Dehradun
नया आपराधिक कानून: नए कानून के तहत हरिद्वार में पहला मुकदमा दर्ज, सीएम बोले अंग्रेजों के जमाने के क़ानूनों को देश से मिली मुक्ति।

देहरादून – नए आपराधिक कानून के तहत आज हरिद्वार में पहला मुकदमा दर्ज हुआ है। वहीं सीएम धामी ने कहा आज ऐतिहासिक दिन अंग्रेजों के जमाने के क़ानूनों से देश को मुक्ति मिल गई है। पूरे देश में नये आपराधिक क़ानून लागू हो गए हैं।

1 जुलाई 2024 से लागू होने वाले तीन नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता भारतीय साक्ष्य अधिनियम के संबंध में पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार द्वारा सुबे के मुखिया पुष्कर सिंह धामी के समक्ष प्रस्तुतिकरण दिया गया प्रस्तुतीकरण में विस्तारपूर्वक नए कानूनों की आवश्यकता इन्हें बनाने हेतु किए गए प्रयासों और उनकी विशेषताओं के बारे में जानकारी दी गई। वही सुबह के मुखिया पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताते हुए कहा कि आज रात के 12:00 से देश के साथ-साथ प्रदेश में भी 3 नए आपराधिक कानून को लागू कर दिया गया है वही इस कानून को लागू करने से पहले राज्य में पूरी तरीके से व्यवस्था को बना लिया गया था। आगे मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन काफी ऐतिहासिक दिन है क्योंकि अंग्रेजों के समय से चले आ रहे जटिल पुराने कानून जिससे न्याय मिलने में काफी परेशानी हो रही थी उनमें सरलीकरण किया गया है और ऐसे कानून जो अपराधियों को बचाते थे, और पुलिस को काफी परेशान करती थी अब उसका भी सरलीकरण कर दिया गया है वही इस नए कानून से आम आदमी को अब जल्दी न्याय मिलेगा। इसके लिए 20 करोड़ का बजट भी स्वीकृत कर दिया गया है।

सीएम ने कहा कि इनके क्रियान्वयन के लिए पुलिस को 20 करोड़ रुपए का बजट भी जारी कर दिया गया है। नए क़ानून दंड के लिए नहीं न्याय को ध्यान में रखते हुए बने हैं। वहीं हरिद्वार में नए कानून के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। दर्ज हुए मुकदमे में व्यक्ति ने बताया कि कुछ देर के लिए वह रविदास घाट के पास बैठा था। जहां दो अज्ञात व्यक्ति आए और चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी देकर मोबाइल फोन और कुछ नकदी छीन ले गए। साथ ही व्यक्ति को गंगा कि तरफ धक्का देकर भाग गए।
वहीं डीजीपी अभिनव कुमार ने कहा कि इस नए कानून के लागू होने से प्रदेश ही नहीं देशभर में कानून व्यवस्था दुरुस्त होगी यह कानून दिसंबर 2023 में ही संसद से पारित हो गया था और वहीं पर यह निर्णय लिया गया था कि 1 जुलाई से पूरे देश भर में इस कानून को लागू कर दिया जाएगा आगे अभिनव कुमार ने कहा कि इस कानून को पारित करने से पहले सभी पुलिसकर्मियों को इसकी ट्रेनिंग कराई जा चुकी है
Dehradun
ऋषिकेश में गंगा किनारे दो नवजात बच्चियों के शव मिलने से हड़कंप, पुलिस जांच में जुटी

Rishikesh News : गंगा किनारे अलग-अलग स्थानों पर दो बच्चियों के शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
Table of Contents
गंगा किनारे दो नवजात बच्चियों के शव मिलने से हड़कंप
ऋषिकेश में गंगा किनारे दो नवजातों के शव मिलने से सनसनी मच गई। पहली घटना नाव घाट के पास सामने आई है। जबकि दूसरी बच्ची का शव साई घाट के नजदीक बरामद किया गया। दोनों मामलों की जानकारी स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी।
पुलिस ने दोनों घटनाओं को लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, बच्चियों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उनके शव गंगा किनारे तक कैसे पहुंचे, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के दौरान सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।
नाव घाट के पास मिला बच्ची का शव
पहला मामला नाव घाट के आसपास का है। यहां पुलिस को करीब 10 महीने की बच्ची का शव मिला। शुरुआती जांच में यह संभावना सामने आई है कि बच्ची की किसी वजह से मौत हुई होगी और इसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार के बजाय शव को गंगा में प्रवाहित कर दिया होगा।

