Dehradun
राधा रतूड़ी के बाद कौन बनेगा उत्तराखंड का नया मुख्य सचिव? इन नामों की चर्चा…

देहरादून: उत्तराखंड में नए मुख्य सचिव की नियुक्ति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। वर्तमान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी का कार्यकाल 31 मार्च को समाप्त हो रहा है, जिसके बाद राज्य में नए मुख्य सचिव की नियुक्ति की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आनंद वर्धन का नाम इस पद के लिए सामने आ रहा है। आनंद वर्धन, जो 1992 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए सूचीबद्ध होने के बावजूद उत्तराखंड में ही रहकर कार्य करना चाहते हैं। इसके अलावा, वर्तमान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने मुख्य सूचना आयुक्त पद के लिए भी आवेदन किया है।
इसके साथ ही, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु और प्रमुख सचिव एल फेनई भी दावेदारी की रेस में शामिल माने जा रहे हैं। आरके सुधांशु और एल फेनई दोनों ही 1997 बैच के आईएएस अधिकारी हैं।
अब देखना यह है कि राज्य सरकार इस महत्वपूर्ण पद पर किसे नियुक्त करती है और कौन राज्य के प्रशासन का नेतृत्व करेगा।
#UttarakhandChiefSecretary #RadhaRaturiRetirement #AnandVardhanIAS #ChiefInformationCommissioner #UttarakhandIASNews
big news
उत्तराखंड के तीनों ऊर्जा निगमों में ESMA लागू, कर्मचारी नहीं कर पाएंगें हड़ताल, अधिसूचना जारी

Uttarakhand News : उत्तराखंड में सरकार ने तीनों ऊर्जा निगमों में एस्मा (ESMA) लागू कर दिया है। इसके बाद अब तीनों ऊर्जा निगमों में कर्मचारी हड़ताल नहीं कर पाएंगे।
Table of Contents
उत्तराखंड के तीनों ऊर्जा निगमों में एस्मा लागू
उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के तीनों ऊर्जा निगमों उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल), पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) और उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) में उत्तर प्रदेश अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम 1966 (एस्मा) लागू कर दिया है।
ऊर्जा निगमों में एस्मा की अधिसूचना जारी
ऊर्जा निगमों में ESMA की अधिसूचना प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम द्वारा जारी कर दी गई है। इसके तहत तीनों निगमों में हड़ताल को तत्काल प्रभाव से बैन कर दिया गया है। इसके बाद भी कोई कर्मचारी अगर हड़ताल करता है तो उस पर एस्मा के तहत कार्रवाई की जाएगी।
तीनों निगमों के प्रबंधन ने भी जारी किए आदेष
अधिसूचना जारी होने के बाद अब तीनों निगमों के प्रबंधन ने भी अपने-अपने स्तर पर इस संबंध में आदेश लागू कर दिए हैं। उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में यूजेवीएनएल की भूमि को निजी पक्षों को सौंपे जाने के आरोपों को लेकर डाकपत्थर क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन जारी है। वहीं केंद्र सरकार के निजीकरण विधेयक के खिलाफ कर्मचारियों ने पहले ही एक दिवसीय हड़ताल कर अपना विरोध दर्ज कराया था।
Breakingnews
बिगड़ी कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस का हल्ला बोल, दिग्गज नेताओं के साथ हजारों कार्यकर्ता हुए शामिल

Uttarakhand Politics : प्रदेश में लगातार सामने आई अपराध की घटनाओं और बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर आज राजधानी देहरादून में कांग्रेस का हल्ला बोल देखने को मिला है। देहरादून की सड़कों पर हजारों की संख्या में प्रदेशभर से पहुंचे कांग्रेसी नजर आए।
Table of Contents
बिगड़ी कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस का हल्ला बोल
प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में आज कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन देहरादून में हुआ। आज महिला अपराध, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, ध्वस्त कानून व्यवस्था, महंगाई व जंगली जानवरों के हमलों के खिलाफ आयोजित लोकभवन घेराव किया गया। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
दिग्गज नेताओं के साथ हजारों कार्यकर्ता हुए शामिल
कांग्रेस के लोकभवन घेराव के दौरान कांग्रेस के सभी दिग्गज नेता एकजुट नजर आए। पूर्व सीएम हरीश रावतच, हरक सिंह रावत, प्रीतम सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा समेत पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता शामिल हुए। हजारों कार्यकताओं के साथ आज कांग्रेस ने बीजेपी के खिलाफ हुंकार भरी।

अलोकतांत्रिक हिटलरशाही का जवाब देने के लिए कांग्रेस तैयार
गणेश गोदियाल और प्रीतम सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता जिस उत्साह से हजारों की संख्या में भाजपा सरकार की जन विरोधी नीतियों का विरोध करने के लिए देहरादून के परेड ग्राउंड में एकजुट हुए उससे आने वाले समय में पार्टी संगठन को निश्चित रूप से मजबूती मिलेगी।

हम और अधिक ताकत से भाजपा सरकारों की जन विरोधी नीतियों और अलोकतांत्रिक हिटलरशाही का जवाब देने के लिए तत्पर रहेंगे। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के कोने-कोने से हजारों की सुख्या में पहुंचकर ऐतिहासिक राजभवन घेराव कर भाजपा की धामी सरकार के ताबूत में अंतिम कील ठोकी है।
Dehradun
सुरक्षित होली की पहल, ग्रामीण महिलाओं के हर्बल रंगों से महकेगी होली, रायपुर–सहसपुर में तैयार हो रहे हर्बल रंग

