Trending
रतन टाटा के फैन ने सीने पर बनवाया उनकी तस्वीर, कही दिल को छूने वाली बात !

Trending News: टाटा समूह, जो 2023-24 में 13 लाख 85 हजार करोड़ रुपये के राजस्व के साथ दुनिया के सबसे बड़े उद्योग समूहों में से एक है, टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा को उनकी सादगी और मानवता के लिए याद किया जा रहा है। अरबपतियों की सूची में शामिल होने के बावजूद, रतन टाटा ने अपने जीवन में हमेशा गरीबों और जरूरतमंदों की मदद की, जिससे उन्होंने भारतीयों के दिलों में एक विशेष स्थान बना लिया।
हाल ही में, एक सोशल मीडिया पर वीडियो में एक व्यक्ति ने बताया कि कैसे रतन टाटा ने उसके दोस्त की कैंसर के इलाज में मदद की। इस व्यक्ति ने कहा कि जब उसके दोस्त को कैंसर हुआ, तो उसने कई बड़े अस्पतालों में जाकर इलाज के लिए कोशिश की, लेकिन हर जगह उपचार महंगा था। बाद में, उसे टाटा ट्रस्ट के बारे में पता चला, जिसने उसके दोस्त का इलाज मुफ्त में किया। उसने कहा, “रतन टाटा असल में ‘रियल लाइफ गॉड’ हैं।
रतन टाटा, जिन्होंने 21 साल की उम्र में टाटा समूह का चेयरमैन बनने के बाद इसे नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया, जिनका 9 अक्टूबर को निधन हो गया। उनके निधन से देशभर में शोक की लहर है। लोग सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलियां अर्पित कर रहे हैं और उनकी मानवता को याद कर रहे हैं। एक खास श्रद्धांजलि में, एक फैन ने अपनी छाती पर रतन टाटा का टैटू बनवाया, जो उनके प्रति अपार सम्मान को दर्शाता है।
#RatanTata, #TattooTribute, #FanAdmiration, #HeartwarmingStory, #Legacy
Breakingnews
उत्तराखंड में सांसद निधि खर्च का हाल: दिसंबर 2025 तक सिर्फ 18% राशि ही उपयोग

RTI में खुलासा: उत्तराखंड के सांसदों की निधि खर्च की धीमी रफ्तार
Uttarakhand MPLADS Fund Utilization Report: उत्तराखंड के लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को आवंटित सांसद निधि (MPLADS) के उपयोग को लेकर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, दिसंबर 2025 तक कुल आवंटित राशि का केवल 18 प्रतिशत ही खर्च किया जा सका है। उल्लेखनीय है कि इस आंकड़े में पूरे हो चुके और वर्तमान में प्रगति पर चल रहे दोनों प्रकार के कार्यों पर किया गया व्यय शामिल है।
मुख्य बिंदु
जारी हुआ उत्तराखंड के सांसदों का रिपोर्ट कार्ड
दरअसल, ये खुलासा आरटीआई के माध्यम से सामने आया है। आरटीआई कार्यकर्ता और अधिवक्ता नदीम उद्दीन ने ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय, उत्तराखंड से सांसद निधि व्यय से संबंधित जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में लोक सूचना अधिकारी एवं उपायुक्त प्रशासन हेमंती गुंज्याल द्वारा दिसंबर 2025 तक का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराया गया।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दिसंबर 2025 तक उत्तराखंड के कुल 8 सांसदों—5 लोकसभा और 3 राज्यसभा—को मिलाकर 95.90 करोड़ रुपये की निधि आवंटित की गई। इसमें से 49 करोड़ रुपये 5 लोकसभा सांसदों को वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए दिए गए, जबकि 46.90 करोड़ रुपये 3 राज्यसभा सांसदों को उनके कार्यकाल शुरू होने से लेकर दिसंबर 2025 तक आवंटित किए गए।
केवल 18 % खर्च कर पाए सांसद निधि
लेकिन, व्यय के आंकड़े अपेक्षाकृत कम रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वर्तमान कार्यकाल में पूर्ण परियोजनाओं पर 7.08 करोड़ रुपये और जारी कार्यों पर 10.65 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस प्रकार कुल व्यय 17.73 करोड़ रुपये रहा, जो कि कुल आवंटित राशि का मात्र 18 प्रतिशत है।

