Uttarakhand
उत्तरकाशी: लगातार आठवीं बार भूकंप का झटका; लोगों में दहशत, प्रशासन अलर्ट !

उत्तरकाशी: उत्तरकाशी में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं, जिससे स्थानीय लोग दहशत में हैं। पिछले एक सप्ताह में यह आठवां मौका है जब भूकंप के झटके आए हैं।
आज शाम 7:31:32 IST पर आए भूकंप की तीव्रता 02.07 मापी गई। भूकंप का केंद्र तहसील बड़कोट के सरुताल झील, फुच-कंडी, यमुनोत्री रेंज वन क्षेत्र में था। भूकंप के हल्के झटके जिला मुख्यालय और मनेरी क्षेत्र में महसूस किए गए, जबकि अन्य तहसील क्षेत्रों में कोई भूकंप के झटके नहीं देखे गए।
भूकंप की गहराई 5 किलोमीटर थी, और इसके परिणामस्वरूप अब तक किसी भी प्रकार की क्षति की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन ने लोगों से घबराने की बजाय शांत रहने की अपील की है, और भूकंप के प्रभावों का आकलन किया जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार है।
#Earthquake, #Uttarkashi, #Tremors, #Badrkot, #YamonotriRange
big news
देहरादून से 10 दिन में 13 बच्चे लापता, सबसे ज्यादा नाबालिग बच्चियां हुई लापता, सामने आई चौंकाने वाली वजह

Dehradun News : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पिछले 10 दिनों के दौरान 13 नाबालिग बच्चों के लापता होने के मामले सामने आने से अभिभावकों, पुलिस और सामाजिक संगठनों की चिंता बढ़ गई है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज इन मामलों ने बच्चों की सुरक्षा और बदलते सामाजिक परिवेश को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
Table of Contents
देहरादून से 10 दिन में 13 बच्चे लापता
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में बच्चों की गुमशुदगी से जुड़े मामले लगातार दर्ज हो रहे हैं। इनमें ऋषिकेश, सेलाकुई, सहसपुर और अन्य इलाकों से नाबालिगों के घर से लापता होने की घटनाएं शामिल हैं। सभी मामलों में बच्चों की उम्र 12 से 18 वर्ष के बीच बताई गई है।
सबसे ज्यादा बच्चियां हुई लापता
सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि लापता होने वाले बच्चों में बड़ी संख्या नाबालिग बच्चियों की है। इससे परिजनों के साथ-साथ कानून-व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों की भी चिंताएं बढ़ी हैं। पुलिस इन मामलों की जांच में जुटी है और बच्चों की तलाश के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।

सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव सबसे बड़ी वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव, आभासी दुनिया की ओर आकर्षण और अपेक्षाओं में वृद्धि जैसी परिस्थितियां बच्चों के व्यवहार को प्रभावित कर रही हैं। उनका कहना है कि कई बार बच्चे छोटी-छोटी बातों से नाराज होकर भावनात्मक निर्णय ले लेते हैं और घर छोड़ने जैसे कदम उठा बैठते हैं।
डॉक्टर ने सोशल मीडिया को बताया इसकी वजह
डॉक्टर ने सोशल मीडिया को इसकी वजह बताया है। उन्होंने बच्चों के लापता होने की बढ़ती घटनाओं ने अभिभावकों को भी सतर्क रहने की जरूरत का संदेश दिया है। विशेषज्ञ परिवारों में संवाद बढ़ाने, बच्चों की भावनात्मक स्थिति को समझने और उनकी गतिविधियों पर संतुलित नजर रखने की सलाह दे रहे हैं। पुलिस का कहना है कि दर्ज मामलों में कार्रवाई जारी है और बच्चों को सुरक्षित खोजने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।
Rudraprayag
तिलवाड़ा में अनियंत्रित होकर नदी में गिरी केदारनाथ जा रहे यात्रियों की कार, मौके पर मची-चीख पुकार

