Dehradun
राज्यपाल ने वसंतोत्सव-2024 का किया शुभारंभ, बोले उत्तराखंड आने वाले समय में बनेगा पुष्प प्रदेश।

राज्यपाल ने वसंतोत्सव-2024 का शुभारंभ किया।
राज्यपाल ने इस वर्ष के लिए चयनित ‘‘थुनेर’’ के विशेष पोस्टल का विमोचन किया।
वसंतोत्सव के पहले दिन में आईएमए, आईटीबीपी, पीएसी और होमगार्ड के जवानों ने बैंड की मधुर धुनों से सभी लोगों को मंत्र मुग्ध कर दिया।
छोलिया, खुखरी डांस एवं योगा करतबों ने लोगों को रोमांचित किया।
वसंतोत्सव में पेंटिंग प्रतियोगिता में बच्चों का दिखा गजब उत्साह।
उत्तराखण्ड के पुष्पों में अलग ही सौंदर्य और विशिष्टता है, निश्चित ही आने वाले समय में यह पुष्प प्रदेश बनेगा- राज्यपाल
तीन दिवसीय वसंतोत्सव की गूंज दूर तक जाना निश्चित है- राज्यपाल
वसंतोत्सव में 15 विभिन्न श्रेणियों में कुल 1811 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, विभिन्न संस्थाओं/व्यक्तियों ने कुल 360 स्टॉल लगाए।
देहरादून – राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शुक्रवार को राजभवन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विभिन्न फूलों की भव्य प्रदर्शनी के साथ ‘वसंतोत्सव-2024’ का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज, प्रथम महिला गुरमीत कौर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी भी मौजूद रहीं।

राज्यपाल ने इस अवसर पर डाक विभाग द्वारा इस वर्ष के लिये चयनित ‘’थुनेर’’ के विशेष डाक आवरण का विमोचन किया, साथ ही डाक विभाग देहरादून द्वारा लगायी गयी डाक टिकट प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया। थुनेर में औषधीय गुण विद्यमान होने के दृष्टिगत इसका उपयोग विभिन्न बीमारियों जैसेः- खांसी, सर्दी, बुखार, सिरदर्द, पाचन संबंधी समस्या, ब्रॉकाइटिस, त्वचा समस्या, मांसपेशियों में दर्द, गठिया आदि के उपचार में किया जाता है। इस अवसर पर उन्होंने राजभवन उत्तराखण्ड की त्रैमासिक पत्रिका ‘नंदा’ का भी विमोचन किया।

वसंतोत्सव के पहले दिन के कार्यक्रमों में आईएमए, आईटीबीपी, पीएसी और होमगार्ड के जवानों ने बैंड की मधुर धुनों से सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। अल्मोड़ा से आए छोलिया कलाकारों ने शानदार छोलिया नृत्य किया। कार्यक्रम में गोरखा राइफल्स के जवानों द्वारा अपने शारीरिक और मानसिक शक्ति का प्रदर्शन करते हुए खुखरी नृत्य किया जिसने उपस्थित दर्शकों को आश्चर्यचकित कर दिया। देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार के छात्रों ने योगा के बेहतरीन करतब दिखाये। कार्यक्रम के दौरान आईटीबीपी के जवानों ने कराटे का अदभुत प्रदर्शन कर दर्शकों को रोमांचित किया। राज्यपाल ने सभी टीम के सदस्यों से मुलाकात कर उनके प्रदर्शन व प्रस्तुतियों की सराहना की।

राज्यपाल ने पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने आए विभिन्न स्कूलों के बच्चों से मुलाकात की और उनके द्वारा बनायी जा रही पेंटिंग की सराहना करते हुए बच्चों का उत्साहवर्धन किया। राज्यपाल ने वसंतोत्सव में लगी फूलों की भव्य प्रदर्शनी और लगाये गये विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण और जानकारी ली। वसंतोत्सव में फूलों से बनी सेल्फी प्वाइंट में फोटो खिंचवाने के लिए लोगों में गजब उत्साह दिखाई दिया। सेल्फी खिंचवाने में लोगों की भींड़ लगी रही।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड को प्रकृति का अनुपम वरदान प्राप्त है। यहां के पुष्पों में अलग ही सौंदर्य और विशिष्टता है जो आने वाले समय में उत्तराखण्ड को पुष्प प्रदेश बनाने की ओर ले जायेगा। राज्यपाल ने कहा कि इस महोत्सव के जरिए राज्य में कृषि, उद्यान सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि वसंतोत्सव के माध्यम से कृषि एवं औद्यानिकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को प्रोत्साहन एवं स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलना निश्चित है। उन्होंने कहा कि वसंतोत्सव लोगों को प्रकृति से जुड़ने का संदेश और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रोत्साहित करता है।

राज्यपाल ने कहा कि इस वर्ष वसंतोत्सव में लोगों का अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव पुष्प प्रेमियों के लिए एक ऐसा स्थल है जहां आकर वे अपने पुष्पों का प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि तीन दिन के इस महोत्सव की गूंज बहुत दूर तक जाना निश्चित है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में आकर विभिन्न प्रकार के पुष्पों के सौंदर्य का आनंद लें।

