Dehradun
सीएम धामी ने एक हजार करोड़ से ज्यादा की विभिन्न योजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास, बोले सरकार हर जिले को “विकसित जिला” बनाने के लिए दिन रात कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने देहरादून में ‘नारी शक्ति महोत्सव’ में किया प्रतिभाग
जनपद के लिए एक हजार करोड़ से ज्यादा की विभिन्न योजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास
हमारी सरकार उत्तराखंड के हर जिले को “विकसित जिला” बनाने के लिए दिन रात कार्य कर रही है
देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून के बन्नू मैदान में आयोजित नारी शक्ति महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने 1055.57 करोड़ रुपये की कुल 600 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 617.05 करोड़ की 270 योजनाओं का लोकार्पण एवं 438.52 करोड़ की 330 योजनाओं का शिलान्यास किया गया।

कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री ने सिलाई-कड़ाई का प्रदर्शन कर रही महिलाओं के बीच जाकर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की शुरुआत में कन्या पूजन किया, जिसके बाद उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में स्थान बनाने वाली महिलाओं की भी हौसलाअफजाई की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में पहुँची माताओं-बहनो का वंदन करते हुए कहा कि आज इस कार्यक्रम के माध्यम से द्रोणनगरी के विकास के लिए एक हजार करोड़ से अधिक की विकास योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया गया है। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं देहरादून ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्रों के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण से लेकर विकसित उत्तराखंड के स्वप्न को साकार करने में मातृशक्ति का महत्वपूर्ण योगदान है। उत्तराखंड में महिलाओं की वीरता, साहस, शौर्य और संघर्ष के रूप में तीलू रौतेली, राजमाता कर्णावती, विशनी देवी शाह आदि को याद किया जाता है और हमारी सरकार “सशक्त नारी – समृद्ध नारी” की संकल्पना को आगे बढ़ाते हुए महिलाओं के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार न केवल महिलाओं के कल्याण और विकास की योजनाएं संचालित कर रही है बल्कि प्रत्येक विभाग के स्तर से महिलाओं को केंद्रित करते हुए विकास की रूपरेखा तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार उत्तराखंड के हर जिले को “विकसित जिला” बनाने के लिए दिन रात कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि महिलाएं यदि हाथ में लेखनी ले लें, तो वेदों की रिचाएं तक रच दें और तलवार ले लें तो धरा का मानचित्र बदल दें। इसलिए हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि जिस स्थान पर नारी की पूजा की जाती है, वहां स्वयं भगवान का निवास होता है। यही कारण है कि हमारी भारतीय सनातन संस्कृति में नारी को देवी का दर्जा प्राप्त है और वेदों में भी महिलाओं से आह्वान करते हुए कहा गया है कि वे सक्षम हों, समर्थ हों और राष्ट्र को दिशा दें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं, वह हर जगह पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं। चाहे घर हो या युद्ध का मैदान, राजनीति हो या सिनेमा, वैज्ञानिक क्षेत्र हो या कृषि और शिक्षा का क्षेत्र महिलाओं ने हर जगह अपने आपको साबित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि आज प्रदेश के दुर्गम गांव-गांव में महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाकर कुटीर उद्योगों के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति प्रदान कर रही हैं। महिलाओं के पास कौशल की कभी कोई कमी नहीं रही और अब यही कौशल उनकी और उनके परिवारों की आर्थिकी को शक्ति प्रदान कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्वकाल में आज देशभर में करीब 23 करोड़ महिलाओं को जन धन खातों के जरिए बैंकों से जोड़ा जा चुका है।
