Chamoli
हेमकुंड साहिब: बर्फीले रास्ते पर एक दूसरे का हाथ पकड़कर आगे बढ़ रहे श्रद्धालु, बुजुर्ग तीर्थयात्रियों की मदद कर रहे जवान।

जोशीमठ/चमोली – हेमकुंड साहिब का करीब तीन किमी तक यात्रा पथ अभी भी बर्फ से ढका हुआ है। सेना के जवानों और सेवादारों ने बर्फ हटाकर ही रास्ता बनाया है। यहां बर्फीले रास्ते पर फिसलन हो रही है। श्रद्धालु बर्फीले रास्ते पर एक दूसरे का हाथ पकड़कर आगे बढ़ रहे हैं।

बुजुर्ग श्रद्धालुओं को पुलिस, एसडीआरएफ और सेना के जवान सहारा देकर आगे बढ़ा रहे हैं, साथ ही अन्य श्रद्धालुओं की मदद भी कर रहे हैं। हेमकुंड साहिब के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालु वहां जा रहे श्रद्धालुओं को यह कहकर हिम्मत दे रहे हैं कि अब बस थोड़ा ही रास्ता शेष बचा है.., जल्द हेमकुंड साहिब के दर्शन होंगे। अमृतसर की नवजोत कौर पहली बार हेमकुंड साहिब की यात्रा पर पहुंची हैं।
बताया, जब पुलना गांव से पैदल यात्रा शुरू की थी तो 15 किमी पैदल चलने की बात सुनकर विश्वास नहीं हो पा रहा था कि क्या सचमुच हेमकुंड साहिब पहुंच पाऊंगी, लेकिन मन में श्रद्धा, विश्वास और आस्था लेकर यहां पहुंची हूं। रास्ते की थकान हेमकुंड पहुंचकर दूर हो गई। हेमकुंड में मत्था टेकने के साथ ही बर्फ का नजारा देखने को मिला। पंजाब के जसविंदर सिंह ने बताया, वह पिछले 15 सालों से लगातार हेमकुंड की यात्रा पर पहुंच रहे हैं। यात्रा शुरू होते ही यहां आने की इच्छा होने लगती है। हर साल हेमकुंड के दर्शन के बाद ही अपने कारोबार को आगे बढ़ाता हूं।

अटलाकोटी के ग्लेशियर प्वाइंट से आगे बर्फ जमी हुई है। यहीं से यात्रा की असली परीक्षा शुरू होती है। खड़ी चट्टान पर बने रास्ते पर जमीं बर्फ को काटकर सेना ने रास्ता बनाया है, लेकिन मार्ग पर काफी फिसलन है। हेमकुंड साहिब से करीब तीन किमी नीचे से रास्ता खतरनाक बना हुआ है। कई बुजुर्ग व महिला श्रद्धालु इस फिसलन भरे रास्ते से आवाजाही नहीं कर पा रहे हैं।
खासकर सीढ़ियों वाले हिस्से में चलना अधिक जोखिम भरा बना हुआ है। गोविंदघाट थाना प्रभारी लक्ष्मी प्रसाद बिजल्वाण ने बताया, श्रद्धालु फिसल न जाएं, इसके लिए यहां पर पुलिस व एसडीआरएफ के 20 से अधिक जवानों को तैनात किया गया है। जवान श्रद्धालुओं को बर्फीले रास्ते पर आवाजाही कराने में मदद कर रहे हैं।
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टीएचडीसी टनल हादसे की होगी मजिस्ट्रियल जांच, सीएम धामी ने दिए आदेश

Chamoli News : टीएचडीसी की निर्माणाधीन विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना के तहत हो रहे टनल निर्माण के दौरान हुए हादसे मामले में सीएम धामी ने एक्शन लिया है। सीएम ने इस मामले के मजिस्ट्रियल जांच करने के निर्देश दिए हैं।
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टीएचडीसी टनल हादसे की होगी मजिस्ट्रियल जांच
Chamoli जिले में टीएचडीसी की निर्माणाधीन विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना के अंदर दो लोको ट्रेनों के टकराने के कारण 80 से ज्यादा मजदूर घायल हो गए थे। गनीमत रही कि इसमें कोई बड़ा नुकसान होने से टल गया। इस मामले का मुख्यमंत्री धामी ने संज्ञान लिया है और मामले के मजिस्ट्रियल जांच करने के निर्देश दिए हैं।

