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बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने किया पुलिस मुख्यालय कूच, गोदियाल ने सरकार पर साधा निशाना

Uttarakhand Politics : राज्य की ध्वस्त पड़ी कानून व्यवस्था के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने आज प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, के नेतृत्व में पुलिस मुख्यालय का घेराव कर सरकार को चेतावनी दी कि अगर राज्य की कानून व्यवस्था पटरी पर नहीं आई तथा लगातार हो रही हत्याओं पर लगाम नहीं लगा तो कांग्रेस पार्टी उग्र आन्दोलन को मजबूर होगी।
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बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने किया पुलिस मुख्यालय कूच
ध्वस्त कानून व्यवस्था के चलते राज्यभर में लगातार हो रही निर्मम हत्याओं के विरोध में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और चुनाव प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष डॉ0 हरक सिंह रावत के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकालते हुए पुलिस मुख्यालय का घेराव करते हुए पुलिस महानिदेशक को ज्ञापन सौंपते हुए उत्तराखंड में दिन-दहाड़े हो रहे हत्याकांडों एवं बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर तत्काल प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने की मांग की।
कांग्रेस ने पुलिस महानिदेशक को सौंपा ज्ञापन
पुलिस मुख्यालय घेराव के उपरान्त पुलिस महानिदेशक को सौंपे ज्ञापन में कांग्रेस पार्टी ने कहा कि विगत कुछ समय से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून सहित विभिन्न जनपदों में दिन-दहाड़े घटित हो रही हत्या और गंभीर आपराधिक घटनाओं से आमजन में भय, असुरक्षा व चिंता का वातावरण व्याप्त है।

उत्तराखंड जैसे शांतिप्रिय और देवभूमि कहे जाने वाले राज्य की राजधानी और अन्य महानगरों में हाल के दिनों में दिन-दहाड़े घटित हुई हत्याकांड की घटनाओं ने समूचे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इन घटनाओं से आम नागरिकों में भय, असुरक्षा एवं आक्रोश का वातावरण व्याप्त है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। कानून का भय नगण्य होता प्रतीत हो रहा है। इस प्रकार की घटनाएं न केवल राज्य की कानून-व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा रही हैं, अपितु राज्य की सामाजिक शांति व नागरिकों के विश्वास को भी प्रभावित कर रही हैं।
गणेश गोदियाल ने सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान में राज्य की कानून-व्यवस्था की ये स्थिति अत्यंत चिंताजनक और अस्वीकार्य है। राज्य की कानून व्यवस्था पूर्ण रूप से चरमरा चुकी है तथा अपराधियों के मन से कानून का भय समाप्त हो चुका है।

इसका ताजा उदाहरण विगत 15 दिन के अन्दर राजधानी देहरादून सहित विभिन्न जिलों में दिन दहाड़े 5 जघन्य हत्याकांड की घटनायें हैं। पुलिस की नाक के नीचे हुई इन हत्याकांड की घटनाओं में शामिल सभी अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है जो कि गम्भीर चिन्ता का विषय है। इसके साथ ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार पर जमकर निशाना साधा।
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बड़ी खबर : उप निबन्धक ऋषिकेश सस्पेंड, गंभीर आरोप व साक्ष्य के चलते गिरी गाज

Rishikesh News : आमजन की पीड़ा व शिकायतों से प्रेरित डीएम का औचक निरीक्षण में सामने आयी गहन स्टाम्प चोरी, फर्जी कार्मिक व अनाधिकृत रूप से लिपिक से कराई जा रही विलेख पंजीकरण मामले में उप निबन्धक ऋषिकेश को सस्पेंड कर दिया गया है।
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डिप्टी रजिस्ट्रार ऋषिकेश सस्पेंड
जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर शासन ने बड़ा एक्शन लेते हुए उप निबन्धक ऋषिकेश को निलिम्बत करते हुए मुख्यालय सम्बद्ध कर दिया है। विगत माह आमजन को रजिस्ट्रार कार्यालय में आ रही समस्याओं और शिकायतों के सम्बन्ध में जिलाधिकारी सविन बसंल ने सब रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश का औचक निरीक्षण किया था।
आमजन की पीड़ा व शिकायतों से प्रेरित डीएम सविन बसंल के सब रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश के औचक निरीक्षण में गंभीर अनियमिताएं उजागर हुई थी जिनमें गहन स्टाम्प चोरी, फर्जी कार्मिक व सब रजिस्ट्रार के बगैर ही लिपिक द्वारा अनाधिकृत रूप विलेख पंजीकरण कार्यवाही सम्पादित करना, कार्यालय में वर्षों से आमजन के मूल अभिलेख लम्बित पाये जाना,सम्पति मूल्य आंकलन का कोई ज्ञान न होना, करोड़ों की स्टाम्प चोरी हुई, औद्योगिक क्षेत्रों में आवासीय दरों पर भूखंड के छोटे टुकड़े कर कई रजिस्ट्रीयां बरामद हुई थी।
गंभीर आरोप व साक्ष्य के चलते गिरी गाज
निरीक्षण के दौरान उपस्थित फरियादियों ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि मूल अभिलेख लौटाने, रजिस्ट्री की नकल देने में आमजन को कर रहे परेशान किया जा रहा है। कार्यालय में कई महीनों से मूल अभिलेख आवेदकों को वापिस नही किए गए तथा ना ही मुख्यालय को सूचना प्रेषित की गई।
जबकि अधिकतम तीन दिन है सीमा, परंतु सैकड़ों मूल विलेख अलमारी में धूल खा रहे थे अर्जेंट रजिस्ट्री नकल अनुमन्य 24 घंटे के सापेक्ष महीनों और वर्षों से मिली लम्बित मिले। जिस पर ये एक्शन लिया गया। इस एक्शन से अन्य रजिस्ट्रार कार्यालयों में भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।
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MKP कॉलेज देहरादून में ऑनलाइन परीक्षा रैकेट का भंडाफोड़, सर्वर रूम से रिमोट एक्सेस के जरिए हल हो रहे थे पेपर

