की ओर से उन्हें नार्को टेस्ट के संबंध में नोटिस दिया गया है। उन्होंने कहा कि वो इस प्रक्रिया के लिए अपनी सहमति दे चुकी हैं और जांच में शामिल होने के लिए तैयार हैं।
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अंकिता मामले में उर्मिला सनावर का फिर होगा नार्को टेस्ट
उर्मिला सनावर के मुताबिक सीबीआई ने उन्हें शुक्रवार सुबह 10:30 बजे देहरादून बुलाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह निर्धारित समय पर पहुंचेंगी। हालांकि, उन्होंने नोटिस जारी किए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें इससे पहले कोई सूचना नहीं दी गई थी।
दुष्यंत गौतम और सुरेश राठौर से जुड़े सवाल पूछे जाने का दावा
उर्मिला सनावर का कहना है कि रविवार को सीबीआई की एक टीम उनके घर पहुंची थी। इस दौरान उनसे कई विषयों पर पूछताछ की गई। उनके दावे के मुताबिक, पूछताछ में दुष्यंत गौतम और सुरेश राठौर से संबंधित सवाल भी शामिल थे। इसके अलावा, जांच टीम ने उनसे उनके पास मौजूद साक्ष्यों के स्रोत के बारे में भी जानकारी मांगी।

54 करोड़ रुपये के ऑफर मिलने का दावा
उर्मिला सनावर ने दावा किया कि उन्हें 54 करोड़ रुपये तक के ऑफर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और दोषियों को सजा मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने नार्को टेस्ट को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्हें सच्चाई सामने आने का डर नहीं है और वह जांच में सहयोग करेंगी। हालांकि, उन्होंने आशंका जताई कि यदि इस प्रक्रिया के दौरान उनके साथ कोई अनहोनी होती है या साक्ष्यों को नष्ट करने की कोशिश की जाती है, तो इसके लिए सीबीआई और प्रदेश सरकार जिम्मेदार होंगी।
नोटिस की प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
उर्मिला का कहना है कि रविवार को उनसे एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराए गए थे। इसके बाद रात में दोबारा नोटिस दिए जाने का दावा करते हुए उन्होंने पूरी प्रक्रिया पर संदेह जताया। फिलहाल, नार्को टेस्ट को लेकर उनके बयान और जांच की प्रक्रिया इस मामले में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
Pauri
कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर भदालीखाल के पास खाई में गिरी बस, मौके पर मची चीख-पुकार

Pauri News : कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर भदालीखाल के पास बस अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। जिस से बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
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कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर भदालीखाल के पास खाई में गिरी बस
कोटद्वार से पौड़ी-श्रीनगर जा रही गढ़वाल मोटर ओनर्स यूनियन (जीएमओयू) की एक बस बुधवार को भदालीखाल के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। करीब 30 यात्रियों को लेकर जा रही बस अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खाई में जा गिरी। हालांकि, बस एक पेड़ से टकराकर रुक गई, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हादसे में एक-दो यात्रियों को हल्की चोटें आने की सूचना है।
अचानक बस का प्रेशर पाइप फटने से हुआ हादसा
मिली जानकारी के मुताबिक जीएमओयू की हिमगिरी बस बुधवार दोपहर करीब एक बजे कोटद्वार से पौड़ी-श्रीनगर के लिए रवाना हुई थी। बस का संचालन कोटद्वार निवासी अशोक ममगाईं कर रहे थे। चालक के मुताबिक, बस में करीब 30 यात्री सवार थे।

दुगड्डा से आगे गुमखाल के बीच भदालीखाल के पास अचानक बस का प्रेशर पाइप फट गया। इसके चलते बस आगे नहीं बढ़ पाई। सड़क पर पीछे की ओर ढलान होने के कारण बस पर नियंत्रण नहीं रह सका और वह बाईं तरफ खाई में जा गिरी। इस दौरान बस एक पेड़ से टकराकर रुक गई।
हादसे के बाद यात्रियों में कुछ देर के लिए मची अफरा-तफरी
दुर्घटना की सूचना मिलते ही दुगड्डा और गुमखाल चौकियों के साथ लैंसडौन कोतवाली से पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला।
हादसे के बाद यात्रियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, बस के पेड़ से टकराकर रुक जाने और सभी यात्रियों के सुरक्षित बाहर निकलने से राहत मिली। शुरुआती जानकारी के अनुसार, किसी यात्री के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।
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