Dehradun
प्रदेश भर में आज मौसम रहेगा शुष्क….जाने कब बदलेगा मौसम करवट।

देहरादून – राज्य भर में आज मौसम साफ दिखाई दे रहा है। पहाड़ से लेकर मैदान तक लोगों को राहत मिली है। लेकिन तीन फरवरी की रात मौसम एक बार फिर से करवट बदलेगा और चार-पांच फरवरी को बारिश-बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है। पांच फरवरी के बाद प्रदेश भर में मौसम शुष्क रहेगा।

जबकि 2800 मीटर से ऊपर वाले इलाकों में आज भी बर्फबारी की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार दो फरवरी को मौसम शुष्क रहेगा।

वही केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि फरवरी के पहले सप्ताह में मौसम बदलेगा। इसके बाद दूसरे सप्ताह से मौसम शुष्क रहेगा। इसके साथ ही अधिकतम तापमान में भी एक-दो डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
वहीं पहाड़ों की रानी मसूरी में सीजन का दूसरा हिमपात हुआ। शहर में रात को जमकर बर्फ बारी हुई। हर तरफ बर्फ की सफेद चादर बिछी हुई दिखाई दे रही है। बर्फबारी के बाद आज सुबह से ही शहर में धूप खिली है।
Dehradun
धामी सरकार का फैसला बड़ा फैसला मदरसा बोर्ड खत्म, अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण हुआ शुरू

Uttarakhand News : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मान्यता प्रमाण पत्र भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अल्पसंख्यक विद्यालयों के विद्यार्थियों को एन.सी.ई.आर.टी. की पुस्तकें भी भेंट कीं और कहा कि गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा की दिशा में ये पहल विद्यार्थियों के भविष्य को मजबूत आधार प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि होने के साथ-साथ ज्ञान, शिक्षा और आध्यात्म की समृद्ध परंपरा वाली भूमि रही है। इस पवित्र धरती ने सदियों से विश्व को ज्ञान और संस्कार का संदेश दिया है। ऐसे में राज्य की जिम्मेदारी है कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखण्ड देश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित हो।
उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य के साथ राज्य सरकार ने समाज के सभी वर्गों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए 1 जुलाई 2026 से उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना की है। इसके साथ ही मदरसा बोर्ड को समाप्त कर नई व्यवस्था लागू की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये केवल एक संस्था की शुरुआत नहीं, बल्कि राज्य के प्रत्येक बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने वाला निर्णय है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक बच्चे को समान अवसर मिले और वह आधुनिक शिक्षा, तकनीक एवं कौशल के माध्यम से आगे बढ़ सके।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय ज्ञान, नवाचार और तकनीक का युग है। एआई, मशीन लर्निंग, डिजिटल तकनीक और नए कौशल भविष्य की दिशा तय कर रहे हैं। ऐसे में आवश्यक है कि उत्तराखण्ड का कोई भी बच्चा विकास की इस यात्रा से पीछे न छूटे।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना किसी समुदाय की पहचान या परंपराओं को प्रभावित करने के लिए नहीं, बल्कि सभी वर्गों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। सरकार का प्रयास है कि बच्चे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हुए विज्ञान, गणित, कंप्यूटर, कौशल विकास और आधुनिक शिक्षा में दक्ष बनें।
उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज को सशक्त, आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने का सबसे प्रभावी साधन है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से युवा न केवल अपने जीवन को बेहतर बनाते हैं बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत सभी अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों को समान अवसर प्रदान किए जाएंगे। पहले की व्यवस्थाओं में जिन वर्गों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया, उन्हें भी अब शिक्षा के क्षेत्र में बराबरी का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने देश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दी है। यह नीति केवल डिग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि कौशल, नवाचार, अनुसंधान, उद्यमिता और रोजगार से जोड़ने पर बल देती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट कक्षाओं, कौशल विकास, स्टार्टअप और आधुनिक प्रशिक्षण को बढ़ावा दे रही है ताकि राज्य का युवा भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सके।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण केवल मान्यता देने वाली संस्था नहीं होगा, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण, पारदर्शी व्यवस्था और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन का मजबूत माध्यम बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिन संस्थानों को मान्यता प्रदान की जा रही है, वे केवल प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं कर रहे, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में नई सोच और नई व्यवस्था के सहभागी बन रहे हैं। इन संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे ज्ञानवान, संस्कारित, संवेदनशील और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक तैयार करें।
उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता में एकता है। अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं के बावजूद भारतीयता सभी को जोड़ने वाली शक्ति है। राज्य सरकार इसी भावना के साथ सभी वर्गों के विकास के लिए कार्य कर रही है।
Dehradun
देहरादून में अनिंत्रित होकर खाई में गिरी कार, एक की मौत, शराब के नशे के कारण हुआ हादसा

