Chamoli
शहीद भवानी दत्त जोशी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे सीएम धामी, बोले सेना की ताकत पर हर उत्तराखंडी को गर्व !

चमोली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज चेपडो स्थित शौर्य स्थल पहुंचकर अशोक चक्र विजेता अमर शहीद भवानी दत्त जोशी को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने भी स्मारक पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री धामी ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और सैनिकों के सम्मान में निकाली गई तिरंगा यात्रा में भाग लिया और दीप प्रज्वलित कर तीन दिवसीय शौर्य महोत्सव का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री का मेला कमेटी की ओर से शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। उन्होंने ऑपरेशन ब्लू स्टार में शहीद भवानी दत्त जोशी के योगदान को याद करते हुए उनकी शहादत पर गर्व जताया। साथ ही, ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना की भूमिका और स्वदेशी मिसाइलों की ताकत की भी सराहना की।

थराली विधायक भूपालराम टम्टा द्वारा सौंपे गए मांगपत्र पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने शौर्य स्थल और शहीद स्मारक के सौंदर्यीकरण की घोषणा की। अपने संबोधन में उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की चर्चा करते हुए बताया कि उत्तराखंड सरकार भ्रष्टाचार और नकल के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रही है।

रतगांव वैलिब्रिज हादसे को लेकर उन्होंने बताया कि ठेकेदार पर कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं और नुकसान की भरपाई भी उसी से की जाएगी। साथ ही दो अधिशासी अभियंताओं और एक सहायक अभियंता को निलंबित करने का आदेश जारी किया गया है। उन्होंने साफ कहा कि प्रदेश सरकार की नीति “जीरो टॉलरेंस” पर आधारित है और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

शहीद भवानी दत्त जोशी की स्मृति में पुष्पचक्र अर्पण और पौधारोपण कर श्रद्धा व्यक्त की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह आयोजन सिर्फ एक श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति और वीरता की प्रेरणा देने वाला गौरवोत्सव है। उन्होंने बताया कि देहरादून के गुनियाल गांव में प्रदेश के शहीदों की स्मृति में भव्य सैन्य धाम का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।
इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
#CMDhamitribute, #ShauryaMahotsav, #OperationSindoor, Shaheed Bhawani Joshi, Army honor Uttarakhand
Uttarakhand
Valley of Flowers Uttarakhand Tour Guide in Hindi

