Politics
चारधाम यात्रा: उत्तरकाशी के बड़कोट में ग्राउंड जीरो पर पहुँचे सीएम धामी, मोर्चे पर मुखिया, सुधरे हालात।

चारधाम यात्रा::: मोर्चे पर मुखिया, सुधरे हालात
बीते रोज हरियाणा में चुनावी दौरे को छोड़ सीधे देहरादून स्थित सचिवालय में की उच्च स्तरीय बैठक
सीएम धामी के निर्देशों का असर, बैठक को 24 घंटे बीतने से पहले सुधरने लगे हालात
इस बार कपाट खुलने के पहले ही दिन लगभग दोगुनी संख्या में आए श्रद्धालु
पहले से ही मुख्यमंत्री के निर्देशों पर मोर्चे पर जुटे हैं धामी सरकार के तमाम अफसर
आज भी उत्तरकाशी के बड़कोट में ग्राउंड जीरो पर पहुँचे सीएम
उत्तरकाशी – चारधाम यात्रा के शुरुआती चरण में उमड़ रही अप्रत्याशित भीड़ के बावजूद राज्य की धामी सरकार पूरी मुस्तैदी के साथ हर चुनौती से पार पाने के लिए अग्रिम मोर्चे पर डटी है। मुख्यमंत्री धामी, बीते रोज चुनावी दौरे को लेकर हरियाणा में थे लेकिन वे बगैर देर किए एकाएक इस दौरे को बीच में छोड़ देहरादून स्थित सचिवालय पहुँचे और उच्चाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इसका नतीजा यह रहा कि 24 घंटे बीतने से पहले ही अब यात्रा सुगम व सुचारू रूप से चल रही है। टीम धामी के कई आला अधिकारी पहले से चारधाम यात्रा मार्गों पर डटे हुए हैं। इस बीच, शुक्रवार सुबह उन्होंने फिर सचिवालय में अपने अधिकारियों के साथ बैठक की और सीधा ग्राउंड जीरो पर जायजा लेने के लिए बड़कोट रवाना हो गए।

चार धामों के 10 मई व 12 मई को कपाट खुलने के बाद से इस बार यात्रियों की संख्या नया रिकॉर्ड बना रही है। दूसरी तरफ, यात्रियों की सुगम, सुरक्षित व निर्बाध यात्रा हेतु धामी सरकार संकल्पबद्ध है। गौरतलब है कि गत वर्ष जब कपाट यमुनोत्री धाम के कपाट खुले थे तो कुल 6,838 श्रद्धालु आए थे जबकि इस वर्ष कपाट खुलने वाले दिन 12,193 यात्री आये। यानी दोगुना संख्या में श्रद्धालु पहुँचे। इसी तरह केदारनाथ धाम में गत वर्ष कपाट खुलने पर 18,335 तो इस वर्ष लगभग 75 प्रतिशत ज्यादा लगभग 29 हजार श्रद्धालु मौजूद रहे। कुल मिलाकर अनुमान से कहीं ज्यादा श्रद्धालु चारधाम में पहुंच रहे हैं, जिस कारण शुरुवाती दिनों में कुछ परेशानियां हुई, लेकिन इन्हें भी दूर करने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री धामी के निर्देशों पर पहले ही उनके सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम से लेकर अन्य अधिकारियों को उत्तराकाशी, रुद्रप्रयाग जिलों में तैनात किया गया है। इसका नतीजा यह हुआ कि स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर चीजों को व्यवस्थित करने में मदद मिली।

इधर, वीरवार को सीएम धामी हरियाणा में चुनावी दौरे पर थे लेकिन हालातों की नाजुकता को भांपते हुए धामी दोपहर में ही देहरादून पहुँच गए और यहां उच्च स्तरीय बैठक ली। सीएम ने बैठक में स्पष्ट कहा कि बगैर पंजीकरण के आ रहे यात्रियों को लौटाया जाए, परिवहन विभाग इसकी जगह जगह चेकिंग करे। धामों की क्षमता के लिहाज से ही यात्रियों को भेजा जाए और जहां उन्हें होल्ड करने की आवश्यकता पड़ रही है वहां उन्हें मूलभूत सुविधाएं जैसे भोजन, पानी, पार्किंग इत्यादि प्रदान की जाए। सीएम धामी द्वारा ली गयी इस बैठक का असर यह हुआ कि 24 घंटे बीतने से पहले ही तमाम स्थानों पर अब यात्रा काफी हद तक सुचारू रूप से संचालित हो रही है।