यदि लोकसभा सांसदों की बात करें, तो 5 सांसदों द्वारा पूर्ण कार्यों पर 2.089 करोड़ रुपये और प्रगति पर चल रहे कार्यों पर 1.191 करोड़ रुपये खर्च दर्शाए गए हैं। इस प्रकार लोकसभा सांसदों का कुल व्यय उनकी आवंटित निधि का लगभग 7 प्रतिशत ही है।
राज्यसभा सांसदों ने 31 प्रतिशत उपयोग की निधि
दूसरी ओर, राज्यसभा सांसदों का व्यय अनुपात अपेक्षाकृत अधिक रहा है। तीन राज्यसभा सांसदों द्वारा पूर्ण कार्यों पर 4.99 करोड़ रुपये और चल रहे कार्यों पर 9.46 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस तरह राज्यसभा सांसदों ने अपनी कुल आवंटित निधि का लगभग 31 प्रतिशत उपयोग किया है।
232 कार्यों को नहीं मिली अधिकारियों से स्वीकृति
इसके अलावा, जानकारी में ये भी सामने आया है कि सांसदों द्वारा प्रस्तावित 232 कार्यों को अब तक संबंधित अधिकारियों ने स्वीकृति नहीं दी है। वहीं, स्वीकृत कार्यों में से 87 परियोजनाएं दिसंबर 2025 तक शुरू भी नहीं हो सकी हैं।
इन तथ्यों से स्पष्ट है कि सांसद निधि के उपयोग की गति अपेक्षाकृत धीमी रही है, जबकि विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध है। अब देखना ये होगा कि आगामी समय में इन परियोजनाओं को गति देने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
सांसद निधि खर्च में कौन आगे, कौन पीछे?
दिसंबर 2025 तक उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, उत्तराखंड के सांसदों के बीच सांसद निधि (MPLADS) खर्च को लेकर स्पष्ट अंतर देखने को मिला है। जहां कुछ सांसदों ने अपेक्षाकृत अधिक राशि खर्च की है, वहीं कई सांसदों का व्यय प्रतिशत काफी कम रहा है।
लोकसभा सांसदों की स्थिति
सबसे पहले लोकसभा सांसदों की बात करें तो नैनीताल-उधमसिंह नगर से सांसद अजय भट्ट 18% निधि खर्च के साथ शीर्ष पर हैं। उनके बाद टिहरी गढ़वाल की सांसद माला राज लक्ष्मी शाह 14% व्यय के साथ दूसरे स्थान पर हैं।
जबकि, गढ़वाल से अनिल बलूनी का व्यय शून्य प्रतिशत दर्ज किया गया है, जबकि अल्मोड़ा के अजय टम्टा और हरिद्वार के त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा 1% से भी कम राशि खर्च की गई है।
राज्यसभा सांसदों की स्थिति
वहीं दूसरी ओर, राज्यसभा सांसदों में नरेश बंसल 47% व्यय के साथ सबसे आगे हैं। इसके बाद कल्पना सैनी 27% और महेंद्र भट्ट 6% खर्च के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
स्पष्ट रूप से देखा जाए तो राज्यसभा सांसदों का औसत व्यय लोकसभा सांसदों की तुलना में अधिक रहा है।
सांसदों के कार्यों का विवरण
📊 लोकसभा सांसद
| सांसद | प्रस्तावित कार्य | स्वीकृत | पूर्ण | प्रगतिरत | शुरू नहीं | खर्च % |
|---|---|---|---|---|---|---|
| अजय भट्ट | 316 | 229 | 54 | 154 | 21 | 18% |
| माला राज लक्ष्मी | 128 | 89 | 11 | 64 | 14 | 14% |
| अनिल बलूनी | 4 | 2 | 1 | 1 | 0 | 0% |
| अजय टम्टा | 4 | 4 | 0 | 2 | 2 | <1% |
| त्रिवेंद्र रावत | 16 | 10 | 1 | 5 | 4 | <1% |
📊 राज्यसभा सांसद
| सांसद | प्रस्तावित कार्य | स्वीकृत | पूर्ण | प्रगतिरत | शुरू नहीं | खर्च % |
|---|---|---|---|---|---|---|
| नरेश बंसल | 191 | 144 | 23 | 92 | 29 | 47% |
| कल्पना सैनी | 121 | 89 | 26 | 60 | 3 | 27% |
| महेंद्र भट्ट | 44 | 23 | 2 | 7 | 14 | 6% |
Trending
गलत तरीके से पानी पीने से हो सकते हैं ये नुकसान, अपनाएं ये तरीके…

How To Drink Water: खड़े होकर या बैठकर, कैसे पीना चाहिए पानी ..
