Politics
Nitish Kumar जाएँगे राज्यसभा, बिहार में नए CM को लेकर सियासत तेज़

वर्षों पुरानी आश को लेकर राज्यसभा जाएंगे नीतीश कुमार, बिहार में बड़ा सियासी फेरबदल
NITISH KUMAR: बिहार की राजनीति में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिल रहा है. साल 2025 में हुए विधानसभा चुनाव में NDA ने पूर्ण बहुमत से सरकार बनाई थी. इसके बाद नीतीश कुमार ने 10 वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. लेकिन अब बिहार में बड़ी राजनैतिक उथल-पुथल देखने कोई मिल रही है. पहले सूत्रों के हवाले से खबर थी कि नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजा जा सकता है, इस पर अब नीतीश कुमार ने स्वयं सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मुहर लगा दी है. इसके बाद अगले मुख्य मंत्री के नाम को लेकर सियासत तेज़ हो गई है.
मुख्य बिंदु
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा
साल 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव में NDA की प्रचंड जीत के बाद नीतीश कुमार ने 10 वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. जिसके बाद अब बिहार की राजनीति में बड़ी उठापठक देखने को मिल रही है. दरअसल 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनावों को लेकर आज भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपना नामांकन दाखिल किया. सूत्रों के हवाले से खबर थी की नीतीश कुमार भी राज्यसभा जा सकते हैं, जिस पर अब स्वयं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट कर मुहर लगाई है
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सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी जानकारी
नीतीश कुमार ने X हैंडल पर ट्वीट कर बताया कि, वो अब राज्यसभा जाना चाहते हैं. राजनैतिक पारी शुरू करने के साथ ही उन्होंने सपना देखा था कि वो बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों और केन्द्रीय संसद के दोनों सदनों के सदस्य बनना चाहते थे.
बिहार के नए CM को लेकर सियासत तेज़
इसके बाद अब बिहार की राजनीति में नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सियासत तेज़ हो गई है. बता दें कि नीतीश कुमार पहली बार सन 2000 में बिहार के मुख्यमंत्री बने थे, हालांकि उनका ये कार्यकाल कम समय के लिए रहा. इसके बाद वो 2005 से लेकर 2014 तक और 2015 से वर्तमान तक बिहार के मुख्यमंत्री हैं.
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देखा जाए तो बीते दो दशक में केवल एक बार ही कुछ समय के लिए बिहार की राजनीति में सेंटर कमाननीतीश के आलावा किसी और के हाथ में गई थी. अब ऐसे में बिहार की राजनीति से नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना एक बड़ी राजनैतिक उथल-पुथल माना जा रहा है. वहीं अब नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर चर्चाएँ तेज़ हो गई हैं. सूत्रों के मुताबिक अगला मुख्य्मंत्री भाजपा के खेमे से चुना जाएगा.
नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की बिग एंट्री संभावित
जेडीयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी ने संकेत दिया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार जल्द ही सक्रिय राजनीति में कदम रख सकते हैं. उन्होंने कहा कि पार्टी के अन्दर इसको लेकर चर्चा चल रही है और माना जा रहा है कि आने वाले समय में निशांत सार्वजनिक राजनीतिक गतिविधियों में दिखाई दे सकते हैं. अटकलें ये भी हैं कि निशांत कुमार को बिहार का डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है.
नीतीश के उत्तराधिकारी को लेकर सवाल
विजय कुमार चौधरी ने यह साफ नहीं किया कि अगर भविष्य में नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़ते हैं तो उनका राजनीतिक उत्तराधिकारी कौन होगा. उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसले पार्टी नेतृत्व और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ही लिए जाते हैं. ऐसे में निशांत कुमार की संभावित एंट्री को जेडीयू के लिए एक नई राजनीतिक शुरुआत के रूप में भी देखा जा रहा है.
ये हो सकते हैं मुख्यमंत्री पद के दावेदार
राज्यसभा चुनाव के बाद राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. ऐसे में अगर मुख्यमंत्री पद में बदलाव होगा तो भारतीय जनता पार्टी की ओर से कुछ बड़े नेताओं के नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं. इनमें दिलीप जायसवाल, सम्राट चौधरी और नित्यानंद राय प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं.
दिलीप जायसवाल
बीजेपी के वरिष्ठ नेता दिलीप जायसवाल का नाम भी मुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदारों में शामिल बताया जा रहा है. वो बिहार बीजेपी में लंबे समय से सक्रिय हैं और संगठन में मजबूत पकड़ रखते हैं. वर्तमान में वो राज्य की राजनीति में प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं. पार्टी के अंदर उनके प्रशासनिक अनुभव और संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए उन्हें एक मजबूत विकल्प माना जा रहा है.
सम्राट चौधरी
बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी भी मुख्यमंत्री पद की रेस में प्रमुख चेहरा माने जा रहे हैं. वो राज्य की राजनीति में काफी सक्रिय और प्रभावशाली नेता हैं. संगठन को मजबूत करने में उनकी भूमिका अहम रही है। साथ ही वो ओबीसी वर्ग में अच्छी पकड़ रखते हैं, इसलिए पार्टी के भीतर उन्हें बड़े नेतृत्व के रूप में देखा जाता है.
नित्यानंद राय
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का नाम भी मुख्यमंत्री पद के संभावित उम्मीदवारों में शामिल है. वो बीजेपी के अनुभवी नेता हैं और केंद्र सरकार में अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं. बिहार की राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ और संगठन में प्रभाव के कारण उन्हें भी सीएम पद के लिए एक संभावित चेहरा माना जा रहा है.
हालांकि इन सभी नामों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. लेकिन राज्यसभा चुनाव और संभावित राजनीतिक बदलावों के बीच बिहार की सियासत में इन नेताओं को लेकर चर्चाएं लगातार तेज होती जा रही हैं.
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नारी शक्ति वंदन संशोधन को लेकर गणेश गोदियाल ने BJP पर किया पलटवार, कही बड़ी बात