Rudraprayag Accident : चारधाम यात्रा मार्ग पर सुबह-सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। केदारनाथ धाम जा रहे यात्रियों की कार अनियंत्रित होकर नदी में जा गिरी। जिस से मौके पर यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
Table of Contents
तिलवाड़ा में नदी में गिरी केदारनाथ जा रहे यात्रियों की कार
चारधाम यात्रा पर निकले पश्चिम बंगाल के यात्रियों की एक कार रविवार सुबह रुद्रप्रयाग जिले के तिलवाड़ा क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। कार अनियंत्रित होकर सड़क से करीब 50 मीटर नीचे नदी किनारे जा गिरी। हादसे के बाद पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य राहत एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर सभी यात्रियों का सुरक्षित रेस्क्यू किया।
सभी यात्रियों को किया गया सुरक्षित रेस्क्यू
जिला कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि तिलवाड़ा पेट्रोल पंप के निकट एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर नदी किनारे पानी में फंस गया है। सूचना मिलते ही चौकी तिलवाड़ा और कोतवाली अगस्त्यमुनि की पुलिस टीम आवश्यक राहत एवं बचाव उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुई। इसके अलावा एसडीआरएफ, डीडीआरएफ और 108 आपातकालीन सेवा की टीमों को भी मौके पर भेजा गया।
दुर्घटनाग्रस्त वाहन महिंद्रा एक्सयूवी 700 (यूपी16-डीके0856) बताया गया है। वाहन में कुल पांच यात्री सवार थे, जो पश्चिम बंगाल से केदारनाथ धाम की यात्रा पर जा रहे थे। वाहन नदी किनारे पानी में फंस गया था, जिसके बाद बचाव दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

हादसे में नहीं हुई किसी प्रकार की जनहानि
हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। हालांकि वाहन में सवार दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। दोनों महिलाओं के हाथ-पैर में फ्रैक्चर सहित अन्य चोटें आई हैं। वहीं चालक समेत तीन अन्य पुरुष यात्रियों को मामूली चोटें लगी हैं।
रेस्क्यू टीम ने सभी घायलों को खाई से बाहर निकालकर 108 एम्बुलेंस की सहायता से जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। प्रशासन और राहत एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई के चलते बड़ा हादसा टल गया और सभी यात्रियों की जान सुरक्षित बचा ली गई।
Uttarakhand
अल्मोड़ा में खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम में पहुंचे सीएम धामी, किसानों से किया कृषि भूमि संरक्षण का आह्वान

अल्मोड़ा में कृषि विभाग द्वारा आयोजित हुआ “खेत बचाओ अभियान” कार्यक्रम
अल्मोड़ा के विकासखंड हवलबाग में कृषि विभाग द्वारा “खेत बचाओ अभियान” के तहत आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की। इस मौके पर कृषि मंत्री गणेश जोशी भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “खेत बचाओ अभियान” अब जनभागीदारी से जुड़कर जनआंदोलन बन चुका है। उन्होंने किसानों से अपनी कृषि भूमि, मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

ग्लोबल वार्मिंग को लेकर बोले सीएम धामी
सीएम धामी ने कहा कि पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग के दौर से गुजर रही है, ऐसे में हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर खेती करनी होगी। उन्होंने बताया कि किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए उनके खातों को बैंक अकाउंट से जोड़ा गया है, जिससे सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ सीधे किसानों तक पहुंच रहा है और बीच के बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार तभी सफल होती है जब किसान सरकार के साथ मिलकर काम करें।

“खेत बचाओ अभियान” कार्यक्रम में 6 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार लगातार किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में काम कर रही है और किसान इसका लाभ भी ले रहे हैं। उन्होंने अल्मोड़ा में “तारबाड़ योजना” के लिए 6 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत करने की घोषणा भी की।
पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं और किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ा जा रहा है। वहीं राहुल गांधी की अल्मोड़ा रैली को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर राहुल गांधी को देवभूमि के लिए संवेदना होती तो वे देहरादून भी आ सकते थे, लेकिन उनके लिए अंडमान-निकोबार जाना ज्यादा महत्वपूर्ण था।
Cricket21 hours agoभारतीय क्रिकेट का नया ‘सुपर किड’: Vaibhav Sooryavanshi ने तोड़ा सचिन तेंदुलकर का 36 साल पुराना ऐतिहासिक रिकॉर्ड
Uttarakhand21 hours agoमुनस्यारी पहुंचे राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, नंदा देवी मंदिर में की पूजा-अर्चना
Uttarakhand20 hours agoअल्मोड़ा में खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम में पहुंचे सीएम धामी, किसानों से किया कृषि भूमि संरक्षण का आह्वान
Breakingnews19 hours agoDehradun News: पटेलनगर पुलिस ने चोरी की बाइक के साथ आरोपी को किया गिरफ्तार, 24 घंटे में खुलासा
Rudraprayag2 hours agoतिलवाड़ा में अनियंत्रित होकर नदी में गिरी केदारनाथ जा रहे यात्रियों की कार, मौके पर मची-चीख पुकार
big news1 hour agoदेहरादून से 10 दिन में 13 बच्चे लापता, सबसे ज्यादा नाबालिग बच्चियां हुई लापता, सामने आई चौंकाने वाली वजह










