How To Drink Water: मानव शरीर का ज्यादातर हिस्सा पानी से बना होता है. औसतन एक स्वस्थ मनुष्य के शरीर में 60 से 70 प्रतिशत तक पानी की मात्र होती है. इसलिए ये हमारे जीवन के लिए सबसे जरुरी चीजों में से एक है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पानी पीने का सही तरीका क्या है ? गलत तरीके से पानी पीने से हमारे शरीर को बहुत नुकसान पहुँचता है. इसलिए हमें पानी पीने का सही तरीका मालूम होना चाहिए. चलिए हम आपको बताते हैं कि गलत तरीके से पानी पीने के क्या नुक्सान हो सकते हैं, और हमें स्वस्थ रहने के लिए पानी पीने का कौन सा तरीका अपनाना चाहिए.
मुख्य बिंदु
गलत तरीके से पानी पीने के नुकसान
हमारे शरीर को गलत तरीके से पानी पीने से कई तरह के नुकसान होते हैं. ज्यादातर लोगों को पानी पीने का सही तरीका मालूम नहीं होता है, जिस वजह से उन्हें रोजमर्रा के जीवन में काफी दिक्कतों का सामना करना पढता है. गलत तरीके से पानी पीने से आपको ये नुकसान हो सकते हैं.
ये भी पढ़ें- Health tips: सिर दर्द से हैं परेशान तो अपनाइये ये घरेलू नुस्खे, तुरंत मिलेगी राहत
- डाइजेशन कमजोर हो सकता है
- जब आप बहुत ज्यादा या बहुत ठंडा पानी अचानकपीते हैं, तो पाचन रस पतले हो जाते हैं. इससे खाना ठीक से नहीं पच पाता और गैस, अपच या भारीपन जैसी समस्याएं होने लगती हैं. खासकर खाना खाते समय ज्यादा पानी पीना डाइजेशन को और खराब कर सकता है.
- पेट फूलने और गैस की समस्या
- तेजी से या खड़े होकर पानी पीने से हवा पेट में चली जाती है. इसका नतीजा ये होता है कि पेट फूलने लगता है और गैस की शिकायत बढ़ जाती है. कई लोगों को पानी पीने के बाद तुरंत असहजता महसूस होने लगती है.
- किडनी पर पड़ सकता है असर
- बार-बार जरूरत से ज्यादा पानी पीने से किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. इससे शरीर के जरूरी मिनरल्स भी बाहर निकल सकते हैं. लंबे समय तक ऐसा करने पर किडनी की कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है.
- हार्ट से जुड़ी दिक्कतें
- एक साथ बहुत अधिक मात्रा में पानी पीने से शरीर में तरल संतुलन बिगड़ सकता है. इससे ब्लड सर्कुलेशन पर असर पड़ता है और हार्ट को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है. खासतौर पर हृदय रोग से पीड़ित लोगों को पानी पीने में सावधानी बरतनी चाहिए.
