Connect with us

Blog

कौन थी सावित्रीबाई फुले , क्यों मनाई जाती है उनकी जयंती , जानें उनकी प्रेरणादायक कहानी…

Published

on

Savitribai Phule

Savitribai Phule: भारत की पहली महिला शिक्षिका की प्रेरणादायक कहानी

भारत के सामाजिक और शैक्षिक इतिहास में savitribai phule का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया है। वे न केवल भारत की पहली महिला शिक्षिका थीं, बल्कि महिला शिक्षा, दलित उत्थान और सामाजिक समानता की मजबूत आवाज़ भी थीं। जिस दौर में महिलाओं का घर से बाहर निकलना भी पाप समझा जाता था, उस समय उन्होंने शिक्षा को अपना हथियार बनाया और समाज की जड़ों में जमी कुरीतियों को चुनौती दी।

Table of Contents

Savitribai Phule कौन थीं? (Who is She?)

सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 को महाराष्ट्र के सतारा जिले के नायगांव में हुआ था। वे एक समाज सुधारक, कवयित्री, शिक्षिका और नारी अधिकारों की प्रबल समर्थक थीं।

उनका विवाह बहुत कम उम्र में ज्योतिराव फुले से हुआ, जिन्होंने उनके जीवन को शिक्षा और सामाजिक सुधार की दिशा दी। पति के सहयोग से सावित्रीबाई ने खुद पढ़ाई की और फिर दूसरों को पढ़ाने का साहसिक निर्णय लिया।


सावित्रीबाई फुले जयंती क्यों मनाई जाती है? (Why We Celebrate Her Jayanti?)

हर साल 3 जनवरी को सावित्रीबाई फुले जयंती इसलिए मनाई जाती है क्योंकि यह दिन भारतीय समाज में महिला शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय की लड़ाई का प्रतीक है।

जयंती मनाने के प्रमुख कारण:

  • महिला शिक्षा की नींव रखने के लिए
  • जाति और लिंग भेदभाव के खिलाफ संघर्ष को याद करने के लिए
  • सामाजिक सुधार आंदोलन में उनके योगदान को सम्मान देने के लिए
  • नई पीढ़ी को शिक्षा और समानता का महत्व समझाने के लिए

आज देश के कई हिस्सों में स्कूल, कॉलेज, सामाजिक संगठन और सरकारी संस्थान उनकी जयंती पर कार्यक्रम आयोजित करते हैं।

Savitribai Phule Jayanti

सावित्रीबाई फुले के प्रमुख कार्य (Her Major Works)

1. भारत का पहला बालिका विद्यालय

1848 में पुणे के भिड़े वाड़ा में savitribai phule और ज्योतिराव फुले ने भारत का पहला बालिका विद्यालय शुरू किया। यह उस समय एक क्रांतिकारी कदम था।

2. महिला शिक्षा का विस्तार

उन्होंने महाराष्ट्र में कई लड़कियों के स्कूल खोले और विधवाओं, दलितों और वंचित वर्ग की महिलाओं को शिक्षा से जोड़ा।

3. विधवा पुनर्विवाह और बाल विवाह विरोध

सावित्रीबाई ने:

  • विधवा पुनर्विवाह का समर्थन किया
  • बाल विवाह का खुलकर विरोध किया
  • गर्भवती विधवाओं के लिए आश्रय गृह चलाए

4. कवयित्री और लेखिका

उनकी प्रसिद्ध काव्य रचनाएँ:

  • काव्यफुले
  • बावनकशी सुबोध रत्नाकर

इन रचनाओं में सामाजिक असमानता, शिक्षा और नारी स्वतंत्रता की गूंज सुनाई देती है।


संघर्ष और चुनौतियां (Struggles & Challenges)

Savitribai Phule का जीवन संघर्षों से भरा रहा।

उन्हें किन-किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा?

  • स्कूल जाते समय लोग उन पर कीचड़ और गोबर फेंकते थे
  • समाज ने उन्हें चरित्रहीन और विद्रोही कहा
  • महिलाओं के पढ़ाने को धर्म के खिलाफ बताया गया

लेकिन सावित्रीबाई रोज़ एक अतिरिक्त साड़ी लेकर जाती थीं ताकि गंदी हो जाने पर बदल सकें। यह उनके अटूट संकल्प का प्रतीक था।


सामाजिक सुधार आंदोलन में योगदान

उन्होंने:

  • सत्यशोधक समाज के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई
  • छुआछूत और जातिवाद के खिलाफ आवाज़ उठाई
  • अनाथ बच्चों और विधवाओं के लिए आश्रय खोले

वे सिर्फ शिक्षिका नहीं, बल्कि एक समाज निर्माता थीं।


आधुनिक भारत में Savitribai Phule की प्रासंगिकता

आज जब:

  • महिला शिक्षा को अधिकार माना जाता है
  • बेटियाँ हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं

तो इसके पीछे savitribai phule जैसी महान विभूतियों का संघर्ष छिपा है। वे आज भी:

  • नारी सशक्तिकरण की प्रेरणा हैं
  • सामाजिक समानता की मिसाल हैं
  • शिक्षा को परिवर्तन का माध्यम मानने की सीख देती हैं

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. Savitribai Phule क्यों प्रसिद्ध हैं?

वे भारत की पहली महिला शिक्षिका और महिला शिक्षा की अग्रदूत थीं।

Q2. Savitribai Phule Jayanti कब मनाई जाती है?

हर साल 3 जनवरी को।

Q3. उनका सबसे बड़ा योगदान क्या था?

लड़कियों और वंचित वर्गों के लिए शिक्षा की शुरुआत।

Q4. उन्होंने किन सामाजिक बुराइयों का विरोध किया?

जातिवाद, बाल विवाह, सती प्रथा और महिला उत्पीड़न।

Q5. Savitribai Phule का निधन कैसे हुआ?

1897 में प्लेग पीड़ितों की सेवा करते हुए उनका निधन हुआ।

Q6. आज उनकी विरासत क्या है?

महिला शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय।


निष्कर्ष (Conclusion)

Savitribai Phule सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि विचारधारा हैं। उन्होंने साबित किया कि शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है, जो समाज को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जा सकता है। आज जब हम शिक्षित भारत की बात करते हैं, तो उसकी नींव सावित्रीबाई फुले जैसे महापुरुषों और महावीरांगनाओं ने रखी है।

उनका जीवन हमें सिखाता है —
संघर्ष से मत डरिए, क्योंकि बदलाव वहीं से शुरू होता है।


FOR MORE INFORMATIVE NEWS PLEASE VISIT JANMANCH TV

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Uttarakhand

उत्तराखंड की पारंपरिक पोशाक : संस्कृति और विरासत का प्रतीक…

Published

on

Uttarakhand Traditional Dress

उत्तराखंड की पारंपरिक पोशाक (Uttarakhand Traditional Dress) : विविधता, संस्कृति और इतिहास

उत्तराखंड, जिसे ‘देवभूमि’ या देवताओं की भूमि के रूप में जाना जाता है, न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बर्फ से ढकी चोटियों और पवित्र नदियों के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए भी पूरी दुनिया में जाना जाता है। इस पावन भूमि की संस्कृति की सबसे खूबसूरत झलक यहाँ के लोगों के रहन-सहन और उनके पहनावे में देखने को मिलती है। उत्तराखंड की पारंपरिक पोशाक केवल शरीर ढकने का साधन नहीं है, बल्कि यह यहाँ के गौरवशाली इतिहास, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और परंपराओं का जीवंत प्रतीक है।

