Dehradun
उत्तराखंड: डीबीटी वाली सभी योजनाओं का लाभ अब मिलेगा एक क्लिक में, शासन स्तर से सीधे लाभार्थियों के खाते में जाएगी धनराशि।

देहरादून – उत्तराखंड सरकार प्रत्यक्ष लाभ अंतर (डीबीटी) वाली सभी योजनाओं का लाभ अब एक क्लिक से देने की तैयारी कर रही है। मौजूदा प्रक्रिया में योजना बेशक डीबीटी की है, लेकिन लाभार्थियों के खाते में पैसा कई चरणों से होकर पहुंचता है, जिसमें विलंब हो जाता है। इससे डीबीटी का उद्देश्य भी पूरा नहीं हो पा रहा है।

लाभार्थी भी समय-समय पर ये मसला सरकार के समक्ष उठाते रहे हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने भी इस संबंध में शासन के अधिकारियों को निर्देश दिए थे। अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सचिव वित्त और सचिव आईटी को इसकी शीघ्र व्यवस्था बनाने को कहा है।
वित्त विभाग के सूत्रों के मुताबिक, राज्य के 22 विभागों में 112 डीबीटी योजनाएं संचालित हो रही हैं।ये सभी कल्याणकारी योजनाएं हैं, जिनसे किसान, बागवान, समाज कल्याण विभाग के कई पेंशनर, स्कूल, कॉलेज और उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्रों की छात्रवृत्ति, महिलाएं, खाद्य आपूर्ति विभाग के उपभोक्ता, भूतपूर्व सैनिक, स्वतंत्रता सेनानियों, खिलाड़ियों व अन्य वर्गों के लिए अलग-अलग योजनाएं संचालित हो रही हैं और इनके लाभ डीबीटी के माध्यम से भेजने की व्यवस्था है। अकेले समाज कल्याण विभाग में ऐसी 18 योजनाएं चिह्नित हैं।
डीबीटी योजना होने के बावजूद लाभार्थी के खाते में पैसा पहुंचते-पहुंचते काफी देर हो जाती है। मिसाल के तौर पर समाज कल्याण विभाग के तहत दिव्यांगों, वृद्धों, विधवा को हर महीने पेंशन डीबीटी के माध्यम से ही जाती है, लेकिन शासन से वित्त विभाग इसे समाज कल्याण विभाग को भेजता है। समाज कल्याण विभाग इसे निदेशक समाज कल्याण को और वहां से यह जिला समाज कल्याण अधिकारियों के माध्यम से लाभार्थियों के खाते में जाती है।
आईटी के सहयोग से वित्त विभाग ऐसी व्यवस्था बनाएगा कि शासन स्तर पर ही एक क्लिक के माध्यम से संबंधित विभाग की योजना से जुड़े सभी लाभार्थियों को एक साथ खाते में पैसा मिल जाएगा। सचिव वित्त को लाभार्थी के प्रमाणीकरण की प्रक्रिया में होने वाली देरी को दूर कर नया तंत्र विकसित करने के निर्देश जारी हो गए हैं। समस्या के समाधान के लिए सचिव वित्त की अध्यक्षता में एक प्रकोष्ठ बनेगा, जो यह व्यवस्था बनाने में सहयोग करेंगे।
यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकार की कई विभागों के माध्यम से चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं की राशि लाभार्थी को डीबीटी के माध्यम से जल्द मिले। वित्त विभाग और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग इसकी त्वरित कार्यवाही करें। जन समस्याओं का समाधान शीघ्रता से किया जाए।
आईटी सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से निर्देश प्राप्त हुए हैं। डीबीटी के माध्यम से सभी लाभार्थियों को जल्द लाभ मिले, इसकी शीघ्र व्यवस्था बना ली जाएगी। इस व्यवस्था के तहत शासन स्तर से ही एक ही बार में लाभार्थियों के खाते में धनराशि चली जाएगी।
Dehradun
देहरादून में यहां मां ने दो मासूमों को नहर में फेंका, फिर खुद भी लगाई छलांग, मौके पर मची अफरा-तफरी