यहाँ तक कि बड़ी संख्या में पहुंच रहे यू ट्यूबर को लेकर भी दिशा निर्देश जारी किए गए कि धामों के 50 मीटर के दायरे में रील बनान प्रतिबंधित रहेगा। वहीं, आज सुबह फिर सीएम धामी सचिवालय पहुँचे और बगैर देर किए उन्होंने अफसरों के साथ सारे हालातों की समीक्षा की और जरूरी निर्देश देने के साथ ही खुद भी ग्राउंड जीरो का हाल देखने के लिए बड़कोट रवाना हो गए। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस बार अप्रत्याशित भीड़ जरूर धामों में उमड़ रही है लेकिन टीम एफर्ट के जरिये यात्रा को व्यवस्थित कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के लिहाज से भी यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है और इसमें स्थानीय निवासियों, प्रशासन के सहयोग से व्यवस्थाओं को सुचारू किया जा रहा है।
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उत्तराखंड में होने जा रहा है कुछ बड़ा, 28 अप्रैल को बुलाया गया विधानसभा का विशेष सत्र, अधिसूचना जारी

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में विधानसभा के विशेष सत्र की अधिसूचना जारी कर दी गई है। 28 अप्रैल को विशेष सत्र बुलाया गया है। जिसके बाद प्रदेश में एक बार फिर चर्चाओं के बाजार गर्म हो गए हैं।
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उत्तराखंड में 28 अप्रैल को बुलाया गया विशेष सत्र
उत्तराखंड की सियासत में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। सीएम धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि इस सत्र को लेकर पहले जो चर्चाएं सामने आ रही थीं, अब उन पर आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। 28 अप्रैल को विशेष सत्र बुलाया गया है।
उत्तराखंड में विधानसभा के विशेष सत्र की अधिसूचना जारी
उत्तराखंड में विधानसभा के विशेष सत्र की अधिसूचना जारी कर दी गई है। 28 अप्रैल को विशेष सत्र बुलाया गया है। जिसमें महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर उत्तराखंड विधानसभा में चर्चा होगी। विशेष सत्र का आदेश प्रमुख सचिव सहदेव सिंह ने जारी किया।
विशेष सत्र हंगामेदार रहने के आसार
विशेष सत्र में हंगामा होने के आसार हैं। विपक्ष ने इसके संकेत पहले ही दे दिए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि अगर महिला आरक्षण को लेकर बीजेपी इतनी ही गंभीर है तो उत्तराखंड की 70 विधानसभाओं में ही महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधत्व सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि अगर उनकी श्रीनगर विधानसभा सीट अगर महिला आरक्षण की जद में आ रही है तो वो उस सीट को खुशी-खुशी महिलाओं के लिए छोड़ देंगे और उनके घर से भी कोई महिला चुनाव नहीं लड़ेगी।

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महिला आरक्षण बिल को लेकर उत्तराखंड में नहीं थम रही सियासत, BJP महिला मोर्चा की विपक्ष के लिए विशेष रणनीति तैयार

