Uttarakhand
Jhanda Mela 2026: झंडे जी मेले की आज से शुरुआत, 94 फीट ध्वजदंड का आरोहण
देहरादून में ऐतिहासिक झंडे जी मेले का आगाज, देश-विदेश से पहुँच रहे श्रद्धालु
Jhanda Mela 2026: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आस्था और परंपरा से जुड़े ऐतिहासिक झंडे जी मेले की शुरुआत आज से हो चुकी है। दरबार साहिब में इस बार 94 फीट लंबे नए ध्वजदंड का आरोहण किया जा रहा है। देशभर से संगतों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो चुका है, इसके साथ ही प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक को लेकर विशेष व्यवस्था लागू कर दी है।
मुख्य बिंदु
दरबार साहिब में शुरू हुआ झंडा जी मेला 2026
दरअसल, देहरादून स्थित दरबार साहिब में हर साल आयोजित होने वाला झंडे जी मेला धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक परंपरा का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। इस बार भी आयोजन को भव्य बनाने के लिए कई दिनों से तैयारियां जारी थीं, जिसके बाद आज से झंडा जी के आरोहण के साथ शुरू हो चुका है। खास बात ये है कि इस बार झंडे जी के लिए 94 फीट लंबे नए ध्वजदंड को तैयार किया गया है, जिसे बनाने में कारीगरों को करीब दो महीने का समय लगा।
Jhanda Mela 2026 – देशभर से पहुँच रहे श्रद्धालु
दूसरी तरफ, देश के अलग-अलग राज्यों से श्रद्धालुओं का देहरादून पहुंचना भी शुरू हो गया है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश से बड़ी संख्या में संगतें इस आयोजन में भाग लेने के लिए पहुंचती हैं। इसके अलावा स्थानीय लोग भी इस आयोजन को लेकर काफी उत्साहित दिखाई दे रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया गया है।
गिलाफ चढ़ाने के लिए 90 से 100 साल पहले दर्ज होता है नाम
इसी बीच झंडे जी से जुड़ी एक खास परंपरा गिलाफ चढ़ाने की भी है, जिसे बेहद श्रद्धा और सम्मान के साथ निभाया जाता है। इसके लिए कई महीने पहले से ही सेवादारों द्वारा गिलाफ सिलने का कार्य शुरू कर दिया जाता है। विशेष रूप से महिलाएं इस सेवा में बढ़-चढ़कर भाग लेती हैं और पूरी श्रद्धा के साथ गिलाफ तैयार करती हैं। परंपरा के अनुसार झंडे जी पर कुल तीन प्रकार के गिलाफ चढ़ाए जाते हैं।
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सबसे पहले 41 सादे गिलाफ लगाए जाते हैं, इसके बाद 21 सनील के गिलाफ चढ़ाए जाते हैं। अंत में सबसे ऊपर दर्शनी गिलाफ लगाया जाता है, जिसे चढ़ाने का अवसर बेहद खास माना जाता है। दिलचस्प बात ये है कि इसके लिए श्रद्धालु वर्षों पहले ही अपना नाम दर्ज कराते हैं और कई बार 90 से 100 साल बाद यह मौका मिलता है। इस बार देहरादून के अनिल गोयल को दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
होली की पंचमी तिथि को होता है झंडे जी का आरोहण
परंपरा के मुताबिक, झंडे जी का आरोहण हर साल होली के बाद पंचमी तिथि को किया जाता है। इसी दिन शाम के समय धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पूरे विधि-विधान के साथ ध्वजदंड स्थापित किया जाता है। इससे पहले दर्शनी गिलाफ चढ़ाने की रस्म पूरी की जाती है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु दरबार साहिब पहुंचते हैं।
ढोल-नगाड़ों की गूंज पर ध्वजदंड को लाया गया दरबार साहिब
एक दिन पहले ही नए ध्वजदंड को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दरबार साहिब लाया गया। इस दौरान ढोल-नगाड़ों की गूंज और श्रद्धालुओं की पुष्प वर्षा के बीच ध्वजदंड का भव्य स्वागत किया गया। इस धार्मिक माहौल ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। वहीं जैसे ही झंडे जी का आरोहण होता है, उसके साथ ही प्रसिद्ध झंडे मेले की शुरुआत भी हो जाती है। इसके बाद दरबार साहिब के आसपास पूरे इलाके में मेले की रौनक देखने को मिलती है।

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800 से ज्यादा विदेशी श्रद्धालुओं को भेजा गया निमंत्रण
हर साल हजारों श्रद्धालु इस मेले में शामिल होते हैं, जिससे शहर की रौनक कई गुना बढ़ जाती है। दिलचस्प बात ये है कि इस बार विदेशों में रहने वाले श्रद्धालुओं को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। दरबार साहिब की ओर से अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन सहित कई देशों में रहने वाले लगभग 800 से अधिक श्रद्धालुओं को निमंत्रण भेजा गया है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि इस बार मेले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी संगतों की अच्छी भागीदारी देखने को मिलेगी।
मेले के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान जारी
मेले में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन के सामने सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखना एक बड़ी जिम्मेदारी होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया है। दरबार साहिब के आसपास के इलाके को जीरो जोन घोषित किया गया है, जहां बड़े वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। साथ ही कई प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्जन भी लागू किया गया है जिससे ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रहे।
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सीसीटीवी और ड्रोन कैमरे से रखी जा रही निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जाएगी। वहीं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ठहरने और भोजन की विशेष व्यवस्था की गई है। कई स्कूलों और धर्मशालाओं में संगतों के ठहरने की व्यवस्था की गई है, जबकि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मेला परिसर में अस्थायी अस्पताल भी बनाए गए हैं। इसके अलावा 24 घंटे लंगर की व्यवस्था भी रहेगी।
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UTU Paper Leak मामले में बड़ी कार्रवाई, पेपर लीक करने वाला सहायक प्रोफेसर गिरफ्तार

