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जलवायु परिवर्तन और मानवीय गतिविधियों से हिमालयी जैव विविधता खतरे में

Inderkilla National Park में पौधों की 552 प्रजातियां विलुप्ति की कगार पर
Table of Contents
कुमाऊँ विश्वविद्यालय के शोधार्थी सुनील दत्त ने वर्ष 2017 से अब तक हिमाचल के कुल्लू में स्थित Inderkilla National Park पर विस्तृत अध्ययन किया। शोध में सामने आया कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ता पर्यटन दबाव, अत्यधिक चराई और अन्य मानवीय कारणों के चलते Inderkilla National Park endangered plants की संख्या लगातार बढ़ रही है। उत्तर-पश्चिमी हिमालय में स्थित यह राष्ट्रीय उद्यान अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है, लेकिन अब यहां की कई पौध प्रजातियां गंभीर संकट में पहुंच चुकी हैं।
552 पौध प्रजातियों में कई संकट की श्रेणी में
शोध के अनुसार इंदर किला राष्ट्रीय उद्यान में कुल 552 पौध प्रजातियां दर्ज की गई हैं। इनमें से छह प्रजातियां अत्यंत संकटग्रस्त, 24 प्रजातियां संकटग्रस्त और 42 प्रजातियां संवेदनशील श्रेणी में पाई गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते संरक्षण के प्रभावी उपाय नहीं किए गए, तो Inderkilla National Park endangered plants का अस्तित्व आने वाले वर्षों में और अधिक खतरे में पड़ सकता है।
कुमाऊं विश्वविद्यालय के शोधार्थी का विस्तृत अध्ययन
कुल्लू जिले में स्थित इंदर किला राष्ट्रीय उद्यान पर कुमाऊं विश्वविद्यालय के शोधार्थी सुनील दत्त ने वर्ष 2017 से अब तक विस्तृत अध्ययन किया। इस दौरान उन्होंने 552 पौध प्रजातियों का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण किया। अध्ययन में यह भी सामने आया कि इनमें से लगभग 49 प्रतिशत प्रजातियां औषधीय महत्व रखती हैं, जिनका उपयोग स्थानीय समुदाय पारंपरिक उपचार पद्धतियों में करते हैं।
औषधीय पौधों की घटती उपलब्धता चिंता का विषय
शोध में यह स्पष्ट हुआ है कि औषधीय पौधों की उपलब्धता में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। अवैध संग्रहण, अत्यधिक दोहन और आवास विखंडन के कारण Inderkilla National Park endangered plants पर सीधा असर पड़ा है। हालांकि कई स्थानीय समुदाय अब भी इन पौधों पर निर्भर हैं, लेकिन संसाधनों का संतुलित उपयोग नहीं हो पा रहा है।
ये हैं प्रमुख संकटग्रस्त प्रजातियां
अध्ययन में जिन उच्च हिमालयी प्रजातियों को संकटग्रस्त या अत्यंत संकटग्रस्त श्रेणी में रखा गया है, उनमें हाइमेनिडियम डेंसिफ्लोरम, सॉस्यूरिया गॉसिपिफोरा, फ्रिटिलारिया सिरोसा, डैक्टिलोरिज़ा हेटागिरिया, एंजेलिका ग्लौका, सॉस्यूरिया ओब्वालाटा, पोडोफाइलम हेक्सांद्रम, ट्रिलियम गोवनियानम और लिलियम पॉलीफाइलम जैसी महत्वपूर्ण औषधीय प्रजातियां शामिल हैं।
घरेलू, धार्मिक और पारंपरिक उपयोग में अहम भूमिका
शोध के अनुसार यहां पाई जाने वाली 70 प्रजातियां चारे के रूप में, 73 खाद्य उपयोग में, 36 धार्मिक व पवित्र कार्यों में और 20 शोभाकार पौधों के रूप में प्रयुक्त होती हैं। इसके अलावा 17 प्रजातियां घरेलू उपयोग, 11 ईंधन और 15 रंग निर्माण में काम आती हैं। इससे स्पष्ट होता है कि Inderkilla National Park endangered plants केवल पर्यावरण ही नहीं, बल्कि स्थानीय जीवनशैली से भी गहराई से जुड़ी हैं।
पारंपरिक चिकित्सा और सांस्कृतिक महत्व
अध्ययन में यह भी सामने आया कि 32 प्रजातियां पशु-चिकित्सा में और 20 प्रजातियां वेक्टर-जनित रोगों के पारंपरिक उपचार में उपयोग की जाती हैं। वहीं 15 प्रजातियां बौद्ध और खंपा समुदायों के धार्मिक अनुष्ठानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जबकि 11 प्रजातियां धूप और सुगंध निर्माण में प्रयुक्त होती हैं।