घायलों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश
सीएम धामी ने अधिकारियों को Chamoli हादसे में घायल हुए लोगों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के दिए निर्देश दिए हैं। इस मामले में पर जानकारी देते हुए राज्य आपदा प्रबंधन और पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि हादसे में कुल 86 लोग घायल हुए थे।
सभी मजदूर खतरे से हैं बाहर
आपदा प्रबंधन और पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि घायलों में से 68 लोगों को चमोली के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जबकि 18 लोगों को पिपलकोटी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से चार लोगों को मामूली फ्रैक्चर हुआ, जबकि बाकी लोगों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। उन्होंने बताया कि सभी खतरे से बाहर हैं।
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चमोली : शिफ्ट बदलते ही टनल में टकराईं लोको ट्रेनें, पीपलकोटी में बड़ा हादसा, 88 मजदूर घायल

Chamoli Tunnel accident: अलकनंदा नदी पर निर्माणाधीन 444 मेगावाट जल विद्युत् परियोजना की टनल में बड़ा हादसा
मुख्य बिंदु
Chamoli Tunnel accident: उत्तराखंड के चमोली जिले में टीएचडीसी की साइट पर बड़ा हादसा हुआ है। जिले के पीपलकोटी स्थित निर्माणाधीन टीएचडीसी जल विद्युत परियोजना की टीबीएम साइट (Tunnel Boring Machine) पर मंगलवार रात शिफ्ट चेंज के दौरान एक हादसा हुआ। शुरूआती जानकारी के मुताबिक टनल के अंदर मजदूरों को लाने-ले जाने वाली दो लोको ट्रेनें आपस में टकरा गई। हादसे के दौरान टनल में 109 मजदूर मौजूद थे।
चमोली में टीएचडीसी की टनल में बड़ा हादसा
चमोली जिले के पीपलकोटी स्थित मायापुर हाट गांव में निर्माणाधीन टीएचडीसी जल विद्युत परियोजना की टीबीएम साइट पर देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। टनल के भीतर मजदूरों को लाने-ले जाने वाली दो लोको ट्रेनों की शिफ्ट चेंज के दौरान आपस में टक्कर हो गई, जिसमें कई मजदूर घायल हो गए। घायल मजदूरों का जिला अस्पताल गोपेश्वर और पीपलकोटी में इलाज चल रहा है।

Chamoli Tunnel accident : टक्कर में 88 मजदूर घायल
हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचकर भर्ती घायलों का हालचाल जाना। जिलाधिकारी ने बताया कि-
जानकारी के मुताबिक लगभग 100 लोगों में से 88 लोगों के घायल होने की सूचना है। इनमें से 70 घायल मजदूरों का उपचार जिला अस्पताल गोपेश्वर में किया गया है। 66 लोगों को इलाज के बाद डिसचार्ज कर दिया गया है। 4 मजदूरों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। 18 घायल मजदूरों का उपचार विवेकानंद अस्पताल पीपलकोटी में किया गया। इन लोगों को भी इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। घायलों की स्थिति ठीक है और 21 लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं।
-गौरव कुमार, जिलाधिकारी, चमोली-

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परियोजना प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Chamoli train accident में घायल मजदूरों को एम्बुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल गोपेश्वर और पीपलकोटी के अस्पतालों में पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। सूचना मिलते ही राहत दल घटनास्थल पर पहुंच गया और टनल के भीतर मौजूद मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने का काम शुरू किया गया। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है, साथ ही परियोजना प्रबंधन से रिपोर्ट भी मांगी गई है।

