Education
CBSE Compartment Exam 2026: सप्लीमेंट्री परीक्षा का शेड्यूल जारी, 8 जुलाई तक करें आवेदन…

CBSE Compartment Exam 2026: कक्षा 10वीं और 12वीं सप्लीमेंट्री परीक्षा का पूरा शेड्यूल और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2025-2026 के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं की CBSE Compartment Exam 2026 (जिसे अब ‘सप्लीमेंट्री परीक्षा’ या ‘पूरक परीक्षा’ भी कहा जाता है) की आधिकारिक घोषणा कर दी है। मुख्य परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद, जो छात्र एक या दो विषयों में न्यूनतम उत्तीर्ण अंक प्राप्त करने से चूक गए हैं, या जो अपने अंकों में सुधार (Improvement) करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहद महत्वपूर्ण अवसर है।
CBSE Compartment Exam 2026: मुख्य हाइलाइट्स (Key Highlights)
सीबीएसई द्वारा जारी किए गए नवीनतम नोटिफिकेशन के अनुसार, इस साल की पूरक परीक्षा से संबंधित मुख्य विवरण नीचे दी गई तालिका में देख सकते हैं:
| विवरण (Particulars) | महत्वपूर्ण जानकारी (Details) |
| परीक्षा का नाम | सीबीएसई कंपार्टमेंट / सप्लीमेंट्री परीक्षा 2026 |
| आयोजक बोर्ड | केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) |
| श्रेणी | कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं |
| आवेदन शुरू होने की तिथि | 30 जून, 2026 |
| आवेदन करने की अंतिम तिथि | 08 जुलाई, 2026 (बिना विलंब शुल्क के) |
| कक्षा 12वीं परीक्षा की तिथि | 28 जुलाई, 2026 (संशोधित शेड्यूल) |
| आधिकारिक वेबसाइट | cbse.gov.in |
महत्वपूर्ण तिथियां और परीक्षा शेड्यूल (Important Dates & Schedule)
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को अपने फॉर्म समय पर जमा करने होंगे। बोर्ड द्वारा तय की गई तिथियां इस प्रकार हैं:
- 30 जून से 8 जुलाई 2026: इस अवधि के दौरान छात्र बिना किसी लेट फाइन (Late Fee) के अपना आवेदन फॉर्म जमा कर सकते हैं।
- 9 जुलाई से 10 जुलाई 2026: यदि कोई छात्र निर्धारित समय में फॉर्म नहीं भर पाता है, तो उसे भारी विलंब शुल्क (Late Fee) के साथ आवेदन करने का एक आखिरी मौका दिया जाएगा।
- परीक्षा की तिथि: कक्षा 12वीं के सभी विषयों की कंपार्टमेंट परीक्षा 28 जुलाई, 2026 को आयोजित की जाएगी। पहले यह परीक्षा 15 जुलाई को होनी थी, लेकिन प्रशासनिक कारणों से इसे संशोधित किया गया है। कक्षा 10वीं की परीक्षाएं भी जुलाई के अंतिम सप्ताह से शुरू होकर अगस्त के पहले सप्ताह तक चलेंगी।
योग्यता मानदंड: कौन से छात्र दे सकते हैं यह परीक्षा?
हर छात्र इस परीक्षा में बैठने के लिए योग्य नहीं होता है। सीबीएसई के नियमों के अनुसार निम्नलिखित श्रेणियों के छात्र आवेदन कर सकते हैं:
- कक्षा 12वीं के छात्र: जो छात्र मुख्य परीक्षा में केवल एक विषय में अनुत्तीर्ण (Fail) हुए हैं और जिन्हें रिजल्ट में ‘Compartment’ घोषित किया गया है।
- कक्षा 10वीं के छात्र: जो छात्र मुख्य परीक्षा में दो विषयों तक में अनुत्तीर्ण हुए हैं, वे इस परीक्षा के पात्र हैं।
- इंप्रूवमेंट ऑफ परफॉर्मेंस (Improvement): वे छात्र जो सभी विषयों में पास तो हैं, लेकिन अपने किसी एक या दो विषयों के अंकों (Marks) से संतुष्ट नहीं हैं और अपना स्कोर सुधारना चाहते हैं।
आवेदन प्रक्रिया: ऑनलाइन फॉर्म कैसे भरें?
