Dehradun
आदिवासियों की जमीन उनके संसाधनों और संस्कारो को घुसपैठियों के हाथों में दे रही झारखंड सरकार: सीएम पुष्कर सिंह धामी

मुख्यमंत्री धामी ने कुंडहित, झारखण्ड में आयोजित “परिवर्तन सभा” को किया संबोधित
भारी बारिश के बावजूद हजारों की संख्या में मुख्यमंत्री धामी को सुनने पहुंचे लोग
प्राचीन संस्कृति, अपार वन संपदा, प्राकृतिक संसाधनों और आदिवासी समाज की वीरता का राज्य है झारखंड : मुख्यमंत्री
प्रधानमंत्री ने आदिवासी समाज के सम्मान, स्वाभिमान को बढ़ाने के लिए किया निरंतरता से कार्य
झारखंड सरकार एवं विपक्ष के लोग झारखंड में डेमोग्राफी के साथ खिलवाड़ करने की रच रहे साजिश: मुख्यमंत्री धामी
आदिवासियों की जमीन उनके संसाधनों और संस्कारो को घुसपैठियों के हाथों में दे रही झारखंड सरकार: मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को कुंडहित, जामताड़ा, झारखण्ड ( नाला विधानसभा क्षेत्र) में आयोजित “परिवर्तन सभा” में प्रतिभाग किया।

झारखंड – हजारों की संख्या में आए लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वो बाबा बद्री-केदार की पावन भूमि उत्तराखंड से सभी के बीच में पधारे हैं। उन्होंने कहा कुंडहित क्षेत्र की जनता और उनका प्रेम, देखकर ऊर्जा का संचार हुआ है। झारखंड की भाजपा ने जो अभियान चलाया है, यह अभियान रुकना नही चाहिए। उन्होंने कहा देवभूमि उत्तराखंड और झारखंड राज्य एक साथ अस्तित्व में आए थे। दोनों ही राज्य अपनी प्राचीन संस्कृति के लिए प्रसिद्ध हैं। झारखंड में अपार वन संपदा, प्राकृतिक संसाधनों और आदिवासी समाज की साहस वीरता का गौरवशाली इतिहास है। उन्होंने कहा सबसे पहले अंग्रेजों के खिलाफ हमारे आदिवासी लोगों ने आवाज उठाई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी के बाद आदिवासी समाज की सुध नही ली गई। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेई जी ने झारखंड राज्य निर्माण कर राज्य एवं आदिवासी समाज के विकास को आगे बढ़ाने का काम किया है। प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने आदिवासी समाज के सम्मान स्वाभिमान बढ़ाने के लिए निरंतरता से कार्य किया है। उन्होंने कहा हमें गर्व है कि आदिवासी समाज की बेटी द्रोपति मुर्मू देश ही राष्ट्रपति हैं। यह सब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में संभव हो पाया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती पर जनजाति गौरव दिवस के रूप में घोषित किया। 200 करोड़ की लागत से आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी हेतु अनेक संग्रहालय बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आदिवासी समाज के लोगों को मुख्यधारा में लाने का कार्य जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा आदिवासी समाज को केंद्र में रखते हुए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। जन धन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान योजना, पीएम आवास योजना, जैसे अनेक योजनाओं से लोगों को आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। आज की योजनाएं महज कागजी नहीं अपितु प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में झारखंड को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। झारखंड में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, हाईवे, एलिवेटेड सड़क, 57 नए रेलवे स्टेशनों का नवनिर्माण एवं पुनर्निर्माण, राज्य में वंदे भारत ट्रेन की कनेक्टिविटी, 20 एकलव्य आवासीय विद्यालय की आधारशिला, देवघर में एम्स का निर्माण, जैसे अनेकों कार्य हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड राज्य में आयुष्मान भारत योजना के तहत 1 करोड 02 लाख लोगों के कार्ड बने हैं, आवास योजना के तहत 55 लाख लोगों के लिए आवास का निर्माण किया गया है।