Haryana
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के पिताजी को दी श्रद्धांजलि , परिवार के प्रति जताईं अपनी संवेदनाएं…..

गुरुग्राम : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के गुरुग्राम स्थित आवास पर पहुंचकर उनके दिवंगत पिताजी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और उनके परिवारजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की और उनके साथ इस कठिन समय में खड़े होने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा, “ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें।” उन्होंने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी और इस दुखद घड़ी में उनके साथ अपनी पूरी सहानुभूति व्यक्त की।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह समय अत्यंत दुखद है और उनका दिल पूरी तरह से भूपेंद्र यादव और उनके परिवार के साथ है। उन्होंने इस मौके पर केंद्रीय मंत्री के साथ कुछ समय बिताते हुए शोक संतप्त परिवार को संबल देने की कोशिश की।
धामी ने दिवंगत पिताजी के प्रति अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई। इस भावुक मौके पर मुख्यमंत्री धामी का शोक संवेदना व्यक्त करना और उनके परिवार के प्रति एकजुटता दिखाना विशेष रूप से सराहा गया।
Dehradun
कुरूक्षेत्र की भूमि से हुआ है धर्म, कर्तव्य, सत्य, निष्काम कर्म और आत्मोन्नति का संदेश सम्पूर्ण मानव समाज में प्रवाहित- धामी

कुरूक्षेत्र की भूमि से हुआ है धर्म, कर्तव्य, सत्य, निष्काम कर्म और आत्मोन्नति का संदेश सम्पूर्ण मानव समाज में प्रवाहित- धामी
हरियाणा / देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज कुरूक्षेत्र, हरियाणा में अन्तर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्म क्षेत्र कुरुक्षेत्र की पवित्र भूमि पर भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जो दिव्य उपदेश प्रदान किया, वही श्रीमद्भगवद्गीता के रूप में मानवता का शाश्वत ज्ञान बनकर पूरे विश्व को दिशा दिखा रहा है। इस भूमि से धर्म, कर्तव्य, सत्य, निष्काम कर्म और आत्मोन्नति का संदेश सम्पूर्ण मानव समाज में प्रवाहित हुआ। इस भव्य महोत्सव के माध्यम से गीता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए उन्होंने हरियाणा सरकार एवं स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद् भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन की कालजयी मार्गदर्शिका है। यह एक ऐसा दिव्य प्रकाशपुंज है, जिसमें मनुष्य के आचरण, चिंतन, कर्तव्य, भक्ति, ज्ञान और जीवन व्यवहार का अद्वितीय संकलन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे बचपन से ही गीता का अनुसरण करते हैं। पहले गीता के सार के कथनों के माध्यम से समझते थे, वे अपने प्रत्येक निर्णय, कर्म और जीवन के हर मोड़ पर गीता के उपदेशों को अपने मार्गदर्शक के रूप में रखते हैं। उन्होंने कहा कि समाज के कल्याण के लिए किया गया कार्य ही सबसे बड़ा धर्म है। यह संदेश उन्हें सदैव प्रेरणा देता है कि व्यक्तिगत लाभ, स्वार्थ और अहंकार से ऊपर उठकर निष्काम भाव से समाज, राष्ट्र और संपूर्ण मानवता की सेवा करना ही जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक युग में भौतिकता की दौड़ में जब मानव जीवन जटिल और तनावपूर्ण हो गया है, ऐसे समय में गीता का संदेश और भी अधिक प्रासांगिक हो गया है। गीता के 18 अध्याय हमें किसी न किसी योग की शिक्षा अवश्य देते हैं। गीता में बताए गए सभी सूत्र जीवन को संतुलित, उद्देश्यपूर्ण और उच्चतम नैतिक आदर्शों के अनुरूप बनाने का शाश्वत मार्गदर्शन देते हैं। गीता की इसी सार्वभौमिकता के कारण आज विश्व के बड़े-बड़े विश्वविद्यालयों में गीता पर शोध हो रहे हैं। आज दुनियाभर में श्रीमद्भगवद्गीता को लीडरशिप, मैनेजमेंट और आत्मशांति के ग्रंथ के रूप में स्वीकार किया जा रहा है। गीता से हमें न केवल जीवन जीने का व्यावहारिक ज्ञान मिलता है, बल्कि जीवन की प्रत्येक चुनौती को अवसर में बदलने की प्रेरणा भी प्राप्त होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता के महत्त्व को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड सरकार ने राज्य के सभी विद्यालयों में प्रतिदिन गीता के श्लोकों के पाठ को अनिवार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है। हमारे गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को आज न केवल पुनर्स्थापित किया जा रहा है, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय चेतना का आधार भी बनाया जा रहा है। हमें अपने सांस्कृतिक मूल्यों, परंपराओं और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर गर्व है। आज हमारी सनातन संस्कृति की पताका संपूर्ण विश्व में गर्व से लहरा रही है और भारत अपनी जड़ों से जुड़ते हुए पुनः विश्वगुरु बनने की ओर तेजी से अग्रसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड संपूर्ण भारत के नागरिकों के लिए आस्था, विश्वास और संस्कृति का पवित्र केंद्र है। देवभूमि के सांस्कृतिक मूल्यों और मूल स्वरूप को बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ने राज्य में जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कठोर कानून लागू किया है। उत्तराखंड में एक सख्त दंगारोधी कानून भी बनाया है। 10 हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। देश में सबसे पहले उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता कानून लागू कर सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून की स्थापना की है।
इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, अवधेशानन्द जी महाराज, कुमार ऋषि, जैन समाज, स्वामी लोकेश मुनि, बाबा भूपेन्द्र, कपिल पुरी जी महाराज एवं अनेक संतगण मौजूद थे।
Breakingnews
पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला का निधन, 89 वर्ष की आयु में गुरुग्राम में ली अंतिम सांस…..