आज प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में सरकार ने प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं को आगे बढाने का कार्य किया है। वित्तीय स्वावलंबन से लेकर सामाजिक सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा से लेकर आवास, शिक्षा से लेकर उद्यमिता तक, हमारी नारी शक्ति को भारत की विकास यात्रा में सबसे आगे रखने के लिए कई प्रयास किए गए हैं। ये प्रयास आने वाले समय में और भी अधिक उत्साह के साथ जारी रहेंगे। उज्ज्वला योजना, हर घर नल से जल, शौचालयों का निर्माण यह सभी कार्य इसके उदाहरण हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण का संपूर्ण लाभ देने के लिए जिस तेज गति से काम किया, उससे हमारी सरकार की प्रतिबद्धता को समझ सकते हैं।उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की समस्त माताओं और बहनों ने अपने अथक परिश्रम से जहां एक ओर आर्थिक रूप से अपने आपको आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया है वहीं देवभूमि की सभ्यता और संस्कृति को भी जीवंत रखा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने 140 करोड़ देशवासियों को एक परिवार की तरह हर योजना का लाभ दिया। पूरा उत्तराखंड मोदी का परिवार है। देश की 140 करोड़ की जनता मोदी का परिवार है। इस देश का बच्चा-बच्चा मोदी जी का परिवार है। आप सभी माताएं-बहनें मोदी का परिवार है। उत्तर से लेकर दक्षिण तक हर व्यक्ति मोदी जी का परिवार है। अटक से कटक और कश्मीर से कन्याकुमारी तक हर एक परिवार, मोदी का परिवार है।
और यह परिवार यूं ही नही है मोदी जी का परिवार है, इसके लिए मोदी जी की गारंटी हमारे साथ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि मैं, कहूँ कि ”जब सभी से उम्मीद खत्म हो जाती है, तब ‘मोदी की गारंटी’ शुरू होती है तो इसमें कोई अतिश्योक्ति नही होगी। मोदी की गारंटी चुनाव जीतने के लिए तैयार कोई फॉर्मूला नहीं है, मोदी की गारंटी गरीबों का विश्वास है। आज देश का हर गरीब व्यक्ति जानता है कि मोदी जी अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटेंगे। आज देश के हर गरीब व्यक्ति को पता है कि मोदी की गारंटी पर विश्वास किया जा सकता है। गरीबों के इस विश्वास से ही हमें और आप सभी को ऊर्जा मिलती है। क्योंकि मोदी जी की गारंटी यानी आत्मनिर्भर भारत की गारंटी। मोदी की गारंटी यानी विकसित भारत की गारंटी। मोदी की गारंटी यानी गरीबों को निशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं की गारंटी। मोदी की गारंटी यानी महिलाओं को इज्जत घर की गारंटी। मोदी की गारंटी यानी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की गारंटी। मोदी की गारंटी यानी कश्मीर से धारा 370 के खत्म होने की गारंटी और मोदी की गारंटी यानी भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने के संकल्प की गारंटी और मोदी जी की इसी गारंटी के बल पर हम भी उत्तराखंड को विकसित उत्तराखंड बनाने के लिए दिनरात कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का है और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हमें आपका आशीर्वाद और समर्थन चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महिला सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम हमारी सरकार के सशक्त मातृशक्ति सशक्त राज्य के संकल्प को पूर्ण करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि माताओं-बहनों के उत्साह को देखकर मुझे पूर्ण विश्वास है कि जिस प्रकार आपने समय-समय पर अपनी क्षमताओं से प्रदेश का गौरव और सम्मान बढ़ाने का कार्य किया है, उसी प्रकार हमारी सरकार के सर्वश्रेष्ठ उत्तराखण्ड निर्माण के “विकल्प रहित संकल्प” की सिद्धि के लिए भी आप अपना योगदान सुनिश्चित करेंगी।
इस अवसर पर टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह ने कहा कि केंद्र एवं राज्य की सरकार आज महिलाओं के हित में दिन रात काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से महिलाओं के उत्थान के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल, विधायक खजान दास, उमेश शर्मा काऊ, सहदेव सिंह पुंडीर, सविता कपूर, बृज भूषण गैरोला, भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय आदि उपस्थित रहे।
