Crime
बोर नदी में खनन को लेकर दो पक्षों में अपने वर्चस्व को लेकर चली गोलिया, आधा दर्जन लोग हुए घायल…कार्रवाई में जुटी पुलिस।

उधमसिंह नगर – उधम सिंह नगर जनपद में फायरिंग के मामले दिन प्रति दिन बढ़ते ही जा रहें हैं जिसका नतीजा है कि खनन को लेकर वर्चस्व की लड़ाई में एक और फयरिंग हुई है। आये दिन गोली कांड होना मानो आम बात हो गया है। ऐसा ही एक फायरिंग का मामला सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। यह वीडियो जनपद के केलाखेड़ा का है, जहां खनन को लेकर ट्रैक्टर ट्राली रोककर कहासुनी के बाद दोनों पक्षों में ताबड़तोड़ फायरिंग हो गई। इस फायरिंग के मामले में दोनों पक्षों के लगभग आधा दर्जन लोगो को गोली लगने की सुचना है। उन्हें उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। वहीं अगर बात की जाए पुलिस की तो पुलिस की कार्य प्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।

आपको बता दें ऊधम सिंह नगर जनपद के थाना केलाखेड़ा स्थित बोर नदी है, जहाँ खनन को लेकर दो पक्षों में अपने अपने वर्चस्व को लेकर कहा सुनी चल रही थी जिसको लेकर इसी के चलते गांव के पास खनन में लिप्त ट्रैक्टर ट्रॉली रोककर कहा सुनी हो गई और देखते ही देखते दोनों पक्षों में फायरिंग हो गई। इस फायरिंग में दोनों पक्षो के लगभग आधा दर्जन लोग घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिये गम्भीरवस्था में हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया है।

लगभग एक माह पूर्व काशीपुर में खनन के लेकर फायरिंग में कई लोग घायल हो गए थे इसके बाद सुल्तानपुर पट्टी में भी खनन को लेकर कई लोग घायल हो गए थे। लगातार फायरिंग से उधम सिंह नगर देहल उठा है। जिसकी लाइव वीडियो मौजूद लोगो ने बना ली और सोशल मीडिया पर वायरल कर दी जोकि अब ये वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है।

एसएसपी उधम सिंह नगर डॉ मंजुनाथ टीसी ने बताया की केलाखेड़ा थाने में पुरानी रंजिश के चलते मिट्टी खनन की ट्रेक्टर ट्राली को लेकर दोनों पक्ष आपस में भीड़ गए जिसमें दोनों पक्ष के लोगो में फायरिंग हुई जहां लगभग आधा दर्जन लोग घायल हो गए हैं। पुलिस फायरिंग और अन्य चीजों को लेकर अपनी कार्यवाही में जुट चुकी है दोनों तरफ से तेहरीर आने पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
Crime
DEHRADUN : घर से भगाकर किशोरी को सहारनपुर ले गया आरोपी, दुष्कर्म के आरोप में मुकदमा दर्ज

