Delhi
अगर आपको है ये लक्षण , तो हो सकता किडनी स्टोन, इन फूड्स को खाने से बचें….

दिल्ली : आजकल के बदलते लाइफस्टाइल और खानपान की लापरवाही के कारण लोगों को कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इनमें से एक आम समस्या किडनी में पथरी का बनना है, जो खासकर असंतुलित आहार और पानी की कमी के कारण होती है। हाल के समय में बीपी और डायबिटीज जैसी समस्याओं के अलावा किडनी में पथरी भी एक गंभीर मुद्दा बन गई है।
किडनी हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है, जो खून को साफ करने और पेशाब का उत्पादन करने का काम करती है। इसके अलावा, यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में भी अहम भूमिका निभाती है। लेकिन जब ये विषाक्त पदार्थ किडनी से पूरी तरह से बाहर नहीं निकल पाते हैं, तो ये धीरे-धीरे जमा होकर पथरी का रूप ले लेते हैं। अगर इसका समय पर इलाज न किया जाए, तो यह किडनी फेलियर का कारण भी बन सकता है।
किडनी में पथरी के लक्षण
किडनी में पथरी के कुछ सामान्य लक्षण हैं, जिन्हें पहचानकर समय रहते इलाज कराया जा सकता है:
- पेट और उसके आसपास दर्द
- पेशाब करते समय दर्द या जलन
- पेशाब में खून आना
- पेशाब में दुर्गंध आना
- लाल, भूरा या गुलाबी मूत्र
- उल्टी और जी मिचलाना
- बिना रंग का मूत्र
- बार-बार पेशाब करने की इच्छा होना
- बुखार और ठंड लगना
- कम मात्रा में पेशाब आना
किडनी में पथरी से बचने के लिए उपाय
किडनी स्टोन की समस्या से बचने के लिए कुछ प्राकृतिक उपाय कारगर हो सकते हैं:
- तुलसी: तुलसी में यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने के गुण होते हैं, जो पथरी के खतरे को कम कर सकते हैं।
- पानी: किडनी स्टोन के मरीजों को दिन में कम से कम 12 गिलास पानी पीने की सलाह दी जाती है। पानी किडनी से स्टोन को बाहर निकालने में मदद करता है।
- नींबू का रस: नींबू का रस किडनी स्टोन के खतरे को कम करता है और यह पथरी के आकार को घटाने में भी मदद करता है।
इन चीजों से बचें
किडनी में पथरी की समस्या होने पर कुछ आहार से बचना चाहिए:
- मांसाहारी भोजन: किडनी में पथरी वाले लोगों को मांसाहारी भोजन से परहेज करना चाहिए क्योंकि इसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है, जो पथरी को बढ़ा सकती है।
- कोल्ड ड्रिंक्स: कोल्ड ड्रिंक्स में फॉस्फोरिक एसिड होता है, जो किडनी स्टोन का कारण बन सकता है।
- नमक: किडनी स्टोन के मरीजों को नमक का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि नमक में मौजूद सोडियम कैल्शियम में बदलकर पथरी का कारण बन सकता है।
- विटामिन सी: किडनी स्टोन वाले व्यक्तियों को विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए।
निष्कर्ष
किडनी में पथरी एक सामान्य समस्या हो सकती है, लेकिन यदि इसे समय रहते न देखा जाए तो यह गंभीर रूप ले सकती है। खानपान और जीवनशैली में सुधार करके इस समस्या से बचा जा सकता है। नियमित पानी पीना, ताजे फल और सब्जियों का सेवन और मांसाहारी भोजन से परहेज करना किडनी स्टोन से बचने में मदद कर सकता है।
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CM Dhami ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से की मुलाकात, चारधाम यात्रा को लेकर किया ये अनुरोध

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात कर राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
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CM Dhami ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से की मुलाकात
CM Dhami ने आज केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा के सुचारू, सुरक्षित और निर्बाध संचालन के लिए व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति को पहले की तरह 100 प्रतिशत बनाए रखने का आग्रह किया।
उन्होंने बताया कि अप्रैल से नवंबर तक चलने वाली इस यात्रा में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिससे एलपीजी की मांग में काफी बढ़ोतरी होती है। इस अवधि में राज्य को करीब 9.67 लाख व्यावसायिक सिलेंडरों की आवश्यकता होती है।
चारधाम यात्रा के लिए एलपीजी के लिए किया अनुरोध
मुख्यमंत्री ने ये भी उल्लेख किया कि जून से सितंबर के बीच मानसून के दौरान उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बना रहता है। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के लिए एलपीजी गैस बेहद जरूरी होती है। ऐसे में उन्होंने अतिरिक्त 5 प्रतिशत यानी लगभग 48 हजार सिलेंडरों का अतिरिक्त आवंटन करने का भी अनुरोध किया, ताकि आपदा के समय राहत कार्य तेजी से किए जा सकें।