Chamoli train accident : जलविद्युत परियोजना की टनल में हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि ये हादसा अलकनंदा नदी पर निर्माणाधीन 444 मेगावाट की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की टनल में हुआ। मंगलवार रात करीब 9 बजे शिफ्ट बदलने के दौरान बोरिंग मशीन से हो रही खुदाई के बीच अंदर से बाहर आ रही खाली ट्रेन, मजदूरों को लेकर अंदर जा रही लोको ट्रेन से टकरा गई। इसी टक्कर के कारण यह दुर्घटना हुई, जिससे कई मजदूर घायल हो गए।
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उत्तराखंड में बनेगा कीवी का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, केंद्रीय कृषि मंत्री ने की घोषणा, जानें कब बनकर होगा तैयार

chamoli News : गौचर (चमोली) में किसानों के कल्याण तथा आर्थिक उत्थान को समर्पित राज्य स्तरीय किसान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत 88 हजार किसानों को 65 करोड़ 12 लाख रूपये की बीमा राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की।
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उत्तराखंड में बनेगा कीवी का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (Kiwi Center of Excellence)
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्तराखंड दौरे के दौरान कई बड़ी घोषणाएं की। उन्होंने chamoli के गौचर से 100 करोड़ की लागत से ‘क्लीन प्लांट सेंटर’ स्थापित किए जाने और घेरबाड़ योजना के लिए प्रदेश को 90 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने कीवी का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की बड़ी घोषणा की।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंटीग्रेटेड खेती पर जोर दे रहे हैं, ताकि छोटे-छोटे खेतों पर अधिक उत्पादन हो सके। इसके लिए हमें फल, सब्जी, पशु पालन, मछली पालन के साथ ही जड़ी बूटी उत्पादन पर जोर देना होगा। केंद्र सरकार नीतिगत बदलाव के जरिए प्रदेश की जरूरत के अनुसार बजट उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड में न्यूजीलैंड के साथ मिलकर, उत्तराखंड में कीवी पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (Kiwi Center of Excellence) भी बनाएगी।

‘क्लीन प्लांट सेंटर’ भी किया जाएगा स्थापित
Chamoli के गौचर से केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि खराब पौधां के कारण किसानों की मेहनत बेकार न हो, इसके लिए केंद्र सरकार ने मुक्तेश्वर में 100 करोड़ की लागत से ‘क्लीन प्लांट सेंटर’ स्थापित करेगी। इस सेंटर से किसानों को कीवी, सेब, माल्टा सहित नींबू प्रजाति फलों की अच्छी पौध मिलेगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर, उत्तराखंड को फल और सब्जी उत्पादन की वैश्विक राजधानी बनाने का संकल्प लेकर कार्य रही हैं। केंद्र सरकार कृषि अधिकारियों- वैज्ञानिकों की टीम के जरिए उत्तराखंड में कृषि के लिए पांच साल का रोडमैप पर बनाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जंगली जानवरों से खेती को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए केंद्र सरकार इस वित्तीय वर्ष में घेरबाड़ योजना में 90 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराएगी।

उत्तराखंड में कृषि क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक परिवर्तन
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकार उत्तराखंडवासियों की निरंतर सेवा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य के विकास के प्रति समर्पित रहने के साथ ही महिला और किसानों के सशक्तिकरण के लिए विशेष तौर पर प्रयासरत रहते हैं। उन्होंने उत्तराखंड के माल्टा की प्रशंसा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड के माल्टा को देश – विदेश तक पहुंचाने के लिए कोर कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भले ही खेती की जमीन कम हो रही है, बावजूद इसके कृषि उत्पादन बढ़ रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार ने मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना के जरिए महिलाओं का लखपति बनाने की दिशा में ठोस पहल की है, इस योजना में भारत सरकार भी सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि पुष्कर सिंह धामी सरकार ने समान नागरिक संहिता, सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत महिला आरक्षण और ब्लॉक स्तर पर किसान दिवस आयोजित कर सुशासन की नई मिशाल पेश की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने विकसित भारत जी राम जी योजना के जरिए ग्रामीण विकास को नई गति प्रदान की है।
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