Dehradun News : विकासनगर की शक्ति नहर में महिला ने लगाई छलांग, बच्चों को भी फेंका
Dehradun News : देहरादून के विकासनगर से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने पहले अपने दो बच्चों को नहर में फेंका फिर खुद भी नहर में छलांग लगा दी। जिस से मौके पर हड़कंप मच गया।
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विकासनगर में मां ने दो मासूमों को नहर में फेंका
विकासनगर की शक्ति नहर से दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है। जहां एक मां अपने दो मासूम बच्चों के साथ नहर किनारे बैठी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक महिला पहले बच्चों को दूध पिलाती रही और फिर अचानक एक-एक कर दोनों मासूमों को उफनती नहर में फेंक दिया। इसके बाद महिला खुद भी नहर में कूद गई।

मौके पर मची अफरा-तफरी
घटना को देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय युवक शोएब और मुकर्रम ने बिना अपनी जान की परवाह किए नहर में छलांग लगा दी और दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि तेज बहाव में महिला लापता हो गई, जिसकी तलाश पुलिस और राहत टीम लगातार कर रही है।
मां का अब तक नहीं लग सका कोई सुराग
दोनों बच्चों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। मां का अब तक कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया। रेस्क्यू टीमें लगातार खोज कर रहीं हैं। इस घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया।
Dehradun
NO VEHICLE DAY: DG सूचना बंशीधर तिवारी साइकिल से पहुंचे दफ्तर, संयुक्त निदशक ने 16 किमी की दूरी पैदल चलकर की तय

देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन बचत और ऊर्जा संरक्षण को लेकर दिए गए संदेश के बाद उत्तराखंड सरकार ने भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। सरकार की ओर से वर्चुअल बैठकों को बढ़ावा देने और सरकारी कार्यालयों में “नो व्हीकल डे” लागू करने संबंधी गाइडलाइन जारी की गई है। इसी क्रम में शनिवार को राज्य सूचना विभाग में “नो व्हीकल डे” मनाया गया।
सूचना विभाग में कार्यरत 72 अधिकारी और कर्मचारियों ने इस पहल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कोई अधिकारी पब्लिक ट्रांसपोर्ट से दफ्तर पहुंचा तो किसी ने साइकिल का सहारा लिया। कई कर्मचारी ऑटो रिक्शा से कार्यालय पहुंचे। खास बात यह रही कि सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी करीब 10 से 15 किलोमीटर की दूरी साइकिल से तय कर सूचना निदेशालय पहुंचे।
NO VEHICLE DAY : DG सूचना बंशीधर तिवारी ने दिया बड़ा संदेश
सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने करीब 15 किलो मीटर की दूरी साइकिल से तय की. जिसके बाद वे रिंग रोड़ स्थित सूचना भवन अपने दफ्तर पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण समय की जरूरत है। कहा कि यदि सभी लोग इस तरह की पहल को नियमित रूप से अपनाएं तो इससे ऊर्जा संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
संयुक्त निदेशक कलम सिंह चौहान पैदल पहुंचे दफ्तर
वहीं उत्तराखंड सूचना विभाग में संयुक्त निदेशक के पद पर तैनात कलम सिंह चौहान विजय पार्क स्थित अपने घर से रिंग रोड़ सूचना भवन तक करीब 16 से 17 किलोमीटर की दूरी पैदल चलकर तय की। उन्होंने बताया कि यह दूरी उन्होंने करीब डेढ़ घंटे में पूरी की।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील का सभी लोग पालन करें तो देश को बड़ा फायदा होगा। उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि जब तक “नो व्हीकल डे” लागू रहेगा, तब तक वे घर से दफ्तर और दफ्तर से घर तक पैदल ही जाएंगे।
इलेक्ट्रिक व्हीकल से पहुंचे अपर निदेशक
अपर निदेशक आशीष कुमार त्रिपाठी इलेक्ट्रिक व्हीकल से कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह आह्वान हरित क्रांति की दिशा में बड़ा कदम है और इसमें सभी लोगों को सहयोग करना चाहिए।
कुल मिलाकर देखा जाए तो प्रदेश सरकार की नई गाइडलाइन का पालन सबसे पहले सूचना विभाग में देखने को मिला। “नो व्हीकल डे” के दौरान महानिदेशक से लेकर कर्मचारियों तक सभी समय पर दफ्तर पहुंचे और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। यदि यही पहल उत्तराखंड के अन्य सरकारी विभाग भी शुरू करते हैं तो इससे ईंधन और ऊर्जा की बड़ी बचत होगी, साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का व्यापक असर भी देखने को मिलेगा।
Uttarakhand
Dehradun news : कैंसर पीड़ित परिवार को मिला DM सविन बंसल का सहारा; ₹71 हजार का कर्ज माफ, ₹50 हजार की दी मदद..