पुलिस इस संभावना से भी इनकार नहीं कर रही है कि गंगा के तेज बहाव के साथ बच्ची का शव किसी दूसरे स्थान से बहकर ऋषिकेश तक पहुंचा हो। हालांकि, बच्ची की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही चल सकेगा।
साई घाट पर एक दिन की नवजात का शव बरामद
दूसरी घटना साई घाट के पास हुई। यहां गंगा किनारे पुलिस को करीब एक दिन की नवजात बच्ची का शव मिला। पुलिस के मुताबिक, नवजात की नाल भी कटी हुई नहीं थी। इस वजह से मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस मामले की जांच में जुटी
पुलिस ये पता लगाने में जुटी है कि बच्ची का जन्म होने के बाद उसकी मौत हुई और फिर उसे गंगा किनारे छोड़ दिया गया, या नवजात को किसी अन्य परिस्थिति में वहां लाकर छोड़ा गया। बच्ची की पहचान और उसके परिवार तक पहुंचने के लिए भी पुलिस संभावित सुराग जुटा रही है। दोनों घटनाओं की जांच अलग-अलग स्तर पर की जा रही है।
Dehradun
उत्तराखंड के 100 ट्रेक रूट्स की होगी GPS मैपिंग, अब बिना नेटवर्क भी मिलेगी पूरी जानकारी

Uttarakhand News : उत्तराखंड में ट्रेकिंग और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने एक नई पहल शुरू की है। प्रदेश के 100 प्रमुख ट्रेक और हाइकिंग रूट्स की GPS और GIS मैपिंग की जाएगी। इसके लिए अभियान दल को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैंप कार्यालय से फ्लैग ऑफ किया।
Table of Contents
उत्तराखंड के 100 ट्रेक रूट्स की होगी GPS मैपिंग
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की ओर से गठित टीम चयनित ट्रेक रूट्स का मौके पर जाकर तकनीकी और स्थलीय सर्वे करेगी। इस दौरान प्रत्येक रूट की विस्तृत GPS व GIS मैपिंग के साथ ट्रेकर्स के लिए जरूरी सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जाएगी।
बिना नेटवर्क भी मिलेगी ट्रेक रूट की जानकारी
इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि मैपिंग के बाद ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन GPS नेविगेशन ऐप विकसित किया जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि नेटवर्क कनेक्टिविटी नहीं होने वाले दुर्गम इलाकों में भी ट्रेकर्स अपने मोबाइल फोन पर ट्रेल और रूट से जुड़ी जरूरी जानकारी देख सकेंगे।
पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल के मुताबिक, परियोजना के सफल होने के बाद उत्तराखंड ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से GPS नेविगेशन सुविधा विकसित करने वाला देश का पहला राज्य बनेगा।

ट्रेकर्स की सुरक्षा पर रहेगा फोकस
उत्तराखंड में कई ट्रेकिंग रूट ऐसे हैं, जहां मोबाइल नेटवर्क की सुविधा सीमित या उपलब्ध नहीं होती। ऐसे क्षेत्रों में सही रास्ते की जानकारी और आपात स्थिति में लोकेशन की जानकारी काफी महत्वपूर्ण होती है। वैज्ञानिक तरीके से की जाने वाली मैपिंग के जरिए ट्रेक रूट की सटीक जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
इससे ट्रेकर्स को रास्ते को समझने में मदद मिलेगी और जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव अभियानों को भी अधिक प्रभावी तरीके से संचालित किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ पर्यटकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने ट्रेकिंग रूट्स के विकास में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया।
कैंप साइट और शौचालय के लिए भी चिन्हित होंगी जगहें
GPS/GIS मैपिंग के दौरान केवल रास्तों का सर्वे नहीं किया जाएगा। टीम ट्रेकिंग रूट्स पर कैंप साइट, डस्टबिन और शौचालय बनाने के लिए उपयुक्त स्थानों की भी पहचान करेगी। इससे भविष्य में ट्रेकिंग रूट्स पर जरूरी सुविधाएं विकसित करने में मदद मिलेगी। साथ ही कूड़ा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी बेहतर योजना तैयार की जा सकेगी।
Dehradun
देहरादून में फर्जी प्रमाणपत्र का खेल! 4 जन सेवा केंद्र सील, जांच में खुली कई पोल

