Dehradun
देहरादून में नशे के खिलाफ महापंचायत शुरू, बड़ी सख्या में लोग हो रहे शामिल घर से; शुरुआत करने की जरूरत।

देहरादून – देहरादून विकासनगर के कालसी में नशे के खिलाफ महापंचायत शुरू हो गई है। रामलीला ग्राउंड में जौनसार बावर की विभिन्न क्षेत्रों से हजारों लोग महापंचायत में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह ने कहा नशा मुक्त अभियान की शुरूआत घर से होनी चाहिए। मां को पता होता है कि उनके बच्चे क्या कर रहे है।

परिवार के स्तर पर नशे को रोकने के प्रयास होने चाहिए। विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि नशे पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून बनाए गए हैं। आरोपियो पर सख्त कार्रवाई भी होती है, लेकिन नशे को जड़ से समाप्त करने के लिए जागरूकता और नशे के आदि युवाओं को मुख्य धारा से जोड़ने की जरूरत है।
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देहरादून के नए SSP प्रमेन्द्र सिंह डोभाल ने ग्रहण किया पदभार, गिनवाईं अपनी प्राथमिकताएं

Dehradun News : प्रमेन्द्र सिंह डोभाल द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून का कार्यभार ग्रहण किया गया। कार्यभार ग्रहण करने के बाद नवनियुक्त एसएसपी ने अपनी प्राथमिकताएं गिनवाईं।
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देहरादून के नए SSP प्रमेन्द्र सिंह डोभाल ने ग्रहण किया पदभार
देहरादून के नए SSP प्रमेन्द्र सिंह डोभाल ने आज पदभार ग्रहण कर लिया है। अपनी प्रथमिकताएं गिनवाते हुए उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा, कानून व्यवस्था की स्थिति को और अधिक बेहतर करना और यातायात सुधार की दिशा में और अधिक महत्वपूर्ण कार्य किया जाना उनकी प्राथमिकता है। इस दिशा में और अधिक ठोस प्रयास किए जाएंगे।

सामप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
एसएसपी ने पुलिस बल के मनोबल को ऊंचा रखते हुए उनकी कार्यक्षमता को बढाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। इस दौरान एसएसपी द्वारा सामप्रदायिक सौहार्द और धार्मिक सामंजस्य को बिगाड़ने का प्रयास करने वालों को स्पष्ट संदेश दिया कि ऐसे अराजक तत्वों के विरूद्ध जीरो टालरेंस की नीति अपनाते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने किया पुलिस मुख्यालय कूच, गोदियाल ने सरकार पर साधा निशाना

Uttarakhand Politics : राज्य की ध्वस्त पड़ी कानून व्यवस्था के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने आज प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, के नेतृत्व में पुलिस मुख्यालय का घेराव कर सरकार को चेतावनी दी कि अगर राज्य की कानून व्यवस्था पटरी पर नहीं आई तथा लगातार हो रही हत्याओं पर लगाम नहीं लगा तो कांग्रेस पार्टी उग्र आन्दोलन को मजबूर होगी।
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बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने किया पुलिस मुख्यालय कूच
ध्वस्त कानून व्यवस्था के चलते राज्यभर में लगातार हो रही निर्मम हत्याओं के विरोध में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और चुनाव प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष डॉ0 हरक सिंह रावत के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकालते हुए पुलिस मुख्यालय का घेराव करते हुए पुलिस महानिदेशक को ज्ञापन सौंपते हुए उत्तराखंड में दिन-दहाड़े हो रहे हत्याकांडों एवं बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर तत्काल प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने की मांग की।
कांग्रेस ने पुलिस महानिदेशक को सौंपा ज्ञापन
पुलिस मुख्यालय घेराव के उपरान्त पुलिस महानिदेशक को सौंपे ज्ञापन में कांग्रेस पार्टी ने कहा कि विगत कुछ समय से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून सहित विभिन्न जनपदों में दिन-दहाड़े घटित हो रही हत्या और गंभीर आपराधिक घटनाओं से आमजन में भय, असुरक्षा व चिंता का वातावरण व्याप्त है।

उत्तराखंड जैसे शांतिप्रिय और देवभूमि कहे जाने वाले राज्य की राजधानी और अन्य महानगरों में हाल के दिनों में दिन-दहाड़े घटित हुई हत्याकांड की घटनाओं ने समूचे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इन घटनाओं से आम नागरिकों में भय, असुरक्षा एवं आक्रोश का वातावरण व्याप्त है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। कानून का भय नगण्य होता प्रतीत हो रहा है। इस प्रकार की घटनाएं न केवल राज्य की कानून-व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा रही हैं, अपितु राज्य की सामाजिक शांति व नागरिकों के विश्वास को भी प्रभावित कर रही हैं।
गणेश गोदियाल ने सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान में राज्य की कानून-व्यवस्था की ये स्थिति अत्यंत चिंताजनक और अस्वीकार्य है। राज्य की कानून व्यवस्था पूर्ण रूप से चरमरा चुकी है तथा अपराधियों के मन से कानून का भय समाप्त हो चुका है।

