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सीएम योगी का उत्तराखंड में आज तीसरा दिन: ठांगर विद्यालय में बच्चों को किया सम्मानित, नई सुविधाओं की शुरुआत…

यमकेश्वर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने अपनी भतीजी की शादी में भाग लिया और तीसरे दिन शनिवार को क्षेत्र के चार विद्यालयों का निरीक्षण किया। उनके साथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी थे। दोनों मुख्यमंत्री ने यमकेश्वर विकासखंड के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय ठांगर का उद्घाटन किया और बच्चों को सम्मानित किया।

इस अवसर पर केबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सतपाल महाराज, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी बचपन की यादों को ताजा करते हुए बताया कि वह भी उन साधनविहीन विद्यालयों में पढ़े थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने उन विद्यालयों को संसाधनों से सुसज्जित करने की दिशा में कई कदम उठाए। उन्होंने इस क्षेत्र के चार विद्यालयों का निरीक्षण किया, जिनमें वह खुद भी पढ़े थे। इन विद्यालयों को फूलों से सजाया गया था, और उनकी सुविधाओं में वृद्धि की गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्राथमिक विद्यालय ठांगर, जूनियर हाई स्कूल ठांगर, राजकीय प्राथमिक विद्यालय बिथ्याणी और राजकीय जूनियर हाई स्कूल कांडी का निरीक्षण किया। इन चारों विद्यालयों में सीएसआर फंड से नवीनीकरण कार्य कराया गया है और फर्नीचर उपलब्ध कराया गया है।
विद्यालयों में बढ़ी सुविधाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विद्यालयों में किए गए नवीनीकरण कार्यों का जायजा लिया। प्राथमिक विद्यालय बिथ्याणी में वर्तमान में 16 छात्र, प्राथमिक विद्यालय ठांगर में 22 छात्र, जूनियर हाईस्कूल कांडी में 32 छात्र, और जूनियर हाईस्कूल ठांगर में 30 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। सभी विद्यालयों को सजाया गया था और छात्रों में उत्साह देखा गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उनका खुद का शिक्षा जीवन प्राथमिक विद्यालय ठांगर से शुरू हुआ था, जहां उन्होंने कक्षा एक से पांचवीं तक पढ़ाई की थी। इसके बाद उन्होंने जूनियर हाई स्कूल ठांगर से कक्षा छह की पढ़ाई की। शिक्षा के क्षेत्र में उनकी यह यात्रा जनता इंटर कॉलेज चमकोटखाल, राजकीय इंटर कॉलेज गजा टिहरी, और भरत मंदिर इंटर कॉलेज ऋषिकेश से होते हुए स्नातक की पढ़ाई के लिए कोटद्वार तक पहुंची थी।
नए बदलाव और सुविधाएं
राजकीय प्राथमिक विद्यालय ठांगर और उच्च प्राथमिक विद्यालय ठांगर में अब कंप्यूटर लैब भी स्थापित की गई है। इन लैबों में 10-10 कंप्यूटर उपलब्ध हैं और वर्चुअल क्लास के लिए भी एक अलग लैब है। इसके अलावा विद्यालयों में पर्याप्त फर्नीचर और सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। सफाई व्यवस्था भी मजबूत की गई है, जिससे बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित वातावरण मिल रहा है।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता इंटर कॉलेज चमकोटखाल और जनता इंटर कॉलेज यमकेश्वर में भवन निर्माण के लिए वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई थी। इन दोनों विद्यालयों में भवन निर्माण कार्य जारी है और जल्द ही नए भवन तैयार हो जाएंगे।
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पौड़ी में जारी में गुलदार की दशहत, 4 साल के मासूम पर किया हमला