पानी पीना हमारे शरीर के लिए क्यों है जरूरी? how to drink water properly
पानी हमारे शरीर की सबसे बुनियादी जरूरतों में से एक है. मानव शरीर का लगभग 60–70 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना होता है, इसलिए ये कहना गलत नहीं होगा कि पानी के बिना शरीर की कल्पना ही नहीं की जा सकती. सही मात्रा में पानी पीने से शरीर की कई जरूरी प्रक्रियाएं सुचारू रूप से चलती रहती हैं.
शरीर में पानी की भूमिका
पानी शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करता है और पसीने के जरिए शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालता है. इसके अलावा, ये पोषक तत्वों को कोशिकाओं तक पहुंचाने और शरीर के अंगों को सही तरीके से काम करने में अहम भूमिका निभाता है. शरीर में पानी की कमी होते ही थकान, चक्कर और कमजोरी जैसी समस्याएं महसूस होने लगती हैं.
डाइजेशन, स्किन, किडनी और ब्रेन के लिए जरूरी
- डाइजेशन: पर्याप्त पानी पीने से भोजन को पचाने में आसानी होती है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिलती है.
- स्किन: पानी त्वचा को अंदर से हाइड्रेट रखता है, जिससे स्किन हेल्दी और ग्लोइंग बनी रहती .
- किडनी: किडनी शरीर से गंदगी और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने का काम करती है, जिसमें पानी की भूमिका बेहद अहम होती है.
- ब्रेन: दिमाग के सही काम करने के लिए भी पानी जरूरी है। पानी की कमी से एकाग्रता कम हो सकती है और सिरदर्द की शिकायत हो सकती है.
हेल्थ एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और कई हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, शरीर को सही तरह से काम करने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी मिलना बेहद जरूरी है. साथ ही पानी की जरूरत व्यक्ति की उम्र, मौसम और शारीरिक गतिविधियों पर निर्भर करती है, फिर भी नियमित रूप से पानी पीते रहना सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है.
ये भी पढ़ें- इन सर्दियों में बिमारियों को कहें बाय-बाय, अपनाएं ये पांच Health tips
कैसे पीना चाहिए पानी, क्या है सही तरीका ? (How To Drink Water)
अब सवाल ये है कि अगर गलत तरीके से पानी पीने के इतने नुकसान हैं तो फिर आखिर सही तरीका क्या है. चलिए जानते हैं पानी पीने का सही तरीका, जिस से आप अपने शरीर को नुकसान पहुँचाने से बच सकते हैं.
- बैठकर पानी पिएं
हमेशा आराम से बैठकर छोटे-छोटे घूंट में पानी पिएं. खड़े होकर पानी पीने से शरीर पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है. - धीरे-धीरे और घूंट-घूंट करके पिएं
एक साथ गटकने की बजाय धीरे-धीरे पिएं. इससे पानी सही तरीके से पचता है और शरीर बेहतर तरीके से अवशोषित करता है. - सुबह खाली पेट पानी पिएं
सुबह उठकर 1–2 गिलास गुनगुना पानी पीना फायदेमंद होता है. इससे शरीर डिटॉक्स होता है और पाचन तंत्र सक्रिय होता है. - खाने के तुरंत बाद ज्यादा पानी न पिएं
खाना खाने के तुरंत बाद अधिक पानी पीने से पाचन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. खाने के 30–40 मिनट बाद पानी पीना बेहतर होता है. - बहुत ठंडा पानी न पिएं
ज्यादा ठंडा पानी पाचन को धीमा कर सकता है. सामान्य या हल्का गुनगुना पानी बेहतर विकल्प है. - प्यास लगने का इंतजार न करें
दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें. प्यास लगना इस बात का संकेत है कि शरीर पहले से ही डिहाइड्रेट होने लगा है.
