Pithauragarh
पिथौरागढ़ में बहुउद्देशीय विधिक शिविर का आयोजन, 5000 से अधिक लोगों ने उठाया योजनाओं का लाभ |

पिथौरागढ़। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पिथौरागढ़ द्वारा रविवार को झोलखेत मैदान, मूना कोट में एक बहुउद्देशीय विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी ने दीप प्रज्वलन कर किया।इस अवसर पर न्यायमूर्ति आलोक माहरा और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मंजू देवी ने आमजन को संबोधित करते हुए विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं एवं उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह शिविर न केवल न्यायिक सहायता के उद्देश्य से बल्कि विभिन्न विभागीय योजनाओं के लाभ को जन-जन तक पहुंचाने के लिए आयोजित किया गया है।शिविर में बच्चों के विधिक अधिकार, निशुल्क अधिवक्ता सुविधा, समाज के कमजोर वर्गों को न्यायिक सहायता, और विधिक सेवा प्राधिकरण की संरचना और भूमिका की विस्तृत जानकारी दी गई।

विभिन्न विभागों ने दी योजनाओं की जानकारी:
शिविर में उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड, कृषि, मातृ वंदना योजना, नंदा गौरा योजना, घरेलू हिंसा, पोक्सो एक्ट, कन्या भ्रूण हत्या, आधार कार्ड, राशन कार्ड, होम स्टे योजना, प्रधानमंत्री रोजगार योजना, किसान सम्मान निधि, कृषि विकास योजना आदि से संबंधित जानकारी दी गई।

स्टॉल और लाभ वितरण:
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए और लाभार्थियों को योजनाओं का सीधा लाभ दिया गया।
अग्रणी बैंक द्वारा 11 लाभार्थियों को चेक वितरित
श्रम विभाग द्वारा 25 लाभार्थियों को कम्बल
समाज कल्याण विभाग से 2 लाभार्थियों को किट
स्वास्थ्य विभाग द्वारा 5 व्हील चेयर और 5 बैसाखी
महिला एवं बाल विकास विभाग ने 5 महालक्ष्मी किट वितरित की
गैर-सरकारी संस्थाओं द्वारा किसानों को टूल किट, स्कूल बैग व कंप्यूटर वितरित किए गए
स्वास्थ्य शिविर में इलाज और जांच:
आयुर्वेद: 240 मरीजों का उपचार
होम्योपैथी: 186 मरीजों का उपचार
एलोपैथी: 150 मरीजों का उपचार
स्वास्थ्य विभाग द्वारा 127 लोगों को निशुल्क दवाएं, 110 की बीपी-शुगर जांच, 4 रक्तदान, और 2 दिव्यांग प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
माणपत्र जारी:
राजस्व विभाग ने शिविर में ही –
5 आय प्रमाणपत्र
5 स्थायी निवास प्रमाणपत्र
3 EWS प्रमाणपत्र
4 जाति प्रमाणपत्र
6 चरित्र प्रमाणपत्र
2 पर्वतीय प्रमाणपत्र जारी किए।
शिविर में न्यायमूर्ति मनोज तिवारी के साथ-साथ जिला जज शंकर राज, अपर जिला जज गीता चौहान, जिलाधिकारी विनोद गिरी गोस्वामी, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय सिंह, अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र सिंह, सिविल जज, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सहित जिले के तमाम न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। इस बहुउद्देशीय विधिक जागरूकता शिविर में 5000 से अधिक लोग उपस्थित हुए और विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाया।
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Uttarakhand
बजरी खनन के दौरान पहाड़ी दरकने से युवक की मौत, कड़ी मशक्कत के बाद शव को निकाला गया

Pithoragarh: उत्तराखंड के सीमांत जिला मुख्यालय Pithoragarh के Berinag में एक मजदूर की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि बजरी खनन के दौरान पहाड़ी दरकने से मजदूर की मौत हुई। घटना की खबर मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को मलवे से बाहर निकाला। जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं अचानक हुए हादसे के बाद से परिजनों में कोहराम मच गया है।
Pithoragarh में बजरी खनन के दौरान मजदूर की मौत
दरअसल, शनिवार शाम Pithoragarh की Berinag तहसील मुख्यालय से करीब सात किलोमीटर दूर राईआगर के पास भंडारीगांव पैदल मार्ग पर सुंदर राम (55) पुत्र शेर राम, निवासी बोकाटी पभ्या, पहाड़ी से बजरी निकाल रहा था।इसी दौरान अचानक पहाड़ी का एक हिस्सा भरभरा कर गिर पड़ा और सुंदर राम मलबे में दब गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और परिजनों को सूचना दी।
बड़ी मुश्किल से शव को बाहर निकाला गया
सूचना मिलते ही, बेरीनाग कोतवाली प्रभारी नरेश कुमार गंगवार के नेतृत्व में पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। काफी प्रयासों के बाद मलबे से सुंदर राम को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। वरिष्ठ उप निरीक्षक हरीश कोरंगा और एएसआई शांति प्रकाश ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेरीनाग भेजा। प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।
परिवार के लिए मुआवजे की उठी मांग
मृतक सुंदर राम घोड़ों से सामान ढोकर और मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी अचानक मौत से परिवार गहरे सदमे में है। ग्राम प्रधान पभ्या संजय तिवारी ने सरकार से मृतक मजदूर के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। वहीं, एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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Pithoragarh के देवलथल में लगी भीषण आग, चार घर जलकर हुए खाक

