Tehri Garhwal
25 साल बाद भी विकास की राह देख रहा ये गांव, डंडी-कंडी के सहारे चल रही स्वास्थ्य व्यवस्था

टिहरी गढ़वाल : उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्षों बाद जहाँ एक ओर पूरे प्रदेश भर में रजत जयंती समारोह धूम धाम से मनाया गया, वहीँ दूसरी ओर टिहरी जनपद से एक निराशाजनक खबर सामने आ रही है। घनसाली विधानसभा के अंतर्गत भिलंगना ब्लॉक के दूरस्थ क्षेत्र नैलचामी के धारगांव में बुधवार को एक बीमार बुजुर्ग को डंडी कंडी के सहारे कई किलोमीटर दूर अस्पताल ले जाना पड़ा।
डंडी कंडी के सहारे चल रही पहाड़ में स्वास्थ्य व्यवस्था
टिहरी जिले के घनसाली विधानसभा के अंतर्गत भिलंगना ब्लॉक के दूरस्थ क्षेत्र धारगांव में लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं की राह देख रहे हैं। क्षेत्र में रोड़ कनेक्टिविटी न होने के कारण ग्रामीणों को लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। बुधवार को धारगांव नैलचामी में एक बुजुर्ग प्रेम सिंह पंवार की तबीयत अचानक ख़राब हो गई। सड़क कनेक्टिविटी न होने के कारण ग्रामीणों को मज़बूरी में उन्हें डंडी कंडी के सहारे कई किलोमीटर दूर सड़क तक ले जाना पड़ा। जिसके बाद ही उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा जा सका।
25 साल बाद भी लोग देख रहे मूलभूत सुविधाओं की राह
ग्रामीणों के अनुसार गाँव में अभी तक मात्र पांच प्रतिशत पलायन हुआ है बाकी 95 फीसदी लोग आज भी अपने गाँव में ही हैं। लेकिन फिर भी गांव मूलभूत सुविधाओं के धुंधले सपने देख रहा है। ये पहला मौका नहीं है जब किसी किसी मरीज या गर्भवती महिला को इस तरह ले जाना पड़ा हो। अक्सर किसी भी मेडिकल इमरजेंसी के दौरान गांव के लोग इसी तरह से लोगों को इलाज के लिए पहुंचाते हैं।
ग्रामीणों ने की जल्द ही सड़क निर्माण की मांग
ग्रामीणों ने कहा जहाँ एक ओर देश ओर प्रदेश भर में विकास की बातें दोहराई जा रही हैं वहीँ नैलचामी का धारगांव आज भी मूलभूत सुविधाओं की राह देख रहा है। उन्होंने प्रशासन और सरकार से जल्द ही मोटर मार्ग निर्माण के संबंध में कार्य करने की मांग की है ताकि उन्हें बार-बार इस तरह की मुश्किलों का सामना न करना पड़े।
Uttarakhand
डोबरा-चांटी मोटर मार्ग बदहाल, गड्ढों से बढ़ा हादसों का खतरा; लोगों ने PWD से लगाई मरम्मत की गुहार
Dobra Chanti Motor Road: प्रतापनगर की जीवनरेखा बनी परेशानी
उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के प्रतापनगर क्षेत्र की Dobra Chanti Motor Road इन दिनों बदहाल स्थिति में पहुंच गई है। सड़क पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
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जगह-जगह बने गहरे गड्ढे, सफर हुआ मुश्किल
स्थानीय लोगों के अनुसार डोबरा-चांटी मोटर मार्ग पर लंबे समय से मरम्मत कार्य नहीं हुआ है। सड़क की ऊपरी परत पूरी तरह उखड़ चुकी है और कई स्थानों पर बड़े गड्ढे बन गए हैं। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को बेहद सावधानी से गुजरना पड़ रहा है।
बरसात के दौरान जलभराव के कारण गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे वाहन फिसलने और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
कई बार की गई शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति को लेकर कई बार लोक निर्माण विभाग (PWD) और प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक सड़क की मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग प्रतिदिन सैकड़ों लोगों की आवाजाही का मुख्य रास्ता है। स्कूली बच्चों, मरीजों, कर्मचारियों और व्यापारियों सहित बड़ी संख्या में लोग इसी सड़क का उपयोग करते हैं।
क्षेत्रवासियों ने उठाई मरम्मत की मांग
क्षेत्रवासियों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और जिला प्रशासन से डोबरा-चांटी मोटर मार्ग की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो बरसात के मौसम में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
लोगों ने प्रशासन से सड़क की स्थिति का जल्द निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू कराने की अपील की है, ताकि आम जनता को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
FAQ’S
प्रश्न 1: डोबरा-चांटी मोटर मार्ग कहाँ स्थित है?
उत्तर: डोबरा-चांटी मोटर मार्ग उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के प्रतापनगर क्षेत्र में स्थित है। यह कई गांवों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है।
प्रश्न 3: डोबरा-चांटी मोटर मार्ग की खराब स्थिति से लोगों को क्या परेशानियां हो रही हैं?
उत्तर: वाहन चालकों और राहगीरों को गड्ढों, उखड़ी हुई सड़क और जलभराव के कारण रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग अधिक जोखिमभरा बन गया है।
प्रश्न 4: डोबरा-चांटी मार्ग स्थानीय लोगों की क्या मांग है?
उत्तर: क्षेत्रवासियों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और प्रशासन से डोबरा-चांटी मोटर मार्ग की जल्द से जल्द मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन मिल सके।
प्रश्न 5: डोबरा-चांटी मार्ग की मरम्मत क्यों जरूरी है?
उत्तर: यह मार्ग प्रतिदिन सैकड़ों लोगों की आवाजाही का मुख्य रास्ता है। समय पर मरम्मत होने से दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी और स्थानीय लोगों को सुरक्षित एवं बेहतर यातायात सुविधा मिल सकेगी।
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केतन हत्याकांड में आया बड़ा मोड़, मृतक और उसके दोस्त खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज
Tehri Garhwal
केतन हत्याकांड में आया बड़ा मोड़, मृतक और उसके दोस्त खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज

