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सुनहरा अवसर: भारत की टॉप हेल्थकेयर कंपनी लेकर आई है IPO, जानिए कंपनी की पूरी डिटेल्स..

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Introduction : Nephro plus IPO – 2025
Nephro Care Health Services (नेफ्रोप्लस) का आईपीओ 10 दिसंबर से निवेशकों के लिए खुल गया है। ये कंपनी डायलिसिस और इससे संबंधित सर्विसेज ऑफर करने वाली इंडिया की सबसे बड़ी कंपनी है। ये आईपीओ ऐसे समय पर लांच किय गया है, जब इनवेस्टर्स की दिलचस्पी सिंगल-स्पेशियलिटी हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म्स में बढ़ रही है। स्पेशियलिटी मेडिकल सर्विसेज की डिमांड इस वक़्त बहुत स्ट्रॉन्ग है। इस आईपीओ में निवेशक 12 दिसंबर तक निवेश कर सकेंगे।
Nephro plus IPO Details
| IPO Price Band | ₹438 – ₹460 प्रति शेयर |
| IPO Issue Size (Fresh + OFS) | कुल ~ ₹871 करोड़ (Fresh ~ ₹353.4 करोड़ + OFS ~ ₹517–518 करोड़) |
| Post-IPO Estimated Market Cap | ~ ₹4,412 – ₹4,615 करोड़ (price band के upper range पर) |
| Valuation (Upper Band, FY25 basis) | EV/EBITDA ≈ 26.1×, P/E ≈ ~60–69× (peer comparison 29–73×) |
| IPO Fund Use – मुख्य उद्देश्य | ~₹129.1 करोड़ नए क्लिनिक खोलने के लिए, ~₹136 करोड़ पुराने कर्ज चुकाने के लिए, शेष amounts सामान्य कॉर्पोरेट प्रयोजनों के लिए। |
OFS में कुछ फंड हाउसेज बेचेंगे शेयर
आईपीओ में NephroPlus ने शेयर का प्राइस बैंड 438-460 रुपये रखा है। कंपनी का इश्यू 871 करोड़ रुपये का है। साथ ही इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) भी शामिल है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन प्राइस बैंड के अपर लेवल पर 4,615 करोड़ रुपये आता है। ओएफस के जरिए कुछ फंड हाउसेज अपने हिस्से के शेयर बेचेंगे। जबकि कंपनी के फाउंडर और चेयरमैन विक्रम वुपल्ला और फैमिली ट्रस्ट्स अपने शेयर नहीं बेच रहे हैं।
कब शुरू की गई थी कंपनी
नेफ्रोप्लस कंपनी की शुरुआत 2009 में की गई थी। जो अपने 519 क्लीनिक से कम्प्रिहेंसिव डायलिसिस केयर ऑफर करती है। जिनमें से कंपनी के 51 क्लीनिक्स विदेशों में स्थित हैं। अभी कंपनी में प्रमोटर्स और प्रमोटर ग्रुप की टोटल हिस्सेदारी 78.9 फीसदी है, जो लिस्टिंग के बाद घटकर 66.7 फीसदी रह जाएगी।

टियर-2 और टियर-3 शहरों पर फोकस
Nephro Care Health Services का नेटवर्क देशभर में तेजी से बढ़ रहा है। कंपनी ने अपनी स्ट्रेटेजी में टियर-2 और टियर-3 शहरों पर ज्यादा फोकस रखा है। जिसके कारण इसके लगभग 77% क्लिनिक्स छोटे और मध्यम शहरों में मौजूद हैं।ये एशिया की largest dialysis service provider बन चुकी है और ग्लोबल रैंकिंग में पांचवें नंबर पर है।
पिछले दो सालों में कंपनी के नेटवर्क ने करीब 25% CAGR (Compound Annual Growth Rate) की मजबूत ग्रोथ दर्ज की है।Nephro Care Health Services की डायलिसिस सेक्टर में इसकी entry barriers भी मजबूत हैं, जिससे नए प्लेयर्स के लिए compete करना आसान नहीं होता। कंपनी नई क्लिनिक्स खोलने के साथ-साथ मौजूदा सेंटर्स का लगातार capacity expansion करने पर भी जोर दे रही है।
Partner Ship With Big Hospital Chains
