Kotdwar
किरायेदारों के सत्यापन में लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारियों की एसएसपी पौड़ी श्वेता चौबे लगाई क्लास

कोटद्वार – वर्तमान में मुख्यालय स्तर से चल रहे किरायेदारों का सत्यापन, गैर जमानती वारण्ट, कुर्की वारण्ट की शत-प्रतिशत तामिल करने एवं जनपद स्तर पर शराब पीकर वाहन चलाने, रैश ड्राइविंग एवं ओवर लोडिंग करने वालों के विरूद्ध चालाये जा रहे अभियानों की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्रीमती श्वेता चौबे द्वारा समीक्षा कर समस्त थाना प्रभारियों आवश्यक दिशा निर्देश दिये गए।

चौबे द्वारा समस्त थाना प्रभारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्रान्तर्गत निवासरत किरायेदारों के सत्यापन की कार्यवाही हेतु कड़े निर्देश दिये गये थे। जिस सम्बन्ध में समस्त थाना प्रभारियों द्वारा कार्यवाही करते हुये 376 किरायेदारों का सत्यापन किया गया एवं सत्यापन न करने वाले 23 मकान मालिकों के विरुद्ध उत्तराखण्ड पुलिस अधिनियम की धारा- 83 के तहत चालानी कार्यवाही कर न्यायालय को प्रेषित किये गए साथ ही 38 व्यक्तियों के विरूद्ध उत्तराखण्ड पुलिस अधिनियम की धारा- 81 के तहत चालानी कार्यवाही की गई। अभियान के दौरान किरायेदारों के सत्यापन की कार्यवाही में अपेक्षाकृत कार्यवाही न किये जाने पर आपत्ति प्रकट करते हुये समस्त थाना प्रभारियों को व्यक्तिगत रूचि लेते हुये अधिक से अधिक कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
न्यायालय से प्राप्त गैर जमानती वारण्ट एनबीडब्ल्यू/ कुर्की वारण्ट की शत प्रतिशत तामील कर अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किये जाने हेतु अभियान चलाकर कड़ी कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया था, जिसके क्रम में समस्त थाना प्रभारियों द्वारा अभियान चलाकर कार्यवाही करते हुये 11 वारण्टियों को गिरफ्तार किया गया एवं अभियान के दौरान 16 अभियुक्त न्यायालय में रिकॉल/हाजिर हुये। शेष अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु लगातार दबिशें दिये जाने हेतु सम्बन्धित प्रभारियों को निर्देशित किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने एवं सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के दृष्टिगत फुटपाथ व सड़कों पर अनावश्यक रूप से परमानेंट वाहनों को खड़ा करने वालों, रैश ड्राइविंग करने एवं ओवर लोडिंग करने वाले वाहन चालकों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। समस्त थाना प्रभारियों द्वारा कार्यावाही करते हुये शराब पीकर वाहन चलाने पर 33, रैश ड्राइविंग करने पर 79 एवं ओवर लोडिंग करने वाले 267 वाहन चालकों के विरूद्ध कार्यवाही की गई।
उन्होंने कहा कि समस्त थाना प्रभारियों द्वारा गिरफ्तारशुदा अभियुक्तों के डोजियर भरकर समय से पुलिस कार्यालय को प्रेषित नहीं किये जा रहे है, जिससे एन ए एफ आई एस सॉफ्टवेयर में अपराधियों का डाटा समय से अद्यतन नहीं हो पा रहा है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को गिरफ्तारशुदा अभियुक्तों के डोजियर मय फिंगर प्रिंट को समय से भरकर पुलिस कार्यालय को प्रेषित करने हेतु कड़े निर्देश दिये।
इसके अलावा नववर्ष संध्या के दौरान जनपद में आमजनमानस एवं पर्यटकों द्वारा होटलों, रेस्तराओं एवं घरों में नववर्ष के स्वागत हेतु आतिशबाजी एवं विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाते है, जिसके दृष्टिगत समस्त थाना प्रभारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्रान्तर्गत शान्ति व्यवस्था बनाये रखने के साथ-साथ आमजन एवं पर्यटकों के साथ अच्छा व्यवहार करने, पर्यटकों को सही मार्गदर्शन, सुगम यातायात व्यवस्था बनाये रखने के साथ-साथ हुंडदंग करने वालों के विरूद्ध प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
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लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग को कोर्ट से मंजूरी, 18 गांवों के 40 हजार ग्रामीणों को सीधा लाभ

लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग से हटाई गई रोक, ग्रामीणों में ख़ुशी की लहर
Laldhang Chillarkhal Road: उत्तराखंड की बहुप्रतीक्षित लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग परियोजना को लेकर बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने सड़क निर्माण पर लगी रोक हटा दी है, जिससे वर्षों से अटकी इस अहम परियोजना के फिर से शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है. कोर्ट के इस फैसले के बाद से ग्रामीणों में ख़ुशी की लहर है.
मुख्य बिंदु
Laldhang Chillarkhal Road परियोजना को कोर्ट से मंजूरी
इस दौरान, सुनवाई में गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने इंटरवेंशन एप्लीकेशन दायर कर क्षेत्रीय जनहित का पक्ष मजबूती से रखा. वहीं, नई दिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज ने उनके अधिवक्ता के रूप में अदालत में प्रभावी पैरवी की. सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने निर्माण पर लगी रोक समाप्त कर दी.
लम्बे समय से बाधित था निर्माण कार्य
दरअसल, लगभग 11.5 किलोमीटर लंबी इस मोटर मार्ग परियोजना का करीब 4.7 किलोमीटर हिस्सा सेंट्रल फॉरेस्ट एरिया से होकर गुजरता है. इसी वजह से, पर्यावरणीय स्वीकृतियों और आपत्तियों के कारण निर्माण कार्य लंबे समय तक बाधित रहा था, जिससे स्थानीय लोगों को वर्षों तक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा.
कोटद्वार से हरिद्वार की दूरी होगी कम
वहीं,ये सड़क कोटद्वार क्षेत्र को सीधे लालढांग से जोड़ती है, जिससे हरिद्वार और मैदानी इलाकों तक पहुंच काफी सुगम हो जाती है. फिलहाल, लोगों को लंबे और घुमावदार रास्तों से गुजरना पड़ता है, जिससे समय और ईंधन दोनों की अतिरिक्त खपत होती है. बरसात के मौसम में हालात और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाते हैं.
काफी समय से चल रही थी सड़क निर्माण की मांग
लंबे समय से, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण इस सड़क को ऑल वेदर रोड के रूप में विकसित करने की मांग कर रहे थे. उनका कहना है कि सड़क के अभाव में स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और रोजगार तक पहुंच प्रभावित होती है, जबकि आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में गंभीर दिक्कतें आती हैं.
18 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ
इस फैसले से, करीब 18 गांवों और 40 हजार से अधिक आबादी को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है. सड़क बनने से व्यापार, कृषि, दुग्ध उत्पादन और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. इसी कड़ी में, कोटद्वार विधायक और विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने इसे ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कहा कि यह सड़क क्षेत्र के लिए जीवन रेखा है और उनके निरंतर प्रयासों से आज यह सकारात्मक परिणाम सामने आया है.
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KOTDWAR: रिश्ते हुए शर्मसार, नाबालिग बेटी ने सौतेले पिता पर लगाए दुष्कर्म के आरोप