उत्तराखंड मुख्य रूप से दो प्रमुख क्षेत्रों में बंटा हुआ है – गढ़वाल और कुमाऊं। इसके अलावा यहाँ कई जनजातीय क्षेत्र भी हैं, जिनमें जौनसारी समुदाय प्रमुख है। इन सभी क्षेत्रों की अपनी अलग बोलियां, मान्यताएं और सबसे बढ़कर अपनी अनूठी पोशाकें हैं। इस लेख में हम उत्तराखंड के गढ़वाली, कुमाऊंनी और जनजातीय समुदायों के पारंपरिक पहनावे, आभूषणों और उनके महत्व पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

Table of Contents


उत्तराखंड की पारंपरिक पोशाक का भौगोलिक और सांस्कृतिक महत्व

किसी भी क्षेत्र की वेशभूषा वहाँ की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों से गहराई से प्रभावित होती है। उत्तराखंड एक पहाड़ी और बर्फीला क्षेत्र है, इसलिए यहाँ की पारंपरिक पोशाक इस तरह से तैयार की गई है जो लोगों को कड़कड़ाती ठंड से बचा सके और साथ ही दुर्गम रास्तों पर चलने और कठिन शारीरिक श्रम करने में सहज हो।

कुमाऊं और गढ़वाल दोनों ही क्षेत्रों में सदियों से अपनी संस्कृति और पहनावे को सहेज कर रखा गया है। आधुनिकता के इस दौर में भी त्योहारों, शादियों और धार्मिक अनुष्ठानों के अवसर पर लोग अपनी पारंपरिक पोशाक को बेहद गर्व के साथ पहनते हैं।


गढ़वाल क्षेत्र में महिलाओं की पारंपरिक पोशाक (Garhwali Uttarakhand Traditional Dress For Women)

गढ़वाल क्षेत्र की महिलाओं का पहनावा सादगी और शालीनता का अद्भुत उदाहरण है। यहाँ की भौगोलिक परिस्थितियाँ बहुत कठिन हैं, जिसके कारण यहाँ का पहनावा व्यावहारिक और आरामदायक बनाया गया है।

१. साड़ी पहनने की अनूठी शैली (घाती धोती)

गढ़वाली महिलाएं जो साड़ी पहनती हैं, उसे बांधने का तरीका देश के अन्य हिस्सों से काफी अलग होता है। सामान्यतः भारत में साड़ी का पल्लू आगे से पीछे या पीछे से आगे कंधे पर डाला जाता है, लेकिन गढ़वाल में इसे ‘घाती’ या ‘घाती धोती’ शैली में बांधा जाता है। इसमें साड़ी के पल्लू को पीछे से लाकर आगे की तरफ दोनों कंधों पर बांधा या फंसाया जाता है। यह शैली महिलाओं को पहाड़ों पर चढ़ने-उतरने और खेतों में काम करने के दौरान काफी आसानी प्रदान करती है।

२. आंगरा या आंगड़ी (Angra or Angdi)

साड़ी या ब्लाउज के ऊपर पहने जाने वाले एक पारंपरिक ऊपरी वस्त्र को ‘आंगरा’ या ‘आंगड़ी’ कहा जाता है। यह एक प्रकार का फुल-स्लीव (पूरी आस्तीन का) कुर्ता या जैकेट होता है, जो पहाड़ी हवाओं और कड़ाके की ठंड से महिलाओं के शरीर को गर्म रखने के लिए पहना जाता है।

३. कमरबंद (Kamarbandh)

खेतों में काम करते समय या जंगलों से घास और लकड़ियां लाते समय साड़ी ढीली न हो और कमर को अतिरिक्त सहारा मिले, इसके लिए गढ़वाली महिलाएं कमर पर एक कपड़ा बांधती हैं, जिसे कमरबंद कहा जाता है। कुछ विशेष अवसरों पर चाँदी की बनी सुंदर कमरबंद (तगड़ी) भी पहनी जाती है।

४. ढांटू या हेडस्कार्फ (Dhantu)

पहाड़ों में धूप, धूल और ठंडी हवाओं से सिर को बचाने के लिए और काम करते समय बाल आगे न आएं, इसके लिए महिलाएं सिर पर एक स्कार्फ बांधती हैं जिसे ‘ढांटू’ कहा जाता है। यह ग्रामीण गढ़वाल में महिलाओं की पहचान का एक अनिवार्य हिस्सा है।

५. विशाल गढ़वाली नथ (Garhwali Nath)

गढ़वाली सुहागिन महिलाओं के सिंगार में नथ का स्थान सर्वोपरि है। गढ़वाल की नथ आकार में काफी बड़ी और भारी होती है। इस पर सोने और मोतियों की बेहद खूबसूरत नक्काशी की जाती है। शादी के दिन से लेकर हर शुभ अवसर पर महिलाएं इसे पहनती हैं।


कुमाऊं क्षेत्र में महिलाओं की पारंपरिक पोशाक (Kumaoni Uttarakhand Traditional Dress For Women)

कुमाऊं क्षेत्र का पहनावा गढ़वाल से काफी भिन्न है और यह अपनी विशिष्ट जीवंतता और कलात्मकता के लिए जाना जाता है।

१. घाघरा और चोली (Ghagra and Choli)

कुमाऊंनी महिलाएं पारंपरिक रूप से एक लंबा, घेरदार घाघरा पहनती हैं, जो मुख्य रूप से सूती या ऊनी कपड़े का बना होता है। इसके ऊपर वे पूरी आस्तीन का ब्लाउज (चोली) या कुर्ता पहनती हैं। सर्दियों में ठंड से बचने के लिए इसके नीचे वे ऊनी कपड़े भी पहनती हैं।

२. रंगवाली पिछौड़ा (Pichora) – कुमाऊं की पहचान

कुमाऊंनी उत्तराखंड पारंपरिक पोशाक में सबसे महत्वपूर्ण और विश्व प्रसिद्ध वस्त्र है ‘पिछौड़ा’ (Pichora)। यह गहरे पीले या केसरिया रंग का एक विशेष दुपट्टा या ओढ़नी होती है, जिस पर लाल या मैरून रंग से पारंपरिक कलाकृतियां और मांगलिक चिह्न जैसे शंख, चक्र, स्वास्तिक, सूर्य और चंद्रमा आदि बने होते हैं।

  • महत्व: पिछौड़ा कुमाऊं में सुहाग का प्रतीक माना जाता है। हर विवाहित महिला शादी, नामकरण, जनेऊ और त्योहारों जैसे सभी मांगलिक अवसरों पर इसे अनिवार्य रूप से पहनती है।

३. चरेऊ (Chareu)

कुमाऊं में विवाहित महिलाएं गले में काले मोतियों और सोने के दानों से बनी एक माला पहनती हैं, जिसे ‘चरेऊ’ कहा जाता है। यह उत्तर भारत के मंगलसूत्र के समान ही सुहाग का प्रतीक माना जाता है।


उत्तराखंड में पुरुषों की पारंपरिक पोशाक (Uttarakhand Traditional Dress Male)

उत्तराखंड के पुरुषों का पहनावा उनकी सादगी, गरिमा और पहाड़ी जीवन की कठिन परिस्थितियों के अनुकूल होता है। गढ़वाल और कुमाऊं दोनों क्षेत्रों में पुरुषों के पहनावे में काफी समानताएं देखने को मिलती हैं।

१. कुर्ता और पायजामा (Kurta and Pyjama)

