Uttarakhand
सड़क कम्पनी की लापरवाही: सड़क चौड़ीकरण से धसने लगा गांव, सीएम पोर्टल पर की शिकायत नही हो पाई कार्यवाई।

उत्तरकाशी – जनपद उत्तरकाशी बृहमखाल क्षेत्र मे रानी कंन्टरक्सन कम्पनी की बडी लापरवाही सामने आ रही है। कम्पनी द्वारा यमनोत्री राष्टीय राजमार्ग पर कार्य किया जा रहा है, ऐसे में कम्पनी द्वारा सडक कटिंग के दौरान पनोथ गांव का मेन रास्ता ही हटा दिया गया है जिसके चलते गांव के मकान धसने शुरू हो गये है। गाँव धसने के कारण लोग पलायान करने को मजबूर हो रहे है, लेकिन सरकार इनकी सुध नही ले रही है।

हालात यह हो चुके है की जनपद उत्तरकाशी के पनोथ गांव के निवासियों को तिरपाल से मकानों को ढकना पड़ रहा है ताकि बारिश का पानी इनके मकानों के अंदर न धुसे इस वजय से गाँव वाले तिरपाल का सहारा लेने को मजबूर हो रहे है ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योकि सडक कटिंग के दौरान कार्यदाई संस्था ने इस गांव को मजबूती देने वाली पहाडी को काट दिया है जिस कारण यहां के मकान धंस रहे है अगर थोडी सी भी बारिश होती है तो यहा बडी बडी दरारे पड जाती है।

वीओ- दो साल पहले यहां रानी कंन्टरक्सन कम्पनी ने कार्य सुरू किया था पर कम्पनी की लापरवाही से अब यह गांव उजडने की कगार पर है ग्रामीणो का आरोप है कि जनपद के अधिकारियों को कई बार लिखित रूप से अवगत कराया गया इसके बाबजूद भी यहां पर कोई बचाव कार्य नही हुए है जिसके बाद सीएम हेल्पलाईन पोर्टल पर भी मामला दर्ज किया गया पर समस्य का समाधान नही हो पा रहा है। वर्तमान मे कही मकान टूटने की कगार पर है बच्चो को स्कूल भेजने मे अभिभावक डर रहे है क्योकि स्कूल का रास्ता भी टूट चुका है। कई बच्चे चोटिल हो चुके है। अब सवाल यह उठता की ऐसे मे अगर कोई बडी दुर्घटना हो जाती है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।
Dehradun
चारधाम यात्रा रूट पर 24 घंटे तैनात रहेगी डॉक्टरों की टीम, प्रवेश बिंदुओं पर होगी स्क्रीनिंग

Char Dham Yatra 2026 : 19 अप्रैल से प्रारंभ हो रही चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियों में जुटा हुआ है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए यात्रा मार्गों तथा ट्रांजिट कैंपों में चिकित्सा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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चारधाम यात्रा रूट पर 24 घंटे तैनात रहेगी डॉक्टरों की टीम
स्वास्थ्य विभाग द्वारा चारधाम यात्रा रूट पर लगभग 1350 डॉक्टरों Qj पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती हेतु विस्तृत रोस्टर तैयार किया गया है। ये टीमें विभिन्न पड़ावों, कैंपों और प्रमुख स्थलों पर 24 घंटे सेवाएं प्रदान करेंगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जा सके। सभी चिकित्सा कर्मियों को संबंधित जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के अधीन रखा गया है।
यात्रा के प्रवेश बिंदुओं पर होगी स्क्रीनिंग
यात्रा के प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर स्क्रीनिंग एवं मेडिकल चेकअप की सख्त व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही यात्रा मार्गों पर आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी एडवाइजरी भी प्रदर्शित की जाएगी। ताकि श्रद्धालु यात्रा के दौरान सतर्क एवं सुरक्षित रह सकें।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी की जाएगी तैनाती
महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तराखंड, डॉ. सुनीता टम्टा ने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के लिए सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों से विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती भी की जाएगी। इसके अतिरिक्त, यात्रा मार्गों पर 25 मेडिकल रिलीफ पोस्ट (एमआरपी) स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का त्वरित लाभ सुनिश्चित किया जा सके।
मेडिकल कॉलेजों में दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण
यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सकों को जनपद स्तर व राजधानी स्थित मेडिकल कॉलेजों में विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों को उच्च हिमालयी क्षेत्रों में उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सक्षम बनाना है।
प्रशिक्षण के दौरान सांस लेने में कठिनाई, अत्यधिक थकान, रक्तचाप असंतुलन और हृदय संबंधी समस्याओं के त्वरित उपचार की विशेष जानकारी दी जा रही है। साथ ही, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया देने का अभ्यास भी कराया जा रहा है।
Rishikesh
अच्छी खबर : ऋषिकेश में अब जाम के झाम से मिलेगी मुक्ति, ऋषिकेश बाईपास 4-लेन को मिली मंजूरी

