Pithauragarh
पिथौरागढ़, चंपावत और बागेश्वर के लिए खुशखबरी! जल्द खुलने जा रहा है पासपोर्ट सेवा केंद्र

पिथौरागढ़: सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में लंबे समय से प्रतीक्षित पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK) की स्थापना की दिशा में आखिरकार ठोस पहल शुरू हो गई है। आज जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने डाक विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ मिलकर प्रस्तावित स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अस्थायी पासपोर्ट सेवा केंद्र की स्थापना कलेक्ट्रेट परिसर के पीछे की जाएगी, जहाँ वर्तमान में सहायक निदेशक (बचत कार्यालय) और जिला होमगार्ड कमांडेंट कार्यालय स्थित हैं। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने डाक विभाग और अन्य अधिकारियों के साथ पासपोर्ट केंद्र की स्थापना से जुड़ी सभी आवश्यक तकनीकी और बुनियादी जरूरतों पर विस्तार से चर्चा की।
सीमांत जिलों को मिलेगा बड़ा लाभ
जिलाधिकारी गोस्वामी ने बताया कि इस केंद्र की स्थापना से केवल पिथौरागढ़ ही नहीं, बल्कि चंपावत और बागेश्वर जनपदों के हजारों नागरिकों को लाभ मिलेगा। अब पासपोर्ट बनवाने के लिए उन्हें हल्द्वानी या अन्य शहरों की लंबी यात्राएं नहीं करनी पड़ेंगी। यह पहल सीमांत क्षेत्रों में सुगम, पारदर्शी और समयबद्ध पासपोर्ट सेवाओं को सुलभ कराने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि होगी।
अस्थायी केंद्र पहले, स्थायी की ओर अग्रसर
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक स्थायी पासपोर्ट सेवा केंद्र की व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक अस्थायी केंद्र को कलेक्ट्रेट परिसर में शीघ्र क्रियाशील किया जाएगा। इसके लिए कुछ कक्षों की पहचान कर ली गई है। वहीं स्थायी केंद्र के लिए प्रधान डाकघर परिसर के आसपास दो स्थान चिन्हित किए गए हैं। एक विकल्प वर्तमान पार्किंग स्थल को सुव्यवस्थित कर उपयोग में लाना है, जबकि दूसरा विकल्प किसी उपयुक्त नए स्थान का चयन कर स्थायी भवन का निर्माण करना है।
डाक विभाग से मिल चुकी है सैद्धांतिक सहमति
जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि हाल ही में प्राप्त एक आधिकारिक ईमेल के अनुसार, यदि जिला प्रशासन भवन और तकनीकी आवश्यकताओं की व्यवस्था सुनिश्चित करता है, तो केंद्र की स्थापना के लिए संबंधित विभाग की ओर से पूर्ण सहमति प्रदान कर दी जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कोषागार परिसर का भी भ्रमण किया और वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए बैठने की व्यवस्था और पेयजल के लिए आरओ लगाए जाने के निर्देश दिए। यह दर्शाता है कि जिला प्रशासन न केवल नई सेवाओं के विस्तार पर ध्यान दे रहा है, बल्कि मौजूदा व्यवस्थाओं को भी नागरिक हित में बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
Uttarakhand
बजरी खनन के दौरान पहाड़ी दरकने से युवक की मौत, कड़ी मशक्कत के बाद शव को निकाला गया

Pithoragarh: उत्तराखंड के सीमांत जिला मुख्यालय Pithoragarh के Berinag में एक मजदूर की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि बजरी खनन के दौरान पहाड़ी दरकने से मजदूर की मौत हुई। घटना की खबर मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को मलवे से बाहर निकाला। जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं अचानक हुए हादसे के बाद से परिजनों में कोहराम मच गया है।
Pithoragarh में बजरी खनन के दौरान मजदूर की मौत
दरअसल, शनिवार शाम Pithoragarh की Berinag तहसील मुख्यालय से करीब सात किलोमीटर दूर राईआगर के पास भंडारीगांव पैदल मार्ग पर सुंदर राम (55) पुत्र शेर राम, निवासी बोकाटी पभ्या, पहाड़ी से बजरी निकाल रहा था।इसी दौरान अचानक पहाड़ी का एक हिस्सा भरभरा कर गिर पड़ा और सुंदर राम मलबे में दब गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और परिजनों को सूचना दी।
बड़ी मुश्किल से शव को बाहर निकाला गया
सूचना मिलते ही, बेरीनाग कोतवाली प्रभारी नरेश कुमार गंगवार के नेतृत्व में पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। काफी प्रयासों के बाद मलबे से सुंदर राम को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। वरिष्ठ उप निरीक्षक हरीश कोरंगा और एएसआई शांति प्रकाश ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेरीनाग भेजा। प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।
परिवार के लिए मुआवजे की उठी मांग
मृतक सुंदर राम घोड़ों से सामान ढोकर और मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी अचानक मौत से परिवार गहरे सदमे में है। ग्राम प्रधान पभ्या संजय तिवारी ने सरकार से मृतक मजदूर के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। वहीं, एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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Pithoragarh के देवलथल में लगी भीषण आग, चार घर जलकर हुए खाक