Nephro Care Health Services का बिजनेस मॉडल asset-light है। इसकी कुल 519 क्लिनिक्स में से सिर्फ 67 standalone centers हैं, जिन पर ज्यादा कैपिटल खर्च होती है। बाकी क्लिनिक्स प्रतिष्ठित हॉस्पिटल चेन के साथ strategic partnerships के तहत चलाए जाते हैं—जैसे Fortis, Max Healthcare और अन्य। इन सेंटर्स में कंपनी revenue-sharing model पर काम करती है।
इसके अलावा नेफ्रोप्लस कई सरकारी अस्पतालों में PPP (Public-Private Partnership) contracts के तहत डायलिसिस यूनिट्स भी संचालित कर रही है।
क्या नेफ्रोप्लस में इन्वेस्टमेंट करना चाहिए
Nephro Plus IPO लंबी अवधि के निवेशकों के लिए आकर्षक हो सकता है, क्योंकि कंपनी भारत के ऑर्गनाइज्ड डायलिसिस सेक्टर में लीडर है और FY23–FY25 के दौरान इसका रेवेन्यू Rs 610 करोड़ से बढ़कर लगभग Rs 756 करोड़ तक पहुंचा है, जबकि EBITDA मार्जिन स्थिर रहकर लगभग 22% रहा है। कंपनी 519 क्लिनिक्स संचालित करती है, जिनमें 77% टियर-2 और टियर-3 शहरों में हैं, जो तेजी से बढ़ते हेल्थकेयर डिमांड को कैप्चर करते हैं। भारत का कुल डायलिसिस बाजार USD 5–6 बिलियन का अनुमानित है।
Nephro plus IPO GMP
11 दिसंबर 2025: सूत्रों के अनुसार GMP Rs 20 प्रति शेयर (लगभग 4.35% इश्यू प्राइस से ऊपर) तक पहुंचा, जो मध्यम मार्केट रुचि को दर्शाता है।

जबकि संगठित सेगमेंट अभी भी बेहद छोटा है, जिससे कंपनी के पास लंबी अवधि की ग्रोथ पोटेंशियल बनी रहती है। हालांकि, अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का EV/EBITDA 26–28x और P/E लगभग 60x बैठता है, जो स्पष्ट रूप से प्रीमियम वैल्यूएशन है और आने वाले वर्षों में मजबूत वृद्धि की अपेक्षा को दर्शाता है। कुल मिलाकर, यह IPO स्टेडी ऑपरेशनल परफॉर्मेंस, बड़ा टोटल एड्रेसएबल मार्केट और asset-light विस्तार रणनीति पर आधारित है—लेकिन उच्च वैल्यूएशन इसे एक high-conviction, long-term निवेश बनाता है, न कि शॉर्ट-टर्म ट्रेड।
Nephro plus IPO ( Pros and Cons )
Pros (फायदे)
- मार्केट लीडरशिप: भारत के ऑर्गनाइज्ड डायलिसिस सेक्टर में सबसे बड़ी कंपनी; एशिया में नंबर 1, ग्लोबली 5th रैंक।
- तेज़ ग्रोथ: FY23–FY25 में रेवेन्यू की CAGR लगभग 11–12%; क्लिनिक नेटवर्क का CAGR ~25%।
- Asset-Light मॉडल: 519 में से केवल 67 स्टैंडअलोन सेंटर—कम कैपेक्स, तेज़ स्केल-अप।
- मजबूत पार्टनरशिप: Fortis, Max जैसी अस्पताल चेन व कई सरकारी PPP प्रोजेक्ट्स।
- बड़ा TAM: भारत का डायलिसिस बाजार USD 5 बिलियन+, और संगठित खिलाड़ियों की हिस्सेदारी अभी कम।
- Recurring Revenue: डायलिसिस एक high-frequency, long-term treatment है—कैश फ्लो स्थिर रहता है।
Cons (कमज़ोरियां/जोखिम)
- High Valuation: IPO प्राइसिंग EV/EBITDA 26–28x और P/E ~60x—काफी प्रीमियम।
- Regulatory Risk: सरकारी योजनाओं में प्राइस कैप या reimbursement बदलाव मार्जिन घटा सकते हैं।
- Debt History: कंपनी पर पहले से कर्ज रहा है; IPO का हिस्सा डेब्ट चुकाने में जाएगा—लीवरेज चिंता रही है।
- Execution Dependency: तेजी से नेटवर्क विस्तार में ऑपरेशनल क्वालिटी बनाए रखना चुनौतीपूर्ण।
- Limited Peers: कोई लिस्टेड peer नहीं है, इसलिए सटीक वैल्यूएशन तुलना मुश्किल।
- PPP कॉन्ट्रैक्ट्स का जोखिम: सरकारी कॉन्ट्रैक्ट renewal और payment cycles पर निर्भरता।
Nephro Plus क्या करती है?