Rishikesh News : ऋषिकेश में जल्द ही जाम के झाम से राहत मिलने वाली है। ऋषिकेश बाईपास के 4-लेन निर्माण कार्य को भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से स्वीकृति मिल गई है।
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ऋषिकेश में अब जाम के झाम से मिलेगी मुक्ति
ऋषिकेश में अब जाम के झाम से लोगों को छुटकारा मिलने जा रहा है। केंद्र से ऋषिकेश बाईपास 4-लेन को मंजूरी मिल गई है। मंत्रालय द्वारा इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए ₹1105.79 करोड़ की तकनीकी, प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।
भट्टोवाला और ढालवाला गांवों से गुजरेगा बाईपास
बता दें कि ये बहुप्रतीक्षित परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-7 पर टीनपानी फ्लाईओवर (किमी 529.750) से लेकर खरासोटे पुल (किमी 542.420) तक विकसित की जाएगी। लगभग 12.670 किलोमीटर लंबा ये बाईपास भट्टोवाला और ढालवाला गांवों से होकर गुजरेगा और इसे EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन) मोड पर क्रियान्वित किया जाएगा।
सरकार सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रयासरत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस स्वीकृति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश बाईपास परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा, जाम की समस्या से राहत मिलेगी और स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ चारधाम यात्रा एवं पर्यटन गतिविधियों को भी बड़ी सुविधा प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, “ ये परियोजना उत्तराखंड के समग्र विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारी सरकार राज्य के दूरस्थ और शहरी क्षेत्रों को मजबूत सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।”
केंद्र ने 1105.79 करोड़ रुपए की दी स्वीकृति
मंत्रालय के अनुसार, इस परियोजना के लिए प्रारंभिक अनुमान ₹1151.18 करोड़ था, जिसे संशोधित कर ₹1139.40 करोड़ किया गया और अंततः ₹1105.79 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना को तीन वर्षों की समयावधि में पूरा किया जाएगा और कार्य में किसी प्रकार की लागत या समय वृद्धि स्वीकार नहीं की जाएगी।
निविदाएं ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के माध्यम से आमंत्रित की जाएंगी तथा सभी कार्य निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप किए जाएंगे। इस परियोजना के लिए व्यय वित्त वर्ष 2025-26 में भारत सरकार के बजट प्रावधान (GBS) के अंतर्गत किया जाएगा। देहरादून स्थित क्षेत्रीय अधिकारी को इस कार्य के लिए ड्रॉइंग एवं डिस्बर्सिंग ऑफिसर (DDO) नामित किया गया है।
big news
राहत की खबर : बिजली बिल पर बड़ा फैसला, उत्तराखंड में नहीं बढ़ेंगें बिजली के दाम

Uttarakhand News : उत्तराखंड के लोगों के राहत भरी खबर सामने आ रही है धामी सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए बिजली की दरों में कोई इजाफा नहीं किया है।
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उत्तराखंड में नहीं बढ़ेंगें बिजली के दाम
चुनावी साल में धामी सरकार ने लोगों को राहत दी है। सरकार ने ना केवल बिजली के दाम नहीं बढ़ाए हैं उल्टा कई सेक्टर में राहत भी दी गई है। उत्तराखंड के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) ने वित्तीय वर्ष के लिए बिजली की नई दरों का ऐलान कर दिया है, जिसमें आम जनता की जेब पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं डाला गया है।
नियामक आयोग ने खारिज किया बढ़ोतरी प्रस्ताव
उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने परिचालन खर्चों और राजस्व घाटे की भरपाई के लिए बिजली दरों में 17% की भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव नियामक आयोग के सामने रखा था। हालांकि, आयोग ने जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है।

उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए बड़ा बदलाव
बता दें कि इस बार के टैरिफ ऑर्डर में एक महत्वपूर्ण बदलाव उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए किया गया है। प्रदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों— IIT रुड़की और जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के लिए अब अलग से ‘एजुकेशन टैरिफ’ लागू किया गया है। Uerc के अध्यक्ष एम एल प्रसाद ने बताया कि इंडस्ट्रियल में यूपीसीएल राहत देने के अलावा ग्रामीण, घरेलू, इंडस्ट्रियल, कमर्शियल, एसटीएसटी और आरटीएस 2 में कोई वृद्धि नहीं की गई है।
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