जलवायु परिवर्तन बना सबसे बड़ा कारण
स्थानीय लोगों से किए गए सर्वे में जलवायु परिवर्तन को संकट का सबसे बड़ा कारण बताया गया।
- 100% लोगों ने मौसम में अस्थिरता बढ़ने की बात कही
- 98% ने वर्षा में कमी
- 94% ने हिमपात में गिरावट
- 89% ने बढ़ती गर्मी
- 93% ने शीतकाल के छोटा होने
- 97% ने वर्षा वाले दिनों की संख्या घटने
- 63% ने ओलावृष्टि की घटनाओं में वृद्धि की पुष्टि की
संरक्षण के बिना भविष्य संकट में
विशेषज्ञों का मानना है कि समुदाय आधारित निगरानी, औषधीय पौधों के सतत उपयोग के मॉडल और प्रजाति-विशिष्ट संरक्षण योजनाएं अपनाए बिना Inderkilla National Park endangered plants को बचाना संभव नहीं होगा। समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर और अपूरणीय क्षति हो सकती है।
National
Telegram Ban इन इंडिया: भारत में क्यों लगी टेलीग्राम पर पाबंदी? जानें क्या है पूरा मामला और छात्रों पर इसका असर

Telegram Ban इन इंडिया : मुख्य बिंदु (Quick Highlights)
- अस्थायी प्रतिबंध: केंद्र सरकार ने भारत में प्रसिद्ध मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम (Telegram) पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है।
- NEET-UG 2026 री-एग्जाम: यह कदम 21 जून 2026 को होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा की शुचिता बनाए रखने और फ्रॉड रोकने के लिए उठाया गया है।
- एडिटिंग फीचर पर रोक: ऐप पर मैसेज एडिट करने वाले फीचर को 30 जून 2026 तक ब्लॉक कर दिया गया है।
- NTA का रुख: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है और इसे छात्रों के हित में बताया है।
भूमिका: भारत में टेलीग्राम पर क्यों लगा प्रतिबंध?
भारत में सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल जितनी तेजी से बढ़ा है, उतनी ही तेजी से इनके दुरुपयोग के मामले भी सामने आए हैं। हाल ही में भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए देश में लोकप्रिय क्लाउड-बेस्ड मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम (Telegram) पर अस्थायी प्रतिबंध (Temporary Restriction) लगाने का निर्देश दिया है।
यह प्रतिबंध आगामी NEET-UG 2026 री-एग्जामिनेशन (पुनर्परीक्षा) को ध्यान में रखते हुए लगाया गया है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA (National Testing Agency) ने सरकार के इस कड़े कदम का पुरजोर स्वागत किया है। सरकार का मानना है कि परीक्षा के दौरान और उसके ठीक बाद टेलीग्राम के जरिए अफवाहें फैलाने और “पेपर लीक” के झूठे दावे करके छात्रों को ठगने वाले गिरोह सक्रिय हो जाते हैं, जिन्हें रोकना बेहद जरूरी है।
क्या है पूरा मामला? MeitY और NTA का बड़ा फैसला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, MeitY ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की सिफारिशों पर कार्रवाई करते हुए टेलीग्राम ऐप तक पहुंच को 22 जून 2026 तक के लिए सीमित कर दिया है। इसके अलावा, ऐप के एक बेहद महत्वपूर्ण टूल—मैसेज एडिटिंग फीचर (Message-Editing Feature)—पर भी 30 जून 2026 तक के लिए रोक लगा दी गई है।
NTA द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह कदम संगठित चीटिंग नेटवर्क (Organised Cheating Networks) और साइबर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए उठाया गया है। ये अपराधी टेलीग्राम प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल छात्रों को गुमराह करने, फर्जी प्रश्नपत्र बेचने और परीक्षा की विश्वसनीयता को प्रभावित करने के लिए करते रहे हैं।
टेलीग्राम का ‘मैसेज एडिटिंग फीचर’ जांच के घेरे में क्यों आया?