Uttarakhand Politics : नारी शक्ति वंदन संशोधन को लेकर BJP में आक्रोश, गणेश गोदियाल ने किया पलटवार
Uttarakhand Politics : संसद में पेश होने के बाद गिरा नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम को लेकर प्रधानमंत्री और भाजपा के तमाम नेता विपक्ष को दोषी करार दे रहे हैं। इसको लेकर उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने प्रधानमंत्री सहित भाजपा पर पलटवार किया है।
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गणेश गोदियाल ने BJP पर किया पलटवार
गणेश गोदियाल ने कहा है कि भाजपा विपक्ष के खिलाफ महिला विरोधी होने का एक नेटेरेटिव सेट करना चाहती थी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर वो इस बिल के पक्षधर थे तो वहां पर बिल गिरते ही भाजपा महिला सांसदों के पास नारों वाली तख्तियां पहले से ही मौजूद कैसे थी ?
उन्होंने कहा कि इसकी तैयारी एक-दो घंटे पहले हो चुकी होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा इस बिल को गिराना चाहती थी इसलिए पहले से ही ये तैयारी की गई।
बीजेपी करवा सकती थी बिल के समर्थन में वोटिंग
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि भाजपा इस बिल को पास करवाना चाहती तो किसी भी हद तक विपक्ष के तमाम सांसदों को तोड़कर बिल के समर्थन में वोट डलवा सकती थी। अगर अडानी और अंबानी के पक्ष में होता तो बीजेपी हर वो कोशिश करती जिससे ये बिल पास हो गया होता।
लोग समझ गए हैं भाजपा का चाल चरित्र
गोदियाल ने कहा कि अब भाजपा नैरेटिव सेट नहीं कर सकती क्योंकि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम पर विपक्ष को कोस रहे थे, तब उन्हीं के सोशल मीडिया पेज पर 50% से ज्यादा गलियां उन्हें दी जा रही थी, कहा कि अब लोग भाजपा का चाल और चरित्र समझ गए हैं।
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Jaspur News : आपस में भिड़े पूर्व विधायक और वर्तमान विधायक, जमकर हुई धक्का-मुक्की, वीडियो वायरल