UTU Paper Leak : उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) की सेमेस्टर परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में दून पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सहायक प्रोफेसर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अभियुक्त ने परीक्षा से पहले छात्रों को व्हाट्सएप ग्रुप और आंतरिक पोर्टल के माध्यम से प्रश्नपत्र से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल साझा किए थे।
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UTU Paper Leak मामले में पेपर लीक करने वाला गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनय कुमार पटेल की शिकायत पर प्रेमनगर कोतवाली में मामला दर्ज किया गया। शिकायत में बताया गया कि 8 जुलाई 2026 को आयोजित सम-सेमेस्टर परीक्षा के संबंध में विश्वविद्यालय को एक ई-मेल प्राप्त हुआ था। ई-मेल में दावा किया गया था कि 3 जुलाई को शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के एक सहायक प्रोफेसर ने परीक्षा से पहले छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप में महत्वपूर्ण प्रश्न साझा किए थे।
व्हट्सअप ग्रुप के माध्यम से पेपर किए थे लीक
विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच समिति ने मामले की जांच की। जांच के दौरान ये सामने आया कि परीक्षा से पहले छात्रों के साथ साझा किए गए कई प्रश्न वास्तविक प्रश्नपत्र से काफी हद तक मेल खाते थे। इसके बाद विश्वविद्यालय ने मामले की सूचना पुलिस को दी।

पुलिस ने आरोपी को देहरादून से किया गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून के निर्देश पर पुलिस ने साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई तेज की। दस्तावेजी साक्ष्यों, गवाहों के बयान और अन्य उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर आशीष कुमार गुप्ता, सहायक प्रोफेसर, शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, झाझरा को गिरफ्तार कर लिया गया।
अभियुक्त के कब्जे से मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की शुरू
पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच भी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि प्रश्नपत्र किस तरह साझा किए गए और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल थे। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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रानीखेत में जंगल में महिला का शव मिलने से सनसनी, पुलिस मामले की जांच में जुटी

Almora News : उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। द्वाराहाट तहसील के सुदूरवर्ती ग्राम भांसी कफलानी के सुंदरखाल जंगल में एक पेड़ से रस्सी के सहारे लटका अज्ञात महिला का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
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रानीखेत में जंगल में महिला का शव मिलने से सनसनी
अल्मोड़ा जिले के रानीखेत में महिला का अज्ञात शव मिलने से सनसनी मच गई है। मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार शाम गांव के कुछ लोग जंगल से होकर गुजर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर पेड़ से लटके एक महिला के शव पर पड़ी। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई, जिसके बाद द्वाराहाट पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और मौके का निरीक्षण किया।
10 से 12 दिन पुराना बताया जा रहा है शव
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि शव काफी पुराना है। प्रथम दृष्टया अनुमान लगाया जा रहा है कि महिला की मौत करीब 10 से 12 दिन पहले हुई होगी। शव की स्थिति खराब होने के कारण उसकी पहचान अभी तक नहीं हो सकी है।
फिलहाल नहीं हो पाई मृतका की शिनाख्त
पुलिस ने आसपास के गांवों के लोगों से भी पूछताछ की, लेकिन मृतका की शिनाख्त नहीं हो पाई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए उप जिला चिकित्सालय, रानीखेत भेज दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। साथ ही मृतका की पहचान कराने के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।
Dehradun
पेपर लीक विरोध पर बोले सीएम धामी, कहा- छात्रों की आड़ में हो रही राजनीति

Dehradun News : देशभर में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन अब केवल छात्रों की चिंताओं तक सीमित नहीं दिखाई देता, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक उद्देश्य भी नजर आ रहे हैं।
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पेपर लीक विरोध सीएम धामी का बयान आया सामने
मुख्यमंत्री धामी का कहना है कि कुछ लोग छात्रों की भावनाओं का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य जैसे संवेदनशील विषय पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और इस मुद्दे का समाधान निष्पक्ष तथा प्रभावी तरीके से किया जाना चाहिए।
छात्रों की आड़ में हो रही राजनीति – CM धामी
सीएम धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की पहल का स्वागत किया। उन्होंने इसे देश के लाखों युवाओं के हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया।

पेपर लीक के मामलों का जल्द होगा निस्तारण
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था से पेपर लीक के मामलों का जल्द निस्तारण होगा और दोषियों को समय पर सख्त सजा मिल सकेगी। उनका मानना है कि इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता मजबूत होगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
सीएम धामी ने ये भी कहा कि केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर है। ऐसे कदमों से मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का विश्वास मजबूत होगा और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सकेगा।
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