Dehradun
उत्तराखंड में बढ़ेगी ठंड, क्रिसमस और नए साल से पहले बारिश और बर्फबारी की संभावना !

देहरादून: क्रिसमस और नए साल से पहले उत्तराखंड में ठंड का असर बढ़ सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश के पर्वतीय जिलों में अगले कुछ दिनों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आज एक पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया कि देहरादून के पर्वतीय इलाकों समेत उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा जिलों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बारिश और बर्फबारी से तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है, जिसके कारण पहाड़ों से लेकर मैदानों तक ठंड में वृद्धि देखने को मिल सकती है। हालांकि, प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहेगा और वहां कोई महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना नहीं है।
रविवार के मौसम का विवरण: रविवार को देहरादून में अधिकतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री अधिक रहा, जो 24.5 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो पिछले कुछ वर्षों में सबसे अधिक था। इस बढ़े हुए तापमान का मुख्य कारण मौसम के पैटर्न में हुए बदलावों को माना जा रहा है।
Uttarakhand
देहरादून: गणेश गोदियाल ने आम बजट को बताया दिशाहीन, कहा उत्तराखंड के हाथ फिर लगी निराशा

DEHRADUN: गणेश गोदियाल ने केन्द्रीय बजट को दिशाहीन और जनता को बरगलाने वाला बताया
DEHRADUN: उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने केन्द्र की मोदी सरकार के आम बजट को दिशाहीन, प्रतिगामी, विकास अवरोधी, अपने उद्योगपति मित्रों का पोषक तथा आम आदमी के हितों के खिलाफ मंहगाई और बेरोजगारी बढ़ाने वाला बजट बताया है।
गणेश गोदियल ने केंन्द्रीय आम बजट को बताया दिशाहीन
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केन्द्रीय आम बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केन्द्रीय वित्त मंत्री ने एकबार फिर से दिशाहीन, प्रतिगामी, विकास विरोधी, मंहगाई व बेरोजगारी बढ़ाने वाला तथा देश की आर्थिक वृद्धि पर चोट पहुंचाने वाला बजट है। केन्द्रीय बजट में उत्तराखंड जैसे छोटे राज्यों और आम आदमी की घोर उपेक्षा की गई है। देश के वित्त मंत्री ने बजट में एकबार फिर से आंकडों की बाजीगरी ही दिखाई है।
वित्त मंत्री सीतारमण द्वारा आम बजट में तीन कर्तव्यों आर्थिक वृद्धि मे तेजी, जन आकांक्षाओं को पूरा करना तथा सबका साथ सबका विकास जैसी कोरी बातें ही की गई हैं। केन्द्रीय बजट में सात उच्चगति रेल कॉरिडोर विकसित किये जाने की बात 100 स्मार्ट सिटी विकसित किये जाने जैसे जुमले छोड़े गये हैं।
गोदियाल ने कहा कि कोरी घोषणायें कर जनता को बरगलाने की कोशिश
गणेश गोदियाल ने स्मार्ट सिटी मिशन, प्रदूषण, स्वास्थ्य और किसानों की आय जैसे मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि पूर्व के बजट की भांति किसानों और आम आदमी की आय में वृद्धि जैसी कोरी घोषणायें कर उन्हें बरगलाने की कोशिश की गई है। इस बार मोदी सरकार ने ‘‘तीन कर्तव्य’’ के रूप में नया जुमला छोड़ा गया है। केन्द्रीय बजट न तो नई दिशा दिखाता है और न ही किसी बड़े बदलाव का संकेत देता है। बजट में प्रमुख कार्यक्रमों और योजनाओं के लिए बजटीय आवंटन की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। केवल मोदी सरकार ने वास्तविक और ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश मात्र की है।
केन्द्रीय बजट से आम आदमी के हाथ केवल निराशा
कुल मिलाकर केन्द्रीय बजट से आम जनता को निराशा हाथ लगी है। केंद्रीय बजट में महंगाई कम करने की कहीं बात नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से केन्द्रीय आम बजट में लगातार की जा रही कोरी घोषणाओं व जुमलेबाजी तथा अपने चहेते उद्योग पतियों को लाभ पहुंचाने वाले बजट में वित्तीय प्रबन्धन का नितांत अभाव है। जहां एक ओर महंगाई से जनता के सिर का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है वहीं देश का आम आमी विदेशी कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बजट में योजनाओं और कार्यक्रमों के बजटीय आवंटन में पारदर्शिता का नितांत अभाव है। बजट के प्रावधानों से देश की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था में विकास दर दहाई का आंकडा भी नहीं छू पायेगी और न ही रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सात उच्चगति रेल कॉरिडोर विकसित किये जाने की घोषणा की गई है परन्तु जो हवाई अड्डे वर्तमान में स्थापित हैं उनकी हालत खस्ता हो चली है उसके लिए बजट मे कोई प्रावधान नहीं किया गया है। केन्द्र सरकार द्वारा कृषकों की आय बढ़ाने तथा आम आदमी बढ़ाने की बात बार-बार की जाती है परन्तु इन वर्गों की आय में वृद्धि करने का कोई प्रावधान बजट में नहीं किया गया है।
बजटीय आवंटन में पारदर्शिता का नितांत अभाव
गणेश गोदियाल ने कहा कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत आम बजट में तीन कर्तव्य नाम से नया जुमला छोड़ते हुए कोरी घोषणाओं का अंबार लगाया गया है परन्तु उन्हें पूरा करने के लिए पैसा कहां से आएगा इसका कोई उल्लेख नहीं है। बजट में गरीब, किसान तथा युवा वर्ग की पूरी तरह उपेक्षा की गई आम जनता को मंहगाई से निजात दिलाने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है। आम बजट में नौजवानों के भविष्य की घोर उपेक्षा की गई है इस बजट से देश में रोजगार के अवसर घटेंगे, किसान, गरीब व आम आदमी के लिए इस बजट में कुछ भी नहीं है तथा केन्द्रीय बजट मात्र कुछ पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने वाला बजट है।
मध्यम वर्ग के हितों पर बजट में सबसे अधिक चोट
मध्यम वर्ग के हितों पर बजट में सबसे अधिक चोट की गई है। नौकरी पेशा व्यक्ति को सबसे अधिक नुकसान हुआ है, 4 से 8 लाख में 5 प्रतिशत टैक्स लगाकर मध्यम वर्ग के नौकरी पेशा वर्ग के गाल पर टैक्स का तमाचा मारा गया है। इनकम टैक्स छूट के स्लैबों मे की गई बढ़ोत्तरी ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। महिला सुरक्षा, किसानों, बेरोजगार नौजवानों के लिए इस बजट में कोई विषेष प्रावधान नजर नही आता है। रोजगार के सृजन तथा महिलाओं के सशक्तिकरण एवं सम्मान की बात केवल मोदी सरकार की लच्छेदार भाषणों का हिस्सा मात्र रही है बजट मे उसके लिए कोई प्रावधान नहीं है।
केन्द्रीय बजट से उत्तराखंड के हाथ निराशा
गणेश गोदियाल ने कहा कि केन्द्रीय आम बजट में उत्तराखंड को एक बार फिर से निराशा हाथ आई है। आपदा प्रभावित राज्य होने के बावजूद उत्तराखण्ड राज्य के दैवीय आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए बजट में कोई भी प्रावधान नहीं किया गया है। केन्द्र सरकार ने अपने बजट में उत्तराखण्ड जैसे आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील राज्य को रेल कनेक्टिविटी और एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कुछ भी नहीं दिया है। कुल मिलाकर आम बजट में अपने उद्योगपति मित्रों के हित साधन कर देश के आम आदमी की घोर उपेक्षा की गई है।
Dehradun
अवैध खनन पर रोक लगने से चार गुना बढ़ा राजस्व, इन सुधारों से बदली तस्वीर