Nephro Care Health Services (NephroPlus) भारत की सबसे बड़ी डायलिसिस और किडनी-केयर सर्विस प्रोवाइडर कंपनी है, जो 519 क्लिनिक्स के नेटवर्क से सेवाएं देती है। कंपनी एशिया में No. 1 और दुनिया की 5th सबसे बड़ी dialysis chain है।
Nephro Plus IPO की date क्या हैं?
ओपनिंग डेट: 10 दिसंबर 2025
क्लोजिंग डेट: 12 दिसंबर 2025
IPO का प्राइस बैंड क्या है?
Rs 438 – Rs 460 प्रति शेयर
Post-IPO मार्केट कैप कितना होगा?
ऊपरी प्राइस बैंड पर Rs 4,412 से Rs 4,615 करोड़ अनुमानित।
क्या Nephro Plus IPO में निवेश करना चाहिए?
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए उपयुक्त, क्योंकि:
मजबूत leadership position
स्थिर margins
बड़ा addressable market
asset-light expansion
लेकिन उच्च valuation short-term listing gain के लिए risk बढ़ाता है।
Nephro plus IPO GMP today
11 dec 2025 : IPO GMP Rs 20 per share
Business
नहीं रहे 2800% रिटर्न देने वाले दिग्गज निवेशक Siddhartha Bhaiya , फंड मैनेजमेंट इंडस्ट्री में दौड़ी शोक की लहर..

दिग्गज निवेशक Siddhartha Bhaiya का हुआ निधन
भारतीय शेयर बाजार और दलाल स्ट्रीट के लिए 31 दिसंबर 2025 एक बेहद दुखद दिन बनकर आया। देश के टॉप स्टॉक पिकर्स में गिने जाने वाले Siddhartha Bhaiya का अचानक कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। वे महज 47 वर्ष के थे और उस समय अपने परिवार के साथ न्यूजीलैंड में छुट्टियां मना रहे थे।
उनके जाने से न केवल निवेश जगत ने एक असाधारण फंड मैनेजर खो दिया, बल्कि एक ऐसे संस्थान निर्माता को भी खो दिया, जिसने लॉन्ग टर्म और ईमानदार निवेश की मजबूत मिसाल पेश की।
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Siddhartha Bhaiya Death News: Aequitas का आधिकारिक बयान
उनकी फर्म Aequitas Investment Management ने बयान जारी करते हुए कहा:
“गहरे दुख के साथ हम अपने मैनेजिंग डायरेक्टर श्री सिद्धार्थ भैया के निधन की जानकारी साझा कर रहे हैं। 31 दिसंबर 2025 को पारिवारिक अवकाश के दौरान अचानक हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया।”
यह खबर सामने आते ही बाजार, निवेशकों और फंड मैनेजमेंट इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई।
शुरुआती जीवन और शिक्षा
Siddhartha Bhaiya की शुरुआत एक ऐसे छात्र से होती है, जिसकी रुचि शुरू से ही अर्थशास्त्र, बिजनेस और आंकड़ों में रही। उन्होंने कॉमर्स और फाइनेंस से जुड़ी पढ़ाई की और कम उम्र में ही यह तय कर लिया था कि उनका भविष्य शेयर बाजार और निवेश प्रबंधन में होगा।
उनकी पढ़ाई ने उन्हें मजबूत फंडामेंटल सोच दी, जो आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।
करियर की शुरुआत: Nippon India Mutual Fund