Dehradun
देहरादून में ऑटो रिक्शा चालकों का सीएम आवास कूच, रेपिडो को बंद करने की है मांग

Dehradun News : देहरादून में दून ऑटो रिक्शा यूनियन ने आज अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर सीएम आवास कूच किया। पुलिस ने प्रदर्शन कारियों को ग्लोब चौक के पास बेरिकेट लगा कर रोक दिया है।
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देहरादून में ऑटो रिक्शा चालकों का सीएम आवास कूच
Dehradun में ऑटो रिक्शा चालकों का सीएम आवास कूच किया। पुलिस ने उन्हें सीएम आवास से पहले ही बैरिकेड लगाकर रोक लिया। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के जरिए सरकार को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान प्रर्दशनकारियों ने जमकर नारेबाजी भी की।
Dehradun में चक्का जाम करने की दी चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वो पूर्व में भी कई बार सरकार को अपनी मांगों को लेकर पत्र लिख चुके हैं। लेकिन सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। प्रदर्शन कारियों ने सरकार को चेतावनी दी। अगर उनकी मांगों पर कोई विचार नहीं करती तो वो आने वाले दिनों में देहरादून में चक्का जाम करेंगे।
लंबे समय से ऑटो चालक कर रहे हैं मांग
- 1. निजी नंबर प्लेट पर चल रहे दोपहिया वाहन लंबे समय से ऑनलाइन माध्यम से वाणिज्यिक गतिविधियां कर रहे हैं। इससे सीएनजी ऑटो रिक्शा चालकों के रोजगार पर सीधा और गंभीर असर पड़ रहा है, इसलिए ऐसे वाहनों पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए।
- 2. शहर में इलेक्ट्रॉनिक ऑटो और ई-रिक्शाओं की संख्या जरूरत से कहीं अधिक हो चुकी है। इसके कारण पारंपरिक सीएनजी ऑटो चालकों को सवारी नहीं मिल पा रही है और ट्रैफिक दबाव भी बढ़ रहा है। ऐसे में नए ई-ऑटो/ई-रिक्शाओं का रजिस्ट्रेशन कम से कम 10 वर्षों के लिए बंद किया जाना आवश्यक है।
- 3. ऑटो रिक्शा (3+1) परमिट की वर्तमान 25 किलोमीटर सीमा को बढ़ाकर 40 किलोमीटर किया जाए या फिर ऑटो चालकों को जौलीग्रांट एयरपोर्ट तक सवारी ले जाने की अनुमति दी जाए।

- 4. वर्तमान में ई-रिक्शा मुख्य मार्गों पर संचालित हो रहे हैं, जबकि शासन के गजट नोटिफिकेशन के अनुसार इन्हें मोहल्लों की आंतरिक गलियों तक सीमित किया जाना चाहिए। इस विषय में कई बार प्रशासन से वार्ता के बावजूद नियमों का पालन नहीं हो रहा है।
- 5.देहरादून जनपद में फिटनेस सेंटर को शहर के केंद्र में स्थापित किया जाए या उसकी व्यवस्था को बेहतर किया जाए। साथ ही आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त फिटनेस सेंटर भी खोले जाएं।
- 6. इलेक्ट्रॉनिक ऑटो और ई-रिक्शा के क्रय-विक्रय एवं रजिस्ट्रेशन के समय मूल निवास प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र और वैध ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य किए जाएं। वाहन बेचने या खरीदने वाला चालक उत्तराखंड का स्थायी निवासी होना चाहिए।
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मुजफ्फरनगर के युवक की डोईवाला में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, पुलिस जांच में जुटी

Doiwala News : देहरादून के डोईवाला में युवक की संदिग्ध मौत से हड़कंप
Doiwala News : देहरादून के डोईवाला में मुजफ्फरनगर के युवक की डोईवाला में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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Doiwala में युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
डोईवाला नगर पालिका के मिसर वाला में आज सुबह एक युवक अचेत अवस्था में मिला। जिसके बाद आसपास के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पर डोईवाला पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को 108 की सहायता से अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरो ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मुजफ्फरनगर का रहने वाला था युवक