Valley Of Flowers Tour Guide: हिमालय की गोद में बसा स्वर्ग |
प्रकृति प्रेमियों और रोमांच के शौकीनों के लिए भारत में कई ऐसी जगहें हैं, जो अपनी खूबसूरती से किसी का भी दिल जीत सकती हैं। लेकिन उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित वैली ऑफ फ्लावर्स नेशनल पार्क (Valley of Flowers National Park) की बात ही कुछ अलग है। समुद्र तल से लगभग 3,658 मीटर (12,000 फीट) की ऊंचाई पर बसी यह घाटी किसी जादू से कम नहीं है।
यदि आप भी शहरी भागदौड़ से दूर, प्रदूषण मुक्त हवा और मखमली घास के मैदानों के बीच रंग-बिरंगे फूलों के समंदर को देखना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए ही है। इस संपूर्ण गाइड में हम आपको वैली ऑफ फ्लावर्स की यात्रा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी देंगे।
वैली ऑफ फ्लावर्स क्या है? (What is Valley of Flowers?)
वैली ऑफ फ्लावर्स (फूलों की घाटी) भारत का एक राष्ट्रीय उद्यान है, जो उत्तराखंड राज्य के गढ़वाल क्षेत्र में स्थित है। यह मुख्य रूप से अपने पहाड़ों, अल्पाइन फूलों के मैदानों और लुभावनी प्राकृतिक विविधता के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।
मुख्य आकर्षण: यह घाटी लगभग 87.50 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैली हुई है। साल 1982 में इसे राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था और इसकी अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता के कारण UNESCO ने इसे 2005 में ‘विश्व धरोहर स्थल’ (World Heritage Site) की सूची में शामिल किया।
इस घाटी की खोज साल 1931 में ब्रिटिश पर्वतारोही फ्रैंक एस. स्मिथ (Frank S. Smythe) ने की थी, जब वे अपना रास्ता भटक कर यहाँ पहुँच गए थे। यहाँ की खूबसूरती देखकर वे इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने इस पर एक किताब ही लिख डाली, जिसका नाम था — ‘The Valley of Flowers’।
फूलों की घाटी क्यों आएं? टॉप 5 कारण (Why You Should Visit Valley of Flowers)
उत्तराखंड पर्यटन बोर्ड (Uttarakhand Tourism) के अनुसार, इस जादुई घाटी की यात्रा करने के कई बड़े कारण हैं:
- अद्भुत प्राकृतिक और आध्यात्मिक सुंदरता: यहाँ आपको 500 से अधिक प्रजातियों के जंगली फूल देखने को मिलते हैं, जिनमें ब्रह्मकमल, ब्लू पॉपी, और लिली शामिल हैं। इसके साथ ही यहाँ की शांत वादियाँ मन को आध्यात्मिक शांति देती हैं।
- शुरुआती ट्रैकर्स के लिए बेहतरीन: फूलों की घाटी का ट्रैक (लगभग 12 किलोमीटर) बहुत अधिक कठिन नहीं है। यह ज़िग-ज़ैग रास्ता नौसिखिया (Beginners) ट्रैकर्स के लिए एक आदर्श विकल्प है।
- फोटोग्राफी का स्वर्ग: यदि आपको फोटोग्राफी का शौक है, तो यह जगह आपके कैमरे के लेंस को कभी आराम नहीं देगी। बादलों से घिरे पहाड़, बर्फबारी से पिघलते झरने और रंग-बिरंगे फूलों के कालीन आपके हर शॉट को परफेक्ट बनाते हैं।
- बजट फ्रेंडली और सोलो ट्रैवल: सुदूर क्षेत्र में होने के बावजूद, यहाँ का रास्ता काफी सुलभ है। रास्ते में रुकने के लिए किफायती होमस्टे और होटल मिल जाते हैं, जिससे जेब पर भारी असर नहीं पड़ता।
- प्रदूषण मुक्त मौसम: इस राष्ट्रीय उद्यान में गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित है। यहाँ कोई वाहन नहीं चलता, जिसका मतलब है कि आप दुनिया की सबसे शुद्ध हवा में सांस लेते हैं।
वैली ऑफ फ्लावर्स घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit Valley of Flowers)
यह नेशनल पार्क साल भर खुला नहीं रहता। भारी बर्फबारी के कारण यह सर्दियों में बंद रहता है। यह घाटी हर साल 1 जून से 31 अक्टूबर तक ही पर्यटकों के लिए खुलती है।
| महीना | घाटी का नजारा और विशेषताएं |
| जून | इस समय बर्फ पिघलना शुरू होती है। ग्लेशियर देखने को मिलते हैं, लेकिन फूल बहुत कम होते हैं। |
| जुलाई से अगस्त | घूमने का सबसे बेस्ट समय। मानसून की बारिश के बाद पूरी घाटी खिल उठती है। चारों तरफ फूलों की चादर बिछ जाती है। |
| सितंबर | फूल धीरे-धीरे कम होने लगते हैं, लेकिन मौसम साफ रहता है और पहाड़ियों का नजारा बेहद स्पष्ट दिखता है। |
| अक्टूबर | ठंड बढ़ जाती है और वनस्पति सूखकर सुनहरे रंग की होने लगती है। महीने के अंत में पार्क बंद हो जाता है। |
दिल्ली से वैली ऑफ फ्लावर्स कैसे पहुँचें? (How to Reach Valley of Flowers)
फूलों की घाटी पहुँचने का सफर मुख्य रूप से ऋषिकेश या हरिद्वार से शुरू होता है। आइए इसे आसान चरणों में समझते हैं:
चरण 1: ऋषिकेश/हरिद्वार से गोविंदघाट (Govindghat)
सबसे पहले आपको सड़क मार्ग से गोविंदघाट पहुँचना होगा। ऋषिकेश से गोविंदघाट की दूरी लगभग 290 किलोमीटर है, जिसे तय करने में 10-12 घंटे का समय लगता है। आप बस या शेयरिंग टैक्सी ले सकते हैं।
चरण 2: गोविंदघाट से घांघरिया (Ghangaria) – बेस कैंप