सीबीएसई ने आवेदन प्रक्रिया को दो भागों में विभाजित किया है—नियमित छात्र (Regular Students) और प्राइवेट छात्र (Private Candidates)।
1. नियमित छात्रों के लिए (For Regular Students)
जो छात्र किसी मान्यता प्राप्त सीबीएसई स्कूल के नियमित विद्यार्थी के रूप में मुख्य परीक्षा में शामिल हुए थे, उन्हें खुद से कोई ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरना है।
- छात्रों को तुरंत अपने स्कूल प्रशासन या प्रिंसिपल से संपर्क करना होगा।
- स्कूल अपने ‘परीक्षा संगम’ (Pariksha Sangam) पोर्टल के माध्यम से पात्र छात्रों की सूची (LOC – List of Candidates) तैयार कर बोर्ड को ऑनलाइन भेजेगा।
- छात्रों को अपनी निर्धारित परीक्षा फीस अपने स्कूल में ही जमा करनी होगी।
2. प्राइवेट छात्रों के लिए (For Private Candidates)
जो छात्र व्यक्तिगत या प्राइवेट रूप से परीक्षा में शामिल हुए थे, उन्हें स्वयं ऑनलाइन आवेदन करना होगा:
- सबसे पहले सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जाएं।
- होमपेज पर मौजूद “Private Candidates” या “Compartment Application 2026” के लिंक पर क्लिक करें।
- अपना पुराना मुख्य परीक्षा का रोल नंबर, स्कूल कोड और सेंटर कोड दर्ज करें।
- उस विषय का चयन करें जिसकी आप कंपार्टमेंट परीक्षा देना चाहते हैं।
- नेट बैंकिंग, डेबिट/क्रेडिट कार्ड या यूपीआई के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन शुल्क का भुगतान करें।
- भविष्य के संदर्भ के लिए पुष्टिकरण पृष्ठ (Confirmation Page) का प्रिंटआउट डाउनलोड कर लें।
परीक्षा का पैटर्न और पाठ्यक्रम (Syllabus & Exam Pattern)
छात्रों के मन में अक्सर यह सवाल होता है कि कंपार्टमेंट परीक्षा का सिलेबस अलग होगा या नहीं। सीबीएसई ने इस पर साफ रुख अपनाया है:
- सिलेबस: CBSE Compartment Exam 2026 का पाठ्यक्रम पूरी तरह से मुख्य बोर्ड परीक्षा (सत्र 2025-26) जैसा ही रहेगा। इसमें कोई नया बदलाव नहीं किया गया है।
- प्रैक्टिकल परीक्षा के नियम: यदि कोई छात्र मुख्य परीक्षा के दौरान प्रैक्टिकल (Internal Assessment/Practical) में पास था और केवल थ्योरी (Written Exam) में फेल हुआ था, तो उसे दोबारा प्रैक्टिकल देने की जरूरत नहीं है। उसके पुराने प्रैक्टिकल अंक ही इस नए रिजल्ट में जोड़ दिए जाएंगे। उसे केवल थ्योरी पेपर ही पास करना होगा।
- परीक्षा का समय: परीक्षा सुबह की पाली में आयोजित की जाएगी। छात्रों को सुबह 10:00 बजे तक परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा और प्रश्न पत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
कम समय में कंपार्टमेंट परीक्षा पास करने के बेहतरीन टिप्स
अगर आपका परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है, तो निराश होने के बजाय इस दूसरे मौके का पूरा फायदा उठाएं। नीचे दिए गए टिप्स की मदद से आप कम समय में बेहतरीन तैयारी कर सकते हैं:
- कमजोर कड़ियों की पहचान करें: मुख्य परीक्षा की अपनी उत्तर पुस्तिका का विश्लेषण करें या यह देखें कि किस चैप्टर में आपको सबसे ज्यादा कठिनाई हुई थी। पहले उन चैप्टर्स को मजबूत करें।
- NCERT को ही अपना आधार बनाएं: सीबीएसई की परीक्षाओं के लिए एनसीईआरटी की किताबें ही सबसे महत्वपूर्ण होती हैं। हर एक थ्योरी, उदाहरण और बैक-एक्सरसाइज के सवालों को अच्छी तरह हल करें।
- पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र (PYQs): पिछले 3 से 5 वर्षों के कंपार्टमेंट और मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्रों को समय सीमा के भीतर हल करने का अभ्यास करें। इससे आपको परीक्षा के माहौल का अंदाजा होगा।
- टाइम मैनेजमेंट: चूंकि परीक्षा में अब सीमित समय बचा है, इसलिए एक व्यावहारिक टाइम-टेबल बनाएं और रोजाना कम से कम 5-6 घंटे समर्पित होकर पढ़ाई करें।
