Rudraprayag
केदारनाथ यात्रा ऐतिहासिक उपलब्धियां कर रही हासिल, चार दिनों में 1.26 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के किए दर्शन…बन रहे रिकॉर्ड।

केदारनाथ धाम – केदारनाथ यात्रा में प्रतिवर्ष नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। साथ ही कारोबार के लिहाज से भी यात्रा ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कर रही है। इस वर्ष 10 मई से शुरू हो रही यात्रा के दस दिनों में ही 2.81 लाख श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। इनमें से 1.26 लाख श्रद्धालु बीते चार दिनों में ही धाम पहुंचे हैं।

पंच केदार में प्रमुख व भगवान आशुतोष के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में एक केदारनाथ धाम में बीते नौ वर्ष से पुनर्निर्माण कार्य चल रहे हैं। वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धाम पहुंचे और पुनर्निर्माण कार्य को अपने ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल करते हुए इसे तीन चरण में पूरा करने के लिए पांच बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया।
पहले चरण के कार्य धाम में पूरे हो चुके हैं, जिसमें मंदिर परिसर व मंदिर मार्ग के विस्तारीकरण के साथ ही आदिगुरु शंकराचार्य की समाधिस्थल का पुनर्निर्माण किया गया। जबकि दूसरे चरण के कार्य अभी चल रहे हैं। पुनर्निर्माण कार्यों की पीएम मोदी स्वयं कई बार मॉनीटरिंग कर चुके हैं। साथ ही वर्ष 2017 से 2022 तक वह 6 बार केदारनाथ भी पहुंच चुके हैं। पुनर्निर्माण कार्यों के बीच बाबा केदार की यात्रा प्रतिवर्ष रफ्तार भी पकड़ रही है।
इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2017 में केदारनाथ में दर्शनार्थियों का आंकड़ा 4.71 लाख था। वहीं, 2018 में 9 लाख से अधिक और 2019 में 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन को पहुंचे थे। वर्ष 2020 व 2021 में कोरोनाकाल के बीच आखिरी महीनों में यात्रा ने नई उपलब्धियां हासिल कीं। जबकि 2022 में 15.63 लाख और 2023 में केदारनाथ में रिकॉर्ड 19 लाख से अधिक शिव भक्तों ने दर्शन किए। इस साल यात्रा रोजाना नए कीर्तिमान बना रही है।
अहमदाबाद के दिनेश भाई पटेल का कहना है कि वह वर्ष 2012 में पहली बार केदारनाथ आए थे। उसके बाद 2016 से प्रतिवर्ष कपाट खुलने पर धाम में आते रहे हैं। केदारनाथ धाम प्रतिवर्ष नए रूप में नजर आ रहा है। रुद्रप्रयाग के कालिका प्रसाद सेमवाल बताते हैं कि बीते 40 वर्ष से प्रतिवर्ष केदारनाथ के दर्शन करते आ रहे हैं।
धाम में सुविधाएं विकसित होने के साथ ही यात्रा को भी रफ्तार मिल रही है। केदारनाथ नगर पंचायत के अध्यक्ष वेद प्रकाश सेमवाल और व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष महेश बगवाड़ी का कहना है कि केदारनाथ यात्रा प्रतिवर्ष नए आयाम स्थापित कर रही है। साथ ही कारोबार की दृष्टि से रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं।
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रूद्रप्रयाग में अचानक बढ़ा मंदाकिनी का जल स्तर, बीच नदी में फंसे जेसीबी का ड्राइवर और हेल्पर

Rudraprayag News : उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच शनिवार को एक बड़ा हादसा टल गया। मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ने के कारण एक जेसीबी और उसका चालक समेत हेल्पर नदी में ही फंस गए।
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रूद्रप्रयाग में अचानक बढ़ा मंदाकिनी का जल स्तर
ऊपरी हिमालयी क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। जिससे नदी के बीच निर्माण कार्य में लगी एक जेसीबी मशीन तेज बहाव में फंस गई। मशीन में मौजूद चालक और उसका सहयोगी चारों तरफ से उफनती नदी के पानी से घिर गए।
बीच नदी में फंसे जेसीबी का ड्राइवर और हेल्पर
जानकारी के अनुसार, घटना की सूचना पुलिस नियंत्रण कक्ष को मोबाइल के माध्यम से मिली। बताया गया कि सिंगोली-भटवाड़ी जल विद्युत परियोजना के कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद मंदाकिनी नदी का जलप्रवाह अचानक कई गुना बढ़ गया। जलस्तर में आई इस तेजी के कारण नदी के बीच काम कर रही जेसीबी बाहर नहीं निकल सकी और उसमें सवार दोनों लोग फंस गए।
बचाव दल ने सावधानी और सूझबूझ से बचे दोनों
सूचना मिलते ही जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र ने बिना देर किए राहत और बचाव अभियान शुरू कराया। एसडीआरएफ, जल पुलिस और नगर पंचायत अगस्त्यमुनि की संयुक्त टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और हालात का जायजा लिया।

तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल ने सावधानी और सूझबूझ के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद नदी के बीच फंसे जेसीबी चालक और उसके सहयोगी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
प्रशासन ने लोगों से की नदी के आस-पास ना जाने की अपील
समय पर की गई इस कार्रवाई से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि लगातार हो रही बारिश के दौरान नदी-नालों के आसपास जाने से बचें और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में पूरी सतर्कता बरतें। साथ ही निर्माण कार्यों के दौरान मौसम और नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखने की भी सलाह दी गई है।
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बाबा तुंगनाथ के दरबार में उमड़ा जनसैलाब, अब तक किए 1.18 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन

Rudraprayag News : उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में समुद्र तल से करीब 3,680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम में इस वर्ष श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक है। 21 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद से अब तक 1,18,381 श्रद्धालु बाबा तुंगनाथ के दर्शन कर चुके हैं।
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बाबा तुंगनाथ के दरबार में उमड़ा जनसैलाब
चोपता से तुंगनाथ तक का पैदल मार्ग इन दिनों श्रद्धालुओं से गुलजार है। हिमालय की बर्फीली चोटियां, प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक वातावरण यात्रा को खास बना रहे हैं। बढ़ती श्रद्धालु संख्या से चोपता, बणियाकुंड और आसपास के क्षेत्रों में होटल, होमस्टे, रेस्टोरेंट और स्थानीय कारोबार को भी अच्छा लाभ मिल रहा है।
अब तक किए 1.18 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन
मंदिर समिति, वन विभाग, तीर्थ पुरोहित समाज और स्थानीय संस्थाएं मिलकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं का ध्यान रख रही हैं। तुंगनाथ धाम के प्रबंधक प्रकाश पुरोहित के अनुसार, अब तक दर्शन करने वालों में 60,962 पुरुष, 50,815 महिलाएं, 6,384 बच्चे, 151 साधु-संत और 69 विदेशी श्रद्धालु शामिल हैं।

लगातार बढ़ रही है श्रद्धालुओं की संख्या
तुंगनाथ धाम के प्रबंधक ने बताया कि चोपता से सीधे चंद्रशिला जाने वाले पर्यटकों को इस आंकड़े में शामिल नहीं किया गया है। लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या यह साबित कर रही है कि तुंगनाथ धाम अब धार्मिक आस्था के साथ-साथ उत्तराखंड का एक प्रमुख आध्यात्मिक और पर्वतीय पर्यटन केंद्र भी बनता जा रहा है।
Breakingnews
मुनकटिया में पत्थर गिरने से केदारनाथ पैदल मार्ग बाधित, अस्थाई रूप से रोकी गई केदारनाथ यात्रा

Kedarnath Yatra Update : प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। जिसके चलते पहाड़ों पर जमकर बारिश हो रही है। बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भूस्खलन हो गया। जिस कारण केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
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मुनकटिया में पत्थर गिरने से केदारनाथ पैदल मार्ग बाधित
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर गुरुवार सुबह सोनप्रयाग और मुनकटिया के बीच पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने की घटना के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पैदल यात्रा कुछ समय के लिए रोक दी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मार्ग पर आवाजाही फिलहाल बंद कर दी गई है।
अस्थाई रूप से रोकी गई केदारनाथ यात्रा
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि सुबह संबंधित अधिकारियों से मुनकटिया क्षेत्र में पहाड़ी से पत्थर गिरने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही संबंधित विभाग की टीमें जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंच गईं और मार्ग पर गिरे मलबे व बड़े पत्थरों को हटाने का कार्य शुरू कर दिया।

यात्रियों से अफवाहों पर ध्यान ना देने की अपील
प्रशासन का कहना है कि रास्ते का पूरी तरह निरीक्षण कर उसे सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही श्रद्धालुओं की आवाजाही दोबारा शुरू की जाएगी। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक अपडेट का इंतजार करें और सुरक्षा संबंधी सभी निर्देशों का पालन करें।
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