दैनिक जीवन में उत्तराखंड के पुरुष सूती या खादी का कुर्ता और पायजामा पहनते हैं। ऊंचे और पथरीले पहाड़ों पर आसानी से चलने-फिरने के लिए पायजामा ढीला या चूड़ीदार होता है।

२. धोती (Dhoti)

धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ और शादियों के अवसर पर पुरुष धोती पहनना पसंद करते हैं।

  • गढ़वाल में: गढ़वाली दूल्हा अपनी शादी में पीले रंग की धोती पहनना शुभ मानता है।
  • कुमाऊं में: कुमाऊंनी परंपरा में पूजा और शादी के समय पुरुष मुख्य रूप से सफेद या क्रीम रंग की सूती धोती पहनते हैं।

३. अंगरखा या छूबा (Angrakha or Chhuba)

विशेष पर्वों या सांस्कृतिक आयोजनों के समय पुरुष कुर्ते के ऊपर एक लंबा वस्त्र पहनते हैं जिसे ‘अंगरखा’ कहा जाता है। यह सीने के पास से डोरी से बंधा होता है। यह पुरुषों को एक बेहद शालीन और पारंपरिक रूप देता है।

४. पहाड़ी टोपी (Pahadi Topi) – उत्तराखंड का गौरव

उत्तराखंड की पारंपरिक पोशाक पुरुषों के लिए अधूरी है अगर वे सिर पर ‘पहाड़ी टोपी’ न पहनें। यह गहरे रंग (काले या भूरे) के मोटे कपड़े या ऊन से बनी एक गोल टोपी होती है।

  • सांस्कृतिक महत्व: पहाड़ी टोपी केवल एक पहनावा नहीं बल्कि उत्तराखंडी अस्मिता और सम्मान का प्रतीक है। आज देश के बड़े-बड़े राजनेता और प्रधानमंत्री भी उत्तराखंड आगमन पर इस टोपी को धारण कर यहाँ की संस्कृति का सम्मान करते हैं।

जौनसारी जनजाति की पारंपरिक पोशाक (Jaunsari Traditional Dress)

उत्तराखंड के जौनसार-बावर क्षेत्र में रहने वाले जौनसारी समुदाय का पहनावा गढ़वाल और कुमाऊं दोनों से बिल्कुल अलग और बेहद आकर्षक होता है।

१. महिलाओं का पहनावा

जौनसारी महिलाएं एक विशेष प्रकार का घाघरा और कुर्ती पहनती हैं। इसके साथ ही वे सिर पर एक विशेष प्रकार का स्कार्फ बांधती हैं जिसे ‘धांतु’ ही कहा जाता है, लेकिन इसे बांधने की शैली थोड़ी अलग होती है। जौनसारी महिलाएं ऊन से बने बेहद रंग-बिरंगे और कलात्मक वस्त्र पहनना पसंद करती हैं।

२. पुरुषों का पहनावा

जौनसारी पुरुष पारंपरिक रूप से ऊनी कोट, जिसे स्थानीय भाषा में ‘झुलका’ कहा जाता है, और चूड़ीदार पायजामा पहनते हैं। उनके सिर पर एक विशेष प्रकार की ऊनी टोपी होती है जिसे ‘डिगवा’ कहा जाता है। यह टोपी सामान्य पहाड़ी टोपी से थोड़ी अलग और किनारों से मुड़ी हुई होती है।


उत्तराखंड के पारंपरिक आभूषण (Traditional Jewelry of Uttarakhand)

पोशाक के साथ-साथ उत्तराखंड के पारंपरिक आभूषण भी यहाँ की महिलाओं के श्रृंगार का एक अभिन्न अंग हैं। ये आभूषण सोने और चांदी से बने होते हैं और बेहद कलात्मक होते हैं।

१. गुलूबंद (Guloband)

यह एक प्रकार का चोकर (Choker) हार होता है जो गले से सटकर पहना जाता है। यह लाल या मैरून रंग की मखमली पट्टी पर सोने के चौकोर टुकड़ों को जड़कर बनाया जाता है। कुमाऊं और गढ़वाल दोनों क्षेत्रों की सुहागिन महिलाओं के लिए यह एक अत्यंत लोकप्रिय आभूषण है।

२. हँसुली (Hansuli or Khagwali)

यह चांदी या सोने से बना एक ठोस और भारी गोलाकार आभूषण होता है, जिसे गले में पहना जाता है। यह अपनी बनावट के कारण बेहद आकर्षक लगता है और विशेष अवसरों पर ही पहना जाता है।

३. पौंछी (Pahunchi)

पौंछी कलाई में पहने जाने वाला एक विशेष प्रकार का कंगन या ब्रेसलेट होता है। इसमें लाल रंग के कपड़े के आधार पर सोने के छोटे-छोटे दानों या मणियों को पिरोया जाता है। यह कुमाऊं और गढ़वाल दोनों क्षेत्रों में काफी लोकप्रिय है।

४. बुलाक (Bulaq)

बुलाक नाक के बीच के हिस्से (Septum) में पहने जाने वाला एक पारंपरिक आभूषण है। यह सोने का बना होता है और इस पर बेहद बारीक नक्काशी होती है। हालांकि, आधुनिक समय में इसका चलन काफी कम हो गया है और केवल बुजुर्ग महिलाओं या सुदूर ग्रामीण इलाकों में ही यह देखने को मिलता है।

५. बिछुवा और झांझर (Bichuwa and Payal)

उत्तराखंड में विवाहित महिलाओं के लिए पैरों की उंगलियों में चांदी की बिछिया (बिछुवा) और पैरों में चांदी की भारी पाजेब या झांझर पहनना बेहद जरूरी और सुहाग की निशानी माना जाता है।


आधुनिक युग में उत्तराखंड की पारंपरिक पोशाक का स्वरूप (Modern Influence on Uttarakhand Traditional Dress)

समय के साथ और आधुनिकता के प्रभाव के कारण उत्तराखंड के लोगों के दैनिक पहनावे में काफी बदलाव आया है। आज की युवा पीढ़ी रोजमर्रा की जिंदगी में जींस, टी-शर्ट, सूट और वेस्टर्न ड्रेसेस पहनना अधिक पसंद करती है। लेकिन इसके बावजूद उत्तराखंड की पारंपरिक पोशाक का महत्व कम नहीं हुआ है।

आजकल ‘फ्यूजन वियर’ (Fusion Wear) का चलन बढ़ गया है। युवा लड़कियां और महिलाएं आधुनिक साड़ियों और लहंगों के साथ कुमाऊंनी ‘पिछौड़ा’ पहनना पसंद करती हैं। इसी तरह, आधुनिक कुर्तों के साथ पारंपरिक आभूषणों जैसे गुलूबंद या गढ़वाली नथ को कैरी करके एक नया और ट्रेंडी लुक क्रिएट किया जाता है।

सोशल मीडिया, उत्तराखंडी लोक संगीत के एलबम्स और फिल्मों ने भी पारंपरिक पोशाक को बढ़ावा देने में बड़ी भूमिका निभाई है। प्रवासी उत्तराखंडी जो देश-विदेश के अन्य शहरों में रहते हैं, वे भी अपनी शादियों और पारिवारिक समारोहों में उत्तराखंड की पारंपरिक पोशाक को बड़े गर्व के साथ पहनते हैं ताकि वे अपनी जड़ों से जुड़े रह सकें।


निष्कर्ष (Conclusion)