निष्कर्ष और महत्वपूर्ण सलाह
CBSE Compartment Exam 2026 उन सभी छात्रों के लिए एक वरदान की तरह है जो किसी कारणवश मुख्य परीक्षा में अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं दे पाए थे। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि (8 जुलाई, 2026) का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द अपने स्कूल के माध्यम से या आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।
एडमिट कार्ड और परीक्षा केंद्रों की सूची जुलाई के द्वितीय या तृतीय सप्ताह में जारी होने की संभावना है। किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों या अनधिकृत वेबसाइटों से बचें और केवल आधिकारिक सीबीएसई पोर्टल पर दिए गए निर्देशों का ही पालन करें।
National
Telegram Ban इन इंडिया: भारत में क्यों लगी टेलीग्राम पर पाबंदी? जानें क्या है पूरा मामला और छात्रों पर इसका असर

Telegram Ban इन इंडिया : मुख्य बिंदु (Quick Highlights)
- अस्थायी प्रतिबंध: केंद्र सरकार ने भारत में प्रसिद्ध मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम (Telegram) पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है।
- NEET-UG 2026 री-एग्जाम: यह कदम 21 जून 2026 को होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा की शुचिता बनाए रखने और फ्रॉड रोकने के लिए उठाया गया है।
- एडिटिंग फीचर पर रोक: ऐप पर मैसेज एडिट करने वाले फीचर को 30 जून 2026 तक ब्लॉक कर दिया गया है।
- NTA का रुख: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है और इसे छात्रों के हित में बताया है।
भूमिका: भारत में टेलीग्राम पर क्यों लगा प्रतिबंध?
भारत में सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल जितनी तेजी से बढ़ा है, उतनी ही तेजी से इनके दुरुपयोग के मामले भी सामने आए हैं। हाल ही में भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए देश में लोकप्रिय क्लाउड-बेस्ड मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम (Telegram) पर अस्थायी प्रतिबंध (Temporary Restriction) लगाने का निर्देश दिया है।
यह प्रतिबंध आगामी NEET-UG 2026 री-एग्जामिनेशन (पुनर्परीक्षा) को ध्यान में रखते हुए लगाया गया है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA (National Testing Agency) ने सरकार के इस कड़े कदम का पुरजोर स्वागत किया है। सरकार का मानना है कि परीक्षा के दौरान और उसके ठीक बाद टेलीग्राम के जरिए अफवाहें फैलाने और “पेपर लीक” के झूठे दावे करके छात्रों को ठगने वाले गिरोह सक्रिय हो जाते हैं, जिन्हें रोकना बेहद जरूरी है।
क्या है पूरा मामला? MeitY और NTA का बड़ा फैसला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, MeitY ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की सिफारिशों पर कार्रवाई करते हुए टेलीग्राम ऐप तक पहुंच को 22 जून 2026 तक के लिए सीमित कर दिया है। इसके अलावा, ऐप के एक बेहद महत्वपूर्ण टूल—मैसेज एडिटिंग फीचर (Message-Editing Feature)—पर भी 30 जून 2026 तक के लिए रोक लगा दी गई है।
NTA द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह कदम संगठित चीटिंग नेटवर्क (Organised Cheating Networks) और साइबर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए उठाया गया है। ये अपराधी टेलीग्राम प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल छात्रों को गुमराह करने, फर्जी प्रश्नपत्र बेचने और परीक्षा की विश्वसनीयता को प्रभावित करने के लिए करते रहे हैं।
टेलीग्राम का ‘मैसेज एडिटिंग फीचर’ जांच के घेरे में क्यों आया?