Dehradun News : खनन गतिविधियों को लेकर सामान्य तौर लोगों में नकारात्मक अवधारणा रहती है। लेकिन उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खनन आवंटन और खनन परिवहन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के साथ ही अवैध खनन पर सख्ती दिखाई, इसी का नतीजा है कि डेढ़ साल से कम समय में सालाना खनन राजस्व 300 करोड़ से 1200 करोड़ के पार पहुंच गया है।
Table of Contents
अवैध खनन पर रोक लगने से चार गुना बढ़ा राजस्व
प्रदेश सरकार ने सितंबर 2024 को नई खनन नीति लागू की थी। नई खनन नीति में ई-निलामी के जरिए खनन लॉट आवंटन, खनन गतिविधियों की सेटेलाइट निगरानी जैसे कई नए प्रयोग किए गए। एसके साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस- प्रशासन को भी अवैध खनन पर सख्ती दिखाने के निर्देश दिए। जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं।
2025 में 1200 करोड़ के पार पहुंचा
सितंबर 2024 से पहले राज्य को खनन से सिर्फ 300 करोड़ रुपए तक ही सालाना राजस्व प्राप्त हो पाता था। लेकिन अब ये राजस्व 1200 करोड़ के पार चला गया है। यही नहीं उत्तराखंड को खनन सुधार लागू करने के लिए देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त हो चुका है, जिसके फलस्वरूप केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए “पूंजी निवेश हेतु राज्यों को विशेष सहायता योजना (SASCI)” के अंतर्गत उत्तराखंड के लिए ₹200 करोड़ की विशेष सहायता स्वीकृत की है।
इन सुधारों से बदली तस्वीर
- 1. ई निलामी के जरिए खनन लॉट आवंटन
- 2. अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाई गई
- 3. खनन परिवहन के लिए माइनिंग सर्विलांस सिस्टम
- 4. खनन गतिविधियों की डिजिटल ट्रैकिंग और निरीक्षण
खनन हो रहा पर्यावरण के मानकों के अनुसार
आम लोगों को आवासीय या अन्य निर्माण के लिए खनन सामग्री की आवश्यकता होती है। इसके साथ ही विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए भी खनन की आवश्यकता है। इसी क्रम में प्रदेश सरकार ने ये सुनिश्चित किया है कि खनन पर्यावरण के मानकों के अनुसार हो और साथ ही इसके लिए पारदर्शी तंत्र विकसित किया गया। जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। इससे राजस्व में भी शानदार वृद्धि हुई है।
Dehradun
उत्तराखंड में Pre-SIR के तहत 75 % मतदाताओं की मैपिंग पूरी, 1 फरवरी से शूरू होगा दूसरा चरण