गोविंदघाट से 4 किमी आगे ‘पुलना’ गांव तक गाड़ियां जाती हैं। पुलना से असली ट्रेक शुरू होता है। यहाँ से आपको घांघरिया (Ghangaria) तक 9-10 किलोमीटर की चढ़ाई करनी होती है। घांघरिया ही इस यात्रा का बेस कैंप है, जहाँ आपको रुकने के लिए होटल और खाने-पीने की सुविधाएं मिलती हैं।
चरण 3: घांघरिया से वैली ऑफ फ्लावर्स
घांघरिया से फूलों की घाटी की दूरी लगभग 4 किलोमीटर है। यह पूरी तरह पैदल मार्ग है। यहाँ खच्चर या घोड़ों को ले जाने की अनुमति नहीं है ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुँचे (बुजुर्गों के लिए डंडी/कंडी की सुविधा उपलब्ध होती है)।
3 रात और 4 दिनों का परफेक्ट यात्रा प्लान (Itinerary For Valley of Flowers)
- दिन 1: ऋषिकेश/देहरादून से सुबह जल्दी निकलें और शाम तक गोविंदघाट या जोशीमठ पहुँचें। रात को यहीं आराम करें।
- दिन 2: गोविंदघाट से पुलना आएं और वहाँ से घांघरिया के लिए 10 किमी का ट्रेक शुरू करें। शाम तक घांघरिया पहुँचकर होटल या कैंप में रुकें।
- दिन 3: सुबह 6 बजे ही वैली ऑफ फ्लावर्स के लिए निकल जाएं। दोपहर 2-3 बजे तक घाटी की खूबसूरती का आनंद लें और शाम 5 बजे से पहले वापस घांघरिया बेस कैंप लौट आएं (रात में घाटी में रुकने की अनुमति नहीं है)।
- दिन 4: घांघरिया से वापस पुलना/गोविंदघाट उतरें और वहाँ से ऋषिकेश या दिल्ली के लिए वापसी की यात्रा शुरू करें।
प्रो टिप: यदि आपके पास एक दिन का अतिरिक्त समय है, तो घांघरिया से ही हेमकुंड साहिब (Hemkund Sahib) का ट्रेक भी जरूर करें, जो सिखों का एक पवित्र और बेहद खूबसूरत तीर्थ स्थल है।
ट्रेक के दौरान ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें और नियम
- पार्क की टाइमिंग: वैली ऑफ फ्लावर्स सुबह 7 बजे खुलती है और आखिरी एंट्री दोपहर 2 बजे तक होती है। आपको हर हाल में शाम 5 बजे तक घांघरिया वापस लौटना होता है।
- एंट्री फीस: भारतीय नागरिकों के लिए एंट्री फीस लगभग ₹150 (3 दिनों के लिए) और विदेशी नागरिकों के लिए ₹600 होती है।
- प्लास्टिक बैन: यह पूरी तरह नो-प्लास्टिक ज़ोन है। अपने साथ कचरा फैलाने वाली चीजें न ले जाएं और पर्यावरण का सम्मान करें।
- दवाइयाँ साथ रखें: चूंकि यह ऊंचाई पर स्थित है, इसलिए कुछ लोगों को ‘एल्टीट्यूड सिकनेस’ (उल्टी, सिरदर्द) की समस्या हो सकती है। अपने साथ ओआरएस (ORS) और जरूरी दवाइयाँ अवश्य रखें।
यात्रा के लिए पैकिंग लिस्ट (Essential Packing Checklist)
पहाड़ों का मौसम पल भर में बदल जाता है, इसलिए आपकी पैकिंग मजबूत होनी चाहिए:
- रेनकोट या वॉटरप्रूफ जैकेट: मानसून के समय यात्रा होने के कारण बारिश कभी भी आ सकती है।
- अच्छे ट्रेकिंग शूज: ग्रिप वाले और वॉटरप्रूफ जूते सबसे बेस्ट रहेंगे।
- गर्म कपड़े: रात के समय घांघरिया में तापमान काफी गिर जाता है, इसलिए एक अच्छी थर्मल और जैकेट साथ रखें।
- पावर बैंक: ठंड के कारण फोन की बैटरी जल्दी खत्म होती है और ऊपर बिजली की सीमित सुविधा होती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
वैली ऑफ फ्लावर्स सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के उस रूप का साक्षात अनुभव है जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। बादलों के बीच से छनकर आती धूप जब रंग-बिरंगे फूलों पर पड़ती है, तो वह नजारा जिंदगी भर के लिए आंखों में बस जाता है।
अगर आप प्रकृति की इस अनमोल धरोहर को देखना चाहते हैं, तो जुलाई या अगस्त के महीने के लिए अपनी टिकटें आज ही बुक करें। हिमालय की यह जादुई घाटी आपका इंतजार कर रही है!
READ MORE
उत्तराखंड की पारंपरिक पोशाक : संस्कृति और विरासत का प्रतीक…
Bhootnath Temple Rishikesh : जानिये इतिहास, रहस्य और आध्यात्मिक महत्व..
Kedarkantha Trek 2026 : बर्फीले हिमालय में नौसिखियों से लेकर अनुभवी ट्रेकर्स तक का सपना
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. क्या वैली ऑफ फ्लावर्स बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित है?
हाँ, यह ट्रेक मध्यम स्तर का है। लेकिन बुजुर्गों और बच्चों के लिए गोविंदघाट से घांघरिया तक पालकी या कूरियर (कंडी) की सुविधा ली जा सकती है। मुख्य घाटी में पैदल ही चलना होता है।
2. क्या घाटी में मोबाइल नेटवर्क काम करता है?
घांघरिया बेस कैंप और वैली ऑफ फ्लावर्स के अंदर मोबाइल नेटवर्क (विशेषकर इंटरनेट) बहुत कमजोर या न के बराबर होता है। गोविंदघाट तक बीएसएनएल (BSNL) और जियो (Jio) के नेटवर्क मिल जाते हैं।
3. क्या हम फूलों की घाटी में टेंट लगाकर रात को रुक सकते हैं?
नहीं, जैव-विविधता और वन्यजीवों की सुरक्षा के कारण वैली ऑफ फ्लावर्स नेशनल पार्क के अंदर रात में रुकने या कैंपिंग करने की सख्त मनाही है। आपको शाम होने से पहले घांघरिया वापस आना ही होगा।
Uttarakhand
चमोली में Niti Extreme Ultra Run का भव्य आगाज , कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने दिखाई हरी झंडी..