Aequitas की स्थापना से पहले सिद्धार्थ भैया ने करीब 7 वर्षों तक Nippon India Mutual Fund में फंड मैनेजर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने:
- गहन फंडामेंटल रिसर्च
- सेक्टर और बिजनेस एनालिसिस
- जोखिम प्रबंधन
- लॉन्ग टर्म पोर्टफोलियो निर्माण
जैसी स्किल्स को निखारा। यहीं से उनकी पहचान एक कॉन्ट्रेरियन थिंकर के रूप में बनने लगी।
Aequitas की स्थापना: 2012 का बड़ा फैसला
साल 2012 में सिद्धार्थ भैया ने एक साहसिक कदम उठाया और सुरक्षित नौकरी छोड़कर Aequitas Investment Management की नींव रखी।
उनका विजन साफ था:
👉 कम स्टॉक्स, लेकिन हाई कन्विक्शन
👉 स्मॉलकैप में शुरुआती निवेश
👉 लॉन्ग टर्म वैल्यू क्रिएशन
यही सोच आगे चलकर Aequitas की पहचान बनी।

रिकॉर्डतोड़ रिटर्न: 2800% की ऐतिहासिक छलांग
Siddhartha Bhaiya का सबसे चमकदार अध्याय उनके निवेश रिटर्न हैं:
- CAGR: ~34%
- Absolute Returns: ~2800%
- AUM: लगभग Rs7,700 करोड़
उन्होंने ऐसे स्मॉलकैप स्टॉक्स चुने जो शुरुआती दौर में नजरअंदाज किए जा रहे थे, लेकिन समय के साथ मल्टीबैगर साबित हुए।
निवेश दर्शन: Value + Growth + Contrarian
सिद्धार्थ भैया की सोच किसी एक स्कूल तक सीमित नहीं थी। वे मानते थे कि:
- वैल्यू बिना ग्रोथ अधूरी है
- ग्रोथ बिना वैल्यू खतरनाक है
- और भीड़ के साथ चलना अक्सर गलत साबित होता है
पिछले 1–2 वर्षों में वे भारतीय शेयर बाजार को लेकर बेयरिश थे। उनका मानना था कि कई सेक्टर्स में वैल्यूएशन टिकाऊ नहीं हैं और निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए।
Aequitas में उनकी भूमिका और विरासत
Aequitas ने अपने बयान में कहा कि सिद्धार्थ भैया सिर्फ एक निवेशक नहीं, बल्कि संस्थान निर्माता थे। उन्होंने:
- बौद्धिक ईमानदारी
- अनुशासित निर्णय प्रक्रिया
- जवाबदेही की संस्कृति
- और लॉन्ग टर्म थिंकिंग
को फर्म की नींव बनाया। उनके साथ काम करने वाले कई प्रोफेशनल्स आज उन्हें अपना मेंटॉर मानते हैं।
आगे की राह: Aequitas का स्पष्ट संदेश
कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि:
- फर्म अपने मूल निवेश दर्शन पर कायम रहेगी
- निवेशकों के हित सर्वोपरि रहेंगे
- सिद्धार्थ भैया की सोच आगे भी मार्गदर्शन करती रहेगी
निष्कर्ष
Siddhartha Bhaiya सिर्फ एक फंड मैनेजर की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस व्यक्ति की यात्रा है जिसने धैर्य, अनुशासन और रिसर्च के दम पर 2800% रिटर्न जैसा इतिहास रचा। उनका असमय जाना भारतीय निवेश जगत के लिए अपूरणीय क्षति है, लेकिन उनकी सोच और विरासत आने वाली पीढ़ियों को निवेश का सही रास्ता दिखाती रहेगी।
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❓ FAQs
Q1. Siddhartha Bhaiya कौन थे?
सिद्धार्थ भैया Aequitas Investment Management के फाउंडर और भारत के टॉप PMS/AIF फंड मैनेजर थे।
Q2. Siddhartha Bhaiya का निधन कैसे हुआ?