Pithoragarh : सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में सोमवार रात देवलथल तहसील मुख्यालय में भीषण आग लग गई। आग लगने के कारण चार घर और उनमें रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया। घरों के खाक होने के कारण चारों परिवारों के पास अब कुछ भी नहीं बचा है और वो सड़क पर आ गए हैं।
Pithoragarh के देवलथल में चार घर जलकर हुए खाक
मिली जानकारी के मुताबिक पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर देवलथल तहसील के ग्राम पंचायत धुरौली में अचानक एक घर में आग लग गई। जिस से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि सबसे पहले ललित सिंह के घर पर आग लगी। आग इतनी भीषण थी कि उसने धीरे-धीरे गांव के ही गंभीर सिंह, चंदर सिंह और सुरेंद्र सिंह के मकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
घर जलने के कारण सड़क पर आए चार परिवार
आग में घर जलने के कारण चारों परिवारों के सामने सकंट आ गया है। चारों परिवार सड़क पर आ गए हैं। बताया जा रहा है कि सबसे ज्यादा नुकसान ललित सिंह को हुआ है। ललित सिंह के घर में रखा राशन, नकदी, सोने और चांदी के लाखों के गहने जलकर खाक हो गए हैं।
आग लगने के कारणों का नहीं चल सका पता
Pithoragarh के धुरौली गांव के निवासी ललित सिंह के परिवार के सदस्यों के पास अब बदन के कपड़ों के अलावा कुछ भी नहीं है। इस कड़कड़ाती ठंड में उनके पास सिर पर छत भी नहीं बची है। आग से चारों परिवारों को लाखों की क्षति होने का अनुमान है। हालांकि अब तक इस बात का पता नहीं चल सका है कि आग लगी कैसे और कैसे इसने इतना विकराल रूप ले लिया।
Pithauragarh
पिथौरागढ़ तीन भालुओं के हमले में ग्रामीण गंभीर रूप से घायल, एयर एम्बुलेंस से पहुँचाया एसटीएच हल्द्वानी
पिथौरागढ़: उत्तराखंड में लगातार बढ़ता जा रहा है मानव वन्यजीव संघर्ष, धारचूला के जयकोट में तीन भालुओं ने एक युवक को बुरी तरीके से घायल कर दिया। घायल युवक को एयर एम्बुलेंस की मदद से हल्द्वानी एसटीएच पहुंचाया गया। युवक की हालत गंभीर है और उसे आईसीयू में रखा गया है। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई है।
जयकोट में तीन भालुओं का हमला, युवक की हालत गंभीर
जानकारी के अनुसार, 35 वर्षीय नरेंद्र सिंह निवासी जयकोट किसी काम से पैदल रूंग गांव जा रहे थे। लंकारी तोक के पास अचानक से तीन भालुओं ने उन पर हमला कर दिया। सड़क किनारे काम कर रहे मजदूरों ने शोर सुनकर मौके पर पहुंचकर किसी तरह भालुओं को भगा कर नरेंद्र को छुड़ाया। उसके बाद तुरंत घायल को अस्पताल पहुँचाया गया।
एयर एम्बुलेंस की मदद से पहुँचाया गया घायल को अस्पताल
घायल की हालत को गंभीर होते देख परिजनों ने एयर एम्बुलेंस की मांग की। जिसके बाद एयर एम्बुलेंस की मदद से घायल को हल्द्वानी ले जाया जा सका। जहाँ पर उसे एसटीएच में एडमिट कर ICU में रखा गया है। ग्रामीणों के मुताबिक नरेंद्र के सिर, हाथ में गहरी चोटें आई हैं। पिथौरागढ़ के कई क्षेत्रों में भालू और गुलदार की बढ़ती गतिविधि गंभीर चिंता का विषय बन गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने और प्रभावित परिवारों को उचित सहायता प्रदान करने की मांग की है।
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