Pithoragarh : सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में सोमवार रात देवलथल तहसील मुख्यालय में भीषण आग लग गई। आग लगने के कारण चार घर और उनमें रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया। घरों के खाक होने के कारण चारों परिवारों के पास अब कुछ भी नहीं बचा है और वो सड़क पर आ गए हैं।
Pithoragarh के देवलथल में चार घर जलकर हुए खाक
मिली जानकारी के मुताबिक पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर देवलथल तहसील के ग्राम पंचायत धुरौली में अचानक एक घर में आग लग गई। जिस से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि सबसे पहले ललित सिंह के घर पर आग लगी। आग इतनी भीषण थी कि उसने धीरे-धीरे गांव के ही गंभीर सिंह, चंदर सिंह और सुरेंद्र सिंह के मकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
घर जलने के कारण सड़क पर आए चार परिवार
आग में घर जलने के कारण चारों परिवारों के सामने सकंट आ गया है। चारों परिवार सड़क पर आ गए हैं। बताया जा रहा है कि सबसे ज्यादा नुकसान ललित सिंह को हुआ है। ललित सिंह के घर में रखा राशन, नकदी, सोने और चांदी के लाखों के गहने जलकर खाक हो गए हैं।
आग लगने के कारणों का नहीं चल सका पता
Pithoragarh के धुरौली गांव के निवासी ललित सिंह के परिवार के सदस्यों के पास अब बदन के कपड़ों के अलावा कुछ भी नहीं है। इस कड़कड़ाती ठंड में उनके पास सिर पर छत भी नहीं बची है। आग से चारों परिवारों को लाखों की क्षति होने का अनुमान है। हालांकि अब तक इस बात का पता नहीं चल सका है कि आग लगी कैसे और कैसे इसने इतना विकराल रूप ले लिया।
Pithauragarh
पिथौरागढ़ तीन भालुओं के हमले में ग्रामीण गंभीर रूप से घायल, एयर एम्बुलेंस से पहुँचाया एसटीएच हल्द्वानी
पिथौरागढ़: उत्तराखंड में लगातार बढ़ता जा रहा है मानव वन्यजीव संघर्ष, धारचूला के जयकोट में तीन भालुओं ने एक युवक को बुरी तरीके से घायल कर दिया। घायल युवक को एयर एम्बुलेंस की मदद से हल्द्वानी एसटीएच पहुंचाया गया। युवक की हालत गंभीर है और उसे आईसीयू में रखा गया है। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई है।
जयकोट में तीन भालुओं का हमला, युवक की हालत गंभीर
जानकारी के अनुसार, 35 वर्षीय नरेंद्र सिंह निवासी जयकोट किसी काम से पैदल रूंग गांव जा रहे थे। लंकारी तोक के पास अचानक से तीन भालुओं ने उन पर हमला कर दिया। सड़क किनारे काम कर रहे मजदूरों ने शोर सुनकर मौके पर पहुंचकर किसी तरह भालुओं को भगा कर नरेंद्र को छुड़ाया। उसके बाद तुरंत घायल को अस्पताल पहुँचाया गया।
एयर एम्बुलेंस की मदद से पहुँचाया गया घायल को अस्पताल
घायल की हालत को गंभीर होते देख परिजनों ने एयर एम्बुलेंस की मांग की। जिसके बाद एयर एम्बुलेंस की मदद से घायल को हल्द्वानी ले जाया जा सका। जहाँ पर उसे एसटीएच में एडमिट कर ICU में रखा गया है। ग्रामीणों के मुताबिक नरेंद्र के सिर, हाथ में गहरी चोटें आई हैं। पिथौरागढ़ के कई क्षेत्रों में भालू और गुलदार की बढ़ती गतिविधि गंभीर चिंता का विषय बन गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने और प्रभावित परिवारों को उचित सहायता प्रदान करने की मांग की है।
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