38 लाख से अधिक परिवारों को मुफ्त में गैस सिलेंडर दिए गए हैं। 32 लाख परिवारों को शुद्ध जल पहुंचाया जा रहा है। 30 लाख से अधिक किसानों को सम्मान निधि मिल रही है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत 33000 किलोमीटर से अधिक सड़क का निर्माण हुआ है। जामताड़ा क्षेत्र में करीब 340 कि.मी की सड़क का निर्माण हुआ है। जामताड़ा जिले में करीब 88 हजार किसानों को 154 करोड़ की सम्मान निधि दी गई है। योजनाओ के साथ प्रधानमंत्री जी ने देशहित में भी कई कड़े और बड़े फैसले लिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ओर विकास कर जन कल्याण को प्राथमिकता देने वाले प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा है और दूसरी ओर तुष्टिकरण करने वाले, भाई भतीजा बाद करने वाले, भ्रष्टाचार में डूबे हुए जे.एम.एम, आरजेडी और कांग्रेसी गैंग हैं। झारखंड सरकार एवं विपक्ष के लोग झारखंड में डेमोग्राफी के साथ खिलवाड़ करने की साजिश रच रहे हैं। झारखंड सरकार के संरक्षण में घुसपैठियों को शरण दी जा रही है। विपक्ष के लोग आदिवासियों की जमीन उनके संसाधनों और संस्कारो को घुसपैठियों के हाथों में देने का षड्यंत्र रच रहे हैं। यह घुसपैठिये हमारी बेटियों की जिंदगियों के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र के कई इलाकों में “हिंदुओं और आदिवासियों झारखंड छोड़ो” के नारे लगते हैं। ऐसे लोगों का संरक्षण झारखंड सरकार और इनके विपक्षी साथी कर रहे हैं। झारखंड में हो रही घुसपैठ से आने वाले समय में बड़ी संख्या में घुसपैठिए भर जाएंगे। पहले इस क्षेत्र में आदिवासियों की संख्या 44 से घटकर 28 प्रतिशत हो गई है। ये बड़ा सवाल है…? इस प्रश्न का उत्तर हम सब ने मिलकर खोजना है। झारखंड सरकार ने आदिवासियों के साथ हमेशा धोखा किया है। झारखंड में दो लाख से अधिक सरकारी पद रिक्त हैं। भाजपा की सरकार आने पर इन सभी पदों को भरा जाएगा। उन्होंने कहा झारखंड की भ्रष्ट सरकार, पैसा लेकर पेपर बाटती है। झारखंड के मुख्यमंत्री कई घोटाले में जेल की हवा खाकर, जमानत में बाहर आए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रांची में दुर्गा पूजा पर रोक लगाने की साजिश हो रही है। कांग्रेस और जेएमएम सरकार दुर्गा पूजा के पंडाल न लगाने के साजिश रचती है। उन्होंने जनता से झारखंड में भाजपा की सरकार बनाने का आग्रह किया।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सुमित सोरन, विधायक अपर्णा सिंह गुप्ता, विधायक विवेकानंद, नारायण, विपिन देव, विनय रौहेला एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
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23 मार्च को देहरादून धामी सरकार का “चार साल बेमिसाल” कार्यक्रम, ये रूट रहेंगे डायवर्ट, देखें ट्रैफिक प्लान

DEHRADUN ROOT PLAN 23 MARCH: 23 मार्च को देहरादून में ट्रैफिक अलर्ट, जानें नया रूट प्लान
DEHRADUN ROOT PLAN 23 MARCH: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के परेड़ ग्राउंड में 23 मार्च को धामी सरकार के चार साल पूरे होने पर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. परेड ग्राउंड में आयोजित “चार साल बेमिसाल” कार्यक्रम को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक रूट प्लान तैयार किया है.