राज्य के विकास के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्धता
सीएम ने कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से पर्यटन पर आधारित है, जिसमें धार्मिक और साहसिक पर्यटन का अहम योगदान है। चारधाम यात्रा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि राज्य की आर्थिक गतिविधियों का भी प्रमुख आधार है।
केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री के सभी सुझावों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाया और राज्य के विकास के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
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देहरादून से दिल्ली का सफर हुआ सस्ता, उत्तराखंड परिवहन निगम में बसों का किराया हुआ कम, देखें नया किराया

Dehradun News : देहरादून से दिल्ली जाना हुआ सस्ता, बसों का किराया हुआ कम
Dehradun News : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से दिल्ली तक का सफर अब पहले से ज्यादा किफायती और तेज हो गया है। इस रूट पर उत्तराखंड परिवहन निगम में बसों का किराया कम हो गया है।
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देहरादून से दिल्ली का सफर हुआ सस्ता
देहरादून से दिल्ली का सफर सस्ता हो गया है। देहरादून से दिल्ली के रूट पर उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों का किराया कम कर दिया गया है। दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के शुरू होने से यात्रियों को समय के साथ-साथ किराए में भी बड़ी राहत मिली है। इस एक्सप्रेसवे की सौगात आम लोगों के लिए सुविधाजनक और बजट-फ्रेंडली साबित हो रही है।
उत्तराखंड परिवहन निगम में बसों का किराया हुआ कम
दिल्ली से देहरादून की यात्रा अब सिर्फ तेज ही नहीं, बल्कि काफी सस्ती भी हो गई है। नए एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद बस किराए में लगभग 25 से 30 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है। पहले जहां इस सफर में अधिक समय लगता था, वहीं अब यह दूरी महज ढाई से तीन घंटे में पूरी की जा सकती है।

जानें अब कितना करर दिया गया है किराया
इस नए मार्ग पर उत्तराखंड परिवहन विभाग ने कुल 16 बसों का संचालन शुरू किया है। इनमें 8 वोल्वो बसें, 6 एसी बसें और 2 साधारण बसें शामिल हैं।
किराए में भी उल्लेखनीय कटौती की गई है—एसी बस का किराया 704 रुपये से घटाकर 557 रुपये कर दिया गया है, वोल्वो बस का किराया 945 रुपये से घटकर 709 रुपये हो गया है, जबकि साधारण बस का किराया 420 रुपये से कम होकर 355 रुपये रह गया है।
| बस का प्रकार | पुराना किराया (₹) | नया किराया (₹) | कमी (₹) |
|---|---|---|---|
| एसी बस | 704 | 557 | 147 |
| वोल्वो बस | 945 | 709 | 236 |
| साधारण बस | 420 | 355 | 65 |
सस्ती, सुविधाजनक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना उद्देश्य
उत्तराखंड परिवहन निगम के सहायक महाप्रबंधक प्रतीक जैन के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर चलने वाली बस सेवाओं के किराए में 25 से 30 प्रतिशत तक की कमी की गई है। इस कदम का उद्देश्य यात्रियों को सस्ती, सुविधाजनक और बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
रोडवेज की इस पहल को जनता का अच्छा समर्थन मिल रहा है। किराए में कमी के कारण अब लोग निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दे रहे हैं। ये न केवल जेब पर हल्का है, बल्कि अब गति के मामले में भी किसी से पीछे नहीं है।
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अस्मिता नेशनल योगासना चैंपियनशिप में उत्तराखंड की बेटियों का कमाल, गोल्ड मेडल किया अपने नाम

Asmita Yogasana League 2026 : उत्तराखंड की बेटियों ने अस्मिता नेशनल योगासना चैंपियनशिप में कमाल कर दिखाया है। उत्तराखंड की artistic group की टीम ने गोल्ड मेडल हासिल कर पूरे देश में प्रदेश का नाम रोशन किया है।
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Asmita Yogasana League 2026 में उत्तराखंड की बेटियों का कमाल
दिल्ली के आनंदधाम आश्रम में 29 से 31 मार्च 2026 तक अस्मिता योगासन वूमेन लीग (नेशनल) 2025-26 का सफल आयोजन किया गया।
ये राष्ट्रीय प्रतियोगिता भारत सरकार की खेलो इंडिया पहल और योगासन भारत के सहयोग से आयोजित हुई, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से महिला योगासन खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। जिसमें उत्तराखंड की टीम ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।

गोल्ड मेडल जीत देश में रोशन किया प्रदेश का नाम
दिल्ली स्थित आनंद धाम आश्रम में हुई इस योगासना प्रतियोगिता में 20- राज्यों की टीमों ने प्रतिभाग किया था। जिसमें से उत्तराखंड की टीम ने पहला स्थान हासिल किया है। आर्टिस्टिक ग्रुप (सीनीयर) में उत्तराखंड की टीम ने 94.46 अंक हासिल कर गोल्ड मेडल जीता है।

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