Jaspur News : मूर्ति लगाने को लेकर हुआ विवाद, आपस में भिड़ गए पूर्व विधायक और विधायक
Jaspur News : उत्तराखंड के जनपद उधम सिंह नगर से हंगामेदार खबर सामने आ रही है। जहां विपक्ष दल के कांग्रेस विधायक आदेश सिंह चौहान और सत्ता पक्ष के पूर्व विधायक डॉक्टर शैलेंद्र मोहन सिंगल दोनों के बीच विवाद हो गया। इस विवाद के चलते दोनों विधायक आपस में भिड़ गए। इस दौरान दोनों के बीच जमकर धक्का-मुक्की भी हुई।
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जसपुर में आपस में भिड़े पूर्व विधायक और वर्तमान विधायक
उत्तराखंड के जनपद उधम सिंह नगर के जसपुर नगर से सामने आया है जहां नगर के ठाकुर मंदिर चौराहा के निकट वर्तमान कांग्रेस विधायक आदेश सिंह चौहान अपने समर्थकों सहित वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की मूर्ति लगाने को लेकर खुदान कार्य कर रहे थे। तभी सत्ता पक्ष के पूर्व विधायक डॉक्टर शैलेंद्र मोहन सिंगल भी अपने समर्थकों सहित सूचना पाकर तत्काल मौके पर पहुंच गए। पूर्व विधायक ने इसका विरोध कर चल रहे खुदान कार्य को रुकवा दिया।
विधायक और पूर्व विधायक में जमकर हुई धक्का-मुक्की
देखते ही देखते ये मामला इतना तूल पकड़ गया कि दोनों विधायकों के समर्थक आपस में भिड़ गए और जमकर हंगामा शुरू कर दिया इतना ही नहीं मौके पर मौजूद दोनों विधायक भी आमने-सामने आ गए और दोनों के बीच कहासुनी के साथ ही जमकर धक्का मुक्की भी हुई। घटना की सूचना पर स्थानीय पुलिस प्रशासन तत्काल मौके पर पहुंचा और मामले को बमुश्किल शांत कराया।

विधायक आदेश सिंह चौहान ने साधा भाजपा सरकार पर निशाना
विवाद को लेकर विधायक आदेश सिंह चौहान ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बताया कि जहां एक तरफ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि महिलाओं का सम्मान होना चाहिए। लेकिन दूसरी तरफ उनकी ही पार्टी के पूर्व विधायक उनके समर्थकों पर मूर्ति नहीं लगाने देते।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक डॉक्टर शैलेंद्र बहुत सिंगल ने उन्हें मूर्ति लगाने से रोका। इस पर उनका जवाब भी सामने आया है पूर्व विधायक का कहना है कि वर्तमान विधायक द्वारा बिना परमिशन के ये मूर्ति लगाई जा रही थी, जिसका विरोध करने पर ये विवाद हुआ।
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महिलाएं लकड़ी लेने जंगल जाती हैं इसलिए गुलदार खा जाता है, वन मंत्री के बयान को कांग्रेस ने बताया शर्मनाक

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड के वन मंत्री सुबोध उनियाल का प्रदेश में मानव वन्यजीव संघर्ष को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि महिलाएं लकड़ी लेने जंगल जाती हैं इसलिए गुलदार खा जाता है। जिसके बाद से प्रदेश का सियासी माहौल गरमा गया है।
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महिलाएं लकड़ी लेने जंगल जाती हैं इसलिए गुलदार खा जाता है…
प्रदेश के वन मंत्री सुबोध उनियाल का हाल ही में एक एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें वो कहते हुए नजर आ रहे हैं कि उन्हें आए दिन शिकायत मिलती है कि लोगों ने महिला को जंगल जाने के लिए मना किया था। लेकिन महिलाएं लकड़ी लेने जंगल जाती हैं।
इसके बाद उन्होंने कहा कि महिलाएं लकड़ी लेने जंगल जाती है और फिर गुलदार उन्हें शिकार बना लेता है। अब कोई खुद गुलदार के मुंह में जाएगा तो कोई क्या ही कर सकता है ?
वन मंत्री के बयान को कांग्रेस ने बताया शर्मनाक
उत्तराखंड कांग्रेस की वरिष्ठ प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने प्रदेश के वन मंत्री सुबोध उनियाल के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। डॉ. प्रतिमा सिंह ने मंत्री के उस तर्क को “बचकाना और हास्यास्पद” करार दिया, जिसमें उन्होंने वन्यजीवों के हमलों के लिए महिलाओं का जंगल में लकड़ी लेने जाना मुख्य कारण बताया था।

डॉक्टर प्रतिमा सिंह ने उज्ज्वला योजना पर उठाए सवाल
डॉक्टर प्रतिमा सिंह ने सरकार की उज्ज्वला योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि ये योजना सफल होती, तो महिलाओं को आज भी चूल्हा जलाने के लिए जंगल जाकर अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी पड़ती। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री का बयान न केवल पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनहीनता दर्शाता है, बल्कि अपनी सरकार की विफलता को भी उजागर करता है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने चेतावनी देते हुए कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को इस तरह टालना निंदनीय है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों में इस संवेदनहीनता का कड़ा जवाब देगी।
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