मुख्य बिंदु
घर से निकलने से पहले देख लें रूट प्लान
🔹 1. मसूरी और राजपुर रोड से आने वाले वाहन
- सबसे पहले, इन वाहनों को मसूरी डायवर्जन से डायवर्ट किया जाएगा।
- इसके बाद रूट रहेगा: ग्रेट वैल्यू → बहल चौक → सर्वे चौक → कन्वेंट तिराहा।
- कन्वेंट तिराहे पर यात्रियों को उतारा जाएगा (ड्रॉप प्वाइंट)।
- वहीं, वाहनों की पार्किंग बन्नू स्कूल में सुनिश्चित की गई है।
- इसके अतिरिक्त, आईआरडीटी (सर्वे चौक के पास) को पिकअप प्वाइंट बनाया गया है।
🔹 2. विकासनगर–चकराता से आने वाले वाहन
- इन वाहनों को बल्लूपुर चौक से शहर में प्रवेश कराया जाएगा।
- इसके बाद रूट रहेगा: किशन नगर चौक → बिंदाल → घंटाघर → दर्शन लाल चौक → लैंसडाउन चौक।
- लैंसडाउन चौक पर यात्रियों को ड्रॉप किया जाएगा।
- इसके बाद वाहनों को बन्नू स्कूल में पार्क किया जाएगा।
- कनक चौक को पिकअप प्वाइंट के रूप में तय किया गया है।
🔹 3. रुड़की–आईएसबीटी से आने वाले वाहन
- इन वाहनों का रूट रहेगा: आईएसबीटी → कारगी चौक → पुरानी बाईपास चौकी → धर्मपुर → बुद्धा चौक।
- बुद्धा चौक पर यात्रियों को उतारा जाएगा।
- पार्किंग के लिए रेसकोर्स मैदान निर्धारित किया गया है।
- साथ ही, बुद्धा चौक को ही पिकअप प्वाइंट बनाया गया है।
🔹 4. रायपुर से आने वाले वाहन
- इन वाहनों को चूना भट्टा से डायवर्ट किया जाएगा।
- इसके बाद उन्हें आईआरडीटी (सर्वे चौक के पास) तक लाया जाएगा।
- यहां यात्रियों को ड्रॉप करने के बाद वाहन ईसी रोड से बन्नू स्कूल में पार्क किए जाएंगे।
- पिकअप प्वाइंट भी आईआरडीटी (सर्वे चौक के पास) ही रहेगा।
🔹 5. डोईवाला से आने वाले वाहन
- इनका रूट होगा: रिस्पना → धर्मपुर → सीएमआई → बुद्धा चौक → लैंसडाउन चौक।
- यहां यात्रियों को ड्रॉप किया जाएगा।
- लैंसडाउन चौक के आसपास वन-साइड पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
- पिकअप प्वाइंट: लैंसडाउन चौक।
🔹 6. रायपुर और सहस्त्रधारा रोड से आने वाले वाहन
- इन वाहनों को सहस्त्रधारा क्रॉसिंग से डायवर्ट किया जाएगा।
- आगे का रूट: सर्वे चौक → कन्वेंट तिराहा।
- कन्वेंट तिराहे पर ड्रॉप किया जाएगा।
- पार्किंग के लिए रेसकोर्स और बन्नू स्कूल निर्धारित हैं।
- पिकअप प्वाइंट: कन्वेंट तिराहा।
🚖 7. विक्रम (शेयर ऑटो) के लिए डायवर्जन व्यवस्था
- रायपुर रूट (नंबर 2): सभी विक्रम सहस्त्रधारा क्रॉसिंग से वापस भेजे जाएंगे।
- धर्मपुर रूट (नंबर 3): विक्रमों को तहसील चौक → दून चौक → एमकेपी चौक की ओर मोड़ा जाएगा।
- आईएसबीटी रूट (नंबर 5) और कांवली रूट (नंबर 8): रेलवे गेट से ही वापस भेज दिए जाएंगे।
- प्रेमनगर रूट: प्रभात कट से डायवर्ट किया जाएगा।
- राजपुर रूट: ग्लोब चौक → पैसिफिक तिराहा → बैनी बाजार होते हुए वापस राजपुर रोड भेजा जाएगा।