Dehradun News : एमबीबीएस दाखिलों में कथित फर्जी प्रमाणपत्र लगाए जाने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने जन सेवा केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को प्रशासन की टीम ने कई जन सेवा केंद्रों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर चार केंद्रों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
Table of Contents
देहरादून में फर्जी प्रमाणपत्र का खेल हुआ बेनकाब
देहरादून में फर्जी प्रमाणपत्र मामले में बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। बीते रोज कार्रवाई के दौरान तीन जन सेवा केंद्रों से कंप्यूटर और अन्य उपकरण भी कब्जे में लिए गए हैं। इसके साथ ही तीन केंद्र संचालकों की आईडी निरस्त करने की संस्तुति की गई है। प्रशासन को कुछ केंद्रों पर फर्जीवाड़े की आशंका भी मिली है, जिसके आधार पर पुलिस कार्रवाई के लिए भी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
4 जन सेवा केंद्र सील, जांच में खुली कई की पोल
प्रशासन की टीम ने यह कार्रवाई तहसीलदार सुरेंद्र सिंह और ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर हरेंद्र सिंह के नेतृत्व में की। टीम ने सबसे पहले कलेक्ट्रेट के पास स्थित शादमान के जन सेवा केंद्र का निरीक्षण किया। यहां रजिस्टर अपडेट नहीं मिला और कई मूल दस्तावेज भी बरामद किए गए। इन दस्तावेजों को लेकर प्रशासन ने गड़बड़ी की आशंका जताई है।
जांच के दौरान ये भी सामने आया कि केंद्र संचालक शादमान की जगह एक अन्य महिला काम कर रही थी। अनियमितताओं के चलते केंद्र को तत्काल सील कर दिया गया और वहां मौजूद सीपीयू को प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया।

इसके बाद टीम ने कलेक्ट्रेट के पास स्थित हनी रमन, करन वर्मा और प्राची कौशिक के जन सेवा केंद्रों की भी जांच की। निरीक्षण में इन केंद्रों पर भी कई तरह की कमियां सामने आईं। दो केंद्रों में आवश्यक रजिस्टर ही नहीं मिले, जबकि कुछ जगह रिकॉर्ड को व्यवस्थित तरीके से अपडेट नहीं किया गया था।
इसके अलावा तहसील के पास स्थित पूनम खन्ना के केंद्र और कलेक्ट्रेट के पास करन वर्मा के केंद्र से सीपीयू कब्जे में लिए गए हैं। प्रशासन अब इन केंद्रों से मिले दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा।
दस्तावेजों की जांच का सिलसिला आगे भी रहेगा जारी
एमबीबीएस दाखिलों से जुड़े प्रमाणपत्रों में सामने आई गड़बड़ी के बाद जन सेवा केंद्रों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। प्रशासन की ओर से निरीक्षण और दस्तावेजों की जांच का सिलसिला आगे भी जारी रहने की संभावना है।
Uttarakhand20 hours agoहरिद्वार में घाट के पास शव मिलने से सनसनी, हत्या की आशंका, CCTV खंगाल रही पुलिस
uttarakhand weather3 hours agoउत्तराखंड में करीब आ रहा मानसून की विदाई का दौर, अगले एक हफ्ते कैसा रहेगा मौसम ?
Dehradun2 hours agoदेहरादून में फर्जी प्रमाणपत्र का खेल! 4 जन सेवा केंद्र सील, जांच में खुली कई पोल
Dehradun1 hour agoउत्तराखंड के 100 ट्रेक रूट्स की होगी GPS मैपिंग, अब बिना नेटवर्क भी मिलेगी पूरी जानकारी
Dehradun51 minutes agoऋषिकेश में गंगा किनारे दो नवजात बच्चियों के शव मिलने से हड़कंप, पुलिस जांच में जुटी





