इसका ताजा उदाहरण विगत 15 दिन के अन्दर राजधानी देहरादून सहित विभिन्न जिलों में दिन दहाड़े 5 जघन्य हत्याकांड की घटनायें हैं। पुलिस की नाक के नीचे हुई इन हत्याकांड की घटनाओं में शामिल सभी अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है जो कि गम्भीर चिन्ता का विषय है। इसके साथ ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार पर जमकर निशाना साधा।
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कौन हैं IPS प्रमेंद्र डोभाल ?, जिन्हें सौंपी गई राजधानी देहरादून की कमान, जानें यहां

IPS Pramendra Dobhal : असफलता से IPS के शिखर तक, देहरादून के नए कप्तान प्रमेंद्र डोभाल की अनकही कहानी
IPS Pramendra Dobhal : राजधानी देहरादून में 14 दिनों में 4 हत्याओं की घटनाएं सामने आने के बाद से ही पुलिस महकमे में बड़े बदलाव की चर्चाएं हो रही थी। 15वें दिन सुबह-सुबह हुई पांचवी हत्या ने इन चर्चाओं को और तेज कर दिया। शाम होते-होते एक आदेश जारी हुआ और चर्चाओं पर विराम लग गया। ये आदेश पुलिस महकमे में बड़े बदलाव का था। जिसमें राजधानी देहरादून के एसएसपी अजय सिंह को हटाते हुए IPS प्रमेंद्र डोभाल को दून की जिम्मेदारी सौंपी गई।
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कौन हैं IPS प्रमेंद्र डोभाल ?
IPS प्रमेंद्र डोभाल को देहरादून का नया एसएसपी बनाया गया है। ये सिर्फ खबर नहीं पदस्थापना की खबर नहीं बल्कि उस शख्सियत के संघर्ष की गाथा है जिसने ये साबित कर दिया कि ‘मार्कशीट के नंबर’ भविष्य का फैसला नहीं कर सकते।
प्रमेंद्र डोभाल का जन्म उत्तराखंड में एक साधारण परिवार में हुआ और उनका बचपन अनुशासन और संघर्ष के बीच बीता। पहाड़ों की कठिन परिस्थितियों ने उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाया। ये वही अधिकारी हैं जो दसवीं में फेल हो गए थे लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और आज वो आईपीएस अधिकारी हैं।
असफलता से IPS के शिखर तक
आईपीएस प्रमेंद्र डोभाल की कहानी में सबसे प्रेरणादायक मोड़ उनकी 10वीं कक्षा में आया जब वो फेल हो गए। आज के दौर में जहां छात्र एक-दो अंक कम आने पर अवसाद में चले जाते हैं, वहीं उन्होंने हाईस्कूल में फेल होने के बाद भी हार नहीं मानी।

एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपने जीवन का ये किस्सा साझा करते हुए बताया था कि उस समय समाज और आसपास के लोगों का नजरिया बदल गया था। लेकिन उस विफलता ने उनके भीतर एक ऐसी आग जला दी जिसने उन्हें ‘साधारण’ से ‘असाधारण’ बना दिया। उन्होंने हार मानने के बजाय दोगुनी मेहनत से पढ़ाई की और अपनी शिक्षा पूरी की। ये उनके जीवन का वो “EEAT” फैक्टर है जो उन्हें युवाओं के लिए एक विश्वसनीय मार्गदर्शक (Expert) बनाता है।
खाकी का सफर : PPS से IPS तक का गौरवमयी मार्ग
प्रमेंद्र डोभाल का पुलिस सेवा में करियर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। उन्होंने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण की और प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS) के अधिकारी के रूप में कार्यभार संभाला। एक PPS अधिकारी के रूप में उन्होंने चमोली, रुद्रप्रयाग और पौड़ी जैसे संवेदनशील जिलों में काम किया।

व्यक्तिगत जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा
प्रमेंद्र डोभाल केवल वर्दी तक सीमित नहीं हैं। वो एक अच्छे पाठक और खेल प्रेमी भी हैं। अक्सर वो स्कूलों और कॉलेजों में जाकर छात्रों से संवाद करते हैं। उनका एक ही संदेश होता है:
“अगर मैं 10वीं में फेल होने के बाद यहाँ तक पहुँच सकता हूँ, तो दुनिया का कोई भी छात्र कुछ भी हासिल कर सकता है।”
उनकी सादगी का आलम यह है कि वह अक्सर बिना तामझाम के औचक निरीक्षण पर निकल जाते हैं ताकि जमीनी हकीकत जान सकें।
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