31 दिसंबर 2025 को न्यूजीलैंड में पारिवारिक अवकाश के दौरान कार्डियक अरेस्ट से उनका निधन हुआ।
Q3. Siddhartha Bhaiya ने कितने रिटर्न दिए?
उनकी निवेश रणनीति ने लगभग 34% CAGR और 2800% तक एब्सोल्यूट रिटर्न दिए।
Q4. Aequitas क्या है?
Aequitas एक PMS और AIF फर्म है, जिसकी स्थापना 2012 में सिद्धार्थ भैया ने की थी।
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पोस्ट ऑफिस TD स्कीम : मात्र 1000 रूपए से करें शुरुआत, कमा कर देगी मोटा मुनाफा

Post Office TD Scheme: एक बार निवेश करके सालों तक रहेंगे टेंशन फ्री, जानिए Interest Rate, Tenure and Details
मुख्य बिंदु
Post Office TD Scheme: आज के समय में जहाँ एक ओर लोग शेयर बाजार और ट्रेडिंग से पैसे कमाने के रास्ते ढूंढ रहे होते हैं, यहाँ से मोटा मुनाफा कमाया जा सकता है मगर इसकी कोई भी गारंटी नहीं होती है। आप ज्यादा पैसा कमाने के चक्करों में अपनी जीवन भर की कमाई खो सकते हैं। क्यों कि शेयर मार्केट से पैसा कमाने के लिए आपको मार्केट रिसर्च, स्टॉक्स और बदलते ट्रेंड की अच्छी जानकारी होनी चाहिए। लेकिन अगर आप इस झझंट में नहीं पड़ना चाहते हैं और अपनी पूंजी को सही जगह इन्वेस्ट करके सेफ तरीके से मुनाफा कामना चाहते हैं तो ये स्कीम आपके लिए है।
Benefits of Post Office TD Scheme
जानिए इस स्कीम में आपके लिए ख़ास क्या है ? कैसे आप बिना किसी रिस्क और झंझट के अपनी मेहनत की कमाई को इन्वेस्ट करके मुनाफा पा सकते हैं। इस स्कीम का नाम है पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉज़िट जो आपके लिए एक इन्वेस्टमेंट का एक सुरक्षित रास्ता हो सकती है।
Low Risk Investment Option
पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट स्कीम (Post Office Time Deposit Scheme) एक लो-रिस्क, गवर्नमेंट बैक्ड इन्वेस्टमेंट ऑप्शन है, जिसमें एक बार निवेश करने के बाद लंबे समय तक फाइनेंशियल टेंशन नहीं रहती और मैच्योरिटी पर गारंटीड रिटर्न मिलता है। जिस वजह से ये स्कीम सेफ और स्टेबल रिटर्न चाहने वाले निवेशकों के लिए बेहद लोकप्रिय है। आइए जानते हैं इस योजना की ब्याज दरें, निवेश अवधि और अकाउंट ओपनिंग प्रोसेस के बारे में।
क्यों सुरक्षित है Post Office Time Deposit Scheme
दरअसल, पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट स्कीम एक Government Backed Savings Scheme है, जिससे इसमें निवेश की गई राशि पर कैपिटल सेफ्टी सुनिश्चित रहती है। इसके अलावा, इस स्कीम पर बाजार की अस्थिरता (Market Volatility) का कोई प्रभाव नहीं पड़ता, जिससे ये Fixed Income Investment के रूप में भरोसेमंद मानी जाती है। यही वजह है कि रिटायरमेंट प्लानिंग, लॉन्ग टर्म फाइनेंशियल गोल्स और सेफ रिटर्न चाहने वाले निवेशक इस स्कीम को प्राथमिकता देते हैं। इसमें मिलने वाली फिक्स्ड इंटरेस्ट रेट के कारण रिटर्न का अनुमान पहले से लगाया जा सकता है।
निवेश अवधि में मिलती है फ्लेक्सिबिलिटी
इसके साथ ही, इस स्कीम की एक फायदा ये है कि निवेशक अपनी जरूरत के अनुसार टेन्योर (Tenure) चुन सकता है। पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट अकाउंट 1 वर्ष, 2 वर्ष, 3 वर्ष और 5 वर्ष की अवधि के लिए खोला जा सकता है। हर टेन्योर के लिए अलग-अलग ब्याज दरें निर्धारित हैं, जिससे निवेशक अपने इन्वेस्टमेंट गोल्स, कैश फ्लो और फाइनेंशियल प्लानिंग के अनुसार सही विकल्प का चयन कर सकता है।
इस स्कीम में कितना मिलता है ब्याज?(Post Office TD Interest Rates)
वर्तमान में पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट पर Post Office TD Interest Rates 2025 के तहत आकर्षक ब्याज दरें दी जा रही हैं। फिलहाल, 1 साल की अवधि पर 6.9 प्रतिशत, 2 साल पर 7 प्रतिशत, 3 साल पर 7.1 प्रतिशत और 5 साल के टाइम डिपॉजिट पर 7.5 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है। इसी कारण, निवेशकों के बीच 5 साल की स्कीम सबसे ज्यादा लोकप्रिय है, क्योंकि इसमें ब्याज दर भी अधिक होती है और लॉन्ग टर्म रिटर्न भी बेहतर बनता है।

ब्याज से कैसे होगी करीब ₹2 लाख की कमाई?
