Dehradun
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने 14 डोगरा बटालियन की प्लेटिनम जुबली समारोह में शिरकत की, शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की…

देहरादून: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शनिवार को देहरादून में 14 डोगरा बटालियन के प्लेटिनम जुबली समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने बटालियन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस ऐतिहासिक समारोह में 14 डोगरा के 80 सेवानिवृत्त अधिकारी, 350 सेवानिवृत्त जूनियर कमीशन अधिकारी (जेसीओ) और 500 सेवानिवृत्त अन्य पद ने भाग लिया। इस अवसर पर ले. जनरल अरविन्द दत्ता (से नि), ले. जनरल जसबीर सिंह (से नि), ले. जनरल एम एस डडवाल (से नि), मेजर जनरल संजय हुड्डा और सूबेदार मेजर एवं मानद कैप्टन मनोहर लाल (से नि) उपस्थित रहे।

राज्यपाल ने उपस्थित जवानों को संबोधित करते हुए सेवारत सैनिकों की प्रतिबद्धता, निस्वार्थ समर्पण और सेवा की सराहना की और पूर्व सैनिकों के योगदान की प्रशंसा की। वर्तमान में देहरादून में दूसरी बार तैनात यह बटालियन उत्तराखण्ड में तीन बार कार्यरत रही है, जिसमें अक्टूबर 2021 में नैनीताल जिले में बाढ़ राहत अभियान ‘ऑपरेशन राहत’ में भागीदारी भी शामिल है।

राज्यपाल ने कहा कि 14 डोगरा बटालियन भारतीय सेना की उस महान परंपरा का प्रतीक है, जो राष्ट्र सेवा और मातृभूमि की रक्षा के प्रति पूर्ण समर्पण भाव दर्शाती है। यह बटालियन न केवल सीमाओं की सुरक्षा में तत्पर रही है, बल्कि आतंकवाद विरोधी अभियानों और राष्ट्रीय आपदाओं में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती आई है। उन्होंने कहा कि 75 वर्षों को पूरा करने के बाद, आज भी 14 डोगरा बटालियन हमारे महान देश की सेवा में उत्कृष्टता और निस्वार्थ सेवा की ओर अग्रसर है।

राज्यपाल ने 14 डोगरा के अद्वितीय सैन्य इतिहास की सराहना करते हुए कहा, डोगरा बटालियन की वीरता और बलिदान की गाथाएं भारतीय सेना के स्वर्णिम इतिहास में अमर है। उन्होंने कहा कि इस बटालियन ने खेल और साहसिक गतिविधियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, जिससे सेना के गौरव को नई ऊंचाइयां मिली हैं।

इस समारोह के अवसर पर राज्यपाल ने सेना डाक सेवा कोर द्वारा 14 डोगरा बटालियन स्पेशल डे कवर का विमोचन किया तथा बटालियन को स्मृति चिन्ह भेंट किया। कर्नल मयंक माथुर, कमांडिंग ऑफिसर ने भी राज्यपाल को सम्मान स्वरूप 14 डोगरा बटालियन का स्मृति चिन्ह भेंट किया।
#GovernorGurmeetSingh #14DograBattalion #PlatinumJubileeCeremony #RetiredSoldiers #TributetoMartyrs
Dehradun
New Year सैलिब्रेट करने घर से निकल रहे हैं बाहर, तो जरूर देंख ले ये प्लान, वरना हो सकते हैं परेशान

Dehradun Traffic : नए साल के जश्न के लिए देश के कोने-कोने से पर्यटक देहरादून, मसूरी और ऋषिकेश पहुंच रहे हैं। ऐसे में शहर में भारी भीड़ देखने को मिल रही है। जिस कारण सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी बढ़ गया है। जिसके चलते पुलिस ने 31 दिसंबर की रात और एक जनवरी के लिए ट्रैफिक प्लान (Dehradun Traffic) जारी किया है।
Table of Contents
New Year सैलिब्रेट करने घर से निकल रहे हैं बाहर, तो देंख ले प्लान
नए साल के जश्न के लिए सभी ने प्लान बनाएं है। 31 दिसंबर की रात को Dehradun में मसूरी से लेकर ऋषिकेश में हर तरफ न्यू ईयर सेलिब्रेशन का माहौल रहता है। ऐसे में देहरादून में 31 दिसंबर को और एक जनवरी को भारी ट्रैफिक (Dehradun Traffic)देखने को मिलता है। जिस कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसलिए पुलिस ने ट्रैफिक प्लान जारी किया गया है।