Dehradun Accident : देहरादून में मंगलवार को देर रात दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। प्रेमनगर में एक कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। इस हादसे में एक युवक की मौत हो गई जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए।
Table of Contents
देहरादून में अनिंत्रित होकर खाई में गिरी कार, एक की मौत
देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र स्थित फूलसेनी मोड़ पर हुए एक सड़क हादसे में कार चालक की मौत हो गई, जबकि उसके साथ मौजूद दो युवक मामूली रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और राहत और बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है।

घूमने के लिए निकले थे तीनों दोस्त
पुलिस के मुताबिक, सूचना मिली थी कि एक कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खाई में गिर गई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार में फंसे युवकों को बाहर निकालकर आवश्यक कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में पता चला कि कार में सवार तीनों युवक आपस में मित्र थे और घूमने के लिए निकले थे।
शराब के नशे के कारण हुआ हादसा
जांच के दौरान ये भी सामने आया कि हादसे से पहले तीनों ने शराब का सेवन किया था। पुलिस का मानना है कि फूलसेनी मोड़ पर चालक सड़क का सही अनुमान नहीं लगा सका, जिससे वाहन पर नियंत्रण खो गया और कार खाई में जा गिरी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
Dehradun
मसूरी में डॉक्टर का इंतजार करता रहा परिवार, मासूम ने दम तोड़ा! जांच शुरू

Mussoorie News : मसूरी के उप जिला चिकित्सालय में करीब एक वर्ष के बच्चे की मौत के बाद अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई।
Table of Contents
मसूरी के सरकारी अस्पताल में एक साल के बच्चे की मौत
मसूरी एक साल की बच्ची की अस्पताल में मौत हो गई। बच्ची के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को खारिज करते हुए मामले की जांच शुरू करने की बात कही है।
परिजनों ने अस्पताल पर लगाया लापरवाही का आरोप
मृतक बच्चे की मां, जो बार्लोगंज क्षेत्र की रहने वाली हैं, ने बताया कि वो सोमवार सुबह करीब पांच बजे अपने बीमार बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंची थीं। उनका आरोप है कि उस समय अस्पताल में न तो कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही तत्काल उपचार के लिए आवश्यक स्टाफ उपलब्ध था।

डॉक्टर के इंतजार में मासूम ने दम तोड़ा
परिजनों का कहना है कि काफी इंतजार और आग्रह के बाद डॉक्टर व कर्मचारी पहुंचे, लेकिन बच्चे को समय पर उचित इलाज नहीं मिला। उनका आरोप है कि उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया गया कि बच्चों के विशेषज्ञ चिकित्सक सुबह आठ बजे आएंगे। परिवार का दावा है कि अगर समय रहते उपचार शुरू हो जाता तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।
चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
घटना के बाद परिजनों ने जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Bageshwar13 hours agoउत्तराखंड में भारी बारिश के चलते आज इस जिलें में बंद रहेंगे स्कूल, जारी हुआ आदेश
Cricket12 hours agoBest WAS vs SUS Dream11 Team Today T20 Blast 2026: मैच 69 प्रेडिक्शन और फैंटेसी क्रिकेट टिप्स…
Tehri Garhwal12 hours agoपैदल ही देवल गांव पहुंचे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद, केतन लाल के परिजनों से की मुलाकात
Cricket11 hours agoLAS vs WAS Dream11 Prediction Match 16 MLC 2026:फैंटेसी क्रिकेट टिप्स, प्लेइंग XI और पिच रिपोर्ट
Dehradun7 hours agoदेहरादून में अनिंत्रित होकर खाई में गिरी कार, एक की मौत, शराब के नशे के कारण हुआ हादसा
Dehradun8 hours agoमसूरी में डॉक्टर का इंतजार करता रहा परिवार, मासूम ने दम तोड़ा! जांच शुरू
Breakingnews10 hours agoयहां भ्रष्टाचार के आरोप में जिला पर्यटन विकास अधिकारी सस्पेंड, पूरे मामले की जांच के आदेश जारी
Uttarakhand7 hours agoBest Places To Visit In Uttarakhand:उत्तराखंड के 10 सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थल





