वसंतोत्सव के आयोजन में कट फ्लावर(पारम्परिक) प्रतियोगिता में 528 प्रतिभागी, कट फ्लावर (गैर पारम्परिक) श्रेणी में 179 प्रतिभागी, कट फ्लावर(दिव्यांग श्रेणी) में 05 प्रतिभागी, पॉटेड प्लांट श्रेणी(प्राइवेट नर्सरी) में 18, लूज फ्लावर श्रेणी में 53, पॉटेड प्लांट(गैर पुष्प) श्रेणी में 24, रूफ टॉप गार्डनिंग के माध्यम से सब्जी उत्पादन 29, कैक्टस एवं सेकुलेंट श्रेणी में 19, बोनसाई श्रेणी में 14, टेरारियम श्रेणी में 12, हैंगिंग पॉट श्रेणी में 19, हाइ्रोपोनिक्स कल्टीवेशन श्रेणी में 02, ऑन स्पॉट फोटोग्राफी में 62, शहद की श्रेणी में 34, फ्रेश पेटल रंगोली में 30 और पेंटिंग प्रतियोगिता में 762 प्रतिभागियों द्वारा हिस्सा लिया गया है। आज के आयोजन में कुल 15 श्रेणियों की 53 उपश्रेणियों में कुल 1811 प्रतिभागियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। इन प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार निर्णायक मण्डल के निर्णय के उपरान्त दिनांक 03 मार्च, 2024 को प्रदान किये जायेगे।
वसंतोत्सव में विभिन्न संस्थानों/व्यक्तियों द्वारा कुल 360 स्टॉल लगाये गये। इस दौरान राज्य के विभिन्न राजकीय संस्थानों द्वारा 29 स्टॉल पर अपनी गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया। जिसमें औद्यानिक यन्त्र, बायोफर्टिलाइजर, जैविक कीटव्याधि नियंत्रक उत्पादन करने वाली विभिन्न फर्मों एवं औद्यानिक गतिविधियों से जुड़े गैर सरकारी संस्थाओं/स्वयं सहायता समूहों/स्थानीय उत्पादक संगठनों द्वारा अपने कार्यक्रमों/उत्पादों का प्रदर्शन किया गया।
पुष्प उत्पादकों व विभागीय अधिकारियों के प्रशिक्षण हेतु उत्तराखण्ड औद्यानिक बोर्ड द्वारा तकनीकी सत्र का आयोजन भी इस दौरान किया गया। आज के कार्यक्रम में प्रदेश के समस्त जनपदों से किसानों द्वारा प्रतिभाग किया गया एवं समस्त जनपदों से विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों के साथ ही आमजन द्वारा भी बढ़-चढ़ कर भागीदारी की गयी। वसंतोत्सव में आमजन के खान-पान की सुविधा के लिए विभाग द्वारा गतवर्षों की भांति आई0एच0एम0 एवं जी0आई0एच0एम0 एवं विभिन्न संस्थाओं के द्वारा फूड कोर्ट में विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट, पौष्टिक पैक्ड फूड की व्यवस्था की गयी।
इस अवसर पर बागवानी विकास परिषद के उपाध्यक्ष राजकुमार, सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, सचिव कृषि एवं कृषक कल्याण विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव राज्यपाल स्वाति एस. भदौरिया, निदेशक उद्यान दीप्ति सिंह सहित उद्यान विभाग के अधिकारी व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
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DEHRADUN: जर्जर स्कूलों पर प्रशासन सख्त, CM के आदेश से 76 भवन ध्वस्तीकरण के लिए चिन्हित