🚌 8. सिटी बसों के लिए ट्रैफिक प्लान
- आईएसबीटी से राजपुर रोड जाने वाली बसें: दर्शन लाल चौक → घंटाघर होते हुए जाएंगी।
- रिस्पना से आने वाली बसें: तहसील चौक से वापस दून चौक → एमकेपी चौक → आराघर की ओर मोड़ी जाएंगी।
- रायपुर रोड की बसें: सहस्त्रधारा क्रॉसिंग → आईटी पार्क → राजपुर रोड → घंटाघर के रास्ते जाएंगी।
🅿️ 9. पार्किंग व्यवस्था
- बसों के लिए पार्किंग:
- गुरुद्वारा ग्राउंड (रेसकोर्स)
- रेंजर्स ग्राउंड
- गुरु नानक स्कूल ग्राउंड
- कार और दोपहिया वाहनों के लिए पार्किंग
- रेंजर्स ग्राउंड
- काबुल हाउस
- परेड ग्राउंड का खेल मैदान
🚧 10. बैरियर और सुरक्षा व्यवस्था
- ट्रैफिक कंट्रोल के लिए आउटर और इनर मिलाकर कुल 9 बैरियर लगाए जाएंगे।
🔸 आउटर बैरियर प्वाइंट:
- ईसी रोड (सर्वे चौक)
- मनोज क्लिनिक
- बुद्धा चौक
- दर्शन लाल चौक
- ओरियंट चौक
- पैसिफिक तिराहा
🔸 इनर बैरियर प्वाइंट:
- रोजगार तिराहा
- कनक चौक
- डूंगा हाउस
- लैंसडाउन चौक
- कन्वेंट तिराहा
🚶 11. आम जनता के लिए विशेष निर्देश
- सबसे महत्वपूर्ण बात, इनर बैरियर से आगे केवल पासधारक और वीवीआईपी वाहन ही जा सकेंगे।
- आम नागरिकों को निर्धारित ड्रॉप प्वाइंट पर उतरकर पैदल कार्यक्रम स्थल तक जाना होगा।
- प्रवेश के लिए पवेलियन ग्राउंड और बीजेपी कार्यालय के पास बनाए गए गेट का उपयोग करना होगा।
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बड़ी खबर : सीएम धामी ने किया विभागों का बंटवारा, जानें किसके हिस्से आया कौन सा विभाग ?

Uttarakhand Politics : मुख्यमंत्री धामी ने बांटे विभाग, जानें किसे मिला कौन सा विभाग ?
Uttarakhand Politics : मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मंत्रियों के बीच विभागों का बहुप्रतीक्षित बंटवारा कर दिया है। हाल ही में पाँच नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद किए गए।
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सीएम धामी ने किया विभागों का बंटवारा
सीएम धामी ने विभागों का बंटवारा कर दिया है। इस आवंटन में मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील प्रशासनिक विभाग अपने पास ही रखे हैं। अब तक मुख्यमंत्री के पास 35 से अधिक विभागों का दायित्व था।
जारी सूची के अनुसार मुख्यमंत्री सामान्य प्रशासन, गृह, कार्मिक, सतर्कता, नियुक्ति एवं प्रशिक्षण तथा सूचना एवं जनसंपर्क जैसे प्रमुख विभाग खुद देखेंगे। इन विभागों को शासन संचालन की रीढ़ माना जाता है, जिनके माध्यम से प्रशासनिक फैसलों और कानून-व्यवस्था पर सीधा नियंत्रण सुनिश्चित किया जाता है।

नवनियुक्त मंत्रियों में किसके हिस्से आया कौन सा विभाग ?