अगर कोई निवेशक पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट स्कीम में 5 साल के लिए 4.5 लाख रु. का निवेश करता है, तो 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के हिसाब से मैच्योरिटी पर उसे लगभग 6,52,477 रु. मिलते हैं। यानी, इस अवधि में करीब 2,02,477 रु. की कमाई सिर्फ ब्याज से होती है। यही वजह है कि सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न चाहने वाले निवेशक तेजी से इस स्कीम की ओर रुख कर रहे हैं।
टैक्स बचत का भी मिलेगा फायदा
इसके अलावा, इस स्कीम का एक अहम लाभ टैक्स सेविंग से जुड़ा हुआ है। यदि आप 5 साल की पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट स्कीम में निवेश करते हैं, तो आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ भी ले सकते हैं। इस तरह, यहां निवेश करने पर न सिर्फ सुरक्षित रिटर्न मिलता है, बल्कि यह एक Tax Saving Investment Option भी बन जाता है।
कौन खोल सकता है खाता?
पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट स्कीम में सिंगल और ज्वाइंट अकाउंट दोनों की सुविधा उपलब्ध है। सबसे खास बात यह है कि इसमें निवेश की शुरुआत सिर्फ 1,000 रु. से की जा सकती है और अधिकतम निवेश की कोई तय सीमा नहीं है। मतलब साफ है, जितनी अधिक राशि निवेश करेंगे, उतना ही ज्यादा रिटर्न प्राप्त होगा।
किन निवेशकों के लिए है Post Office TD Scheme?
जो लोग रिस्क से दूरी, पूंजी की सुरक्षा और तय समय में तय कमाई चाहते हैं, उनके लिए पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट स्कीम एक मजबूत और भरोसेमंद विकल्प साबित होती है।
Post Office Time Deposit Scheme क्या है?
पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट स्कीम एक Government Backed Fixed Income Investment Scheme है, जिसमें तय अवधि के लिए पैसा जमा करने पर गारंटीड रिटर्न मिलता है। यह स्कीम सुरक्षित निवेश और स्थिर ब्याज चाहने वालों के लिए बनाई गई है।
Post Office Time Deposit Scheme में कितना ब्याज मिलता है?
वर्ष 2025 में Post Office TD Interest Rates के अनुसार—
1 साल: 6.9%
2 साल: 7.0%
3 साल: 7.1%
5 साल: 7.5% (सबसे ज्यादा)
Post Office TD Scheme में न्यूनतम निवेश कितना है?
इस स्कीम में न्यूनतम निवेश 1,000 रु. से शुरू किया जा सकता है। अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है।
क्या Post Office Time Deposit Scheme सुरक्षित है?
हाँ, यह एक Low Risk Investment Option है क्योंकि यह पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा समर्थित (Government Backed) योजना है और इसमें बाजार जोखिम नहीं होता।
क्या Post Office TD Scheme रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए सही है?
जी हाँ, यह स्कीम Retirement Planning, Capital Protection और Fixed Returns चाहने वालों के लिए एक बेहतरीन विकल्प मानी जाती है।
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