हरयाणा : इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के प्रमुख और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला का शुक्रवार (20 दिसंबर) को निधन हो गया। उन्होंने गुरुग्राम स्थित अपने निवास पर अंतिम सांस ली। वह 89 वर्ष के थे। ओमप्रकाश चौटाला की राजनीतिक यात्रा ने उन्हें हरियाणा की राजनीति का एक प्रमुख चेहरा बना दिया था, और वह पांच बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे।
ओमप्रकाश चौटाला का मुख्यमंत्री पद पर पहला कार्यकाल 2 दिसंबर 1989 को शुरू हुआ था, जो 171 दिनों तक चला। इसके बाद, उन्होंने 12 जुलाई 1990 को फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, लेकिन इस बार उनका कार्यकाल केवल पांच दिन का था। चौटाला की तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने की यात्रा 22 मार्च 1991 को शुरू हुई, लेकिन उनका कार्यकाल केवल 15 दिनों का रहा।
ओमप्रकाश चौटाला ने फिर 24 जुलाई 1999 को चौथी बार मुख्यमंत्री पद संभाला और 2 मार्च 2000 तक इस पद पर रहे। उनके अंतिम कार्यकाल की शुरुआत 2000 में हुई और उन्होंने 2005 तक मुख्यमंत्री के रूप में पांच साल का कार्यकाल पूरा किया।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इनेलो सुप्रीमो और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “इनेलो सुप्रीमो एवं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी ओमप्रकाश चौटाला का निधन अत्यंत दुःखद है। मेरी ओर से उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
Automobile
अक्षम पाए गए 182 शिक्षक और कर्मियों को अनिवार्य रिटायरमेंट का नोटिस जारी…

देहरादून: उत्तराखंड शिक्षा विभाग ने शारीरिक और मानसिक रूप से अक्षम 182 शिक्षक और कार्मिकों के खिलाफ अनिवार्य रिटायरमेंट की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग ने इन शिक्षकों और कर्मचारियों की पहचान करने के बाद उन्हें नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्हें अनिवार्य रिटायरमेंट से पहले अपना पक्ष रखने का समय दिया जा रहा है।
शिक्षा महानिदेशक झरना कामठान ने बताया कि यह कदम राज्य सरकार की स्वास्थ्य और कार्यक्षमता के आधार पर कर्मचारियों की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन करने के निर्देश के तहत उठाया गया है। विभाग द्वारा चिन्हित किए गए ये शिक्षक और कार्मिक शारीरिक या मानसिक रूप से अक्षम पाए गए हैं, जिनकी कार्यक्षमता सामान्य शैक्षिक दायित्वों के निर्वहन में प्रभावी नहीं रही है।
अपना पक्ष रखने का अवसर
इन 182 शिक्षक और कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है, जिसमें उन्हें विभाग द्वारा निर्धारित समय के भीतर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जा रहा है। यदि कोई शिक्षक या कर्मी इस निर्णय पर आपत्ति जताता है, तो उसकी समीक्षा की जाएगी और अंतिम निर्णय लेने से पहले सभी तथ्यों को ध्यान में रखा जाएगा।
#Dehradun #EducationDepartment #RetirementNotice #TeachersRetirement #PhysicallyChallengedEmployees #UttarakhandEducation #RetirementProcess #MentalHealth #EducationImprovement #EmployeeRights
Breakingnews23 hours agoटिहरी में बड़ा सड़क हादसा, खाई में गिरा वाहन, अंतिम संस्कार से लौट रहे 8 लोगों की मौत
big news24 hours agoकेदारनाथ दर्शन के लिए आए यात्री की मौत, समय पर नहीं पहुंची मेडिकल टीम, परिजनों ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की खोली पोल
CHAR DHAM YATRA5 hours agoचारधाम यात्रा की गरिमा से खिलवाड़ पर एक्शन, भ्रामक खबर फैलाने पर 3 पर FIR दर्ज
big news4 hours agoअचानक छा जाएगा अंधेरा, बजने लगेंगे सायरन, आज रात होगा देहरादून में ब्लैक आउट
Tehri Garhwal5 hours agoटिहरी हादसे पर राष्ट्रपति और PM मोदी ने जताया गहरा दुख, पीएमएनएफ से आर्थिक सहायता की घोषणा
Cricket4 hours agoDC vs PBKS Dream11 Team Match 35 IPL 2026: दिल्ली बनाम पंजाब – फैंटेसी क्रिकेट प्रेडिक्शन, पिच रिपोर्ट और प्रो टिप्स..
Cricket4 hours agoRR vs SRH Dream11 Team Prediction Match 36 IPL 2026: जयपुर के मैदान पर कौन मारेगा बाजी? जानें बेस्ट प्लेइंग XI और फैंटेसी टिप्स
big news2 hours agoहिमाचल के उद्योगपति ने बद्री-केदार में सुविधाओं के लिए दान किए 1 करोड़, डॉक्टर महिंद्र शर्मा पहले भी कर चुके हैं दान






