नीति घाटी में ‘Niti Extreme Ultra Run’ का भव्य आगाज, देशभर से पहुंचे 933 प्रतिभागी
चमोली। चमोली जनपद की सुरम्य एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नीति घाटी में रविवार को ‘Niti Extreme Ultra Run’ का भव्य शुभारंभ हुआ। पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय सेना एवं आईटीबीपी (ITBP) के सहयोग से आयोजित इस अनूठे आयोजन में देश के 28 राज्यों से आए 933 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं।
तीन दिवसीय इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना, स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाना तथा युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
कैबिनेट मंत्री ने दिखाई हरी झंडी
कार्यक्रम का शुभारंभ काबीना मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी ने फ्लैग ऑफ कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा:
“राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास और पर्यटन संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘फिट इंडिया’ मुहिम को सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बना है।”
उन्होंने आगे जोड़ा कि सीमांत गांवों में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और द्वितीय रक्षा पंक्ति के गांव और अधिक मजबूत होंगे।
प्रतियोगिता का पूरा शेड्यूल और विवरण
जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का आयोजन 31 मई से 2 जून तक किया जाएगा। प्रतियोगिता को विभिन्न श्रेणियों में बांटा गया है:
| तिथि | प्रतियोगिता श्रेणी | दूरी / मार्ग | प्रतिभागियों की संख्या |
| 31 मई (पहला दिन) | अल्ट्रा रन प्रतियोगिता | 75 किमी (रिमखिम-नीति-मलारी) | 117 |
| 31 मई (पहला दिन) | अल्ट्रा रन प्रतियोगिता | 42 किमी (मलारी-नीति-मलारी) | 118 |
| आगामी दिन | हाफ मैराथन स्पर्धाएं | 5, 10 एवं 21 किलोमीटर | गतिमान |
| समापन अवसर | MTB चैलेंज प्रतियोगिता | 30 किमी (गमसाली से मलारी) | निर्धारित |
सांस्कृतिक संध्या में झूमे लोग
इससे पूर्व शनिवार रात्रि को मलारी गांव में पर्यटन विभाग द्वारा एक भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। प्रसिद्ध लोकगायक किशन महिपाल ने अपने लोकप्रिय उत्तराखंडी गीतों की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में देश-विदेश से आए प्रतिभागियों और स्थानीय ग्रामीणों ने देर रात तक उत्साहपूर्वक झूमते हुए सहभागिता की।