उत्तराखंड की पारंपरिक पोशाक (uttarakhand traditional dress) केवल वस्त्रों का एक समूह नहीं है, बल्कि यह देवभूमि की आत्मा, उसकी अनूठी संस्कृति और गौरवशाली इतिहास का प्रतिबिंब है। गढ़वाल की अनोखी ‘घाती’ साड़ी से लेकर कुमाऊं के पावन ‘पिछौड़ा’ और स्वाभिमान की प्रतीक ‘पहाड़ी टोपी’ तक, हर वस्त्र अपने आप में एक कहानी समेटे हुए है।

भौगोलिक विषमताओं और कड़ाके की ठंड के बीच विकसित हुई यह वेशभूषा आज भी उत्तराखंड के लोगों को उनकी सांस्कृतिक पहचान से जोड़े रखने का सबसे बड़ा माध्यम है। आधुनिकता के इस दौर में भी अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखना और नई पीढ़ी को इसके प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न १: उत्तराखंड की सबसे प्रसिद्ध महिला पारंपरिक पोशाक कौन सी है? उत्तर: कुमाऊं क्षेत्र का ‘रंगवाली पिछौड़ा’ और गढ़वाल क्षेत्र की ‘घाती’ स्टाइल में पहनी जाने वाली साड़ी और बड़ी नथ उत्तराखंड की सबसे प्रसिद्ध पारंपरिक महिला पोशाक और श्रृंगार हैं।

प्रश्न २: पिछौड़ा (Pichora) क्या है और इसका क्या महत्व है? उत्तर: पिछौड़ा पीले या केसरिया रंग का एक विशेष मांगलिक दुपट्टा होता है, जिस पर लाल रंग से स्वास्तिक, शंख और सूर्य-चंद्रमा जैसे शुभ प्रतीक बने होते हैं। कुमाऊंनी संस्कृति में इसे सुहाग का प्रतीक माना जाता है और हर शुभ अवसर पर सुहागिन महिलाओं द्वारा इसे पहनना अनिवार्य होता है।

प्रश्न ३: पुरुषों के लिए उत्तराखंड की पारंपरिक पहचान क्या है? उत्तर: पुरुषों के लिए काले या गहरे रंग की ऊनी ‘पहाड़ी टोपी’ उत्तराखंड की पारंपरिक पहचान और गौरव का प्रतीक है। इसके अलावा कुर्ता-पायजामा और विशेष अवसरों पर धोती-कुर्ता पहना जाता है।

प्रश्न ४: ‘गुलूबंद’ आभूषण की क्या विशेषता है? उत्तर: गुलूबंद एक प्रकार का चोकर हार होता है जो गले से पूरी तरह सटा रहता है। यह लाल या मैरून मखमली कपड़े पर सोने के चौकोर टुकड़ों को जड़कर बनाया जाता है, जो कुमाऊं और गढ़वाल दोनों क्षेत्रों में बेहद लोकप्रिय है।

प्रश्न ५: क्या आज भी लोग उत्तराखंड की पारंपरिक पोशाक पहनते हैं? उत्तर: हाँ, हालांकि दैनिक जीवन में लोग अब आधुनिक पश्चिमी कपड़े अधिक पहनने लगे हैं, लेकिन शादियों, स्थानीय त्योहारों (जैसे हरेला, इगास, फूलदेई) और धार्मिक अनुष्ठानों के अवसर पर आज भी लोग पारंपरिक वेशभूषा और आभूषणों को बेहद चाव और गर्व के साथ धारण करते हैं।

Continue Reading

Blog

Anurag Dobhal Biography : जानिए UK07 Rider की नेटवर्थ..

Published

on

Anurag Dobhal , Uk07 Rider

Anurag Dobhal : मानसिक दबाव, वायरल वीडियो और UK07 Rider की जिंदगी का सच

सोशल मीडिया की दुनिया में मशहूर मोटो-व्लॉगर Anurag Dobhal इन दिनों अचानक सुर्खियों में आ गए हैं। अपने दमदार बाइक व्लॉग्स और ट्रैवल कंटेंट के लिए पहचाने जाने वाले UK07 Rider ने हाल ही में एक ऐसा वीडियो शेयर किया जिसने उनके लाखों फैंस को चौंका दिया। इस वीडियो में उन्होंने अपनी निजी जिंदगी, पारिवारिक विवाद और मानसिक दबाव के बारे में खुलकर बात की।

वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर हलचल मच गई। कई फैंस ने उनकी मानसिक स्थिति को लेकर चिंता जताई, जबकि कुछ लोगों ने उन्हें मजबूत रहने की सलाह दी। इसके बाद 7 मार्च को हुई एक घटना ने इस पूरे मामले को और गंभीर बना दिया, जब लाइव स्ट्रीम के दौरान उनकी कार का एक्सीडेंट हो गया।

यह घटना सिर्फ एक यूट्यूबर की खबर नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि सोशल मीडिया की चमकदार दुनिया के पीछे कई बार गहरी व्यक्तिगत परेशानियां भी छिपी होती हैं। आइए विस्तार से जानते हैं Anurag Dobhal यानी UK07 Rider की जिंदगी, उनके करियर, विवाद और हालिया घटनाओं के बारे में।


कौन हैं Anurag Dobhal?

Anurag Dobhal भारत के सबसे लोकप्रिय मोटो-व्लॉगर्स में से एक हैं। इंटरनेट पर लोग उन्हें उनके चैनल नाम UK07 Rider से ज्यादा पहचानते हैं। उत्तराखंड से ताल्लुक रखने वाले अनुराग ने यूट्यूब के जरिए लाखों युवाओं के दिलों में अपनी जगह बनाई है।

उनका कंटेंट मुख्य रूप से बाइक राइडिंग, रोड ट्रिप, एडवेंचर और लाइफस्टाइल व्लॉग्स पर आधारित होता है। शानदार सिनेमेटोग्राफी, हाई-एंड बाइक्स और लंबी ट्रैवल जर्नी उनके वीडियो की खास पहचान है।

आज उनके यूट्यूब चैनल पर करीब 7.8 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं। वहीं इंस्टाग्राम पर भी उनके 7.6 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स मौजूद हैं।

यूट्यूब पर शुरुआत में उन्होंने छोटे-छोटे बाइकिंग वीडियो बनाए, लेकिन धीरे-धीरे उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ती चली गई।


बिग बॉस 17 से और बढ़ी लोकप्रियता

साल 2023 में Anurag Dobhal को टीवी के सबसे चर्चित रियलिटी शो Bigg Boss Season 17 में भी देखा गया था। इस शो में आने के बाद उनकी लोकप्रियता और भी ज्यादा बढ़ गई।

हालांकि शो के दौरान कई विवाद भी सामने आए, लेकिन इससे उनकी फैन फॉलोइंग में कमी नहीं आई। बल्कि सोशल मीडिया पर उनकी चर्चा और ज्यादा होने लगी।

आज कई लोग उन्हें दुनिया के सबसे चर्चित मोटो व्लॉगर्स में से एक मानते हैं।


कितनी है Anurag Dobhal की नेटवर्थ?