DEHRADUN: हजारों बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम, 76 जर्जर स्कूल भवन गिरेंगे
देहरादून (DEHRADUN): जिले में वर्षों से जर्जर अवस्था में पड़े विद्यालय भवनों को लेकर जिला प्रशासन ने पहली बार ठोस एवं निर्णायक कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी सविन बसंल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है। कि माननीय मुख्यमंत्री जी के सख्त निर्देश है कि नौनिहालों के जीवन से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी कड़ी में जर्जर एवं निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों की पहचान, आकलन और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है।
मुख्य बिंदु
सीएम के निर्देश पर बच्चों की जान का जोखिम बने जिले के 76 जर्जर स्कूल भवन ध्वस्त
जिलाधिकारी देहरादून की सख्ती के बाद महज 10 दिनों के भीतर 100 विद्यालयों के जर्जर भवनों की रिपोर्ट प्राप्त हुई। रिपोर्ट में देरी को लेकर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया था, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। शिक्षा विभाग ने स्कूलों की सूची पूर्ण रिपोर्ट के साथ जिला प्रशासन को सौंप दी है।
डीएम ने दिखाई सख्ती तो 10 दिन में आ गई 100 स्कूलों के जर्जर भवन की रिपोर्ट
जिलाधिकारी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) को निष्प्रोज्य एवं आंशिक निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों के आंगणन (एस्टिमेट) तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए 1 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है, ताकि ध्वस्तीकरण एवं आवश्यक सुरक्षा उपायों में कोई विलंब न हो। जनपद में कुल 79 विद्यालयों के सम्पूर्ण भवन निष्प्रोज्य पाए गए हैं, इनमें 13 माध्यमिक एवं 66 प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं।
63 विद्यालयों में शिक्षण की वैकल्पिक व्यवस्था पहले ही सुनिश्चित कर दी गई है। 16 विद्यालय ऐसे हैं, जहाँ अभी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो पाई है। इनके लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। 17 विद्यालय आंशिक रूप से निष्प्रोज्य घोषित किए गए हैं। 8 विद्यालय ऐसे हैं, जहाँ ध्वस्तीकरण की आवश्यकता नहीं पाई गई है।
जिलें में वर्षों से जर्जर पड़े स्कूल भवन पहलीबार हुए निष्प्रोज्य; ध्वस्तीकरण जल्द; 1 करोड़ स्वीकृत
जिलाधिकारी ने पूर्णतः निष्प्रोज्य विद्यालयों में तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जाएगी। जिन विद्यालयों में वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था नहीं है, वहाँ पहले वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित कर उसके बाद ध्वस्तीकरण किया जाएगा। आंशिक निष्प्रोज्य भवनों में सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक मरम्मत/प्रतिबंध लागू किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसी भी विद्यालय में जोखिमपूर्ण भवनों में शिक्षण संचालित नहीं होगा। प्रशासन समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
Uttarakhand
दून पुलिस की सराहनीय पहल, वरिष्ठ नागरिकों से सम्पर्क कर हाल जाना और साइबर अपराधों से बचने के लिए किया जागरूक

DEHRADUN: एसएसपी के निर्देशों पर दून पुलिस कर रही सीनियर सिटिजंस से संपर्क, सराहनीय पहल की हर तरफ चर्चा
देहरादून (DEHRADUN): वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देशों पर दून पुलिस ने एक सराहनीय पहल करते हुए अकेले रह रहे सीनियर सिटीजनों से सीधे संपर्क किया। इस अभियान के तहत, पुलिसकर्मियों ने नगर और देहात क्षेत्र के सभी थाना क्षेत्रों में जाकर बुजुर्गों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।

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दून पुलिस ने सीनियर सिटीजनों से मुलाकात कर उनका हाल चाल जाना
इस दौरान, पुलिस ने सीनियर सिटीजनों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। साथ ही, किसी भी आपातकालीन स्थिति में जरुरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके, इसके लिए चीता पुलिस और उच्चाधिकारियों के मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराए।

साइबर अपराधों से बचने के लिए किया जागरूक
भेंट के दौरान, पुलिस टीम ने बुजुर्गों को वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों के बारे में भी विस्तार से बताया। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों ने ठगी से बचने के उपाय बताए और अनजान कॉल, लिंक और डिजिटल लेनदेन को लेकर सतर्क रहने के लिए जागरूक किया।

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दून पुलिस की इस पहल से सीनियर सिटीजनों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई। सभी बुजुर्गों ने पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और पुलिसकर्मियों के सिर पर हाथ रखकर उन्हें अपना आशीर्वाद भी दिया। पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी इस तरह के जनसंपर्क और सुरक्षा अभियानों को लगातार जारी रखा जाएगा।

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देहरादून के चकराता में बड़ा सड़क हादसा, कार खाई में गिरने से सेना के मेजर की मौत

Dehradun News : चकराता में सड़क हादसे में सेना के मेजर की मौत, परिजनों में कोहराम
Dehradun News : राजधानी देहरादून के चकराता में बड़ा सड़क हादसा हो गया। एक कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। हादसे में सेना के मेजर की मौत हो गई। इस खबर के बाद से परिजनों में कोहराम मच गया है।
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देहरादून के चकराता में बड़ा सड़क हादसा
शनिवार को देहरादून के चकराता में दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। हादसे में आर्मी के मेजर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतक मेजर की पबचान शुभम सैनी के रूप में हुई है। जो कि उत्तर प्रदेश के मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित घसौली गांव के रहने वाले थे।
कार खाई में गिरने से सेना के मेजर की मौत
मिली जानकारी के मुताबिक मृतक मेजर शुभम सैनी अपने दो दोस्त देहरादून में एग्जाम देने के लिए गए थे। परीक्षा देने के बाद शनिवार को मेजर शुभम अपने दोस्तों को कार से चकराता के पास ही एक होटल में छोड़कर वापस लौट रहे थे। यूनिट को जाने के दौरान उनकी कार हादसे का शिकार हो गई।

परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल
बताया जा रहा है कि मेजर शुभम की कार देहरादून-चकराता मार्ग पर अचानक अनियंत्रित हो गई और सीधे गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में मेजर शुभम सैनी गंभीर रूप से घायल हो गए। आस-पास मौजूद लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। जहां इलाज के दौरान जहां उनकी मौत हो गई। इस खबर के बाद से परिजनों में कोहराम मच गया है।
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