Uttarakhand
यमुनोत्री धाम: करंट लगने से जानकीचट्टी में एक घोड़े की मौत, घोड़ा-खच्चर संचालकों ने किया हंगामा।

उत्तरकाशी – यमुनोत्री धाम के आखिरी प्रमुख पड़ाव जानकीचट्टी में सोमवार को करंट लगने से एक घोड़े की मौत हो गई। घोड़ा-खच्चर संचालकों ने उर्जा निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। साथ ही घोड़े के मालिक पीड़ित व्यक्ति के लिए मुआवजे की मांग भी की।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने आश्वासन दिया कि उचित कार्रवाई कर प्रभावित पक्ष को मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। जिसके बाद मामला शांत हुआ। बताया जा रहा है कि जहां घोड़े खच्चर खड़े होते हैं वहां पर खंभे में करंट आ रहा था। एक घोड़ा खंभे के पास ही खड़ा था और वह उसकी चपेट में आ गया। गनीमत रही कि भीड़भाड़ वाले इस क्षेत्र में कोई और जानवर या श्रद्धालु करंट की चपेट में नहीं आएं।
Dehradun
NO VEHICLE DAY: DG सूचना बंशीधर तिवारी साइकिल से पहुंचे दफ्तर, संयुक्त निदशक ने 16 किमी की दूरी पैदल चलकर की तय

देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन बचत और ऊर्जा संरक्षण को लेकर दिए गए संदेश के बाद उत्तराखंड सरकार ने भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। सरकार की ओर से वर्चुअल बैठकों को बढ़ावा देने और सरकारी कार्यालयों में “नो व्हीकल डे” लागू करने संबंधी गाइडलाइन जारी की गई है। इसी क्रम में शनिवार को राज्य सूचना विभाग में “नो व्हीकल डे” मनाया गया।
सूचना विभाग में कार्यरत 72 अधिकारी और कर्मचारियों ने इस पहल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कोई अधिकारी पब्लिक ट्रांसपोर्ट से दफ्तर पहुंचा तो किसी ने साइकिल का सहारा लिया। कई कर्मचारी ऑटो रिक्शा से कार्यालय पहुंचे। खास बात यह रही कि सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी करीब 10 से 15 किलोमीटर की दूरी साइकिल से तय कर सूचना निदेशालय पहुंचे।
NO VEHICLE DAY : DG सूचना बंशीधर तिवारी ने दिया बड़ा संदेश
सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने करीब 15 किलो मीटर की दूरी साइकिल से तय की. जिसके बाद वे रिंग रोड़ स्थित सूचना भवन अपने दफ्तर पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण समय की जरूरत है। कहा कि यदि सभी लोग इस तरह की पहल को नियमित रूप से अपनाएं तो इससे ऊर्जा संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
संयुक्त निदेशक कलम सिंह चौहान पैदल पहुंचे दफ्तर
वहीं उत्तराखंड सूचना विभाग में संयुक्त निदेशक के पद पर तैनात कलम सिंह चौहान विजय पार्क स्थित अपने घर से रिंग रोड़ सूचना भवन तक करीब 16 से 17 किलोमीटर की दूरी पैदल चलकर तय की। उन्होंने बताया कि यह दूरी उन्होंने करीब डेढ़ घंटे में पूरी की।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील का सभी लोग पालन करें तो देश को बड़ा फायदा होगा। उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि जब तक “नो व्हीकल डे” लागू रहेगा, तब तक वे घर से दफ्तर और दफ्तर से घर तक पैदल ही जाएंगे।
इलेक्ट्रिक व्हीकल से पहुंचे अपर निदेशक
अपर निदेशक आशीष कुमार त्रिपाठी इलेक्ट्रिक व्हीकल से कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह आह्वान हरित क्रांति की दिशा में बड़ा कदम है और इसमें सभी लोगों को सहयोग करना चाहिए।
कुल मिलाकर देखा जाए तो प्रदेश सरकार की नई गाइडलाइन का पालन सबसे पहले सूचना विभाग में देखने को मिला। “नो व्हीकल डे” के दौरान महानिदेशक से लेकर कर्मचारियों तक सभी समय पर दफ्तर पहुंचे और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। यदि यही पहल उत्तराखंड के अन्य सरकारी विभाग भी शुरू करते हैं तो इससे ईंधन और ऊर्जा की बड़ी बचत होगी, साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का व्यापक असर भी देखने को मिलेगा।
Uttarakhand
पिथौरागढ़ समाचार: थल–मुनस्यारी मोटर मार्ग पर दर्दनाक सड़क हादसा, एक की मौत

