Politics
राहुल गाँधी रायबरेली से लड़ेगे चुनाव, नामांकन के लिए पहुंचे।

लखनऊ – कांग्रेस ने काफी विचार-विमर्श के बाद आखिरकार रायबरेली और अमेठी सीट पर अपने उम्मीदवारों के नामों का एलान कर दिया है। रायबरेली से राहुल गांधी चुनाव लड़ेंगे, वहीं अमेठी से पार्टी ने किशोरी लाल शर्मा को टिकट दिया है। पहले चर्चाएं थी कि अमेठी से राहुल गांधी और रायबरेली से प्रियंका गांधी चुनाव लड़ सकती हैं। हालांकि सभी को चौंकाते हुए पार्टी ने रायबरेली से राहुल गांधी का नाम तय किया है।

रायबरेली लोकसभा सीट से नामांकन के लिए राहुल गांधी के साथ कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, रॉबर्ट वाड्रा, कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल, राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत अमेठी के फुरसतगंज हवाईअड्डे पर पहुंचे।
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धामी कैबिनेट की बैठक हुई समाप्त, चकबंदी को लेकर मंत्रिमंडल ने लिया बड़ा फैसला, एक क्लिक में पढ़ें सारे फैसले

Dhami Cabinet Decisions : सीएम धामी की अध्यक्षता में देहरादून सचिवालय में हुई कैबिनेट की बैठक समाप्त हो गई है। आज हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्तावों पर कैबिनेट की मुहर लगी है। बैठक में चकबंदी को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है।
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धामी कैबिनेट की बैठक हुई समाप्त
बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजितमंत्रिमंडल की बैठक में, राज्य में ऊर्जा और ईंधन बचत के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसके साथ ही बैठक में प्रदेश में चकबंदी को लेकर फैसला लिया गया है। उत्तराखंड में पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी होगी। इसके लिए हर जिले में 10 गांवों का लक्ष्य रखा है। ये पूरी तरीके से डिजीटल होगी।
धामी कैबिनेट की बैठक में लिए गए कई बड़े फैसले
- 1. मेडिकल कॉलेजों में समिति द्वारा तीन वर्ष के लिए संविदा पर नियुक्तियां की जाती थीं, अब यह व्यवस्था सचिव स्तर पर संचालित होगी।
2. चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के ढांचे में पुनर्गठन किया जाएगा। पदों की संख्या 29 से बढ़ाकर 40 कर दी गई है।
3. राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में वर्ष 2009 से कार्यरत 277 कार्मिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ मिलेगा।
4. लैब टेक्नीशियन संवर्ग के ढांचे के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत 266 मेडिकल लैब टेक्निकल ऑफिसर के पद होंगे।
5. महिला स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट के लिए कुल 16 पदों को स्वीकृति प्रदान की गई।
6. लघु जल विद्युत परियोजनाओं की नीति में संशोधन को मंजूरी दी गई है। अब डेवलपर्स के लिए परफॉर्मेंस सिक्योरिटी शून्य रहेगी।
7. उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम के अंतर्गत शैक्षिक नियमावली को भी मंजूरी मिली।
राज्य में ऊर्जा और ईंधन बचत के लिए महत्वपूर्ण निर्णय
सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्तमान हालात में नागरिकों से छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलावों के माध्यम से राष्ट्रीय प्रयासों में सहयोग की अपील की है। जिसका जनसामान्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। इसी क्रम में उत्तराखंड में भी कई अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुधार तत्काल प्रभाव से लागू किए जा रहे हैं।
- वर्क फ्रॉम होम – सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को बढावा दिया जाएगा। निजी क्षेत्रों में भी वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही लोगों को सार्वजनिक परिवहन के अधिकतम उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
नो व्हीकल डे – मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगणों के वाहन फ्लीट में वाहनों की संख्या आधी की जाएगी। सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे घोषित किया जाएगा।वर्क फ्रॉम होम के तहत घर से ही कार्य करेंगे। जन सामान्य को भी सप्ताह में एक दिन “No Vehicle Day” के लिए प्रेरित किया जाएगा। सरकारी एवं निजी भवनों में AC के प्रयोग को सीमित करने के प्रयास किए जाएंगे।
एक अधिकारी, एक वाहन – परिवहन विभाग को सार्वजनिक बसों की सेवा और क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग हेतु प्रेरित किया जाएगा। जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक विभाग हैं, उनके द्वारा एक दिन में अधिकतम एक वाहन का इस्तेमाल किया जाएगा।