कई लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर टेलीग्राम के मैसेज एडिट करने वाले फीचर से सरकार को क्या परेशानी थी? NTA ने इसका विस्तार से खुलासा किया है।
NTA के अनुसार, “टेलीग्राम का मैसेज-एडिटिंग फीचर साइबर अपराधियों के लिए एक बड़ा हथियार बन गया था। चैनल एडमिनिस्ट्रेटर परीक्षा खत्म होने के बाद अपने पुराने पोस्ट को एडिट कर देते थे और उसमें असली प्रश्नपत्र की पीडीएफ या तस्वीरें अटैच कर देते थे। चूंकि टेलीग्राम पर एडिट करने के बाद भी मूल टाइमस्टैम्प (Original Timestamp) नहीं बदलता, इसलिए ऐसा लगता था कि वह पेपर परीक्षा से कई घंटे पहले ही लीक हो गया था।”
इस लूपहोल का फायदा उठाकर धोखाधड़ी करने वाले लोग सोशल मीडिया पर फर्जी “पेपर लीक” के सबूत तैयार करते थे, जिससे न केवल छात्रों में मानसिक तनाव पैदा होता था, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली पर भी सवाल खड़े हो जाते थे। इसी वजह से सरकार ने इस फीचर को जून के अंत तक ब्लॉक रखने का निर्देश दिया है।
साइबर फ्रॉड नेटवर्क पर क्रैकडाउन: अहमदाबाद और बिहार पुलिस की कार्रवाई
टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने के पीछे सिर्फ आशंकाएं नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे पुख्ता खुफिया जानकारी और पुलिसिया कार्रवाई भी शामिल है। गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने इस पूरे मामले में टेलीग्राम-आधारित फ्रॉड और भ्रामक अभियानों के खिलाफ समन्वय स्थापित किया है।
हाल के दिनों में कई ऐसे टेलीग्राम चैनलों, ग्रुप्स और बॉट्स (Bots) को टेकडाउन (हटाया) किया गया है, जो NEET परीक्षा के पेपर देने के नाम पर लाखों रुपये की मांग कर रहे थे।
प्रमुख राज्य एजेंसियों की कार्रवाई:
- अहमदाबाद सिटी साइबर क्राइम ब्रांच की गिरफ्तारी: अहमदाबाद पुलिस ने हाल ही में एक अंतर-राज्यीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह टेलीग्राम पर कई फर्जी चैनल चला रहा था। जांचकर्ताओं के अनुसार, इस नेटवर्क ने महज एक महीने में लगभग 1,000 मोबाइल नंबरों से संपर्क किया था और करीब 1.5 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन किया था।
- बिहार पुलिस की एडवाइजरी: बिहार पुलिस ने भी छात्रों और अभिभावकों के लिए एक सार्वजनिक परामर्श (Public Advisory) जारी किया है, जिसमें उन्हें टेलीग्राम पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा करने वाले ठगों से सावधान रहने को कहा गया है।
टेलीग्राम बैन का आम यूजर्स और छात्रों पर क्या असर होगा?
सरकार और NTA दोनों ने ही यह स्पष्ट किया है कि यह एक बेहद सीमित और अस्थायी (Temporary) उपाय है। वैध टेलीग्राम यूजर्स की असुविधा को कम करने के लिए कुछ दिशानिर्देश स्पष्ट किए गए हैं:
- नए मैसेज भेजने पर रोक नहीं: मैसेज एडिटिंग फीचर के सस्पेंड होने से यूजर्स की नए मैसेज भेजने या प्राप्त करने की क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वे पहले की तरह चैट कर सकेंगे।
- सीमित अवधि: टेलीग्राम ऐप पर एक्सेस का यह प्रतिबंध केवल परीक्षा के आसपास की अवधि यानी 22 जून तक ही लागू रहेगा, जिसके बाद इसे सामान्य कर दिया जाएगा।
| प्रतिबंध का प्रकार | कब तक प्रभावी रहेगा? | मुख्य उद्देश्य |
| टेलीग्राम ऐप एक्सेस प्रतिबंध | 22 जून 2026 तक | परीक्षा के दिन और उससे पहले पेपर लीक की अफवाहों को रोकना। |
| मैसेज एडिटिंग फीचर ब्लॉक | 30 जून 2026 तक | परीक्षा के बाद पुराने पोस्ट्स को एडिट कर फर्जी सबूत बनाने से रोकना। |
NTA की छात्रों से अपील: “पेपर लीक” के झूठे दावों पर न करें भरोसा
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने एक बार फिर दोहराया है कि NEET का कोई भी प्रश्नपत्र सुरक्षित परीक्षा प्रक्रिया से बाहर मौजूद नहीं है। परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित माहौल में आयोजित की जा रही है।