Uttarakhand News : भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड राज्य में उत्तराखंड में Pre-SIR के तहत 75 % मतदाताओं की मैपिंग पूरी, 1 फरवरी से शूरू होगा दूसरा चरण गतिविधियां सम्पादित की जा रही हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम के निर्देशन में बीएलओ आउटरीच अभियान के तहत प्रदेश में प्रत्येक मतदाता तक पंहुच, समन्वय और संवाद स्थापित करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत पहले चरण में प्रदेश के 75 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग की जा चुकी है।
Table of Contents
उत्तराखंड में Pre-SIR के तहत 75 % मतदाताओं की मैपिंग पूरी
उत्तराखंड में प्री एसआईआर के तहत 75 % मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो गई है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि प्रदेश में सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में बीलएओ, ईआरओ सहित पूरी इलेक्शन मशीनरी ने बेहद उत्साहपूर्वक तरीके से 75 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग की है।
1 फरवरी से शूरू होगा दूसरा चरण
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि बीएलओ आउटरीच अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत एक फरवरी से की जा रही है। इस अभियान में प्रदेश के युवा और महिला मतदाताओं पर विशेष फोकस रहेगा। आउटरीच अभियान के दूसरे चरण को 15 फरवरी 2026 तक सम्पादित किया जाएगा।

2003 की मतदाता सूची से की जा रही है मैपिंग
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि प्री एसआईआर फेज में प्रदेश की वर्तमान मतदाता सूची में शामिल मतदाताओं की 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग की जा रही है। उन्होंने प्रदेश के मतदाताओं से अपील की है कि वे इस अभियान में अपने बीएलओ का सहयोग करें।
उन्होंने बताया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड की आधिकारिक वेबसाइट ceo.uk.gov.in पर उपलब्ध है, जहां मतदाता अपने विधानसभा क्षेत्र, अपने तथा अपने पिता/पति के नाम के आधार पर मतदाता क्रमांक एवं बूथ संख्या की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही गली, मोहल्लों और एरिया के नाम से भी मतदाता सूची खोजने की सुविधा प्रदान की गई है।
राष्ट्रीय राजनैतिक दलों से बीएल नियुक्त करने की अपील
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ० विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनैतिक दलों से अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) नियुक्त करने की अपील की गई थी। वर्तमान में प्रदेश के 12070 बीएलए की नियुक्ति की जा चुकी है। उन्होंने राजनैतिक दलों से शतप्रतिशत बीएलए नियुक्त करने की अपील की है।
Breakingnews8 hours agoआम बजट 2026-27 पेश करेंगी निर्मला सीतारामण, PM मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट से मंजूरी
Breakingnews6 hours agoचमोली के खैनुरी गाँव में नवजात शिशु का शव मिला जंगल में, नहीं हो पाई शिनाख्त
Breakingnews2 hours agoउत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह ने Sharp Memorial School के बच्चों के साथ मनाया जन्मदिन
Uttarakhand53 minutes agoदेहरादून: गणेश गोदियाल ने आम बजट को बताया दिशाहीन, कहा उत्तराखंड के हाथ फिर लगी निराशा
National3 hours agoसंसद में पेश हुआ आम बजट 2026-27, जानिए किसके हिस्से क्या आया….












