ईवी पॉलिसी – इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए जल्द ही प्रभावी ईवी पॉलिसी लाई जाएगी, नए सरकारी वाहनों के क्रय में 50 प्रतिशत अनिवार्य तौर पर EV होंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए चार्जिंग स्टेशन / नेटवर्क का प्राथमिकता के आधार पर विस्तार किया जाएगा।
सरकारी विदेशी यात्राओं को किया जाएगा सीमित
सरकारी विदेशी यात्राओं को सीमित किया जाएगा। “Visit My State अभियान के माध्यम से घरेलू पर्यटन को बढावा दिया जाएगा। राज्य में विरासत, धार्मिक, वेलनेस, ग्रामीण और इको-टूरिज्म सर्किटों के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। राज्य में Destination Weddings को प्रोत्साहन और Single Window Clearance की व्यवस्था की जाएगी। उत्तराखंड इस दिशा में पहले ही पहल कर चुका है। प्रवासी भारतीयों को उत्तराखंड में छुट्टियां बिताने हेतु प्रेरित किया जाएगा।
राजस्व परिषद समीक्षा अधिकारी सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी। कंप्यूटर का ज्ञान के बजाय 8000 की टाइपिंग स्पीड, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, विंडोज का भी ज्ञान जरूरी सगंध पौध केंद्र का नाम परफ़्यूमरी अनुसंधान संस्थान होगा।
big news
तेल बचाने के लिए स्कूटी चलाकर फंस गए मंत्री जी, इंश्योरेंस और PUC दोनों निकले एक्सपायर, अब हो रहे ट्रोल …

Dehradun News : पीएम मोदी के आह्वान के बाद कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी स्कूटी से अपने कैंप कार्यालय पहुंचे थे। इस से वो पेट्रोल बचत का संदेश देना चाहते थे। लेकिन हुआ कुछ ऐसा कि अब प्रदेश ही नहीं देशभर में उनकी चर्चाएं हो रही हैं।
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तेल बचाने के लिए स्कूटी चलाकर फंस गए मंत्री जी !
पेट्रोल बचाने और ईंधन संरक्षण का संदेश देने के लिए कृषि मंत्री गणेश जोशी ने गढ़ी कैंट में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद सरकारी वाहन का इस्तेमाल नहीं किया और स्कूटी से अपने आवास रवाना हुए। हालांकि, उनकी यह पहल दूसरे कारणों से चर्चा में आ गई।
इंश्योरेंस और PUC दोनों निकले एक्सपायर
जिस स्कूटी पर मंत्री सवार थे, उसका इंश्योरेंस और प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) एक्सपायर पाया गया। इतना ही नहीं, स्कूटी के पीछे उनका सरकारी वाहन भी चलता नजर आया। मामला सामने आते ही सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल होने लगे, जिसके बाद मंत्री को ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है।

पूरे मामले को लेकर सामने आई मंत्री जी की सफाई
मामले में मंत्री गणेश जोशी ने सफाई भी दी है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने पेट्रोलियम पदार्थों की बचत की अपील की थी। इसके साथ ही सीएम धामी ने भी यही बात दोहराई। जिसके बाद उन्होंने कार्यक्रम के बाद ही अपने स्टाफ की स्कूटी से घर जाने का फैसला किया। ताकि लोगों तक पेट्रोल बचत का संदेश जा सके।
मंत्री ने एसएसपी से किया जुर्माना लगाने का अनुरोध
लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि जिस स्कूटी से वो घर पहुंचे उसका इंश्योरेंस और प्रदूषण की अवधि दोनों ही समाप्त हो चुके थे। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा एसएसपी को पत्र दिया गया है जिसमें स्टाफ की स्कूटी के कारण जो भी नियम टूटे हैं उन पर जुर्माना लगाने के लिए अनुरोध किया गया है।

छोटी दूरी तय करने के लिए दोपहिया वाहन का करेंगे इस्तेमाल
इसके साथ ही मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि भविष्य में भी वो छोटी दूरी तय करने के लिए दोपहिया वाहन का उपयोग जारी रखेंगे। उन्होंने बताया कि लंबी यात्राओं के लिए चारपहिया वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा। लेकिन काफिले में शामिल वाहनों की संख्या कम रखने की कोशिश की जाएगी।
National
कौन हैं विजय थलापति ?, 6 दशकों का DMK व AIADMK के तिलिस्म को तोड़कर बने सीएम, जानें कैसे अभिनेता से बन गए नेता..