कई लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर टेलीग्राम के मैसेज एडिट करने वाले फीचर से सरकार को क्या परेशानी थी? NTA ने इसका विस्तार से खुलासा किया है।
NTA के अनुसार, “टेलीग्राम का मैसेज-एडिटिंग फीचर साइबर अपराधियों के लिए एक बड़ा हथियार बन गया था। चैनल एडमिनिस्ट्रेटर परीक्षा खत्म होने के बाद अपने पुराने पोस्ट को एडिट कर देते थे और उसमें असली प्रश्नपत्र की पीडीएफ या तस्वीरें अटैच कर देते थे। चूंकि टेलीग्राम पर एडिट करने के बाद भी मूल टाइमस्टैम्प (Original Timestamp) नहीं बदलता, इसलिए ऐसा लगता था कि वह पेपर परीक्षा से कई घंटे पहले ही लीक हो गया था।”
इस लूपहोल का फायदा उठाकर धोखाधड़ी करने वाले लोग सोशल मीडिया पर फर्जी “पेपर लीक” के सबूत तैयार करते थे, जिससे न केवल छात्रों में मानसिक तनाव पैदा होता था, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली पर भी सवाल खड़े हो जाते थे। इसी वजह से सरकार ने इस फीचर को जून के अंत तक ब्लॉक रखने का निर्देश दिया है।
साइबर फ्रॉड नेटवर्क पर क्रैकडाउन: अहमदाबाद और बिहार पुलिस की कार्रवाई
टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने के पीछे सिर्फ आशंकाएं नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे पुख्ता खुफिया जानकारी और पुलिसिया कार्रवाई भी शामिल है। गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने इस पूरे मामले में टेलीग्राम-आधारित फ्रॉड और भ्रामक अभियानों के खिलाफ समन्वय स्थापित किया है।
हाल के दिनों में कई ऐसे टेलीग्राम चैनलों, ग्रुप्स और बॉट्स (Bots) को टेकडाउन (हटाया) किया गया है, जो NEET परीक्षा के पेपर देने के नाम पर लाखों रुपये की मांग कर रहे थे।
प्रमुख राज्य एजेंसियों की कार्रवाई:
- अहमदाबाद सिटी साइबर क्राइम ब्रांच की गिरफ्तारी: अहमदाबाद पुलिस ने हाल ही में एक अंतर-राज्यीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह टेलीग्राम पर कई फर्जी चैनल चला रहा था। जांचकर्ताओं के अनुसार, इस नेटवर्क ने महज एक महीने में लगभग 1,000 मोबाइल नंबरों से संपर्क किया था और करीब 1.5 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन किया था।
- बिहार पुलिस की एडवाइजरी: बिहार पुलिस ने भी छात्रों और अभिभावकों के लिए एक सार्वजनिक परामर्श (Public Advisory) जारी किया है, जिसमें उन्हें टेलीग्राम पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा करने वाले ठगों से सावधान रहने को कहा गया है।
टेलीग्राम बैन का आम यूजर्स और छात्रों पर क्या असर होगा?
सरकार और NTA दोनों ने ही यह स्पष्ट किया है कि यह एक बेहद सीमित और अस्थायी (Temporary) उपाय है। वैध टेलीग्राम यूजर्स की असुविधा को कम करने के लिए कुछ दिशानिर्देश स्पष्ट किए गए हैं:
- नए मैसेज भेजने पर रोक नहीं: मैसेज एडिटिंग फीचर के सस्पेंड होने से यूजर्स की नए मैसेज भेजने या प्राप्त करने की क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वे पहले की तरह चैट कर सकेंगे।
- सीमित अवधि: टेलीग्राम ऐप पर एक्सेस का यह प्रतिबंध केवल परीक्षा के आसपास की अवधि यानी 22 जून तक ही लागू रहेगा, जिसके बाद इसे सामान्य कर दिया जाएगा।
| प्रतिबंध का प्रकार | कब तक प्रभावी रहेगा? | मुख्य उद्देश्य |
| टेलीग्राम ऐप एक्सेस प्रतिबंध | 22 जून 2026 तक | परीक्षा के दिन और उससे पहले पेपर लीक की अफवाहों को रोकना। |
| मैसेज एडिटिंग फीचर ब्लॉक | 30 जून 2026 तक | परीक्षा के बाद पुराने पोस्ट्स को एडिट कर फर्जी सबूत बनाने से रोकना। |
NTA की छात्रों से अपील: “पेपर लीक” के झूठे दावों पर न करें भरोसा
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने एक बार फिर दोहराया है कि NEET का कोई भी प्रश्नपत्र सुरक्षित परीक्षा प्रक्रिया से बाहर मौजूद नहीं है। परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित माहौल में आयोजित की जा रही है।