सीएम धामी ने इन 25 विभागों के अलावा विभागों का बंटवारा मंत्रियों के बीच करते हुए उन्हें उनके-उनके दायित्व सौंपे गए हैं। ताकि विभागीय कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। सूत्रों के अनुसार इस नए बंटवारे से कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित होगा और विकास योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारा जा सकेगा।
हाल ही में किया गया था कैबिनेट का विस्तार
बता दें कि हाल ही में मुख्यमंत्री धामी ने कैबिनेट का विस्तार करते हुए विधायक खजान दास, मदन कौशिक, भरत सिंह चौधरी, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी है। दरअसल, मंत्रिमंडल में पाँच पद लंबे समय से रिक्त चल रहे थे, जिनमें तीन पद पहले से खाली थे, एक पद पूर्व मंत्री चंदन राम दास के निधन के बाद रिक्त हुआ था, जबकि एक पद प्रेम चंद अग्रवाल के इस्तीफे के कारण खाली हुआ। इन परिस्थितियों में संबंधित विभागों का दायित्व भी मुख्यमंत्री के पास ही था।

ये बंटवारा संतुलन साधने की कोशिश
राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से ये बंटवारा संतुलन साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन के साथ-साथ प्रशासनिक दक्षता को ध्यान में रखते हुए विभागों का पुनर्गठन किया गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रमुख प्रशासनिक विभाग अपने पास रखना एक रणनीतिक कदम है, जिससे शासन की मुख्य कमान उनके नियंत्रण में बनी रहेगी, वहीं अन्य विभाग मंत्रियों को सौंपकर कार्यों का प्रभावी वितरण सुनिश्चित किया गया है।
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देहरादून में Pet Dog Policy 2025 लागू, नियमों का पालन ना करने पर पहुंच सकते हैं जेल, भारी जुर्माने का भी प्रावधान

Pet Dog Policy 2025 : देहरादून नगर निगम ने पशु प्रबंधन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। देहरादून में पालतू श्वान पॉलिसी 2025 ( Pet Dog Policy 2025) लागू हो गई है। इसके साथ ही बंदरों और आवारा पशुओं पर नियंत्रण के लिए कार्रवाई तेज कर दी है।
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देहरादून में Pet Dog Policy 2025 लागू
नगर निगम देहरादून ने शहर में पशुओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए व्यापक और सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। पशु चिकित्सा अनुभाग अब बंदरों, आवारा कुत्तों, पालतू पशुओं, डेयरी और मीट से संबंधित सभी प्रकार की शिकायतों के निस्तारण के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर वरुण अग्रवाल के अनुसार, Pet Dog Policy 2025 को गजट नोटिफिकेशन के बाद 14 मार्च से पूरी तरह लागू कर दिया गया है। इस पॉलिसी के तहत पालतू कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त चालान और नोटिस की कार्रवाई की जा रही है।

शिकायत मिलने पर लगाया जाएगा जुर्माना
नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि बिना लीश और मज़ल के कुत्तों को सार्वजनिक स्थानों पर घुमाने, गंदगी फैलाने और उसे साफ न करने जैसी शिकायतों पर नगर निगम सख्ती से कार्रवाई कर रहा है। ऐसे मामलों में शिकायत मिलने पर तुरंत जुर्माना लगाया जा रहा है।
बंदरों की बढ़ती समस्या निपटने के लिए विशेष अभियान
शहर में बंदरों की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है। नगर निगम ने कोटेशन के आधार पर बंदरों को पकड़ने की प्रक्रिया शुरू की है। किद्दूवाला, टिहरी कॉलोनी, राजपुर, ब्राह्मणवाला, रेलवे स्टेशन और बंगाली कोठी जैसे क्षेत्रों से बंदरों को पकड़कर चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर भेजा जा चुका है।
नगर निगम का दावा है कि सीएम हेल्पलाइन या अन्य माध्यमों से प्राप्त होने वाली शिकायतों का 24 घंटे के भीतर निस्तारण किया जा रहा है, जिससे शहरवासियों को राहत मिल रही है।
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