अगर बात करें Anurag Dobhal की कमाई की, तो रिपोर्ट्स के अनुसार उनकी कुल नेटवर्थ करीब 20 से 25 करोड़ रुपये के बीच बताई जाती है।

उनकी कमाई के मुख्य स्रोत हैं:

  • यूट्यूब एड रेवेन्यू
  • ब्रांड स्पॉन्सरशिप
  • सोशल मीडिया प्रमोशन
  • पब्लिक अपीयरेंस
  • मर्चेंडाइज और कोलैबोरेशन

अनुमान के मुताबिक उनकी मंथली इनकम करीब 10 लाख से 20 लाख रुपये तक हो सकती है। हालांकि यह पूरी तरह यूट्यूब व्यूज़ और ब्रांड डील्स पर निर्भर करता है।


करोड़ों रुपये का गैराज

बाइकिंग के शौकीन UK07 Rider ने अपने महंगे वाहनों के लिए एक खास गैराज भी बनाया है।

एक यूट्यूब वीडियो के मुताबिक इस गैराज की कीमत करीब 8 करोड़ रुपये बताई जाती है।

दिलचस्प बात यह है कि यह जमीन पहले परिवार के लिए घर बनाने के लिए खरीदी गई थी, लेकिन बाद में अनुराग ने इसे अपने बाइक्स और कारों के लिए एक लग्जरी गैराज में बदल दिया।

इसके अलावा देहरादून में उन्होंने करीब 3 करोड़ रुपये की जमीन भी खरीदी है, जो उनकी मां के नाम पर बताई जाती है।


सुपरबाइक्स का शानदार कलेक्शन

Anurag Dobhal को बाइकिंग का बेहद शौक है और उनके गैरेज में कई हाई-परफॉर्मेंस सुपरबाइक्स मौजूद हैं।

उनके कलेक्शन में शामिल कुछ प्रमुख बाइक्स:

  • Kawasaki Ninja H2
  • BMW S 1000 RR
  • BMW R 1250 GS Adventure
  • Suzuki Hayabusa
  • Kawasaki Ninja ZX-10R

इसके अलावा उनके पास

  • BMW G 310 GS
  • KTM RC 200
  • Bajaj Avenger 200

जैसी बाइक्स भी हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार उनके बाइक कलेक्शन की कुल कीमत 8 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जाती है।


लग्जरी कारों का भी शौक

बाइक्स के अलावा UK07 Rider को लग्जरी कारों का भी काफी शौक है।

उनके पास कई महंगी और हाई-परफॉर्मेंस कारें हैं, जिनकी झलक उनके व्लॉग्स में अक्सर देखने को मिलती है।

उनकी कार कलेक्शन में शामिल हैं:

  • Lamborghini Huracan
  • Toyota Supra MK5
  • Ford Mustang GT
  • Toyota Hilux
  • Mahindra Thar
  • Toyota Fortuner
  • Kia Sonet

इन कारों का इस्तेमाल वे अपने ट्रैवल और एडवेंचर कंटेंट के लिए भी करते हैं।


वायरल हुआ भावुक व्लॉग

हाल ही में Anurag Dobhal ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक लंबा व्लॉग अपलोड किया था, जिसमें उन्होंने अपनी निजी जिंदगी के बारे में खुलकर बात की।

वीडियो में उन्होंने बताया कि उनकी इंटर-कास्ट मैरिज को लेकर परिवार में विवाद चल रहा है।

उनके मुताबिक उनके घरवालों को उनकी पत्नी रितिका से शादी मंजूर नहीं थी। यहां तक कि उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी को घर में घुसने तक नहीं दिया गया।

अनुराग ने यह भी कहा कि पारिवारिक विवाद की वजह से उनका मानसिक तनाव काफी बढ़ गया है।

वीडियो में वे कई बार भावुक होते भी नजर आए।


इंस्टाग्राम लाइव के दौरान हुआ हादसा

इस पूरे मामले ने तब गंभीर मोड़ ले लिया जब 7 मार्च को Anurag Dobhal ने इंस्टाग्राम पर लाइव स्ट्रीमिंग शुरू की।

लाइव वीडियो में वे तेज रफ्तार से गाड़ी चलाते हुए नजर आए। इसी दौरान अचानक उनकी कार डिवाइडर से टकरा गई और स्ट्रीमिंग बंद हो गई।

वीडियो में अनुराग काफी भावुक दिखाई दे रहे थे और उन्होंने इस राइड को अपनी आखिरी राइड तक कह दिया था।

यह क्लिप कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और फैंस घबरा गए।


अस्पताल में भर्ती हुए Anurag Dobhal

हादसे के तुरंत बाद उनके दोस्तों ने उन्हें मेरठ के सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया।

बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के एक अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया।

रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें कुछ चोटें आई हैं और उन्हें आईसीयू में रखा गया था, हालांकि उनके मैनेजर ने बताया कि अब उनकी हालत स्थिर है।

डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।


फैंस और सेलेब्स ने जताई चिंता

जैसे ही यह खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर उनके फैंस ने चिंता जाहिर करनी शुरू कर दी।

ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर हजारों लोग उनके जल्द ठीक होने की दुआ कर रहे हैं।

कई टीवी सेलेब्रिटीज और सोशल मीडिया क्रिएटर्स ने भी उनके लिए प्रार्थना की और उन्हें मजबूत बने रहने की सलाह दी।


सोशल मीडिया स्टार्स पर मानसिक दबाव

Anurag Dobhal का मामला एक बड़ी सच्चाई भी सामने लाता है।

सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स और करोड़ों की कमाई होने के बावजूद कई क्रिएटर्स को निजी जिंदगी में मानसिक दबाव और भावनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

कंटेंट बनाने का लगातार दबाव, पब्लिक लाइफ और निजी रिश्तों की जटिलताएं कई बार मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं।


निष्कर्ष

Anurag Dobhal यानी UK07 Rider की कहानी सिर्फ एक मशहूर मोटो-व्लॉगर की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि शोहरत के पीछे कई बार निजी संघर्ष भी छिपे होते हैं।

हालिया घटना ने उनके फैंस को झकझोर दिया है, लेकिन अच्छी बात यह है कि अब उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

फैंस को उम्मीद है कि वह जल्द स्वस्थ होकर फिर से अपने पसंदीदा बाइक व्लॉग्स के साथ वापस आएंगे।

सोशल मीडिया पर भी लोग यही संदेश दे रहे हैं कि जिंदगी किसी भी सफलता से ज्यादा कीमती होती है और हर मुश्किल समय में साथ खड़े रहना ही सबसे बड़ी ताकत है।

Continue Reading

Uttarakhand

Bhootnath Temple Rishikesh : जानिये इतिहास, रहस्य और आध्यात्मिक महत्व..

Published

on

Bhootnath Temple Rishikesh : जानिये इतिहास, रहस्य और आध्यात्मिक महत्व..