एजेंसी ने छात्रों को आगाह किया है कि कुछ टेलीग्राम चैनल पेपर देने के बदले कुछ हजार रुपये से लेकर कई लाख रुपये तक की मांग कर रहे हैं। ये सभी दावे 100% फर्जी और धोखाधड़ी का हिस्सा हैं। छात्र और अभिभावक किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चल रहे ऐसे दावों के झांसे में न आएं।
निष्कर्ष और आधिकारिक सलाह
21 जून 2026 को होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा देश के लाखों मेडिकल उम्मीदवारों के भविष्य से जुड़ी है। परीक्षा की शुचिता (Integrity) और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए सरकार का टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने का फैसला कड़ा जरूर है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में यह बेहद जरूरी कदम माना जा रहा है।
छात्रों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश:
- परीक्षा से जुड़ी किसी भी नई जानकारी, गाइडलाइंस या अपडेट के लिए केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइट और आधिकारिक संचार माध्यमों पर ही भरोसा करें।
- यदि कोई व्यक्ति या ग्रुप आपको परीक्षा का पेपर एडवांस में देने का लालच देता है या पैसे मांगता है, तो इसकी सूचना तुरंत अपने नजदीकी साइबर क्राइम सेल को दें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज कराएं।
परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का ऐसा नियमन समय की मांग है, ताकि किसी भी होनहार छात्र का भविष्य अंधकार में न जाए।
big news
गेहूं काटते समय मिली टॉपर बनने की खबर, बेटे के जिला टॉप करने की खबर सुन रो पड़े किसान पिता

Haridwar News : खेतों में गेहूं काटते मिले हरिद्वार जिला टॉपर, खबर सुन पिता हुए भावुक
Haridwar News : उत्तराखंड बोर्ड रिजल्ट के सामने आते ही संघर्ष और मेहनत की ऐसी खबरें सामने आ रही हैं जो हर किसी को हैरान कर रही हैं। जहां मजदूर के बेटे और टैक्सी चालक की बेटी ने टॉप किया तो वहीं हरिद्वार में जिला टॉपर खेतों में गेहूं काटते हुए मिला।
Table of Contents
गेहूं काटते समय मिली टॉपर बनने की खबर
खेतों में मेहनत कर रहे एक किशोर की सफलता की कहानी को सुन आप भी कह उठेंगे कि मेहनत जरूर रंग लाती है। हरिद्वार के जोनिश कुमार ने हाईस्कूल परीक्षा में 95.20% अंक प्राप्त कर जिले में तीसरा और पूरे उत्तराखंड में 12वां स्थान हासिल किया है। खास बात ये है कि रिजल्ट घोषित होने के समय भी वो खेत में मजदूरी कर रहे थे। उन्हें अपने रिजल्ट की सूचना भी तब मिली जब मीडिया उनसे मिलने के लिए पहुंची।
बिना किसी कोचिंग के विपरीत परिस्थितयों में जोनिश बने टॉपर
जानकारी के अनुसार, जोनिश कुमार राष्ट्रीय इंटर कॉलेज, औरंगाबाद आनेकी का छात्र है। जैसे ही उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा का परिणाम जारी हुआ, उसकी इस उपलब्धि ने उसे सुर्खियों में ला दिया। सीमित संसाधनों वाले परिवार से आने वाले जोनिश के माता-पिता शिक्षित नहीं हैं, लेकिन उन्होंने अपने बेटे की पढ़ाई में हर संभव सहयोग किया।
बिना किसी कोचिंग के हासिल की गई ये सफलता जोनिश की कड़ी मेहनत और लगन को दर्शाती है। खेतों में काम करने के साथ-साथ पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उसने यह साबित कर दिया कि कठिन परिस्थितियां भी सफलता की राह नहीं रोक सकतीं।

माता-पिता दोनों फैक्टी में करते हैं मजदूरी
जोनिश के माता और पिता दोनों ही सिडकुल की एक फैक्ट्री में काम करते हैं। इन दिनों वो खेतों में गेहूं काटने का कामन कर रहे हैं। जिस वक्त जोनिश से मिलने के लिए मीडिया पहुंची तो भी खेतों में गेहूं काट रहे थे।
इस दौरान मीडिया से अपनी उपलब्धि का उन्हें पता चला तो वो अपने घर गए और कपड़े बदले फिर फोटो खिंचवाई। उन्होंने कहा कि उनका सपना डॉक्टर बनना है और उनकी सफलता का श्रेय उनके माता-पिता और भाई को जाता है।
बेटे के जिला टॉप करने की खबर सुन किसान पिता के छलके आंसू