पौड़ी में गुलदार के हमले से दशहत, मासूमों को बना रहा निवाला
पौड़ी : उत्तराखंड में नहीं थम रहे मानव-वन्यजीव संघर्ष के मामले ताजा मामला पौड़ी जिले से सामने आया है। जहाँ बीते मंगलवार को आंगनबाड़ी से घर लौट रहे 4 वर्षीय मासूम पर गुलदार ने हमला किया था, गनीमत रही कि बालक सुरक्षित बच गया। इलाके में इसी घटना से दशहत मची थी तभी गुरुवार को गजल्ट गांव में गुलदार ने एक और व्यक्ति को मौत के घाट उतार दिया।
गुलदार के लगातार हमले से ग्रामीणों में दहशत
जानकारी के मुताबिक, गजल्ट गांव निवासी 45 वर्षीय राजेन्द्र नौटियाल हमेशा की तरह गांव के मंदिर में पूजा-अर्चना करने गए थे। घर लौटते समय रास्ते में घात लगाए बैठे गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। हमले में नौटियाल की मौके पर ही मौत हो गई और गुलदार शव को घसीट कर झाड़ियों में ले गया। घटना की सूचना मिलते ही गांव में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद वन विभाग कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है।
दूध बेचकर घर चलाता था मृतक
ग्रामीणों का कहना है कि विभाग के अधिकारी केवल औपचारिकता पूरी कर चले जाते हैं। लोगों में विभाग की कार्यशैली से रोष है उन्होंने बताया कि जब तक डीएफओ स्वयं गांव में नहीं आते और ग्रामीणों से बातचीत नहीं करते, तब तक वो अपना विरोध जारी रखेंगे और शव को कहीं नहीं ले जाने देंगे। स्थानीय लोगों के अनुसार मृतक राजेन्द्र नौटियाल के छोटे-छोटे बच्चे हैं और वो दूध बेचकर परिवार चलाता था। अचानक हुए हादसे से परिवार पर दुख और आर्थिक संकट दोनों का पहाड़ टूट पड़ा है।
आंगनबाड़ी से लौट रहे नाबालिग पर हमला
गौरतलब बात है कि, पौड़ी जिले में गुलदार के हमलों से लोग खौफजदा हैं। गुलदार आए दिन लोगों पर हमला कर रहे हैं, जिससे लोगों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। मंगलवार को कोट ब्लॉक के देवार गांव में गुलदार ने आंगनबाड़ी से घर आ रहे 4 साल के बच्चे पर हमला कर उसे गंभीर घायल कर दिया।
गुलदार बना रहा मासूमों को शिकार
बच्चा अन्य दोस्तों के साथ आंगनबाड़ी से घर लौट रहा था तभी गुलदार ने घात लगाकर उस पर हमला कर दिया। कुछ दिन पहले पौड़ी गढ़वाल के ही कोटी गांव की रहने वाली एक महिला को गुलदार ने अपना निवाला बनाया था, जबकि डोभाल ढांडरी में गुलदार ने एक अन्य महिला पर हमला कर गंभीर घायल कर दिया था. वहीं गुलदार के बढ़ते हमलों से लोगों में वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ आक्रोश है।
FAQs
1. पौड़ी जिले में हाल ही में क्या घटना हुई?
गजल्ट गांव में गुलदार ने एक ग्रामीण राजेंद्र नौटियाल (45) पर हमला कर उनकी हत्या कर दी। इससे पहले कोट ब्लॉक में 4 साल के बच्चे पर भी हमला हुआ था।
2. 4 वर्षीय बच्चे पर हमला कैसे हुआ?
बच्चा आंगनबाड़ी से अपने दोस्तों के साथ घर लौट रहा था, तभी घात लगाए बैठे गुलदार ने हमला कर उसे घायल कर दिया।
3. ग्रामीणों में आक्रोश क्यों है?
लगातार हो रहे हमलों के बावजूद वन विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग केवल औपचारिकता निभा रहा है और कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
4. मृतक राजेंद्र नौटियाल कौन थे?
वे गांव में दूध बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी मौत से परिवार पर आर्थिक और भावनात्मक संकट दोनों आ गया है।
5. क्या इससे पहले भी गुलदार के हमले हुए हैं?