परिचय : Bhootnath Temple Rishikesh

उत्तराखंड के पवित्र शहर ऋषिकेश को योग, ध्यान और अध्यात्म की राजधानी कहा जाता है। यहां गंगा तट पर कई प्राचीन मंदिर और आश्रम स्थित हैं, जो लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इन्हीं पवित्र स्थलों में से एक है भूतनाथ मंदिर, जिसे आध्यात्मिक ऊर्जा और रहस्यमयी वातावरण के लिए जाना जाता है।

भूतनाथ मंदिर ऋषिकेश एक बहुमंजिला प्राचीन शिव मंदिर है, जहां भगवान शिव के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है। यह मंदिर शांत वातावरण, सुंदर प्राकृतिक दृश्य और धार्मिक महत्व के कारण श्रद्धालुओं के लिए खास स्थान रखता है।

इस लेख में हम भूतनाथ मंदिर का इतिहास, धार्मिक महत्व, वास्तुकला, दर्शन समय, यात्रा गाइड और रोचक तथ्यों के बारे में विस्तार से जानेंगे।


भूतनाथ मंदिर का स्थान

Image

भूतनाथ मंदिर ऋषिकेश उत्तराखंड के पवित्र शहर ऋषिकेश में गंगा नदी के किनारे स्थित है। यह मंदिर प्रसिद्ध राम झूला के पास पहाड़ी पर बना हुआ है।

मंदिर की ऊंचाई से गंगा नदी और आसपास के पर्वतीय दृश्य बेहद मनमोहक दिखाई देते हैं। यही कारण है कि यहां आने वाले श्रद्धालु आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ प्रकृति की खूबसूरती का भी आनंद लेते हैं।


भूतनाथ मंदिर का इतिहास

भूतनाथ मंदिर का इतिहास कई दशकों पुराना माना जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और यहां उन्हें भूतनाथ यानी भूत-प्रेतों के स्वामी के रूप में पूजा जाता है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक समय भगवान शिव ने इस स्थान पर तपस्या की थी। कहा जाता है कि भगवान शिव यहां अपने गणों और भूत-प्रेतों के साथ विराजमान रहते थे। इसी वजह से इस स्थान का नाम भूतनाथ मंदिर पड़ा।

समय के साथ यह मंदिर धीरे-धीरे विस्तारित होता गया और आज यह कई मंजिलों वाला भव्य मंदिर बन चुका है।


भूतनाथ मंदिर की वास्तुकला

Image

भूतनाथ मंदिर ऋषिकेश की वास्तुकला बेहद अनोखी है।

इस मंदिर की कुछ प्रमुख विशेषताएं:

  • यह मंदिर कई मंजिलों में बना हुआ है
  • हर मंजिल पर अलग-अलग देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं
  • मंदिर की दीवारों पर धार्मिक चित्र और पौराणिक कथाओं के दृश्य बनाए गए हैं
  • मंदिर का शिखर पारंपरिक उत्तर भारतीय शैली में बनाया गया है

ऊपर की मंजिलों से गंगा नदी और लक्ष्मण झूला क्षेत्र का शानदार दृश्य दिखाई देता है।


भूतनाथ मंदिर का धार्मिक महत्व

भूतनाथ मंदिर का धार्मिक महत्व अत्यंत विशेष माना जाता है।

हिंदू धर्म में भगवान शिव को भूतों और गणों के स्वामी कहा गया है। इसलिए उन्हें भूतनाथ भी कहा जाता है।

श्रद्धालुओं का मानना है कि:

  • यहां पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
  • मानसिक शांति और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है
  • भय और बाधाओं से मुक्ति मिलती है

विशेष रूप से महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।


भूतनाथ मंदिर से जुड़ी मान्यताएं

इस मंदिर से कई रोचक धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं।

  1. नकारात्मक शक्तियों से रक्षा
    मान्यता है कि भूतनाथ मंदिर में भगवान शिव की पूजा करने से नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा मिलती है।
  2. तपस्या स्थल
    कई साधु-संतों ने इस क्षेत्र में वर्षों तक तपस्या की है।
  3. आध्यात्मिक ऊर्जा
    यहां का वातावरण ध्यान और साधना के लिए अत्यंत उपयुक्त माना जाता है।
Image

भूतनाथ मंदिर में मनाए जाने वाले प्रमुख पर्व

भूतनाथ मंदिर में पूरे वर्ष कई धार्मिक त्योहार मनाए जाते हैं।

1. महाशिवरात्रि

महाशिवरात्रि के दिन यहां विशेष पूजा और रात्रि जागरण किया जाता है।

2. सावन माह

सावन के महीने में भगवान शिव के भक्त दूर-दूर से यहां जलाभिषेक करने आते हैं।

3. श्रावण सोमवार

श्रावण सोमवार के दिन मंदिर में विशेष भीड़ रहती है और भक्त गंगा जल से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं।


भूतनाथ मंदिर दर्शन का समय

यदि आप भूतनाथ मंदिर ऋषिकेश जाने की योजना बना रहे हैं, तो यहां के दर्शन समय इस प्रकार हैं:

  • सुबह: 6:00 बजे से 12:00 बजे तक
  • शाम: 4:00 बजे से 8:00 बजे तक

हालांकि त्योहारों के दौरान समय में परिवर्तन हो सकता है।


भूतनाथ मंदिर कैसे पहुंचे

सड़क मार्ग

ऋषिकेश उत्तराखंड के प्रमुख शहरों से सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।

रेल मार्ग

सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है
ऋषिकेश रेलवे स्टेशन।

हवाई मार्ग

सबसे नजदीकी हवाई अड्डा है
जॉली ग्रांट एयरपोर्ट।

यहां से टैक्सी या बस द्वारा आसानी से मंदिर पहुंचा जा सकता है।


भूतनाथ मंदिर घूमने का सबसे अच्छा समय

ऋषिकेश घूमने के लिए अक्टूबर से मार्च का समय सबसे अच्छा माना जाता है।

इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और गंगा तट की सुंदरता देखने लायक होती है।

सावन और महाशिवरात्रि के समय भी यहां विशेष धार्मिक माहौल देखने को मिलता है।

Image

भूतनाथ मंदिर के आसपास घूमने की जगहें

यदि आप भूतनाथ मंदिर ऋषिकेश जा रहे हैं, तो आसपास के इन स्थानों को भी देख सकते हैं।

1. राम झूला

राम झूला गंगा नदी पर बना प्रसिद्ध झूला पुल है।

2. लक्ष्मण झूला

लक्ष्मण झूला ऋषिकेश का एक ऐतिहासिक और लोकप्रिय पर्यटन स्थल है।

3. त्रिवेणी घाट

त्रिवेणी घाट शाम की गंगा आरती के लिए प्रसिद्ध है।


भूतनाथ मंदिर से जुड़े रोचक तथ्य

  • यह मंदिर कई मंजिलों में बना हुआ है
  • यहां हर मंजिल पर अलग-अलग देवी-देवताओं की मूर्तियां हैं
  • मंदिर की ऊंचाई से गंगा नदी का शानदार दृश्य दिखाई देता है
  • यह ऋषिकेश के सबसे शांत और आध्यात्मिक स्थानों में से एक है

भूतनाथ मंदिर यात्रा के लिए टिप्स

यदि आप भूतनाथ मंदिर ऋषिकेश जाने की योजना बना रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:

  • सुबह के समय दर्शन करना बेहतर रहता है
  • आरामदायक जूते पहनें क्योंकि कुछ दूरी पैदल चलना पड़ सकता है
  • मंदिर परिसर में शांति बनाए रखें
  • गंगा तट की स्वच्छता का ध्यान रखें

निष्कर्ष

भूतनाथ मंदिर ऋषिकेश केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा और प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत संगम है। यहां आकर श्रद्धालु भगवान शिव की भक्ति के साथ-साथ गंगा तट की दिव्य शांति का अनुभव करते हैं।

यदि आप ऋषिकेश घूमने की योजना बना रहे हैं, तो भूतनाथ मंदिर जरूर जाएं। यहां का शांत वातावरण, भव्य मंदिर संरचना और आध्यात्मिक माहौल आपकी यात्रा को यादगार बना देगा।


FAQs

1. भूतनाथ मंदिर कहां स्थित है?

भूतनाथ मंदिर उत्तराखंड के ऋषिकेश में गंगा नदी के किनारे स्थित है।

2. भूतनाथ मंदिर किस देवता को समर्पित है?

यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है।

3. भूतनाथ मंदिर में कितनी मंजिलें हैं?

भूतनाथ मंदिर कई मंजिलों वाला मंदिर है और हर मंजिल पर अलग-अलग देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं।

4. भूतनाथ मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?

अक्टूबर से मार्च का समय यहां घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

5. क्या भूतनाथ मंदिर में विशेष त्योहार मनाए जाते हैं?

हाँ, यहां महाशिवरात्रि और सावन के दौरान विशेष पूजा और उत्सव मनाए जाते हैं।


Meta Title: भूतनाथ मंदिर ऋषिकेश: इतिहास, दर्शन, यात्रा गाइड
Meta Description:


Continue Reading
Advertisement
DEHRADUN NEWS
Dehradun14 hours ago

Dehradun News: DM सेविन बंसल का बड़ा फैसला, अल्ट्रासाउंड और रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटर पर सख्त नियम लागू

RUDRAPUR ACCIDENT
Udham Singh Nagar18 hours ago

RUDRAPUR ACCIDENT: पंतनगर में तेज रफ्तार का कहर, डंपर और बाइक की टक्कर से दो लोगों की मौत

DEHRADUN NEWS Kshitij Chaudhary Accident
Dehradun19 hours ago

DEHRADUN NEWS: 2 साल तक पुलिस रही नाकाम, माँ ने खुद ढूंढ निकाला बेटे का कातिल!

RAMNAGAR NEWS
Ramnagar20 hours ago

RAMNAGAR NEWS: अवैध खनन पर कार्रवाई के दौरान हंगामा, वन कर्मियों से मारपीट का आरोप

KAR vs PES Dream11 Prediction Match 17 PSL 2026
Cricket21 hours ago

KAR vs PES Dream11 Prediction Match 17 PSL 2026: क्या कराची को खलेगी डेविड वॉर्नर की कमी? पिच रिपोर्ट, प्लेइंग 11 और बेस्ट फैंटेसी टीम!

KKR vs LSG Dream11 Prediction Match 15 IPL 2026
Cricket22 hours ago

KKR vs LSG Dream11 Prediction Match 15 IPL 2026

LAH vs ISL Dream11 Prediction Match 16 PSL 2026
Cricket2 days ago

LAH vs ISL Dream11 Prediction Match 16 PSL 2026: पिच रिपोर्ट, प्लेइंग 11 और फैंटेसी क्रिकेट टिप्स

UTTARAKHAND CENSUS
Uttarakhand2 days ago

उत्तराखंड में जनगणना का पहला चरण, 10 अप्रैल से स्व-गणना, पहली बार डिजिटल होगी पूरी प्रक्रिया

UTTARAKHAND WEATHER UPDATE
uttarakhand weather2 days ago

UTTARAKHAND WEATHER UPDATE: 10 अप्रैल तक इन जिलों में बिगड़े रहेंगे मौसम के हालात, मौसम विभाग ने जारी किया पूर्वानुमान

uttarkashi news
Uttarkashi2 days ago

UTTARKASHI NEWS: चिन्यालीसौड़ हाई वोल्टेज ड्रामा, पालिका अध्यक्ष ने पुल पर चढ़कर DM को बुलाने की रखी मांग

rudrapur bus accident
Udham Singh Nagar2 days ago

रुद्रपुर में पलटी भारत-नेपाल मैत्री बस, मासूम बच्ची समेत 65 लोग थे सवार…

HARIDWAR BUS ACCIDENT
Haridwar2 days ago

हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे पर भीषण बस हादसा: बारातियों से भरी बस और रोडवेज की टक्कर, 15 घायल

HYK vs PES Dream11 team match 15 PSL 2026
Cricket2 days ago

HYK vs PES Dream11 Team Match 15 PSL 2026 – Best Prediction, Playing XI, Pitch Report

DC vs GT Dream11 team today IPL match 14
Cricket2 days ago

DC vs GT Dream11 Team Today IPL Match 14 | Best Fantasy Tips 2026

UKSSSC TENDER
Dehradun3 days ago

UKSSSC एक बार फिर सवालों के घेरे में, परीक्षा किट की टेंडर प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का आरोप

Breakingnews11 months ago

रामनगर: क़ब्रिस्तान की ज़मीन को लेकर विवाद, दफनाने से पहले उठा बवाल |

Breakingnews11 months ago

हरिद्वार: गंगा घाट किनारे पेड़ पर लिपटा मिला अजगर, वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

Breakingnews11 months ago

हरिद्वार में बीजेपी नेता की दबंगई कैमरे में कैद, अफसर पर बरसे अपशब्द, चुप्पी पर उठे सवाल

Breakingnews11 months ago

“सासाराम की मुस्लिम महिलाओं ने रचाया मेहंदी से ‘ऑपरेशन सिन्दूर’, पीएम मोदी के स्वागत में गूंजा एकता का संदेश|

Breakingnews11 months ago

भदोही में खाकी शर्मसार: रिश्वत लेते पकड़े गए पुलिसकर्मी, वीडियो वायरल |

Breakingnews11 months ago

“चकराता के टाइगर फॉल में प्रकृति का कहर — भारी पेड़ और पत्थरों के गिरने से 2 की मौके पर मौत, कई घायल |

Breakingnews11 months ago

मेरठ में महिला के साथ सड़क पर अश्लील हरकत करने वाला युवक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की गिरफ्त में |

Breakingnews11 months ago

वायरल-होने-का-शौक-पड़ा-भारी-—-देहरादून-पुलिस-ने-स्टंटबाज़-युवती-पर-की-चालानी-कार्रवाई |

Breakingnews11 months ago

ब्रेकिंग न्यूज़ | चमोली जिले के पोखरी ब्लॉक के हापला बाजार में उद्यान विभाग के कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

Nainital11 months ago

नैनीताल: राज्यपाल गुरमीत सिंह ने किए मां नैना देवी के दर्शन, प्रदेश की सुख-शांति की कामना की….

Crime2 years ago

खेत की मेढ़ काटने को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष का वीडियो सोशल मिडिया पर वायरल….

Dehradun2 years ago

उत्तराखंड: पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और डीजीपी अभिनव कुमार आमने-सामने, त्रिवेंद्र ने आखिर क्यों DGP को दी हद में रहने की सलाह ?

Dehradun2 years ago

VIDEO: सुबह मॉर्निंग वॉक पर हाइवे पर निकला हाथी, पूर्व सैनिक घयाल, अस्पताल में भर्ती

Madhya Pradesh2 years ago

शिक्षक दिवस के अवसर पर इस शराबी शिक्षक का वीडियो सोशल मिडिया पर जमकर हो रहा वायरल !