मसूरी जाने वाले वाहनों के लिए ट्रैफिक प्लान
दिल्ली से रुड़की, सहारनपुर से मोहण्ड होते हुए मसूरी जाने वाले पर्यटकों के लिए Dehradun पुलिस ने रुट प्लान तैयार किया है। दिल्ली, रुड़की, सहारनपुर, मोहण्ड, आशारोड़ी, आईएसबीटी, शिमला बाईपास सैन्ट ज्यूड्स चौक जोहड़ी गांव मसूरी रोड़ बल्लुपुर चौक गढ़ी कैन्ट तिराहा अनारवाला तिराहा कुठाल गेट मसूरी भेजा जाएगा।

हुड़दंग करने वालों को नहीं किया जाएगा माफ
नव वर्ष की पूर्व संध्या और नव वर्ष के अवसर पर भारी संख्या में पर्यटकों के जिले में आगमन के दृष्टिगत नगर व देहात क्षेत्र में पुलिस द्वारा सघन चेकिंग अभियान लगातार चलाया जा रहा है। जनपद की सीमाओं और आंतरिक मार्गो में सभी वाहन चालकों की एल्कोमीटर के माध्यम से पुलिस द्वारा चेकिंग की जा रही। सुरक्षा की दृष्टि से सभी पर्यटक स्थलों पर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है।
Dehradun
सीएम धामी ने 215 उपनिरीक्षकों को बांटे नियुक्ति पत्र, कहा- ईमानदारी से करें कर्तव्यों का निर्वहन

DEHRADUN NEWS : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में 215 उपनिरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। जिसमें 104 उप-निरीक्षक, 88 गुल्मनायक (पी.ए.सी) एवं 23 अग्निशमन द्वितीय अधिकारी शामिल हैं।
Table of Contents
सीएम धामी ने 215 उपनिरीक्षकों को बांटे नियुक्ति पत्र
CM Dhami ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था, जनसुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाने में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने नवनियुक्त उप निरीक्षकों से कहा कि अब तक की उनकी परीक्षा केवल शुरुआत थी, असली परीक्षा अब शुरू हो रही है। उन्हें अब प्रदेश की सुरक्षा, कानून व्यवस्था, आपदा प्रबंधन एवं अग्निशमन जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड दो अंतरराष्ट्रीय और दो आंतरिक सीमाओं से लगा राज्य है। राज्य में शांति और सुव्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ नशा, साइबर क्राइम, महिला अपराध, यातायात, आपदा प्रबंधन, चारधाम एवं कांवड़ यात्रा जैसे अनेक मोर्चों पर पुलिस की प्रभावी भूमिका होती है।
‘स्मार्ट पुलिस’ के विजन का सीएम ने किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘स्मार्ट पुलिस’ के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल को आधुनिक तकनीक, अत्याधुनिक उपकरणों और उत्कृष्ट प्रशिक्षण से परिपूर्ण करने के लिए कृतसंकल्प है। बीते तीन वर्षों में पुलिस कर्मियों के आवास के लिए लगभग 500 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं तथा कैशलैस स्वास्थ्य सुविधा की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा एवं डेटा एनालिटिक्स जैसी उन्नत तकनीकों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
महिला सुरक्षा को लेकर उत्तराखंड पुलिस के प्रदर्शन की सराहना करते हुए CM Dhami ने कहा कि राज्य ने महिला अपराधों के निस्तारण में राष्ट्रीय औसत से दोगुनी सफलता प्राप्त की है। गृह मंत्रालय की रिपोर्ट अनुसार पोक्सो एवं महिला अपराधों के मामलों के निस्तारण में देश में पाँचवाँ स्थान प्राप्त किया है।
नवनियुक्त कार्मिक इमानदारी से करें कर्तव्यों का निर्वहन
CM Dhami ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। इसके परिणामस्वरूप बीते चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है।
राज्य में सभी परीक्षाएं पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त कार्मिक अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ करेंगे तथा राज्य की शांति, सुरक्षा और जनता के विश्वास को और अधिक मजबूत बनाएँगे।
Breakingnews
सावधान! ठंडी और सूखी हवा दे रही बीमारियां, ईएनटी के मरीजों में भारी इजाफा, ऐसे करें बचाव