पिथौरागढ़ में दर्दनाक सड़क हादसा, एक की मौत
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जनपद के थल–मुनस्यारी मोटर मार्ग से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आ रही है। यहां हरकोट बैंड के समीप एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई है, जिसमें एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।
हरकोट बैंड के पास असंतुलित हुई कार
जानकारी के अनुसार, तल्ला जोहार क्षेत्र से मुनस्यारी की ओर आ रही एक अर्टिगा कार (वाहन संख्या UK 05 TA 5586) हरकोट बैंड के समीप अचानक असंतुलित हो गई और दुर्घटना का शिकार हो गई। हादसा इतना भीषण था कि कार सवार एक व्यक्ति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

स्थानीय लोगों और पुलिस ने शुरू किया रेस्क्यू
दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। समाचार लिखे जाने तक मृतक की पहचान और कार में सवार अन्य घायलों की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी थी।
जांच जारी: इस दुखद घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। फिलहाल पुलिस द्वारा दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
Uttarakhand
Dehradun news : कैंसर पीड़ित परिवार को मिला DM सविन बंसल का सहारा; ₹71 हजार का कर्ज माफ, ₹50 हजार की दी मदद..

Dehradun news : कैंसर पीड़ित परिवार का ₹71 हजार का कर्ज माफ, जिला प्रशासन ने CSR फंड से की बड़ी मदद
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर अमल करते हुए देहरादून जिला प्रशासन ने मानवीय संवेदनशीलता की एक अनूठी मिसाल पेश की है। जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में प्रशासन ने गंभीर आर्थिक संकट और बीमारी से जूझ रहे एक परिवार को बड़ी राहत देते हुए उनका पूरा बैंक ऋण माफ करवा दिया है।
क्या है पूरा मामला? (पीड़ित परिवार की आपबीती)
रायपुर विकासखंड के दूरस्थ ग्राम द्वारा मालदेवता की निवासी संध्या रमोला ने जिलाधिकारी सविन बंसल के समक्ष उपस्थित होकर अपनी आपबीती साझा की थी। उन्होंने बताया कि:
- उनके पति गले के कैंसर से पीड़ित हैं, जिनका उपचार हिमालयन अस्पताल में चल रहा है।
- गंभीर बीमारी और लगातार कीमोथेरेपी के कारण उनके पति काम करने में पूरी तरह असमर्थ हो चुके हैं।
- परिवार में दो छोटे बच्चे हैं (एक की उम्र 3 वर्ष और दूसरे की 6 वर्ष), जिनके भरण-पोषण और इलाज की पूरी जिम्मेदारी संध्या पर आ गई है।

बैंक लोन और मानसिक तनाव से मिली मुक्ति
संध्या रमोला ने स्वयं सहायता समूह के संचालन और स्वरोजगार के लिए बैंक से दो बार ऋण लिया था:
- वर्ष 2024 में: 45,000 का ऋण
- वर्ष 2025 में: 37,000 का ऋण
पति की अचानक बिगड़ी तबीयत और महंगे इलाज के खर्चों के कारण वह ऋण की मासिक किस्तें (EMIs) जमा नहीं कर सकीं। इसके चलते बैंक की ओर से उन्हें लगभग 71,000 बकाया चुकाने का नोटिस जारी कर दिया गया। बैंक एजेंटों के लगातार बढ़ते दबाव के कारण पूरा परिवार अत्यधिक मानसिक तनाव से गुजर रहा था, जिसके बाद उन्होंने जिला प्रशासन से गुहार लगाई।
जिलाधिकारी सविन बंसल का त्वरित एक्शन
मामले की गंभीरता और परिवार की दयनीय स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने तुरंत मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए निम्नलिखित कदम उठाए:
- CSR फंड से ऋण का भुगतान: जिलाधिकारी ने जिला प्रशासन के सीएसआर (CSR) फंड से ₹71,000 की संपूर्ण धनराशि सीधे संबंधित बैंक के ऋण खाते में जमा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बैंक को तुरंत ‘नो ड्यूज सर्टिफिकेट’ (No Dues Certificate) जारी करने के आदेश भी दिए गए।
- 50,000 की अतिरिक्त आर्थिक सहायता: परिवार को तात्कालिक राहत देने के लिए रायफल क्लब मद से संध्या रमोला के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 50,000 की अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी भेजी गई।

जनसमस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिकता
जिलाधिकारी सविन बंसल ने इस कार्रवाई पर कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
“जो जरूरतमंद परिवार किसी कारणवश सरकारी योजनाओं के सीधे लाभ से वंचित रह जाते हैं या किसी आकस्मिक संकट का सामना कर रहे हैं, जिला प्रशासन उपलब्ध संसाधनों, सीएसआर फंड और अन्य माध्यमों से उनकी हरसंभव सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
देहरादून जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर दिव्यांगजनों, गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों, निराश्रित महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए की जा रही इस तरह की त्वरित पहलें प्रशासनिक सामाजिक उत्तरदायित्व का एक बेहतरीन उदाहरण हैं।
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