Vijay Thalapathy Biography : दक्षिण भारतीय फिल्म स्टार Thalapathy Vijay इन दिनों तमिलनाडु की राजनीति में लगातार चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। फिल्मों से दूरी बनाकर राजनीति में कदम रखने के बाद से ही उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। राज्य की सियासत में उनकी सक्रियता ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है, वहीं उनके समर्थकों के बीच भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
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कौन हैं विजय थलापति ? (Vijay Thalapathy Biography)
विजय थलापति ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। यूं तो चुनाव जीतने के बाद से ही हर ओर उनके चर्चे हो रहे थे। लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद हर कोई उनके बारे में जानने के लिए उत्सुक (Vijay Thalapathy Biography in hindi) हैं। आज करोड़ों फैंस उन्हें Thalapathy Vijay के नाम से जानते हैं, लेकिन बहुत कम लोग उनका पूरा नाम जानते हैं।
उनका वास्तविक नाम जोसेफ विजय चंद्रशेखर है। उनका जन्म 22 जून 1974 को मद्रास (अब चेन्नई) में हुआ था। विजय का परिवार लंबे समय से फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा रहा है। उनके पिता फिल्म निर्देशक रहे हैं, जबकि उनकी मां एक प्रसिद्ध प्लेबैक सिंगर के तौर पर जानी जाती हैं।

6 दशकों का DMK व AIADMK के तिलिस्म को तोड़कर बने सीएम
तमिलगा वेट्री कझगम (Tamilaga Vettri Kazhagam) के प्रमुख C. Joseph Vijay ने रविवार, 10 मई 2026 को चेन्नई स्थित Jawaharlal Nehru Stadium में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके शपथ ग्रहण के साथ ही राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव की तस्वीर सामने आई है, जहां लंबे समय से चली आ रही डीएमके और एआईएडीएमके की पारंपरिक राजनीतिक पकड़ टूटती नजर आई।
18 साल की उम्र में कर दी थी फिल्मी करियर की शुरुआत
विजय थलापति ने बेहद कम उम्र में अपने अभिनय करियर की शुरुआत कर दी थी। उनकी पहली फिल्म ‘नालैया थीरपू’ थी, जो 1992 में रिलीज हुई थी। फिल्मी परिवार से आने वाले विजय को उनके पिता और फिल्म निर्माता एस. ए. चंद्रशेखर का पूरा समर्थन मिला।

1990 के दशक में उन्होंने कई रोमांटिक फिल्मों में अभिनय कर दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई। इसके बाद फिल्म ‘घिल्ली’ उनके करियर की बड़ी सफल फिल्मों में शामिल हुई, जिसने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया। इसी सफलता के बाद विजय ने लगातार कई हिट फिल्मों में काम किया और दक्षिण भारतीय सिनेमा के बड़े स्टार बनकर उभरे। आज उन्हें साउथ इंडस्ट्री के ‘मास हीरो’ के रूप में भी जाना जाता है।
कैसे विजय थलापति अभिनेता से बन गए नेता ?
Thalapathy Vijay ने साल 2024 में आधिकारिक रूप से राजनीति में कदम रखा। राजनीति में सक्रिय होने के लिए उन्होंने फिल्मी करियर से दूरी बनाने का फैसला भी किया। एक सार्वजनिक संबोधन में विजय ने कहा था कि उन्हें जो पहचान और प्यार मिला है, वह जनता की बदौलत है, और अब वह लोगों की सेवा कर उस विश्वास को लौटाना चाहते हैं।

राजनीति में आने के बाद उन्होंने अपनी पार्टी टीवीके की शुरुआत की। 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 100 से अधिक सीटों पर बढ़त हासिल कर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। इसके बाद मुख्यमंत्री पद के लिए विजय का नाम तेजी से चर्चा में आया। अब सीएम पद की शपथ लेकर उन्होंने इतिहास रच दिया है।
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