Uttarakhand Politics : महिला आरक्षण बिल संसद में गिर जाने के बाद से ही देशभर में पक्ष-विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप की जंग थमने का नाम नहीं ले रही। वहीं उत्तराखंड में भी इस बिल को लेकर सियासत चरम पर है।
एक तरफ जहां भाजपा का आरोप है कि विपक्ष ने महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित किया है, तो वहीं दूसरी ओर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी भाजपा पर दुष्प्रचार का आरोप लगा दिया। जिसके चलते अब भाजपा महिला मोर्चा ने आगामी 24 अप्रैल से 30 अप्रैल तक विभिन्न तरीके से विरोध प्रदर्शन कर विपक्ष को आईना दिखाने की विशेष रणनीति तैयार कर ली है।
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महिला आरक्षण बिल को लेकर उत्तराखंड में नहीं थम रही सियासत
भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर नकारात्मक रवैये के विरोध में उत्तराखंड में महाआक्रोश अभियान शुरू किया है। मोर्चा मातृ शक्ति के साथ मिलकर विपक्ष के संसद में किए गए नारी अपमान को उजागर करेगा। पार्टी की महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट की माने तो कांग्रेस का यह रवैया देश की आधी आबादी के अधिकारों पर सीधा प्रहार है।
विपक्ष ने हमेशा महिलाओं के अधिकार छीनने का किया काम
कैबिनेट मंत्री खजान दास का इसे लेकर कहना है कि विपक्ष के समर्थन के बगैर ये विधेयक संसद में पारित नहीं हो सका। जिससे ये स्पष्ट होता है कि विपक्ष ने हमेशा से ही महिलाओं के अधिकारों को छीनने का काम किया है। मंत्री खजान दास ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने इस गंभीर विषय का संज्ञान लिया है और आवश्यकता पड़ने पर जल्द विशेष सत्र भी बुलाया जा सकता है, ताकि मातृशक्ति को उनका उचित सम्मान और अधिकार मिल सके।

महिला आरक्षण बल के नाम पर भाजपा फैला रही भ्रम
भाजपा के हमलावर रुख को देखते हुए कांग्रेस ने भी सियासी दाव खेलना शुरू कर दिया है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट का कहना है कि महिला आरक्षण बल के नाम पर भाजपा आज पूरे देश भर में भ्रम फैलाने का काम कर रही है।
कांग्रेस ने सवाल किया कि जब 2023 में इस बिल को पारित कर दिया गया था, तो उसी समय इसको लागू क्यों नहीं किया गया, इससे ये स्पष्ट होता है कि प्रदेश में आज भाजपा महिला पार्टी के इशारे पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर महिला आरक्षण को लेकर भ्रम फैलाने का काम कर रही है।
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नारी शक्ति वंदन संशोधन को लेकर गणेश गोदियाल ने BJP पर किया पलटवार, कही बड़ी बात

Uttarakhand Politics : नारी शक्ति वंदन संशोधन को लेकर BJP में आक्रोश, गणेश गोदियाल ने किया पलटवार
Uttarakhand Politics : संसद में पेश होने के बाद गिरा नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम को लेकर प्रधानमंत्री और भाजपा के तमाम नेता विपक्ष को दोषी करार दे रहे हैं। इसको लेकर उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने प्रधानमंत्री सहित भाजपा पर पलटवार किया है।
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गणेश गोदियाल ने BJP पर किया पलटवार
गणेश गोदियाल ने कहा है कि भाजपा विपक्ष के खिलाफ महिला विरोधी होने का एक नेटेरेटिव सेट करना चाहती थी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर वो इस बिल के पक्षधर थे तो वहां पर बिल गिरते ही भाजपा महिला सांसदों के पास नारों वाली तख्तियां पहले से ही मौजूद कैसे थी ?
उन्होंने कहा कि इसकी तैयारी एक-दो घंटे पहले हो चुकी होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा इस बिल को गिराना चाहती थी इसलिए पहले से ही ये तैयारी की गई।
बीजेपी करवा सकती थी बिल के समर्थन में वोटिंग
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि भाजपा इस बिल को पास करवाना चाहती तो किसी भी हद तक विपक्ष के तमाम सांसदों को तोड़कर बिल के समर्थन में वोट डलवा सकती थी। अगर अडानी और अंबानी के पक्ष में होता तो बीजेपी हर वो कोशिश करती जिससे ये बिल पास हो गया होता।
लोग समझ गए हैं भाजपा का चाल चरित्र
गोदियाल ने कहा कि अब भाजपा नैरेटिव सेट नहीं कर सकती क्योंकि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम पर विपक्ष को कोस रहे थे, तब उन्हीं के सोशल मीडिया पेज पर 50% से ज्यादा गलियां उन्हें दी जा रही थी, कहा कि अब लोग भाजपा का चाल और चरित्र समझ गए हैं।
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