पानी पीने से जुड़े आम मिथक
आजकल सोशल मीडिया और इंटरनेट पर पानी को लेकर कई तरह की बातें वायरल होती रहती हैं. आपको अलग- अलग चैनलों पर नई-नई सलाहें देखने को मिल जाएंगी, लेकिन हर बात सच नहीं होती. आइए जानते हैं कुछ आम मिथक:
ज्यादा पानी = ज्यादा हेल्थ
बहुत से लोग मानते हैं कि जितना ज्यादा पानी पिएंगे, उतने ज्यादा हेल्दी रहेंगे.
सच क्या है – जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी नुकसानदायक हो सकता है. इससे शरीर में सोडियम का स्तर कम हो सकता है (हाइपोनेट्रेमिया), जो गंभीर स्थिति बन सकती है. सही मात्रा आपकी उम्र, वजन, मौसम और गतिविधि पर निर्भर करती है.
ठंडा पानी हमेशा नुकसानदेह होता है
अक्सर कहा जाता है कि ठंडा पानी पीना सेहत के लिए हानिकारक है.
सच क्या है – बहुत ज्यादा ठंडा पानी अचानक पीना कुछ लोगों में गले या पाचन पर असर डाल सकता है, लेकिन सामान्य रूप से ठंडा पानी हर किसी के लिए हानिकारक नहीं है. फिर भी, सामान्य या हल्का गुनगुना पानी शरीर के लिए अधिक अनुकूल माना जाता है.
ये भी पढ़ें- Health Alert: 12 बजे के बाद सोने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां – जानें कैसे बचें…
प्यास लगे बिना पानी नहीं पीना चाहिए
कुछ लोग मानते हैं कि जब तक प्यास न लगे, पानी नहीं पीना चाहिए.
सच क्या है – प्यास लगना इस बात का संकेत है कि शरीर में पानी की कमी शुरू हो चुकी है. इसलिए दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीना बेहतर है, खासकर गर्म मौसम या व्यायाम के दौरान.
पानी पीने से जुड़ी हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह
डॉक्टर क्या कहते हैं
- ज्यादातर डॉक्टर सलाह देते हैं कि व्यक्ति को अपनी बॉडी की जरूरत के अनुसार पानी पीना चाहिए.
- आमतौर पर 7–8 गिलास पानी की सलाह दी जाती है, लेकिन यह एक सामान्य गाइडलाइन है, फिक्स नियम नहीं.
- यूरिन का हल्का पीला या लगभग साफ रंग इस बात का संकेत है कि आप पर्याप्त पानी पी रहे हैं.
- किडनी, हार्ट या लिवर के मरीजों को पानी की मात्रा डॉक्टर की सलाह से तय करनी चाहिए.
आयुर्वेदिक नजरिया
- आयुर्वेद के अनुसार पानी हमेशा बैठकर और छोटे-छोटे घूंट में पीना चाहिए.
- गुनगुना पानी पाचन अग्नि को बेहतर बनाए रखने में सहायक माना जाता है.
- सुबह खाली पेट पानी पीना (उषापान) शरीर की शुद्धि के लिए लाभकारी बताया गया है.
- भोजन के तुरंत बाद बहुत ज्यादा पानी पीना पाचन शक्ति को कमजोर कर सकता है.
पानी कैसे पीना चाहिए ? how to drink water
पानी हमेशा शांति से बैठकर पीना चाहिए .
क्या खड़े होकर पानी पीने से शरीर को नुकसान होता है.
हाँ, खड़े होकर पानी नहीं पीना चाहिए इससे शरीर पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है.
दिन में कितने गिलास पानी पीना चाहिए?
आमतौर पर 7–8 गिलास पानी की सलाह दी जाती है, लेकिन यह व्यक्ति की उम्र, वजन, मौसम और शारीरिक गतिविधि पर निर्भर करता है.
पानी की कमी के लक्षण क्या हैं?
थकान, चक्कर आना, सिरदर्द, सूखा मुंह, गहरे रंग का यूरिन और कमजोरी डिहाइड्रेशन के सामान्य लक्षण हैं.