बेटे के जिला टॉपर बनने की खबर को सुन पिता भावुक हो गए। पिता राजेश कुमार ने कहा कि उन्हें यकीन था कि उनका बेटा एक दिन गांव का नाम रोशन जरूर करेगा। उन्होंने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति सही ना होने के बाद भी उनके दो बेटे बीकॉम और बीबीए की पढ़ाई कर रहे हैं। वो जोनिश को भी कुछ करता देखना चाहते हैं।
big news
रामनगर के अक्षत गोपाल ने 10वीं में किया टॉप, बिना ट्यूशन के ये मुकाम किया हासिल, बताया सफलता का राज

UK Board Class 10 Topper Akshat : इंजीनीयर बनना चाहते हैं उत्तराखंड बोर्ड के 10वीं के टॉपर अक्षत
UK Board Class 10 Topper Akshat : उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2026 में 10वीं रामनगर के अक्षत गोपाल ने 10वीं में टॉप किया है। रामनगर के एक साधारण परिवार से आने वाले अक्षत गोपाल ने असाधारण प्रदर्शन करते हुए हाईस्कूल परीक्षा में प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है।
Table of Contents
रामनगर के अक्षत गोपाल ने 10वीं में किया टॉप
रामनगर के एमपी हिंदू इंटर कॉलेज के छात्र अक्षत गोपाल ने 500 में से 491 अंक हासिल कर 98.2 प्रतिशत के साथ टॉप किया है। उनकी इस सफलता ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ा दी है। हर कोई अक्षत की मेहनत और लगन की तारीफ कर रहा है।
बिना ट्यूशन के ये मुकाम किया हासिल
खास बात ये है कि अक्षत ने बिना किसी ट्यूशन के ये मुकाम हासिल किया। उन्होंने रोजाना 4 से 5 घंटे की नियमित पढ़ाई को अपनी आदत बनाया और मोबाइल फोन से दूरी बनाकर केवल किताबों पर ध्यान केंद्रित किया। यही अनुशासन उनकी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी बना।

अक्षत का इंजीनियर बनने का है सपना
अक्षत गोपाल का कहना है कि मेरा सपना आगे चलकर इंजीनियर बनने का है। मैंने बस नियमित पढ़ाई की और अपने शिक्षकों की बातों को फॉलो किया। और फोन का इस्तेमाल नहीं किया उसके साथ ही ट्यूशन भी नहीं लिया घर पर ही पढ़ाई की।
अक्षत ने अपनी इस उपलब्धि का पूरा श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है। उनके पिता गोपाल, जो एक प्राइवेट शिक्षक हैं, बेटे की इस सफलता से बेहद खुश और भावुक नजर आए। परिवार में जश्न का माहौल है और घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

अक्षत की सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल
अक्षत की छोटी बहन, जो अभी सातवीं कक्षा में पढ़ रही हैं, भी अपने भाई से प्रेरित होकर आगे बढ़ने का सपना देख रही हैं। ये सफलता सिर्फ एक छात्र की नहीं, बल्कि पूरे परिवार के संघर्ष और मेहनत की कहानी भी है। रामनगर के इस होनहार बेटे ने ये साबित कर दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत सच्ची हो, तो सफलता जरूर मिलती है। अक्षत गोपाल आज हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।
Cricket6 hours agoइंग्लैंड महिला बनाम दक्षिण अफ्रीका महिला के बीच दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला आज…
uttarakhand weather7 hours agoउत्तराखंड में मानसून की रफ्तार में आई तेजी, मौसम विभाग ने 5 जिलों के लिए अलर्ट किया जारी
Nainital7 hours agoनैनीताल में अगर बजाया हॉर्न तो लगेगा जुर्माना, नियम तोड़ने पर होगा सख्त एक्शन, जानें क्यों ?
Breakingnews5 hours agoमुनकटिया में पत्थर गिरने से केदारनाथ पैदल मार्ग बाधित, अस्थाई रूप से रोकी गई केदारनाथ यात्रा
Dehradun4 hours agoमसूरी में मलबा गिरने से कार खाई में गिरी, 20 यात्रियों से भरी बस फंसी, मौके पर पहुंचे SDM ने संभाला मोर्चा
Dehradun24 hours agoधामी सरकार का फैसला बड़ा फैसला मदरसा बोर्ड खत्म, अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण हुआ शुरू
Cricket4 hours agoSEA vs NY Dream11 Team Match 17 MLC 2026
Uttarakhand2 hours agoप्रदेश के 13 जिलों के 66 स्थानों पर आज एक साथ हुई मॉक ड्रिल, परखी गई व्यवस्थाएं










































