Pithauragarh
राष्ट्रीय खेलों में मुक्केबाजों के लिए विशेष व्यवस्था: महाराष्ट्र से मंगाया ज्वालामुखी जल, जानिए इसके फायदे और कीमत !

पिथौरागढ़: हिमालय की गोदी में स्थित पिथौरागढ़ में आयोजित हो रहे राष्ट्रीय खेलों के मुक्केबाजों को सेहतमंद और सशक्त बनाए रखने के लिए एक विशेष व्यवस्था की गई है। इस बार मुक्केबाजों और उनके अधिकारियों को ज्वालामुखी जल पिलाया जाएगा, जो खनिजों और इलेक्ट्रोलाइट्स से समृद्ध है। इस जल को पीकर मुक्केबाजों को सेहतमंद बनाए रखने और रिंग में दमदार प्रदर्शन करने की उम्मीद है।
उत्तराखंड को पहली बार राष्ट्रीय खेलों की मेज़बानी मिल रही है और इसके तहत बॉक्सिंग प्रतियोगिता पिथौरागढ़ के स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित की जा रही है, जो हिमालय के पास और हरे-भरे वातावरण में स्थित है। प्रतियोगिता में 208 खिलाड़ी और 200 से अधिक ऑफिशियल्स शामिल हो रहे हैं। इस आठ दिन की प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों की सेहत और खानपान का विशेष ध्यान रखा जाएगा, जिसके लिए ज्वालामुखी जल की व्यवस्था की गई है।
ज्वालामुखी जल: 250 रुपये में 300 मिली, 800 रुपये में 1 लीटर
मुक्केबाजों को पिलाने के लिए ज्वालामुखी जल की सप्लाई महाराष्ट्र से की गई है। ज्वालामुखी जल की 300 मिली पानी की बोतल की कीमत 250 रुपये है, जबकि एक लीटर बोतल की कीमत 800 रुपये से अधिक है। इसे खिलाड़ियों को प्रोटीन और खनिज से भरपूर जल प्रदान करने के उद्देश्य से मंगाया गया है ताकि उनकी सेहत में कोई कमी न हो और वे मैचों में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
ज्वालामुखी जल की खासियत
ज्वालामुखी जल, जिसे वोल्केनिक वाटर भी कहा जाता है, हजारों फुट की लावा चट्टानों से होकर गुजरता है, जिससे इसमें मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटैशियम और सिलिका जैसे खनिज भरपूर मात्रा में होते हैं। यह पानी प्राकृतिक रूप से क्षारीय होता है और इसकी विशेषता यह है कि यह शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को भी धीमा कर सकता है।
खिलाड़ियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता
थामस कुक कंपनी के मैनेजर विनोद ने बताया कि खिलाड़ियों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ज्वालामुखी जल पिलाने का निर्णय लिया गया है। इस व्यवस्था का विशेष लाभ पिथौरागढ़ में हो रहे राष्ट्रीय खेलों के दौरान ही मिलेगा, जो खिलाड़ियों की कार्यक्षमता और प्रदर्शन को बढ़ावा देगा।
#Boxingplayers, #Volcanicwater, #Maharashtra, #Healthbenefits, #NationalGames
Uttarakhand
बजरी खनन के दौरान पहाड़ी दरकने से युवक की मौत, कड़ी मशक्कत के बाद शव को निकाला गया

Pithoragarh: उत्तराखंड के सीमांत जिला मुख्यालय Pithoragarh के Berinag में एक मजदूर की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि बजरी खनन के दौरान पहाड़ी दरकने से मजदूर की मौत हुई। घटना की खबर मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को मलवे से बाहर निकाला। जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं अचानक हुए हादसे के बाद से परिजनों में कोहराम मच गया है।
Pithoragarh में बजरी खनन के दौरान मजदूर की मौत
दरअसल, शनिवार शाम Pithoragarh की Berinag तहसील मुख्यालय से करीब सात किलोमीटर दूर राईआगर के पास भंडारीगांव पैदल मार्ग पर सुंदर राम (55) पुत्र शेर राम, निवासी बोकाटी पभ्या, पहाड़ी से बजरी निकाल रहा था।इसी दौरान अचानक पहाड़ी का एक हिस्सा भरभरा कर गिर पड़ा और सुंदर राम मलबे में दब गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और परिजनों को सूचना दी।
बड़ी मुश्किल से शव को बाहर निकाला गया
सूचना मिलते ही, बेरीनाग कोतवाली प्रभारी नरेश कुमार गंगवार के नेतृत्व में पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। काफी प्रयासों के बाद मलबे से सुंदर राम को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। वरिष्ठ उप निरीक्षक हरीश कोरंगा और एएसआई शांति प्रकाश ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेरीनाग भेजा। प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।
परिवार के लिए मुआवजे की उठी मांग
मृतक सुंदर राम घोड़ों से सामान ढोकर और मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी अचानक मौत से परिवार गहरे सदमे में है। ग्राम प्रधान पभ्या संजय तिवारी ने सरकार से मृतक मजदूर के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। वहीं, एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
big news
Pithoragarh के देवलथल में लगी भीषण आग, चार घर जलकर हुए खाक