ये वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस ऐतिहासिक आयोजन के अवसर पर:
- माननीय अतिथि: दर्जा राज्य मंत्री हरक सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, बीकेटीसी (BKTC) उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल।
- प्रशासनिक अधिकारी: गृह सचिव शैलेश बगोली, सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी।
- अन्य: महामंत्री अरुण मैठाणी, विनोद कनवासी सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी, भारतीय सेना एवं आईटीबीपी के अधिकारी-जवान, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
Breakingnews
चमोली में शनिवार तड़के दर्दनाक सड़क हादसा, खाई में गिरी कार, तीन लोगों की मौत, तीन घायल

Chamoli Accident : चमोली में शनिवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। ल्वाणी के पास एक कार हादसे का शिकार हो गई। जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई।
Table of Contents
चमोली में दर्दनाक सड़क हादसा, खाई में गिरी कार
उत्तराखंड के चमोली जिले के देवाल ब्लॉक में शनिवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। देवाल क्षेत्र के ल्वाणी गांव के पास एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे में तीन लोगों की मौत, तीन घायल
मिली जानकारी के अनुसार, ये दुर्घटना शनिवार सुबह करीब 3:30 बजे हुई। कार में सवार सभी लोग देहरादून से देवाल के वाक गांव की ओर जा रहे थे। इसी दौरान ल्वाणी गांव के पास वाहन चालक का नियंत्रण कार से हट गया और वाहन खाई में जा गिरा। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई।

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, डीडीआरएफ (DDRF) की टीम और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे। राहत और बचाव अभियान चलाकर घायलों को खाई से बाहर निकाला गया और उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
वाहन के अनियंत्रित होने से हुआ हादसा
प्रशासन द्वारा मृतकों और घायलों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वाहन के अनियंत्रित होने से ये हादसा हुआ।
स्थानीय लोगों ने बताया कि क्षेत्र की सड़कें कई स्थानों पर संकरी और जोखिमभरी हैं, जिसके कारण अक्सर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। प्रशासन ने लोगों से पहाड़ी मार्गों पर सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की अपील की है।
Cricket20 hours agoWOR vs GLA Dream11 Team Match 43 T20 Blast 2026 : फैंटेसी क्रिकेट टिप्स, प्लेइंग XI और पिच रिपोर्ट
big news24 hours agoRahul Gandhi Uttarakhand Visit Live : खराब मौसम के कारण अल्मोड़ा नहीं पहुंच सके राहुल गांधी, फोन से कर रहे जनसभा को संबोधित
Champawat23 hours ago34 यात्रियों की जान बचाकर अमर हो गया जांबाज चालक, मुख्यमंत्री ने पुत्र से की बात, डीएम पहुंचे गांव
Tehri Garhwal21 hours agoटिहरी पहुंचे मुख्य सचिव और सचिव पंकज पांडेय, बजरंग सेतु व हिलान्स हिमालयन भोजनालय का किया निरीक्षण
big news1 hour agoउत्तराखंड में इबोला वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों को जारी हुई एडवाइजरी
Uttarakhand19 hours agoदयारा बुग्याल से लापता महिला ट्रैकर की तलाश जारी, वन विभाग ने दयारा ट्रेकिंग पर लगाई रोक
Breakingnews2 hours agoRBI Monetary Policy June 2026: अनिश्चित वैश्विक माहौल के बीच रेपो रेट 5.25% पर स्थिर; विकास दर का अनुमान घटाकर 6.6% किया गया..
Breakingnews2 hours agoTeam India New T20 Captain 2026 : BCCI ने श्रेयस अय्यर को सौपी टीम इंडिया की कमान..






