एजेंसी ने छात्रों को आगाह किया है कि कुछ टेलीग्राम चैनल पेपर देने के बदले कुछ हजार रुपये से लेकर कई लाख रुपये तक की मांग कर रहे हैं। ये सभी दावे 100% फर्जी और धोखाधड़ी का हिस्सा हैं। छात्र और अभिभावक किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चल रहे ऐसे दावों के झांसे में न आएं।
निष्कर्ष और आधिकारिक सलाह
21 जून 2026 को होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा देश के लाखों मेडिकल उम्मीदवारों के भविष्य से जुड़ी है। परीक्षा की शुचिता (Integrity) और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए सरकार का टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने का फैसला कड़ा जरूर है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में यह बेहद जरूरी कदम माना जा रहा है।
छात्रों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश:
- परीक्षा से जुड़ी किसी भी नई जानकारी, गाइडलाइंस या अपडेट के लिए केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइट और आधिकारिक संचार माध्यमों पर ही भरोसा करें।
- यदि कोई व्यक्ति या ग्रुप आपको परीक्षा का पेपर एडवांस में देने का लालच देता है या पैसे मांगता है, तो इसकी सूचना तुरंत अपने नजदीकी साइबर क्राइम सेल को दें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज कराएं।
परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का ऐसा नियमन समय की मांग है, ताकि किसी भी होनहार छात्र का भविष्य अंधकार में न जाए।
Lifestyle
How To Remove Holi Color: इन घरेलू नुस्खों से हटाएँ होली का रंग

चेहरे से होली का रंग आसानी हटाएँ, इन नुस्खों के साथ
How To Remove Holi Color: होली का त्यौहार रंगों से भरा होता है. लेकिन त्यौहार के बाद होली का रंग छूटने का नाम नहीं लेता है. इससे आपकी त्वचा पर गंभीर प्रभाव पढ़ सकते हैं, कई बार होली के रंग से गंभीर स्किन इन्फेक्शन और एलर्जी होने लगती है. इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए आज हम आपको कुछ घरेलु नुस्खे बताएँगे, जिस से आप होली का मजा बिना किसी परेशानी के उठा पाएँगे.
मुख्य बिंदु
होली के जिद्दी रंग हटाने के आसान उपाय
होली खेलते समय अकसर लोग हानिकारक रंगों का उपयोग करते हैं. इन रंगों में त्वचा को नुकसान पहुँचाने वाले हानिकारक केमिकल मौजूद होते हैं. कई बार त्यौहार के लम्बे समय तक ये रंग छूटने का नाम भी नहीं लेता है. कई बार रंगों से होने वाली परेशानियों से होली का मजा किरकिरा हो जाता है, और लोग रंग लगाने से बचते हैं. तो चलिए जानते हैं कुछ घरेलु नुस्खों के बारे में जिन से आप आसानी से होली के रंग को छुड़ा सकते हैं.
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How To Remove Holi Color; ऐसे हटाएं होली के रंग
1. पहले से नारियल तेल लगाएं
- होली खेलने से पहले त्वचा और बालों पर नारियल तेल अच्छी तरह लगा लें.
- यह त्वचा पर एक सुरक्षात्मक परत बना देता है.
- इससे रंग त्वचा के अंदर गहराई तक नहीं जाता.
- बाद में रंग आसानी से निकल जाता है.
- अगर पहले तेल नहीं लगाया हो, तो बाद में लगाकर 15–20 मिनट छोड़ दें और गुनगुने पानी से धो लें.
2. बेसन और दही का पेस्ट
- 2 चम्मच बेसन में दही मिलाकर पेस्ट तैयार करें.
- इसे रंग लगे हिस्सों पर लगाएं.
- हल्का सूखने पर गीले हाथों से मसाज करें.
- इसके बाद पानी से धो लें.
- इससे रंग हटने के साथ त्वचा मुलायम बनती है.
3. एलोवेरा और गुलाब जल
- एलोवेरा जेल में गुलाब जल मिलाएं.
- इसे त्वचा पर 10–15 मिनट तक लगाएं.
- फिर साफ पानी से धो लें.
- इससे त्वचा को ठंडक मिलती है और जलन कम होती है.
- साथ ही रंग हल्का होने में मदद मिलती है.
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4. दही और नींबू का मिश्रण
- एक कटोरी दही में कुछ बूंदें नींबू का रस मिलाएं.
- इसे हल्के हाथों से त्वचा पर लगाएं.
- 10–15 मिनट बाद धो लें.
- दही त्वचा को नमी देता है.