Pithoragarh : सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में सोमवार रात देवलथल तहसील मुख्यालय में भीषण आग लग गई। आग लगने के कारण चार घर और उनमें रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया। घरों के खाक होने के कारण चारों परिवारों के पास अब कुछ भी नहीं बचा है और वो सड़क पर आ गए हैं।
Pithoragarh के देवलथल में चार घर जलकर हुए खाक
मिली जानकारी के मुताबिक पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर देवलथल तहसील के ग्राम पंचायत धुरौली में अचानक एक घर में आग लग गई। जिस से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि सबसे पहले ललित सिंह के घर पर आग लगी। आग इतनी भीषण थी कि उसने धीरे-धीरे गांव के ही गंभीर सिंह, चंदर सिंह और सुरेंद्र सिंह के मकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
घर जलने के कारण सड़क पर आए चार परिवार
आग में घर जलने के कारण चारों परिवारों के सामने सकंट आ गया है। चारों परिवार सड़क पर आ गए हैं। बताया जा रहा है कि सबसे ज्यादा नुकसान ललित सिंह को हुआ है। ललित सिंह के घर में रखा राशन, नकदी, सोने और चांदी के लाखों के गहने जलकर खाक हो गए हैं।
आग लगने के कारणों का नहीं चल सका पता
Pithoragarh के धुरौली गांव के निवासी ललित सिंह के परिवार के सदस्यों के पास अब बदन के कपड़ों के अलावा कुछ भी नहीं है। इस कड़कड़ाती ठंड में उनके पास सिर पर छत भी नहीं बची है। आग से चारों परिवारों को लाखों की क्षति होने का अनुमान है। हालांकि अब तक इस बात का पता नहीं चल सका है कि आग लगी कैसे और कैसे इसने इतना विकराल रूप ले लिया।
Pithauragarh
पिथौरागढ़ तीन भालुओं के हमले में ग्रामीण गंभीर रूप से घायल, एयर एम्बुलेंस से पहुँचाया एसटीएच हल्द्वानी
पिथौरागढ़: उत्तराखंड में लगातार बढ़ता जा रहा है मानव वन्यजीव संघर्ष, धारचूला के जयकोट में तीन भालुओं ने एक युवक को बुरी तरीके से घायल कर दिया। घायल युवक को एयर एम्बुलेंस की मदद से हल्द्वानी एसटीएच पहुंचाया गया। युवक की हालत गंभीर है और उसे आईसीयू में रखा गया है। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई है।
जयकोट में तीन भालुओं का हमला, युवक की हालत गंभीर
जानकारी के अनुसार, 35 वर्षीय नरेंद्र सिंह निवासी जयकोट किसी काम से पैदल रूंग गांव जा रहे थे। लंकारी तोक के पास अचानक से तीन भालुओं ने उन पर हमला कर दिया। सड़क किनारे काम कर रहे मजदूरों ने शोर सुनकर मौके पर पहुंचकर किसी तरह भालुओं को भगा कर नरेंद्र को छुड़ाया। उसके बाद तुरंत घायल को अस्पताल पहुँचाया गया।
एयर एम्बुलेंस की मदद से पहुँचाया गया घायल को अस्पताल
घायल की हालत को गंभीर होते देख परिजनों ने एयर एम्बुलेंस की मांग की। जिसके बाद एयर एम्बुलेंस की मदद से घायल को हल्द्वानी ले जाया जा सका। जहाँ पर उसे एसटीएच में एडमिट कर ICU में रखा गया है। ग्रामीणों के मुताबिक नरेंद्र के सिर, हाथ में गहरी चोटें आई हैं। पिथौरागढ़ के कई क्षेत्रों में भालू और गुलदार की बढ़ती गतिविधि गंभीर चिंता का विषय बन गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने और प्रभावित परिवारों को उचित सहायता प्रदान करने की मांग की है।
Breakingnews8 hours agoआम बजट 2026-27 पेश करेंगी निर्मला सीतारामण, PM मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट से मंजूरी
Breakingnews7 hours agoचमोली के खैनुरी गाँव में नवजात शिशु का शव मिला जंगल में, नहीं हो पाई शिनाख्त
Uttarakhand2 hours agoदेहरादून: गणेश गोदियाल ने आम बजट को बताया दिशाहीन, कहा उत्तराखंड के हाथ फिर लगी निराशा
Breakingnews2 hours agoउत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह ने Sharp Memorial School के बच्चों के साथ मनाया जन्मदिन
National4 hours agoसंसद में पेश हुआ आम बजट 2026-27, जानिए किसके हिस्से क्या आया….
Uttarakhand39 minutes agoउत्तरायणी कौथिक महोत्सव 2026 की तैयारी शुरू, गीता धामी ने किया पूजन
Uttarakhand14 minutes agoउत्तरायणी कौथिक महोत्सव–2026: 5 से 8 फरवरी तक देहरादून में आयोजित होगा महोत्सव












