Crime2 years ago

VIDEO: महिला की शिकायत पर हुआ नैनीताल दुग्ध संघ के अध्यक्ष पर मुकदमा दर्ज, दुष्कर्म का आरोप।

Advertisement
Breakingnews11 months ago

रामनगर: क़ब्रिस्तान की ज़मीन को लेकर विवाद, दफनाने से पहले उठा बवाल |

Breakingnews11 months ago

हरिद्वार: गंगा घाट किनारे पेड़ पर लिपटा मिला अजगर, वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

Breakingnews11 months ago

हरिद्वार में बीजेपी नेता की दबंगई कैमरे में कैद, अफसर पर बरसे अपशब्द, चुप्पी पर उठे सवाल

Breakingnews11 months ago

“सासाराम की मुस्लिम महिलाओं ने रचाया मेहंदी से ‘ऑपरेशन सिन्दूर’, पीएम मोदी के स्वागत में गूंजा एकता का संदेश|

Breakingnews11 months ago

भदोही में खाकी शर्मसार: रिश्वत लेते पकड़े गए पुलिसकर्मी, वीडियो वायरल |

Breakingnews11 months ago

“चकराता के टाइगर फॉल में प्रकृति का कहर — भारी पेड़ और पत्थरों के गिरने से 2 की मौके पर मौत, कई घायल |

Breakingnews11 months ago

मेरठ में महिला के साथ सड़क पर अश्लील हरकत करने वाला युवक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की गिरफ्त में |

Breakingnews11 months ago

वायरल-होने-का-शौक-पड़ा-भारी-—-देहरादून-पुलिस-ने-स्टंटबाज़-युवती-पर-की-चालानी-कार्रवाई |

Breakingnews11 months ago

ब्रेकिंग न्यूज़ | चमोली जिले के पोखरी ब्लॉक के हापला बाजार में उद्यान विभाग के कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

Nainital11 months ago

नैनीताल: राज्यपाल गुरमीत सिंह ने किए मां नैना देवी के दर्शन, प्रदेश की सुख-शांति की कामना की….

Crime2 years ago

खेत की मेढ़ काटने को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष का वीडियो सोशल मिडिया पर वायरल….

Dehradun2 years ago

उत्तराखंड: पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और डीजीपी अभिनव कुमार आमने-सामने, त्रिवेंद्र ने आखिर क्यों DGP को दी हद में रहने की सलाह ?

Dehradun2 years ago

VIDEO: सुबह मॉर्निंग वॉक पर हाइवे पर निकला हाथी, पूर्व सैनिक घयाल, अस्पताल में भर्ती

Madhya Pradesh2 years ago

शिक्षक दिवस के अवसर पर इस शराबी शिक्षक का वीडियो सोशल मिडिया पर जमकर हो रहा वायरल !

Crime2 years ago

VIDEO: महिला की शिकायत पर हुआ नैनीताल दुग्ध संघ के अध्यक्ष पर मुकदमा दर्ज, दुष्कर्म का आरोप।

Dehradun10 months ago

देहरादून: मुख्यमंत्री धामी ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े का किया भव्य स्वागत…

Breakingnews10 months ago

ब्रेकिंग न्यूज़ देहरादून: आईपीएस रचिता जुयाल ने निजी कारणों से दिया इस्तीफा…

Crime10 months ago

हल्द्वानी: बनभूलपुरा क्षेत्र में युवक की पत्थर से कुचलकर हत्या, एक हिरासत में…

Dehradun10 months ago

देहरादून में स्मार्ट ऑटोमेटेड पार्किंग का कार्य अंतिम चरण में, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत…

Chamoli10 months ago

श्रद्धालुओं को ठगने बद्रीनाथ पहुंचा मोबाइल माफिया गैंग , पुलिस ने 6 को रंगे हाथों पकड़ा…

Crime10 months ago

कारोबारी को सेल्समैन ने लगाया 9 लाख से ज्यादा का चूना, फर्जी पेमेंट बुक से की ठगी, मुकदमा दर्ज…

Rudraprayag10 months ago

रुद्रप्रयाग: जखोली में फिर गुलदार का कहर, महिला की मौत से दहशत, वन विभाग के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश….

Dehradun10 months ago

देहरादून समेत उत्तराखंड के कई जिलों में आज भी बारिश, मौसम विभाग ने येलो अलर्ट किया जारी….

Dehradun10 months ago

अंकिता भंडारी हत्याकांड में इंसाफ की जीत, धामी सरकार की सख्ती से टूटा रसूखदारों का गुरूर…

Dehradun10 months ago

ऋषिकेश रेंज के जंगल में पत्ते लेने गए युवकों पर बाघ का हमला, एक की मौत, दूसरा घायल….

Dehradun10 months ago

राजभवन नैनीताल में मनाया गया गोवा स्थापना दिवस, राज्यपाल गुरमीत सिंह ने एक भारत, श्रेष्ठ भारत का दिया संदेश….

Dehradun10 months ago

उत्तराखंड में पूर्व सैनिकों के लिए बनेगा विशेष ट्रेनिंग सेंटर: मुख्यमंत्री धामी

Rudraprayag10 months ago

केदारनाथ धाम यात्रा: सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद केदारनाथ यात्रा मार्ग पर नहीं होगा घोड़े-खच्चरों का संचालन….

Nainital10 months ago

20वें गवर्नर्स कप गोल्फ टूर्नामेंट का राज्यपाल गुरमीत सिंह ने किया उद्घाटन, पहले दिन 70 गोल्फरों ने लिया भाग…

Crime10 months ago

अंकिता भंडारी हत्याकांड: तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा, कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला…

Breakingnews11 months ago

रामनगर: क़ब्रिस्तान की ज़मीन को लेकर विवाद, दफनाने से पहले उठा बवाल |

Breakingnews11 months ago

हरिद्वार: गंगा घाट किनारे पेड़ पर लिपटा मिला अजगर, वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

Breakingnews11 months ago

हरिद्वार में बीजेपी नेता की दबंगई कैमरे में कैद, अफसर पर बरसे अपशब्द, चुप्पी पर उठे सवाल

Breakingnews11 months ago

“सासाराम की मुस्लिम महिलाओं ने रचाया मेहंदी से ‘ऑपरेशन सिन्दूर’, पीएम मोदी के स्वागत में गूंजा एकता का संदेश|

Breakingnews11 months ago

भदोही में खाकी शर्मसार: रिश्वत लेते पकड़े गए पुलिसकर्मी, वीडियो वायरल |

Breakingnews11 months ago

“चकराता के टाइगर फॉल में प्रकृति का कहर — भारी पेड़ और पत्थरों के गिरने से 2 की मौके पर मौत, कई घायल |

Breakingnews11 months ago

मेरठ में महिला के साथ सड़क पर अश्लील हरकत करने वाला युवक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की गिरफ्त में |

Breakingnews11 months ago

वायरल-होने-का-शौक-पड़ा-भारी-—-देहरादून-पुलिस-ने-स्टंटबाज़-युवती-पर-की-चालानी-कार्रवाई |

Breakingnews11 months ago

ब्रेकिंग न्यूज़ | चमोली जिले के पोखरी ब्लॉक के हापला बाजार में उद्यान विभाग के कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

Nainital11 months ago

नैनीताल: राज्यपाल गुरमीत सिंह ने किए मां नैना देवी के दर्शन, प्रदेश की सुख-शांति की कामना की….

Crime2 years ago

खेत की मेढ़ काटने को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष का वीडियो सोशल मिडिया पर वायरल….

Dehradun2 years ago

उत्तराखंड: पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और डीजीपी अभिनव कुमार आमने-सामने, त्रिवेंद्र ने आखिर क्यों DGP को दी हद में रहने की सलाह ?

Dehradun2 years ago

VIDEO: सुबह मॉर्निंग वॉक पर हाइवे पर निकला हाथी, पूर्व सैनिक घयाल, अस्पताल में भर्ती

Madhya Pradesh2 years ago

शिक्षक दिवस के अवसर पर इस शराबी शिक्षक का वीडियो सोशल मिडिया पर जमकर हो रहा वायरल !

Crime2 years ago

VIDEO: महिला की शिकायत पर हुआ नैनीताल दुग्ध संघ के अध्यक्ष पर मुकदमा दर्ज, दुष्कर्म का आरोप।

Advertisement
Advertisement

Trending