Dehradun News : रंगों के पावन पर्व होली की तैयारियों को लेकर स्थानीय बाजारों में ग्रामीण समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित हर्बल रंग अपनी विशिष्ट छटा बिखेर रहे हैं। ये रंग न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं, बल्कि जन-जीवन में प्रसन्नता के नवीन रंग भी घोल रहे हैं।
Table of Contents
ग्रामीण महिलाओं के हर्बल रंगों से महकेगी होली
राजधानी देहरादून के विकासखंड सहसपुर और रायपुर में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल होली के उद्देश्य से प्राकृतिक रंगों का निर्माण कर उन्हें स्थानीय बाजारों में विक्रय कर रही हैं। इस वर्ष समूहों द्वारा तैयार किए गए ये प्राकृतिक रंग लोगों के घरों में हर्ष और उल्लास फैलाने को तत्पर हैं।
सहसपुर ब्लॉक के आस्था क्लस्टर तथा रायपुर ब्लॉक के नई दिशा एवं दिव्य ज्योति क्लस्टर से संबद्ध लगभग 30 महिलाओं ने टेसू और गुलाब के पुष्प, हल्दी, चंदन, पालक के पत्ते, चुकंदर और मेहंदी जैसी प्राकृतिक सामग्रियों से हर्बल रंग तैयार किए हैं। ये रंग त्वचा के लिए पूर्णतः सुरक्षित तथा पर्यावरण के अनुकूल हैं।
सुरक्षित होली के लिए महिलाओं की शानदार पहल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर समूह की महिलाओं को योजना के अंतर्गत वित्तीय सहयोग प्राप्त हुआ। इस सहायता से कच्चे माल की खरीद, पैकेजिंग की व्यवस्था तथा बाजार तक पहुँच सुनिश्चित की जा सकी। परिणामस्वरूप सहसपुर एवं रायपुर विकासखंडों में महिलाओं ने लगभग 2.5 कुंटल प्राकृतिक रंग तैयार किए हैं, जिन्हें मांग के अनुरूप अच्छा व्यवसाय प्राप्त हो रहा है। इससे उन्हें प्रति किलोग्राम 100 से 120 रुपये तक का लाभ अर्जित हो रहा है।
रासायनिक रंगों से होने वाले दुष्प्रभावों को देखते हुए इन हर्बल एवं प्राकृतिक रंगों की बाजार में पर्याप्त मांग है, जिससे महिलाओं के परिवारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है। मुख्यमंत्री द्वारा संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से ये महिलाएँ न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि होली के अवसर पर मातृशक्ति के सशक्त स्वरूप का प्रेरणादायी उदाहरण भी प्रस्तुत कर रही हैं।
रायपुर–सहसपुर में तैयार हो रहे हर्बल रंग
सहसपुर ब्लॉक की समूह सदस्य मीना ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं ने सुरक्षित व पर्यावरण-संरक्षण को ध्यान में रखकर प्राकृतिक होली के रंग तैयार किए हैं, जिनकी स्थानीय बाजार में अच्छी बिक्री हो रही है। उन्होंने कहा कि आजीविका मिशन से जुड़ने पर महिलाओं को ऐसा मंच प्राप्त होता है, जहां वे अपने कौशल का प्रदर्शन कर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर सकती हैं।
जिला मिशन प्रबंधक सोनम गुप्ता ने बताया कि समूह की महिलाएं प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी होली पर्व पर हर्बल रंगों का निर्माण कर रही हैं। ये सभी प्राकृतिक रंग समूह के आउटलेट्स पर विक्रय के लिए उपलब्ध हैं। उन्होंने ये भी कहा कि रायपुर विकासखंड की महिलाएँ इस वर्ष होली के रंगों के उत्पादन में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं।
Cricket21 hours agoIND-A vs NEP-W Dream11 Prediction: मैच प्रीव्यू, फैंटेसी टिप्स, संभावित प्लेइंग XI
Uttarakhand7 hours agoउत्तराखंड में आज से बदलेगा मौसम का मिजाज, अगले दो दिनों तक बारिश और बर्फबारी के आसार
Haridwar24 hours agoकांवड़ यात्रा के बाद गंगा घाटों पर लगा गंदगी का अंबार, स्थानीय लोग और श्रद्धालु परेशान
Tehri Garhwal23 hours agoग्लोबल डिटिनेशन के रूप में विकसित की जाएगी टिहरी झील, मुख्य सचिव ने प्रभावी कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश
big news6 hours agoइस साल चारधाम यात्रा में यात्रियों की संख्या नहीं होगी सीमित, दर्शन के लिए टोकन व्यवस्था पर भी हो रहा विचार
Cricket6 hours agoSCO vs NEP Dream11 Prediction: मैच प्रीव्यू और फैंटेसी गाइड (हिंदी में)
Udham Singh Nagar5 hours agoतेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक को मारी टक्कर, दो युवक गंभीर रूप से घायल
big news1 hour agoनैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट को मानव बम से उड़ाने की धमकी, आतंकी संगठनों ने ली है जिम्मेदारी






































