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देहरादून: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की प्रस्तावित यात्रा के लिए तैयारियाँ तेज़, 132 एकड़ में बन रहा राष्ट्रपति उद्यान और हॉर्स राइडिंग एरीना

देहरादून: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की प्रस्तावित दून यात्रा को लेकर राष्ट्रपति सचिवालय के अतिरिक्त सचिव डॉ. राकेश गुप्ता ने देहरादून में अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में डॉ. गुप्ता ने राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को लेकर की जा रही तैयारियां की समीक्षा करते हुए कहा कि राष्ट्रपति की परिसंपत्तियों के अंतर्गत देहरादून में बनाए जा रहे राष्ट्रपति उद्यान सहित अन्य निर्माणाधीन कार्यों को तय समय में पूरा किया जाय।

राष्ट्रपति निकेतन में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी देहरादून डॉ. सबिन बंसल, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून अजय सिंह, मुख्य नगर अधिकारी देहरादून नमामि बसंल सहित अनेक अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में राष्ट्रपति के निकट भविष्य में देहरादून के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम की रूपरेखा एवं प्रेजीडेंट्स इस्टेट के भीतर संचालित परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई।
132 एकड़ में आकार ले रहा है अनूठा राष्ट्रपति उद्यान
राष्ट्रपति संपदाओं को “राष्ट्र का भवन” बनाने की महत्वपूर्ण पहल के चलते देहरादून में राष्ट्रपति निकेतन एवं राष्ट्रपति तपोवन की स्थापना के बाद राष्ट्रपति उद्यान के निर्माण की महत्वपूर्ण परियोजना का कार्य तेजी से जारी है। 132 एकड़ के विशाल क्षेत्रफल में बन रहा राष्ट्रपति उद्यान के कार्यों को अगले वर्ष तक पूरा करने का लक्ष्य है।

राष्ट्रपति उद्यान की परिकल्पना सुगम्यता, सततता और सामुदायिक सहभागिता के सिद्धांतों पर आधारित है। जनसहभागिता, संस्कृति और नागरिक गौरव के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किए जा रहे इस उद्यान के भीतर थीम आधारित फूलों और वनस्पतियों के बाग, तितली गृह और पक्षीशाला, सुरम्य झील जैसे प्रमुख आकर्षण होंगे। देश का दूसरा सबसे ऊॅंचा राष्ट्रीय ध्वज स्तंभ इस उद्यान की पहचान का अहम हिस्सा होगा। उद्यान में पैदल एवं साईकिल ट्रैक, सांस्कृतिक गतिविधियों हेतु आठ सौ से अधिक लोगों की क्षमता का एक मुक्ताकाशी रंगमंच, सार्वजनिक पुस्तकालय एवं फूड प्लाजा की भी व्यवस्था होगी।
राष्ट्रपति निकेतन परिसर में हॉर्स राइडिंग एरीना के रूप में एक नया आकर्षण, पहाड़ी वास्तुशिल्प की छाप वाले फुटओवर ब्रिज का निर्माण पूरा
राष्ट्रपति निकेतन परिसर के भीतर घुड़ सवारी क्षेत्र (हॉर्स राइडिंग एरीना) का एक नया आकर्षण भी जल्द आम लोगों के अवलोकन के लिए उपलब्ध जाएगा। जहां पर आम लोग प्रेजीडेंट्स बॉडीगार्ड के घोड़ों की सवारी एवं देखभाल के तौर-तरीकों का नजदीक से साक्षात्कार कर सकेंगे। इस एरीना में राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली से प्रेसिडेंट्स बॉडीगार्ड के 6 घोड़े लाए जा रहे हैं। यह घोड़े प्रेजीडेंट्स बॉडीगार्ड की गरिमा और परंपरा के गौरवशाली प्रतीक रहे हैं।

इन परिसरों तक आगंतुकों के सुगम व सुरक्षित पैदल आवागमन के लिए राजपुर रोड पर लोक निर्माण विभाग ( उत्तराखंड ) द्वारा फुट ओवर ब्रिज का निर्माण किया गया है। पारंपरिक पर्वतीय वास्तुशिल्प की छाप वाले इस फुटओवर ब्रिज पर के दोनों तरफ लिफ्ट की भी सुविधा उपलब्ध कराई गई है। 32 मीटर लंबे तथा चार मीटर चौड़ाई वाले इस फुट ओवर ब्रिज का निर्माण छः माह के भीतर पूरा किया गया है।
राष्ट्रपति सचिवालय के जन संपर्क अधिकारी कुमार समरेश ने बताया कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू की आगामी प्रस्तावित यात्रा के दौरान नवनिर्मित हॉर्स राइडिंग एरीना एवं ओवर फुट ब्रिज का लोकार्पण किए जाने की संभावना है।
जनता के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा राष्ट्रपति निकेतन और राष्ट्रपति तपोवन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा राष्ट्रपति निकेतन और राष्ट्रपति तपोवन का गत 20 जून को लोकार्पण किया गया था। यह दोनों स्थल पर्यटकों एवं स्थानीय निवासियों के बीच आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। राष्ट्रपति सचिवालय के जन संपर्क अधिकारी कुमार समरेश ने बताया कि बीते चार माह में राष्ट्रपति निकेतन में 4,753 लोगों ने तथा राष्ट्रपति तपोवन में 15,567 लोगों ने भ्रमण किया। उन्होंने बताया कि निर्माणधीन राष्ट्रपति उद्यान में प्रतिवर्ष 20 लाख लोगों के आने का अनुमान है।
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उत्तराखण्ड पुलिस को मिला ‘Institutional Performance Award’, बढ़ाया प्रदेश का मान