Pauri
उत्तराखंड: शांत फिजाओं में फिर से सनसनीखेज वारदात, भाई बना भाई के खून का प्यासा

पारिवारिक कलह के चलते भाई बना भाई का दुश्मन, धारधार हथियार से किया जानलेवा हमला
पौड़ी (PAURI): उत्तराखंड के पौड़ी जिले के पाबौ क्षेत्र से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है. जहां आपसी विवाद के चलते बड़े भाई ने छोटे भाई पर जानलेवा हमला कर उसे बुरी तरह से जख्मी कर दिया है. घायल का फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि पुलिस ने आरोपी को हथियार समेत गिरफ्तार कर दिया है.
मुख्य बिंदु
पारिवारिक विवाद के चलते छोटे भाई पर जानलेवा हमला
जानकारी के मुताबिक, राकेश कुमार, निवासी पाबौ ने कोतवाली पौड़ी में तहरीर देकर बताया कि 7 फरवरी की रात उनके भाई कुलदीप सिंह का छोटे भाई राजेंद्र सिंह के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया. विवाद बढ़ने की स्थिति में कुलदीप सिंह ने जान से मारने की नियत से राजेंद्र सिंह पर धारधार हथियार (पाठल)से वार किया.
ये भी पढ़ें – बड़ी खबर..दिन दहाड़े देहरादून में चली गोली, एक युवक की मौत
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जुटाए सबूत
घटना के बाद मौके पर मची चीख पुकार के बाद आस-पास के लोगों ने घायल को अस्पताल पहुँचाया. जहां घायल का इलाज चल रहा है. साथ ही पौड़ी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तहरीर के आधार पर मुआक्द्मा दर्ज किया. जिसके बाद पुलिस की स्पेशल टीम ने लगातार दबिशें देकर आरोपी कुलदीप सिंह को मदकोली क्षेत्र के फल्दवाड़ी से हिरासत में ले लिया है.
ये भी पढ़ें – उत्तराखंड में मानवता शर्मसार, मां, भाई और भाभी ने मिलकर किया ऐसा हाल, जान बचाने के लिए काटने पड़े हाथ
धारदार हथियार बरामद कर आरोपी को भेजा जेल
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल धारदार हथियार पाठल भी बरामद किया गया. जिसके बाद पुलिस ने आवश्यक क़ानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार पौड़ी भेज दिया है.
Cricket15 hours agoNepal vs Italy Dream11 Prediction: मुंबई में करो या मरो मुकाबला, जानें बेस्ट फैंटेसी टीम टिप्स
Haldwani15 hours agoHaldwani Double Murder: गल्ला मंडी में पत्थर से कुचलकर युवक-युवती की निर्मम हत्या
big news16 hours agoतिब्बती मार्केट हत्याकांड के हत्यारे गिरफ्तार, पुलिस मुठभेड़ के बाद पकड़े गए बदमाश
Dehradun14 hours agoDehradun: BCA की छात्रा की प्री-मेच्योर डिलीवरी में मौत, कथित पिता ने बच्चे को लेने से किया इनकार
Dehradun15 hours agoफायर सीजन के लिए तैयारियों में जुटा वन विभाग, जंगलों को आग से बचाने के लिए विभिन्न विभागों के साथ हुई बैठक
Breakingnews9 hours agoदेहरादून में कानून व्यवस्था हुई धड़ाम, बेखौफ घूम रहे बदमाश !, 14 दिन में 4 हत्याओं से दहशत का माहौल
Cricket13 hours agoIND vs NAMIBIA Dream11 Prediction : दिल्ली में रोमांचक मुकाबला, जानें बेस्ट फैंटेसी टीम और प्लेइंग इलेवन विश्लेषण…
Pauri13 hours agoउत्तराखंड: शांत फिजाओं में फिर से सनसनीखेज वारदात, भाई बना भाई के खून का प्यासा







































