Pauri
उत्तराखंड का ये गांव हो गया वीरान, भालू के हमलों से परेशान होकर मज़बूरी में लिया फैसला

Pauri : भालू की दहशत से पौड़ी में गांव हुआ खाली, मज़बूरी में लेना पड़ा फैसला
मुख्य बिंदु
पौड़ी गढ़वाल (Pauri): उत्तराखंड में पहाड़ से लेकर मैदान तक जंगली जानवरों के हमले ज़े लोग खौफ में हैं। राज्य निर्माण के बाद पिछले वर्ष 2025 में सबसे ज्यादा मानव-वन्य जीव संघर्ष के मामले सामने आए। जिनमें कई लोगों ने अपनी जान गंवाई, इसके चलते पौड़ी जिले के पोखड़ा ब्लॉक के एक गांव में भालू के हमले से दहशत में आए लोगों ने पूरा गांव खाली कर दिया है। बीते दिनों गाँव के आखिरी परिवार ने भी अपना पैतृक घर छोड़ दिया है।
पौड़ी जिले में भालू के हमले से पूरा गांव हुआ खाली
एक तरफ जहाँ सरकार अपनी तारीफ़ करते नहीं थकती है। वहीँ दूसरी ओर पहाड़ से लेकर मैदान तक जंगली जानवरों के हमलों को नियंत्रित करने के लिए पूरा तंत्र फेल होता दिख रहा है। विभाग के पास सैकड़ों की तादात में शिकायत जाने के बाद भी कोई ठोस रणनीति जमीन पर प्रभावी नहीं दिख रही है। इसके चलते अब पौड़ी जिले के पोखड़ा ब्लॉक में की पणिया ग्राम सभा के तोक गांव बस्ताग के एक परिवार ने बीते दिनों अपना पैतृक गाँव छोड़ दिया है। जिसके बाद पूरा गाँव वीरान हो गया है।
बीते दिनों आखिरी परिवार भी विस्थापित
बता दें कि, पूरा गांव पहले ही पलायन कर चुका था। जिसके बाद कई लोगों ने भालू के हमले से परेशान होकर विस्थापन किया था। ऐसे में यही एक आखिरी परिवार था जो गाँव को आबाद कर रहा था। लेकिन अब भालू के बढ़ते हमलों से इस परिवार का हौंसला भी टूट गया है। जिसके बाद वो भी पड़ोस के गांव पाणिया में विस्थापित हो चुके हैं।
जनवरी महीने में महज तीन दिनों के भीतर भालू ने उनके छह मवेशियों को अपना शिकार बना लिया। लगातार जान के खतरे और आजीविका पर मंडराते संकट को देखते हुए उन्हें पूरे परिवार के साथ गांव छोड़ने का कठोर फैसला लेना पड़ा। उनका कहना है कि अब तक न तो प्रशासन की ओर से कोई आर्थिक सहायता मिली है और न ही कोई अधिकारी हालचाल लेने पहुंचा है।
– हरिप्रसाद, पलायन करने वाले ग्रामीण
मज़बूरी में लेना पड़ा गाँव छोड़ने का फैसला
परिवार के सदस्यों का कहना है कि ये निर्णय उन्होंने अपनी मर्जी से नहीं, बल्कि मजबूरी में लिया है। गांव में रहना अब जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि भालू दिन के उजाले में भी गांव के आसपास घूमते नजर आ रहे हैं। इस कारण महिलाएं और बच्चे सबसे अधिक दहशत में हैं। इसके अलावा भालू लगातार मवेशियों को निशाना बना रहा है, जिससे परिवार को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है ।
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में पहले से ही जीवन यापन चुनौतीपूर्ण है और जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक ने हालात को और अधिक कठिन बना दिया है। ऐसे में सरकार से जल्द ठोस और व्यावहारिक निर्णय लेने की मांग की जा रही है, ताकि लोग सुरक्षित तरीके से अपने गांवों में रह सकें।
–बलवंत सिंह नेगी, जिला पंचायत सदस्य, पोखड़ा
इस पूरे मामले पर वन विभाग का कहना है कि बस्तांग गांव में मवेशियों की मौत से जुड़े प्रकरण में मुआवजा प्रक्रिया प्रगति पर है। संबंधित रेंजर से रिपोर्ट मांगी गई है और प्रभावित परिवार को शीघ्र मुआवजा दिया जाएगा। इसके साथ ही भालू को पकड़ने के लिए उच्च अधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है।
– महातिम यादव, डीएफओ
big news
पौड़ी में दो गुलदारों ने बनाया था सीता देवी को निवाला, घसीटकर झाड़ियों में ले गए फिर किया शिकार…

Pauri News : पौड़ी में कहर बरपाते गुलदार, दो गुलदारों ने महिला को बनाया शिकार
Pauri News : उत्तराखंड में जंगली जानवरों के हमले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। जहां बीते दो दिनों में गुलदरा ने दो महिलाओं को मौत के घाट उतार दिया है। जहां बुधवार को जहां भीमताल में गुलदार ने महिला को निवाला बनाया तो वहीं गुरूवार को पौड़ी में गुलदार ने महिला का शिकार किया।
Table of Contents
पौड़ी में दो गुलदारों ने बनाया था सीता देवी को निवाला
पौड़ी में गुरूवार को गुलदार के हमले में एक और महिला सीता देवी की मौत हो गई। महिला पर गुलदार ने उस वक्त हमला किया जब वो घर से कुछ ही दूरी पर घास काटने के लिए अपने खेतों में गईं थी। अब सामने आ रहा है कि महिला को एक नहीं बल्कि दो गुलदारों ने निवाला बनाया था।
महिला को घसीटकर झाड़ियों में ले गए दोनों गुलदार
मिली जानकारी के मुताबिक सीता देवी को एक नहीं बल्कि दो गुलदारों ने निवाला बनाया था। चश्मदीद एक स्थानीय महिला ने बताया कि जैसे ही उन्हें पता चला कि सीता देवी पर गुलदार ने हमला किया।