पुलिस द्वारा जांच करने पर युवक की पहचान शुभम त्यागी 29 वर्षीय मुजफ्फरनगर निवासी के रूप में हुई है। युवक Doiwala के मिसर वाला में किराए के मकान में रहता था। डोईवाला के एक निजी अस्पताल में लैब टेक्नीशियन के रूप में कार्यरत था।

हार्ट अटैक से मौत की जताई जा रही आशंका
डॉक्टरों ने बताया कि प्रथमदृष्टया युवक की मौत टहलने के दौरान हार्ट अटैक से होना प्रतीत हो रहा है। फिलहाल युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा चुका है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी गई है। खबर मिलने पर युवक के परिजन मौके पर पहुंच गए हैं।
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DEHRADUN: जर्जर स्कूलों पर प्रशासन सख्त, CM के आदेश से 76 भवन ध्वस्तीकरण के लिए चिन्हित

DEHRADUN: हजारों बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम, 76 जर्जर स्कूल भवन गिरेंगे
देहरादून (DEHRADUN): जिले में वर्षों से जर्जर अवस्था में पड़े विद्यालय भवनों को लेकर जिला प्रशासन ने पहली बार ठोस एवं निर्णायक कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी सविन बसंल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है। कि माननीय मुख्यमंत्री जी के सख्त निर्देश है कि नौनिहालों के जीवन से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी कड़ी में जर्जर एवं निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों की पहचान, आकलन और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है।
मुख्य बिंदु
सीएम के निर्देश पर बच्चों की जान का जोखिम बने जिले के 76 जर्जर स्कूल भवन ध्वस्त
जिलाधिकारी देहरादून की सख्ती के बाद महज 10 दिनों के भीतर 100 विद्यालयों के जर्जर भवनों की रिपोर्ट प्राप्त हुई। रिपोर्ट में देरी को लेकर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया था, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। शिक्षा विभाग ने स्कूलों की सूची पूर्ण रिपोर्ट के साथ जिला प्रशासन को सौंप दी है।
डीएम ने दिखाई सख्ती तो 10 दिन में आ गई 100 स्कूलों के जर्जर भवन की रिपोर्ट
जिलाधिकारी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) को निष्प्रोज्य एवं आंशिक निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों के आंगणन (एस्टिमेट) तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए 1 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है, ताकि ध्वस्तीकरण एवं आवश्यक सुरक्षा उपायों में कोई विलंब न हो। जनपद में कुल 79 विद्यालयों के सम्पूर्ण भवन निष्प्रोज्य पाए गए हैं, इनमें 13 माध्यमिक एवं 66 प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं।
63 विद्यालयों में शिक्षण की वैकल्पिक व्यवस्था पहले ही सुनिश्चित कर दी गई है। 16 विद्यालय ऐसे हैं, जहाँ अभी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो पाई है। इनके लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। 17 विद्यालय आंशिक रूप से निष्प्रोज्य घोषित किए गए हैं। 8 विद्यालय ऐसे हैं, जहाँ ध्वस्तीकरण की आवश्यकता नहीं पाई गई है।
जिलें में वर्षों से जर्जर पड़े स्कूल भवन पहलीबार हुए निष्प्रोज्य; ध्वस्तीकरण जल्द; 1 करोड़ स्वीकृत
जिलाधिकारी ने पूर्णतः निष्प्रोज्य विद्यालयों में तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जाएगी। जिन विद्यालयों में वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था नहीं है, वहाँ पहले वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित कर उसके बाद ध्वस्तीकरण किया जाएगा। आंशिक निष्प्रोज्य भवनों में सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक मरम्मत/प्रतिबंध लागू किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसी भी विद्यालय में जोखिमपूर्ण भवनों में शिक्षण संचालित नहीं होगा। प्रशासन समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
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