हाँ, हाल ही में कोटी गांव की एक महिला की मौत तथा डोभाल ढांडरी में एक और महिला गंभीर रूप से घायल हुई हैं। कई घटनाओं से पूरे क्षेत्र में दहशत है।
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पौड़ी बाईपास टनल के प्रस्ताव का ग्रामीणों ने किया विरोध, कहा जोशीमठ जैसा हाल नहीं होने देंगे
पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड में नेशनल हाईवे-534 पर पैडुल-श्रीनगर खंड के बीच प्रस्तावित पौड़ी बाईपास टनल का स्थानीय लोग खुलकर विरोध कर रहे है। स्थानीय लोगों ने प्रस्तावित टनल के विरोध में जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल से मुलाकात कर ज्ञापन दिया। साथ ही कहा है कि वो पौड़ी गढ़वाल का हाल जोशीमठ जैसा नहीं होने देंगे।
पौड़ी बाईपास टनल का ग्रामीण कर रहे विरोध
दरअसल, घोड़ीखाल (पोर्टल-1) से प्रेमनगर (पोर्टल-2) तक लगभग 2100 मीटर लंबी टनल प्रस्तावित है। जिसका प्रेमनगर, बुआखल और गहड़ गांव के ग्रामीणोंद्वारा जमकर विरोध किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस प्रस्ताव के लिए उनसे पूर्व में राय या सहमति नहीं ली गई। शुक्रवार को तीनों गांवों के लोग जिलाधिकारी पौड़ी से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहाँ ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया।
विभाग द्वारा बिना सूचना के दिया गया प्रस्ताव
ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें इस प्रस्ताव की सूचना सोशल मीडिया और समाचार पत्रों से मिली। सम्बंधित विभाग द्वारा इस बारे में न तो कोई जनसुनवाई की गई और न ही ग्रामीणों को सूचित किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि इस टनल निर्माण से भविष्य में उनके गांवों, कृषि भूमि, जल स्रोत और घरों पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
जोशीमठ जैसा हाल नहीं होने देंगे, आंदोलन की दी चेतावनी
ग्रामीणों ने मांग की है कि पहले विभाग विस्तृत सर्वे और प्रभाव आकलन की रिपोर्ट सार्वजनिक करे। ग्राम सभाओं से राय और सहमति ली जाए, आवश्यकता पड़ने पर परियोजना के स्थान में बदलाव पर विचार किया जाए। ग्रामीणों ने उनकी बातों को नजरअंदाज करने पर आंदोलन की चेतावनी दी। साथ ही ग्रामीणों ने कहा की वो नहीं चाहते की भविष्य में जोशीमठ जैसा हाल पौड़ी का भी हो। बता दें की जोशीमठ में भारी निर्माण कार्यों और टनल निर्माण से क्षेत्र में बाहरी मात्रा में भू-धंसाव हुआ है। जिससे आज भी पूरा स्थानीय जन-जीवन अस्त व्यस्त है।
जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि टनल निर्माण को लेकर एनएच विभाग ने पहले ही जरुरी सर्वे कर रिपोर्ट सौंप दी है। ग्रामीणों की आपत्तियों को गंभीरता से लिया जा रहा है। ग्रामीणों और कार्यदायी संस्था के बीच जल्द ही बैठक आयोजित की जाएगी। ग्रामीण अपनी समस्याएं और शंकाएं रखेंगे और विभाग और विशेषज्ञों द्वारा उन्हें दूर करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
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अग्निवीर जवानों को डिग्री देगा H.N.B. गढ़वाल विश्वविद्यालय, GRRC लैंसडाउन के साथ महत्वपूर्ण एमओयू साइन
श्रीनगर: अग्निवीर जवानों के लिए ख़ुशख़बरी अब करियर बनाने के लिए और भी अवसर मिलेंगे। मंगलवार को गढ़वाल राइफल्स रेजीमेंटल सेंटर (जीआरआरसी) लैंसडाउन और हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू साइन किया गया। इस समझौते के तहत अब जीआरआरसी के अग्निवीर गढ़वाल विश्वविद्यालय से औपचारिक डिग्री प्राप्त कर सकेंगे।
गढ़वाल विश्वविद्यालय के द्वारा चलाया जाएगा सैन्य कल्याण के क्षेत्र में पहला शैक्षणिक कार्यक्रम
एमओयू पर गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो श्री प्रकाश, कुलसचिव प्रो. राकेश कुमार डोढ़ी और जीआरआरसी लैंसडाउन के कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी ने हस्ताक्षर किए। विश्वविद्यालय की विभिन्न फैकल्टी ने आठ माह की अवधि में अग्निवीरों के लिए स्किल-आधारित डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स तैयार किया है। यह गढ़वाल विश्वविद्यालय द्वारा सैन्य कल्याण के लिए चलाया जाने वाला अपनी तरह का पहला शैक्षणिक कार्यक्रम होगा।
अग्निवीर बनेंगे अब स्कॉलर वॉरियर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी ने इस पहल को अग्निवीरों के भविष्य के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा मल्टी-डोमेन ट्रेनिंग के साथ यह पहल अग्निवीरों को ‘स्कॉलर वॉरियर’ बनने की दिशा में मजबूत आधार देगी। उनके करियर में मील का पत्थर साबित होगी। साथ ही उन्होंने कहा यह साझेदारी न केवल अग्निवीरों का मनोबल बढ़ाएगी बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी और अधिक मजबूत करेगी।
गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि यह विश्वविद्यालय के लिए गौरव का क्षण है कि उसे राष्ट्र के रक्षकों के साथ मिलकर कार्य करने का अवसर मिला है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी गढ़वाल विश्वविद्यालय राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा। कुलपति ने छात्रों से विश्वविद्यालय का नाम विश्व पटल पर स्थापित करने के लिए उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने का आह्वान किया।
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