तो वो दौड़ कर उस स्थान की ओर गया। इस दौरान उन्होंने देखा कि एक नहीं दो गुलदार शव को खा रहे थे। इस दौरान उन्होंने शोर मचाया तो अन्य ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे तो गुलदार जंगल की ओर भाग गए।
गुलदार के हमले से मौत का तीसरा मामला
बता दें कि इस इलाके में गुलदार के हमले का ये कोई पहला मामला नहीं है। इडवालस्यूं क्षेत्र में ही नहीं इस से पहले गजल्ड़ और बाड़ा गांव में भी लोगों की जान जा चुकी है। इस घटना के बाद से लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोग गुलदार को जल्द से जल्द मारने की मांग कर रहे हैं।
big news
उत्तराखंड में लगातार आ रहे भूकंप से हड़कंप, पौड़ी और बागेश्वर में फिर महसूस किए गए भूंकप के झटके

Uttarakhand Earthquake : उत्तराखंड में बीते एक हफ्ते से प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। बागेश्वर और पौड़ी में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए।
Table of Contents
बागेश्वर में फिर महसूस किए गए भूंकप के झटके
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में भूकंप के हल्के झटकों का सिलसिला लगातार जारी है। सोमवार शाम एक बार फिर धरती कांपी और लोगों ने कंपन महसूस किया। इस बार भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.5 मापी गई, जो हल्की श्रेणी में आती है, लेकिन लगातार आ रहे झटकों ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

पौड़ी गढ़वाल में देर शाम आया भूकंप
बागेश्वर की तरह ही पौड़ी गढ़वाल में भी भूकंप के झटकों का सिलसिला रूकने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार देर शाम पौड़ी में भूकंप आया। मिली जानकारी के मुताबिक पौड़ी जिले के बनास मल्ला क्षेत्र के पास भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टरक स्केल पर इसकी तीव्रता 3 मैग्नीट्यूड रही।

किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं
पौड़ी में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, जिससे कुछ समय के लिए स्थानीय लोगों में घबराहट फैल गई। लोग एहतियातन घरों और इमारतों से बाहर निकल आए।
राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। बागेश्वर में भूकंप के कारण लोग डर गए थे। हालांकि किसी प्रकार के नुकसान की अब तक कोई खबर नहीं है।
Breakingnews
पौड़ी में भूकंप के झटकों से दहशत, डेढ घंटे के अंतराल पर दो बार आया भूकंप, इतनी रही तीव्रता

Earthquake in Pauri : उत्तराखंड में शनिवार सुबह भूकंप से धरती कांप उठी। रूद्रप्रयाग में 5.2 तीव्रता के भूकंप के बाद पौड़ी में भी धरती डोली है। पौड़ी में एक नहीं दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए।
Table of Contents
पौड़ी गढ़वाल में भूकंप के झटकों से दहशत
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में शनिवार सुबह भूकंप के झटके (Earthquake in Pauri )महसूस किए गए। मिली जानकारी के अनुसार, करीब डेढ़ घंटे के अंतराल में दो बार धरती कांपी। पहला झटका सुबह 5 बजकर दो मिनट दर्ज किया गया। जबकि दूसरा झटका 6:29 बजे महसूस हुआ।

भूकंप के कारण लोग कुछ समय के लिए सतर्क हो गए और कई लोग घरों से बाहर निकल आए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में कहीं से भी किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है।

डेढ घंटे के अंतराल पर दो बार आया भूकंप
आज सुबह पौड़ी गढ़वाल में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.3 मापी गई। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। डेढ़ घंटे में दो बार भूकंप आने से लोगों में दहशत है। हालांकि भूकंप से किसी प्रकार के किसी नुकसान की कोई खबर नहीं है।
Cricket12 hours agoDC vs PBKS Dream11 Team Match 35 IPL 2026: दिल्ली बनाम पंजाब – फैंटेसी क्रिकेट प्रेडिक्शन, पिच रिपोर्ट और प्रो टिप्स..
big news12 hours agoअचानक छा जाएगा अंधेरा, बजने लगेंगे सायरन, आज रात होगा देहरादून में ब्लैक आउट
big news9 hours agoभीषण गर्मी के कारण नैनीताल में बदला विद्यालयों का समय, जानें अब कितने बजे होगी स्कूलों छुट्टी ?
Tehri Garhwal14 hours agoटिहरी हादसे पर राष्ट्रपति और PM मोदी ने जताया गहरा दुख, पीएमएनएफ से आर्थिक सहायता की घोषणा
Cricket12 hours agoRR vs SRH Dream11 Team Prediction Match 36 IPL 2026: जयपुर के मैदान पर कौन मारेगा बाजी? जानें बेस्ट प्लेइंग XI और फैंटेसी टिप्स
CHAR DHAM YATRA13 hours agoचारधाम यात्रा की गरिमा से खिलवाड़ पर एक्शन, भ्रामक खबर फैलाने पर 3 पर FIR दर्ज
big news10 hours agoहिमाचल के उद्योगपति ने बद्री-केदार में सुविधाओं के लिए दान किए 1 करोड़, डॉक्टर महिंद्र शर्मा पहले भी कर चुके हैं दान
big news11 hours agoपौड़ी में दो गुलदारों ने बनाया था सीता देवी को निवाला, घसीटकर झाड़ियों में ले गए फिर किया शिकार…











