Dehradun News : बदलते मौसम में ठंड, ड्राईनेस और बढ़ते वायु प्रदूषण के खतरनाक मेल से एलर्जी और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ गया है। ठंडी और सूखी हवाओं के कारण ईएनटी के मरीजों में भारी इजाफा देखने को मिल रहा है।
Table of Contents
सावधान! ठंडी और सूखी हवा दे रही बीमारियां
ठंडी और सूखी हवाओं के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। एलर्जी और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि कोल्ड वेदर, ड्राई एयर और प्रदूषण का स्तर जब एक साथ बढ़ता है, तो ये नाक, कान, गले और फेफड़ों के लिए गंभीर समस्या बन जाता है।
वरिष्ठ चिकित्सक आरएस बिष्ट के अनुसार इन दिनों खासकर अस्थमा और सीओपीडी (क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) के मरीजों में लक्षण ज्यादा उभरकर सामने आ रहे हैं।
प्रदूषण का स्तर 300 के पार पहुंचने से हो रही पेरशानी
आरएस बिष्ट ने बताया कि जब ठंडी और सूखी हवा में प्रदूषण का स्तर 300 के पार पहुंच जाता है, तो ये बेहद खतरनाक कॉम्बिनेशन बन जाता है। ऐसे में एलर्जी रिएक्शन तेजी से बढ़ते हैं और सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों में तकलीफ और गंभीर हो जाती है। उन्होंने कहा कि इस मौसम में पहले भी देखा गया है कि नाक-कान-गला (ईएनटी) से जुड़े मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। कई मामलों में नाक से खून आना, गले में इंफेक्शन और छाती से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं।

उन्होंने कहा कि देहरादून घाटी क्षेत्र होने के कारण यहां पराग (पोलन) और एलर्जन की मात्रा अपेक्षाकृत अधिक रहती है, जिससे एलर्जिक रिएक्शन का खतरा और बढ़ जाता है। यही वजह है कि एलर्जी, अस्थमा और सीओपीडी के मरीजों को इस समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
ठंड से बचाव करें और शरीर को रखें गर्म (Protection from the cold)
आरएस बिष्ट ने सलाह दी कि लोग ठंड से बचाव (Protection from the cold) करें और शरीर को गर्म रखें। अगर किसी को छाती में जकड़न, सांस लेने में दिक्कत या किसी तरह का इंफेक्शन महसूस हो तो लापरवाही न करें और तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।

उन्होंने कहा कि ठंड और एलर्जी से बचाव का सबसे अहम तरीका ये है कि जिस चीज से एलर्जी होती है, उसे पहचानकर उससे दूरी बनाई जाए। हर व्यक्ति की एलर्जी अलग होती है, इसलिए अपने ट्रिगर को जानना जरूरी है। इसके साथ ही जिन लोगों को धूल, धुआं या ठंडी हवा से परेशानी होती है, वे बाहर निकलते समय मुंह और नाक को ढककर रखें और ठंड से उचित सुरक्षा करें। समय पर सावधानी और सही इलाज से इन मौसमी बीमारियों से बचा जा सकता है।
Breakingnews18 hours agoCBSE बोर्ड छात्रों को बड़ी राहत! 3 मार्च से होने वाली 10वीं-12वीं की परीक्षा हुई रीशिड्यूल , जाने नयी तारिक…
Job20 hours agoअगर आप 10वीं पास हैं और बैंक में जॉब करना चाहते हैं तो फेडरल बैंक आपके लिए लेकर आया है सुनहरा अवसर , जल्द करें अप्लाई…
big news17 hours agoयूपी पुलिस भर्ती 2026: 12वीं पास से ग्रेजुएट तक मौका, उम्र सीमा और योग्यता यहां देखें
uttarakhand weather24 hours agoउत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी के साथ होगा नए साल का आगाज, जानें मौसम का हाल
big news24 hours agoचमोली : शिफ्ट बदलते ही टनल में टकराईं लोको ट्रेनें, पीपलकोटी में बड़ा हादसा, 88 मजदूर घायल
Breakingnews23 hours agoसावधान! ठंडी और सूखी हवा दे रही बीमारियां, ईएनटी के मरीजों में भारी इजाफा, ऐसे करें बचाव
Dehradun18 hours agoNew Year सैलिब्रेट करने घर से निकल रहे हैं बाहर, तो जरूर देंख ले ये प्लान, वरना हो सकते हैं परेशान
Cricket23 hours agoMICT बनाम PC : जाने ड्रीम 11 भविष्यवाणी , पिच रिपोर्ट और संभावित टीम के सुझाव…












