सौतेले पिता पर बेटी से दुष्कर्म के आरोप, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल
मुख्य बिंदु
KOTDWAR RAPE CASE: उत्तराखंड के पौड़ी जिले के कोटद्वार से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक खबर सामने आई है. जहाँ पर एक नाबालिग की गुमशुदगी ने ऐसे राज खोले हैं जिससे मानवता भी शर्मसार हो जाए. नब्लिग़ ने अपने सौतेले पिता पर दुष्कर्म के गंभीर आरोप लगाए हैं. फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
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पीड़िता की माँ ने कोतवाली में दर्ज कराई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट
जानकारी के मुताबिक, कोटद्वार कोतवाली में 6 फरवरी को एक महिला ने उसकी बेटी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी. जिसमें पीड़िता की माँ ने बताया था कि उसकी बेटी 6 फरवरी की सुबह 7 बजे से घर से लापता हो गई है. मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी पौड़ी सर्वेश पंवार ने तत्काल पुलिस टीम गठित कर खोजबीन के निर्देश दिए.
पुलिस को CCTV से मिले अहम सुराग, नाबालिग सकुशल बरामद
पुलिस ने मामले की छानबीन के करते हुए CCTV फुटेज खंगाले जिस से अहम् सुराग हाथ लगे. पीडिता अपनी नानी के घर बीएल रोड चली गई थी. पुलिस जब नानी के घर पहुंची तो नानी ने बताया कि बच्ची बहुत दरी हुई थी. उसने अपने माता-पिता के साथ रहने से इनकार कर दिया था. नानी ने उसे सिगड़ी क्षेत्र में किसी परिचित के घर छोड़ दिया था.
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KOTDWAR RAPE CASE, पिता पर लगाए दुष्कर्म के आरोप
पुलिस ने बच्ची को सकुशल अपने कब्जे में लेकर जब पूछताछ की तो उसका बयान रोंगटे खड़े कर देने वाला था. बच्ची ने बताया कि 5 फरवरी की रात सोते समय उसके पिता ने उसके साथ दुष्कर्म किया. जिससे डरकर सुबह बच्ची घर से भाग निकली.
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल
नाबालिग के बयान के आधार पर पुलिस ने मामले में आरोपी पर BNS और POCSO अधिनियम के तहत मुकादम दर्ज कर लिया है. पुलिस ने बताया कि आरोपी को भी 7 फरवरी को नजीमाबाद रोड से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
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कोटद्वार: 30 साल पुरानी दुकान के नाम ‘बाबा’ को लेकर विवाद, बजरंग दल ने जताई आपति, वीडियो वायरल

Kotdwar: विशेष समुदाय की दुकान के नाम को लेकर उपजा विवाद, बजरंग दल ने जताई आपति
मुख्य बिंदु
कोटद्वार (Kotdwar): उत्तराखंड के पौड़ी जिले के कोटद्वार में एक विशेष समुदाय की कपड़ों की दुकान के नाम को लेकर मामला तनाव पूर्ण हो गया. कुछ युवकों ने दुकान दार से नाम बदलने के लिए कहा. मामले में पहले नोकझोंक हुई जिसने बाद में विवाद का रूप ले लिया. जिसका बिदो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
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कोटद्वार में विशेष समुदाय की दुकान का नाम बाबा रखने से विवाद
वायरल विडियो में कुछ युवक दुकान दार से तीखे तेवरों में बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं. जिसमें वो कह रहे हैं कि दुकान का नाम बाबा रखने का अधिकार केवल हिन्दू धर्म के लोगों का है. इसलिए दुकान दार अपनी दुकान का नाम बदल दे, इस पर दुकानदार ने बताया कि उनकी दुकान 30 सालों से इसी नाम से चल रही है. लेकिन ये मामला यहीं नहीं थमा विवाद बड़ा और हाथापाई शुरू होने लगी. जिसके बाद आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत करने की कोशिश की.
30 सालों से इसी नाम से चल रही दुकान
बता दें कि कोटद्वार के पटेल मार्ग पर एक दुकान “बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेण्टर” के नाम से चल रही है. दुकानदार ने बताया कि उनकी दुकान पिछले 30 सालों से इसी नाम से चल रही है. जिस पर बजरंग दल के कुछ लोगों ने आपति जताई और दुकानदार से नाम बदलने के लिए कहा. बजरंग दल के लोगों का कहना था कि बाबा नाम हिन्दू धर्म से जुड़ा हुआ है, इसलिए ये नाम रखने का विशेषाधिकार केवल हिन्दू धर्म के लोगों का है.
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आस-पास के लोगों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया जिसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता वहां से लौट गए. पूरे क्षेत्र में घटना के बाद से सनसनी मची हुई है. वहीँ इस मामले पर कोतवाली प्रभारी प्रदीप नेगी ने कहा कि-
इस मामले की जांच की जा रही है. किसी भी व्यक्ति या संगठन को सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी. जो भी कानून व्यवस्था को प्रभावित करेगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
-प्रदीप नेगी, कोतवाली प्रभारी-
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