Tehri News : टिहरी के बहुचर्चित केतन हत्याकांड में अब बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। जिस केतन लाल की हत्या को लेकर प्रदेशभर में चर्चा हुई थी, अब उसी मामले में मृतक केतन लाल और उसके दोस्त दिवाकर डिमरी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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केतन हत्याकांड में आया बड़ा मोड़
बहुचर्चित केतन हत्याकांड में अब मृतक और उसके दोस्त दिवाकर डिमरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है। मिली जानकारी के मुताबिक ये कार्रवाई हाईकोर्ट के निर्देश पर किशोरी के मेडिकल परीक्षण और उसकी मां की शिकायत के बाद की गई है। मेडिकल रिपोर्ट में कथित तौर पर दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद लंबगांव थाने में नया मुकदमा दर्ज किया गया।
मृतक और उसके दोस्त खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज
गौरतलब है कि 7 जून को टिहरी जिले के तापनगर क्षेत्र में अनुसूचित जाति के युवक केतन लाल की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। आरोप था कि सवर्ण समुदाय की एक किशोरी से दोस्ती के कारण उसे और उसके दोस्त दिवाकर डिमरी को घर बुलाया गया, जहां घटना हुई।
इस मामले में पहले ही हत्या और एससी/एसटी एक्ट के तहत किशोरी के पिता, दादा समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। लेकिन अब मामले में एक नया कानूनी पहलू जुड़ने से जांच की दिशा और भी अहम हो गई है।

किशोरी की मां द्वारा हाईकोर्ट में दायर की थी याचिका
पुलिस का कहना है कि किशोरी की मां द्वारा नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। अदालत के आदेश पर मेडिकल परीक्षण कराया गया। जिसके बाद मिली रिपोर्ट और मां की तहरीर के आधार पर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में नया मुकदमा दर्ज किया गया है।
मामले की जांच जारी
जांच अधिकारी का कहना है कि मामले की विवेचना तेज कर दी गई है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी कहा है कि विवेचना के दौरान आवश्यकता पड़ने पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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पैदल ही देवल गांव पहुंचे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद, केतन लाल के परिजनों से की मुलाकात

Tehri News : नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद मंगलवार को आखिरकार प्रतापनगर के देवल गांव पहुंचे। यहां उन्होंने दिवंगत केतन लाल के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
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पैदल ही देवल गांव पहुंचे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद
भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद पैदल ही टिहरी के देवल गांव पहुंचे। जहां उन्होंने दिवंगत केतन लाल के परिजनों से मुलाकात की। परिजनों से बातचीत के बाद सांसद ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की और परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
केतन लाल के परिजनों से की मुलाकात
गौरतलब है कि प्रतापनगर ब्लॉक के देवल गांव निवासी केतन लाल की 8 जून को कथित मारपीट के बाद मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने केतन लाल की बहनों से भी मुलाकात की।
28 जून को सुरक्षा कारणों के चलते हरिद्वार में गया था रोक
इससे पहले 28 जून को चंद्रशेखर आजाद मृतक के परिवार से मिलने के लिए प्रतापनगर जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें हरिद्वार में ही रोक दिया था। इसके विरोध में उन्होंने वहीं धरना दिया। बाद में पुलिस की ओर से 30 जून को परिवार से मुलाकात कराने का आश्वासन मिलने पर उन्होंने धरना समाप्त कर दिया था।

बारिश के बीच करीब तीन किलोमीटर चले पैदल
मंगलवार को एक बार फिर वो समर्थकों के काफिले के साथ प्रतापनगर के लिए रवाना हुए। हालांकि, पुलिस ने हरिद्वार में उन्हें फिर रोक लिया और सीमित संख्या में लोगों के साथ आगे जाने की अनुमति दी। रास्ते में भद्रकाली और बाद में नरेंद्रनगर क्षेत्र में समर्थकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस ने दोबारा रोक लगाया।
इससे नाराज सांसद अपने कुछ समर्थकों के साथ बारिश के बीच करीब तीन किलोमीटर तक हिंडोलाखाल की ओर पैदल चल पड़े। इसके बाद वह देवल गांव पहुंचकर शोकाकुल परिवार से मिले।
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