- नींबू दाग हल्का करने में मदद करता है.
- संवेदनशील त्वचा पर नींबू सावधानी से लगाएं.
5. कच्चा दूध और शहद
- रुई को कच्चे दूध में भिगो लें.
- रंग लगे हिस्सों पर हल्के हाथों से लगाएं.
- चाहें तो इसमें शहद भी मिला सकते हैं.
- इससे रंग हटाने में मदद मिलती है.
- त्वचा हाइड्रेट भी रहती है.
6. मुल्तानी मिट्टी और गुलाब जल
- मुल्तानी मिट्टी में गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बनाएं.
- इसे त्वचा पर लगाएं.
- सूखने के बाद ठंडे पानी से धो लें.
- यह अतिरिक्त तेल और रंग सोख लेती है.
- त्वचा साफ और मुलायम बनती है.
7. ओट्स का स्क्रब
- ओट्स को दरदरा पीस लें.
- इसमें गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बनाएं.
- 10–15 मिनट तक लगाएं.
- हल्के हाथों से मसाज करें.
- इससे डेड स्किन और रंग हटाने में मदद मिलती है.
8. नींबू और शहद
- नींबू रस में शहद मिलाएं.
- हाथ-पैरों पर लगाएं.
- 10–15 मिनट बाद धो लें.
- इससे रंग हल्का हो जाता है.
- संवेदनशील त्वचा पर सावधानी रखें.
9. बालों से रंग हटाने का तरीका
इससे बालों का रंग आसानी से निकल जाता है.
1 हिस्सा एप्पल साइडर विनेगर लें.
इसमें 2 हिस्से पानी मिलाएं.
बाल धोने से पहले इससे रिंस करें.
फिर माइल्ड शैंपू और कंडीशनर लगाएं.
Job
JEE Main 2026 Session 1 Result: कल जारी हो सकता है परिणाम, ऐसे करें चेक..

जेई मेन के परीक्षार्थियों के लिए बड़ा अपडेट, कल आ सकता है रिजल्ट
JEE Main 2026 Result: अगर आपने भी जेई मेन सेशन 1 की परीक्षा दी है और अब रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं, तो आपके लिए बड़ी अपडेट सामने आ रही है। मीडिया सूत्रों के मुताबिक, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 12 फरवरी को जेईई मेन 2026 सेशन 1 का परिणाम घोषित किया जा सकता है।
मुख्य बिंदु
सबसे पहले, दोपहर तक फाइनल आंसर-की जारी किए जाने की संभावना है। इसके बाद, शाम तक रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा। जैसे ही परिणाम जारी होगा, उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना स्कोरकार्ड चेक कर सकेंगे।
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JEE Main 2026 Result कैसे करें चेक?
रिजल्ट जारी होने के बाद उम्मीदवार नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके अपना परिणाम देख सकते हैं:
- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाएं।
- इसके बाद होमपेज पर उपलब्ध JEE Main 2026 Session 1 Result लिंक पर क्लिक करें।
- अब अपना एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड दर्ज करें।
- लॉगिन करते ही आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा।
- अंत में, स्कोरकार्ड डाउनलोड करें और भविष्य के लिए उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।
JEE Main 2026 Scorecard में क्या-क्या जानकारी होगी?
जारी किए जाने वाले स्कोरकार्ड में निम्नलिखित विवरण शामिल होंगे:
- उम्मीदवार का नाम
- रोल नंबर
- कुल अंक
- विषयवार अंक
- पर्सेंटाइल स्कोर
- ऑल इंडिया रैंक
- अन्य आवश्यक जानकारी
इसलिए, उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे स्कोरकार्ड में दर्ज सभी विवरणों को ध्यानपूर्वक जांच लें।
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प्रोविजनल आंसर-की और परीक्षा तिथियां
गौरतलब है कि JEE Main 2026 Session 1 की प्रोविजनल आंसर-की 4 फरवरी को जारी की गई थी। इसके बाद उम्मीदवारों को आपत्ति दर्ज करने का अवसर दिया गया था। हालांकि, ऑब्जेक्शन विंडो 6 फरवरी 2026 को बंद कर दी गई थी।
जबकि, परीक्षा का आयोजन 21, 22, 23, 24, 28 और 29 जनवरी 2026 को किया गया था।
जरुरी सलाह
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वो नवीनतम अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से विजिट करते रहें। साथ ही, रिजल्ट जारी होने के बाद जल्द से जल्द अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर लें ताकि आगे की काउंसलिंग प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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