Dehradun news : कैंसर पीड़ित परिवार का ₹71 हजार का कर्ज माफ, जिला प्रशासन ने CSR फंड से की बड़ी मदद
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर अमल करते हुए देहरादून जिला प्रशासन ने मानवीय संवेदनशीलता की एक अनूठी मिसाल पेश की है। जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में प्रशासन ने गंभीर आर्थिक संकट और बीमारी से जूझ रहे एक परिवार को बड़ी राहत देते हुए उनका पूरा बैंक ऋण माफ करवा दिया है।
क्या है पूरा मामला? (पीड़ित परिवार की आपबीती)
रायपुर विकासखंड के दूरस्थ ग्राम द्वारा मालदेवता की निवासी संध्या रमोला ने जिलाधिकारी सविन बंसल के समक्ष उपस्थित होकर अपनी आपबीती साझा की थी। उन्होंने बताया कि:
- उनके पति गले के कैंसर से पीड़ित हैं, जिनका उपचार हिमालयन अस्पताल में चल रहा है।
- गंभीर बीमारी और लगातार कीमोथेरेपी के कारण उनके पति काम करने में पूरी तरह असमर्थ हो चुके हैं।
- परिवार में दो छोटे बच्चे हैं (एक की उम्र 3 वर्ष और दूसरे की 6 वर्ष), जिनके भरण-पोषण और इलाज की पूरी जिम्मेदारी संध्या पर आ गई है।

बैंक लोन और मानसिक तनाव से मिली मुक्ति
संध्या रमोला ने स्वयं सहायता समूह के संचालन और स्वरोजगार के लिए बैंक से दो बार ऋण लिया था:
- वर्ष 2024 में: 45,000 का ऋण
- वर्ष 2025 में: 37,000 का ऋण
पति की अचानक बिगड़ी तबीयत और महंगे इलाज के खर्चों के कारण वह ऋण की मासिक किस्तें (EMIs) जमा नहीं कर सकीं। इसके चलते बैंक की ओर से उन्हें लगभग 71,000 बकाया चुकाने का नोटिस जारी कर दिया गया। बैंक एजेंटों के लगातार बढ़ते दबाव के कारण पूरा परिवार अत्यधिक मानसिक तनाव से गुजर रहा था, जिसके बाद उन्होंने जिला प्रशासन से गुहार लगाई।
जिलाधिकारी सविन बंसल का त्वरित एक्शन
मामले की गंभीरता और परिवार की दयनीय स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने तुरंत मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए निम्नलिखित कदम उठाए:
- CSR फंड से ऋण का भुगतान: जिलाधिकारी ने जिला प्रशासन के सीएसआर (CSR) फंड से ₹71,000 की संपूर्ण धनराशि सीधे संबंधित बैंक के ऋण खाते में जमा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बैंक को तुरंत ‘नो ड्यूज सर्टिफिकेट’ (No Dues Certificate) जारी करने के आदेश भी दिए गए।
- 50,000 की अतिरिक्त आर्थिक सहायता: परिवार को तात्कालिक राहत देने के लिए रायफल क्लब मद से संध्या रमोला के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 50,000 की अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी भेजी गई।

जनसमस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिकता
जिलाधिकारी सविन बंसल ने इस कार्रवाई पर कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
“जो जरूरतमंद परिवार किसी कारणवश सरकारी योजनाओं के सीधे लाभ से वंचित रह जाते हैं या किसी आकस्मिक संकट का सामना कर रहे हैं, जिला प्रशासन उपलब्ध संसाधनों, सीएसआर फंड और अन्य माध्यमों से उनकी हरसंभव सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
देहरादून जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर दिव्यांगजनों, गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों, निराश्रित महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए की जा रही इस तरह की त्वरित पहलें प्रशासनिक सामाजिक उत्तरदायित्व का एक बेहतरीन उदाहरण हैं।
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