Dehradun News : उत्तराखण्ड पुलिस को वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पासपोर्ट आवेदनों के सत्यापन में उत्कृष्ट और प्रभावी कार्य निष्पादन के लिए भारत सरकार द्वारा “Institutional Performance Award for State Police” से सम्मानित किया गया है। ये प्रतिष्ठित सम्मान देशभर में पासपोर्ट आवेदनों के पुलिस सत्यापन संबंधी प्रदर्शन के आधार पर प्रदान किया गया।
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उत्तराखण्ड पुलिस को मिला ‘Institutional Performance Award’
नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय के जवाहरलाल नेहरू भवन में शुक्रवार को आयोजित समारोह में माननीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस की ओर से ए. पी. अंशुमान, अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन को ये सम्मान प्रदान किया गया।
पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया को सरल बानने के प्रयासों का परिणाम
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने बताया कि ये सम्मान उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया को समयबद्ध, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए किए गए सतत प्रयासों का परिणाम है।

पुलिस मुख्यालय द्वारा सभी जनपदों में पासपोर्ट सत्यापन कार्यों की नियमित समीक्षा, तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग व निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण सत्यापन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। जिसके फलस्वरूप उत्तराखण्ड पुलिस ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
उत्तराखण्ड पुलिस को सीएम धामी ने दी बधाई
माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड, पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि के लिए उत्तराखण्ड पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह उपलब्धि उसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सफलता का प्रतीक है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी उत्तराखण्ड पुलिस नागरिक सेवाओं के क्षेत्र में इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाती रहेगी।
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देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 4,400 श्रमिकों को वितरित किए 11 करोड़ रुपये

Dehradun News : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के 4400 से अधिक श्रमिक लाभार्थियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से लगभग 11 करोड़ रुपये की धनराशि का अंतरण किया।
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CM धामी ने 4,400 श्रमिकों को वितरित किए 11 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बोर्ड की विवाह उपरांत सहायता, मृत्यु उपरांत अनुदान, प्रसूति सुविधा तथा शिक्षा सहायता योजनाओं के लाभाथियों के खाते में वन क्लिक के माध्यम से यह राशि वितरित की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग को निर्देश दिए कि श्रमिक कल्याण योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा विभिन्न क्षेत्रों में शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों को योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के कार्यस्थलों के निकट ही आवश्यक सामग्री वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे उन्हें सुविधाजनक तरीके से लाभ मिल सके।

श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए लगाएं जाएं शिविर
मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण, उनके आश्रित बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहन और जीवनोपयोगी सामग्री के वितरण हेतु विशेष शिविरों के आयोजन पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी योजनाओं के संचालन में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने और सूचना प्रौद्योगिकी के अधिकाधिक उपयोग के निर्देश दिए। साथ कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि केवल पात्र श्रमिकों को ही योजना का लाभ मिले।
इस अवसर पर जानकारी दी गई कि बोर्ड द्वारा पिछले एक वर्ष में 24,323 श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से कुल 93 करोड़ 6 लाख रुपये की अनुदान राशि वितरित की जा चुकी है।
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2 जुलाई को प्रदेश में एक साथ 70 जगहों पर होगी मॉक ड्रिल, मानसून से पहले परखी जाएंगी तैयारियां

Uttarakhand News : मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए उत्तराखंड सरकार 2 जुलाई को राज्यभर में व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित करेगी। ये अभ्यास सभी 13 जिलों में लगभग 70 चिन्हित स्थानों पर किया जाएगा, ताकि राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों का आकलन किया जा सके और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।
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प्रदेश में एक साथ 70 जगहों पर होगी मॉक ड्रिल
मॉक ड्रिल की तैयारियों की समीक्षा के लिए शुक्रवार को सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में एक ओरिएंटेशन एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला स्तर के अधिकारियों को अभ्यास के सफल संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
क्षमता और आपसी तालमेल को जाएगा परखा
सचिव आपदा प्रबंधन ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मानसून सीजन से पहले सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में यह मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है, जिससे आपदा की स्थिति में विभिन्न एजेंसियों की प्रतिक्रिया क्षमता और आपसी तालमेल को परखा जा सके।

2 जुलाई को होने वाली ये मॉक ड्रिल बेहद अहम
बैठक के दौरान अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (प्रशासन) प्रकाश चंद्र ने निर्देश दिए कि एटीआई नैनीताल से आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके सरकारी कर्मचारियों का एक विस्तृत डाटाबेस तैयार किया जाए। साथ ही ऐसे कर्मचारियों को आपदा के समय ‘प्रथम प्रतिक्रियादाता’ (फर्स्ट रिस्पॉन्डर) के रूप में तैयार करने की दिशा में भी कार्य किया जाए।
राज्य सरकार का मानना है कि समय रहते की गई तैयारी और नियमित अभ्यास आपदा के दौरान जनहानि व नुकसान को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 2 जुलाई को होने वाली ये मॉक ड्रिल इसी दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।







