DEHRADUN NEWS; पिता की दुकान से हुई थी दोनों की पहचान, बहला-फुसला कर सहारनपुर ले जाकर दुष्कर्म का आरोप
मुख्य बिंदु : DEHRADUN NEWS
DEHRADUN NEWS : नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र में एक नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर घर से भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने का गंभीर मामला सामने आया है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को अजबपुर फ्लाईओवर के नीचे से पकड़ा गया, जबकि किशोरी को भी सुरक्षित बरामद कर लिया गया है।
पड़ोस से शुरू हुई पहचान, इंस्टाग्राम पर हुई बात
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी की उम्र 19 वर्ष है और उसके पिता इलाके में वैध (डॉक्टर ) के रूप में कार्य करते हैं। आरोपी भी अक्सर अपने पिता की दुकान पर बैठता था। इसी दौरान उसकी पहचान पास में रहने वाली 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई।
आईएसबीटी से सहारनपुर तक ले जाने का आरोप
आरोप है कि आरोपी ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर किशोरी को उसके घर के पास से बुलाया और उसे देहरादून आईएसबीटी ले गया। इसके बाद आरोपी किशोरी को बस में बैठाकर सहारनपुर ले गया। पुलिस के अनुसार आरोपी का दोस्त ही दोनों को आईएसबीटी तक छोड़ने गया था और बस में बैठाने में मदद की थी।
सहारनपुर ले जा कर दुष्कर्म करने का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी और किशोरी के बीच इंस्टाग्राम पर बातचीत होती थी। जब इस बात की जानकारी किशोरी की मां को हुई तो उन्होंने बेटी को डांटा, जिसके बाद ऑनलाइन बातचीत बंद हो गई। पीड़िता के चाचा का कहना है कि इसके बाद आरोपी ने किशोरी को मिलने के लिए घर से बाहर बुलाया और उसे अपने साथ ले गया। किशोरी ने लौटने के बाद बताया कि वो घर जाना चाहती थी, लेकिन आरोपी उसे सहारनपुर ले गया।
POCSO ACT में मुकदमा दर्ज, आरोपी न्यायिक हिरासत में
थाना नेहरू कॉलोनी प्रभारी संजीत कुमार ने बताया कि 21 दिसंबर को परिजनों की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ POCSO ACT के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस टीम ने किशोरी को आरोपी के साथ अजबपुर फ्लाईओवर के नीचे से बरामद किया। जांच में ये भी सामने आया है कि आरोपी ने किशोरी को बहला-फुसलाकर सहारनपुर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
Crime
रिटायर्ड अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट कर लाखों की ठगी, आरोपी जयपुर से गिरफ्तार

नैनीताल: उत्तराखंड में STF लगातार एक्शन मोड़ पर है। एसटीएफ ने एक रिटायर्ड अधिकारी से Digital Arrest का हवाला देकर 20 लाख रुपए की साइबर ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। साइबर ठगों ने तीन दिनों तक 80 वर्षीय बुजुर्ग को Digital Arrest रख कर धोखाधड़ी की। साइबर ठगों ने खुद को दिल्ली क्राईम ब्रांच और सीबीआई अधिकारी बताकर उनके आधार कार्ड से खोले गए एक बैंक खाते से करोड़ों रुपए का लेनदेन के बारे में बताया।
बुजुर्ग को Digital Arrest रखकर ठगे लाखों रूपए
दरअसल, नैनीताल निवासी बुजुर्ग ने दिसंबर 2025 में साइबर थाना कुमाऊं परिक्षेत्र, रुद्रपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। कि कुछ दिनों पहले साइबर ठगों ने फोन और व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए यह झूठा दावा किया कि उनके आधार कार्ड का दुरुपयोग हुआ है और उनके नाम पर खुले एक बैंक खाते में करोड़ों रुपये का money laundering लेनदेन हुआ है। जांच के नाम पर बुजुर्ग को तीन दिनों तक व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर निगरानी में रखकर अलग-अलग खातों में कुल 20 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए।
पुलिस को चकमा देने के लिए बदलता रहा ठिकाने
शिकायत मिलने के बाद, STF और Cyber police टीम ने संबंधित बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का गहन सत्यापन किया। जांच में 19 वर्षीय महीम सिसौदिया, निवासी जयपुर, राजस्थान को चिन्हित किया गया। साइबर एएसपी कुश मिश्रा ने बताया कि आरोपी बेहद शातिर था और पुलिस से बचने के लिए लगातार अपनी पहचान और लोकेशन बदल रहा था। रकम निकालने के बाद आरोपी ने बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबर को स्विच ऑफ कर दिया था।
कई राज्यों में दर्ज हैं साइबर ठगी की शिकायतें
पुलिस ने जयपुर में उसके पते पर पहुंची लेकिन आरोपी वहाँ नहीं मिला। इसके बाद स्थानीय लोगों से पूछताछ के बाद नए पते पर दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। जांच में ये भी पाया गया कि दिसंबर महीने में ही खाते से लाखों रुपये का लेनदेन हुआ था। आरोपी के खिलाफ कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, पंजाब और उत्तर प्रदेश समेत अलग-अलग राज्यों में टोटल 7 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं, जिनके संबंध में संबंधित राज्यों से संपर्क किया जा रहा है।
Uttarakhand
बेटा निकला पिता की हत्या का मास्टरमाइंड, 30 लाख और स्कार्पियो में दी सुपारी

हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार से रिश्ते को शर्मशार करने वाली एक घटना सामने आयी है। जहाँ एक युवक ने अपने ही पिता की हत्या कर दी। आरोपी पहले मनगढ़ंत कहानी से पुलिस को गुमराह कर रहा था। सख्ती से पूछताछ करने पर जुर्म कबूल किया। पिता की करोड़ों की सम्पति के लालच में आरोपी बेटे ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
सम्पति के लालच में बेटे ने करवाई पिता की हत्या
दरअसल, 29 नवंबर की देर रात पुलिस कण्ट्रोल रूम को मृतक भगवान् सिंह के बेटे यशपाल ने एक सूचना दी थी। जिसमें उसने एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा पिता की गोली मरकर हत्या करने की बात कही थी। उसने बताया कि, वो अपने पिता के साथ रोशनाबाद शादी में जा रहा था। जटवाड़ा पुल के करीब एक व्यक्ति ने लिफ्ट मांगी और कार में बैठते ही पिता को गोली मारकर मौके से फरार हो गया। सम्बंधित मामले की जाँच बहादराबाद थाना, रानीपुर कोतवाली और सीआईयू की संयुक्त टीमें कर रहीं थी।
सख्ती से पूछताछ के बाद कबूला जुर्म
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि जब पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर यशपाल से पूछताछ की तो वह अपने ही बयान बदलने लगा। शादी में किस दोस्त के यहां जाना था, इस पर भी वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। यहीं से शक की सुई बेटे की ओर घूम गई। जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो बेटे के जवाब लगातार उलझते गए। आखिरकार वो टूट गया और उसने पिता की हत्या करवाने का जुर्म स्वीकार किया। उसने पुलिस को बतया कि पिता की हत्या उसी ने दोनों दोस्तों के साथ मिलकर करवाई है।
सम्पति के लालच में करवाई पिता की हत्या
पुलिस के अनुसार मृतक भगवान सिंह एयरफोर्स से सेवानिवृत थे। उनके पास करोड़ों की सम्पति थी, बेटे की गलत संगत और आदतों के चलते दोनों के बीच हमेशा विवाद की स्थिति बनी रहती थी। आरोपी यशपाल ने पिता पर कई बार संपत्ति अपने नाम कराने को लेकर दबाव बनाया था, लेकिन मृतक ने साफ मना कर दिया और उसे सम्पति से बेदखल करने तक की चेतावनी दी थी। इसी रंजिश के चलते बेटे ने बाप की हत्या की योजना बना कर अपने मंसूबों को अंजाम दिया।
30 लाख और एक स्कॉर्पियो के बदले दी हत्या की सुपारी
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि यशपाल ने अपने दोस्त ललित मोहन उर्फ राजन और शेखर से बात कर पिता की हत्या के बदले 30 लाख और एक स्कॉर्पियो देने का सौदा तय किया था। तीनों ने 29 नवंबर की दोपहर नहर पटरी पर रेकी की और रात में वारदात को अंजाम दिया। रात करीब आठ बजे यशपाल अपने पिता को दोस्त की शादी का झांसा देकर कार में साथ ले गया। जटवाड़ा पुल से आगे बैराज के पास उसके साथी राजन और शेखर पहले से मौजूद थे। योजना के तहत यशपाल ने पिता से गाड़ी रुकवाई और खुद ड्राइवर सीट पर बैठ गया। इसी दौरान राजन को उसने दोस्त बताकर कार में बैठाया।
कार चलने के कुछ ही मिनट बाद राजन ने तमंचे से भगवान सिंह की कनपटी पर दो गोलियां मार दीं। वारदात के बाद राजन मौके से फरार हो गया। कुछ देर बाद बेटे ने घटना को अंजान बताकर 112 पर कॉल कर पुलिस को गुमराह किया। आरोपी यशपाल, ललित मोहन उर्फ राजन, शेखर को धर दबोचा। राजन की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा, एक खोखा कारतूस, वारदात के समय पहने कपड़े व जूते उसके किराये के कमरे से बरामद हुए।
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