Dehradun News : उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़े साइबर परीक्षा घोटाले का खुलासा करते हुए देहरादून स्थित एमकेपी कॉलेज देहरादून में संचालित एक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र पर कार्रवाई की है।
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MKP कॉलेज देहरादून में ऑनलाइन परीक्षा रैकेट का भंडाफोड़
उत्तराखंड एसटीएफ के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। देहरादून के MKP कॉलेज देहरादून में ऑनलाइन परीक्षा रैकेट का भंडाफोड़ किया गया है। ये मामला Staff Selection Commission (SSC) की मल्टी लेवल टास्किंग (ग्रुप-सी, क्लास फोर) परीक्षा से जुड़ा है। जहां कथित तौर पर तकनीकी छेड़छाड़ कर परीक्षाओं को रिमोट तरीके से हल कराया जा रहा था।
सर्वर रूम से रिमोट एक्सेस के जरिए हल हो रहे थे पेपर
जांच में सामने आया कि “महादेव डिजिटल सेंटर” नामक परीक्षा केंद्र के सर्वर रूम में जमीन के नीचे बने एक गुप्त स्थान में राउटर, कनेक्टर और इथरनेट केबल्स का जाल बिछाया गया था।
आरोप है कि असली आईपी एड्रेस को बाईपास कर सिस्टम को इस तरह से सेट किया गया था कि परीक्षा कहीं और बैठे व्यक्तियों द्वारा रिमोट एक्सेस के जरिए हल की जा सके। स्क्रीन पर देखने में ऐसा प्रतीत होता था कि अभ्यर्थी स्वयं परीक्षा दे रहा है, जबकि वास्तविकता में पेपर किसी अन्य स्थान से सॉल्व कर सबमिट किया जा रहा था।
10-10 लाख में होता था परीक्षा पास कराने का सौदा
एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, अभ्यर्थियों से प्रलोभन देकर मोटी रकम वसूली जाती थी और पूरी प्रक्रिया को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया जाता था। इस कार्रवाई को उत्तर प्रदेश पुलिस एसटीएफ के सहयोग से अंजाम दिया गया। प्रारंभिक जांच में यह देश में इस तरह का संभवतः पहला मामला बताया जा रहा है, जहां पूरे परीक्षा केंद्र के सर्वर सिस्टम को भूमिगत ढांचे के माध्यम से हैकनुमा तरीके से संचालित किया जा रहा था।
फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है और आशंका जताई जा रही है कि इस नेटवर्क में कई अन्य लोग और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हो सकते हैं। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं।
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उत्तराखंड पुलिस में बड़ा बदलाव, 8 जिलों के बदले गए कप्तान..यहाँ देखें ट्रांसफर लिस्ट..

उत्तराखंड की कानून व्यवस्था में हुआ बड़ा फेरबदल, 20 आईपीएस अधिकारियों के तबादले
UTTARAKHAND POLICE TRANSFER: उत्तराखंड पुलिस में बड़ा फेरबदल हुआ है. प्रदेश में 20 आईपीएस अधिकारियों के तबादले हुए हैं. शासन की तरफ से जारी तबादला सूची में आठ जिलों के पुलिस कप्तान बदले गए हैं.
मुख्य बिंदु
उत्तराखंड पुलिस में अधिकारियों के बंपर तबादले
उत्तराखंड शासन ने पुलिस व्यवस्था में बड़ा फेर बदल किया है. जारी शासनादेश के मुताबिक 20 आईपीएस अधिकारियों के तबादले हुए हैं, जिनमें आठ जिलों के पुलिस कप्तान भी बदले गए हैं. प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, ये बदलाव प्रशासनिक संतुलन, कार्यकुशलता और आगामी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए किया गया है.
स्थानांतरित अधिकारियों को शीघ्र नए तैनाती के निर्देश
सभी स्थानांतरित अधिकारियों को शीघ्र नए तैनाती स्थलों पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं. इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद राज्य की पुलिस व्यवस्था में नई कार्यशैली और सक्रियता देखने की उम्मीद जताई जा रही है. पिछले कुछ समय से प्रदेश की चरमराई कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे थे.
यहाँ देखें तबादला सूची

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