Uttarakhand
जगली मशरूम खाने से दो महिलाओं की हालत बिगड़ी, इलाज के दौरान एक महिला की मौत।

उत्तरकाशी – उत्तरकाशी चिन्यालीसौड़ के जोगत मल्ला में दो अलग-अलग परिवार की दो महिलाओं की जंगली मशरूम खाने से तबीयत बिगड़ गई। एक महिला की देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि अन्य महिला की गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

प्रखंड के जोगत मल्ला में दो महिलाएं जंगल में लकड़ी बीनने गई थी। इस दौरान महिलाएं जंगली मशरूम घर ले आई। जंगली मशरूम खाने से दोनों की तबीयत बिगड़ गई। मृतका बिंदा देवी (60) पत्नी वेदप्रकाश घर में अकेली रहती थी। दूसरी महिला ममता देवी (40) पत्नी स्व. कन्हैया लाल के साथ एक बेटा रहता है, लेकिन गनीमत रही बच्चे ने मशरूम नहीं खाया।
दोनों महिलाओं की तबीयत बिगड़ी तो पड़ोसी दोनों को इलाज के लिए देर रात लाए। सीएचसी चिन्यालीसौड में इलाज के दौरान बिन्दा देवी की मौत हो गई, और दूसरी महिला ममता देवी की हालत गंभीर देखते हुए डाक्टरों ने इलाज के लिए जिला अस्पताल रिफर कर दिया है।
Dehradun
उत्तराखंड पुलिस की वर्दी में जंतर-मंतर पहुंचा सस्पेंड कांस्टेबल, बयान से मची सनसनी

Uttarakhand News : दिल्ली में चल रहे CJP के आंदोलन के दौरान उत्तराखंड पुलिस के लंबे समय से निलंबित चल रहे सिपाही शेर सिंह द्वारा मंच से तथाकथित “इस्तीफा” देने का प्रदर्शन चर्चा का विषय बना हुआ है। इस घटनाक्रम के बाद ये प्रश्न उठ रहे हैं कि जो व्यक्ति पिछले एक वर्ष से अधिक समय से निलंबित है और सक्रिय पुलिस सेवा में नहीं है, उसके द्वारा दिया गया यह तथाकथित इस्तीफा आखिर किस पद से है तथा इसका वास्तविक औचित्य क्या है।
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उत्तराखंड पुलिस की वर्दी में जंतर-मंतर पहुंचा सस्पेंड कांस्टेबल
मिली जानकारी के मुताबिक शेर सिंह वर्ष 2025 से एक गंभीर आपराधिक प्रकरण में नामजद होने के बाद उत्तराखंड पुलिस से निलंबित चल रहा है। उसके विरुद्ध थाना गंगनहर, जनपद हरिद्वार में मु०अ०सं० 415/2025 के अंतर्गत भारतीय दंड संहिता की धाराओं 420, 467, 468, 471, 120-बी तथा भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 111(2)(बी), 351(2) एवं 352 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
आपराधियों का साथ देने के हैं आरोप
जांच में ये तथ्य सामने आए कि हरिद्वार-रुड़की क्षेत्र के कुख्यात गैंगस्टर प्रवीण वाल्मीकि, जिसके विरुद्ध हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण, अवैध वसूली और भूमि पर अवैध कब्जे सहित अनेक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और जो वर्तमान में जेल में निरुद्ध है, द्वारा संचालित आपराधिक गिरोह में शेर सिंह की भी सक्रिय भूमिका पाई गई।
आरोप है कि शेर सिंह ने मनीष बॉलर, हसन अब्बास जैदी और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर स्थानीय लोगों को डराकर उनकी भूमि पर अवैध कब्जा करने व उससे आर्थिक लाभ अर्जित करने में सहयोग किया।

भूमि पर अवैध कब्जा कर उसे फर्जी तरीके से बेचा
जांच के अनुसार, रुड़की निवासी एक विधवा महिला और उसके परिवार को गैंग द्वारा लगातार धमकाया गया। आरोप है कि पीड़िता के भाई और देवर पर पहले गैंग द्वारा गोलीबारी की गई। जिसके बाद भयवश पीड़िता अपने बच्चों सहित अन्य स्थान पर रहने चली गई। इसी दौरान उसकी भूमि पर अवैध कब्जा कर उसे फर्जी तरीके से बेच दिया गया।
प्रकरण में ये भी सामने आया कि उस समय उत्तराखंड पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात शेर सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कुख्यात अपराधी प्रवीण वाल्मीकि से सितारगंज जेल एवं रुड़की न्यायालय में कई बार मुलाकात की, पीड़िता और उसके परिवार को मुकदमा वापस लेने के लिए धमकाने का प्रयास किया। आरोप है कि न्यायालय में पेशी के दौरान भी पीड़िता को अपराधी के सामने ले जाकर डराया-धमकाया गया तथा गैंग के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर विवादित भूमि के अवैध सौदे से लाभ अर्जित किया गया।
15 सितंबर 2025 को गिरफ्तारी के बाद किया गया था सस्पेंड
प्रकरण में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के उपरांत शेर सिंह को दिनांक 15 सितंबर 2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया था। बाद में उसे 7 नवंबर 2025 को माननीय उच्च न्यायालय, नैनीताल से जमानत प्राप्त हुई। गिरफ्तारी के उपरांत विभागीय कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था और वह तब से सक्रिय पुलिस सेवा में नहीं है।
Rudraprayag
ऊखीमठ में नदी से अधेड़ का शव मिलने से मचा हड़कंप, पुलिस मामले की जांच में जुटी

Rudraprayag News : रुद्रप्रयाग के ऊखीमठ स्थित मनसूना मुख्य बाजार में नदी से एक अधेड़ का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और डीडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और शव को नदी से बाहर निकालकर जांच शुरू कर दी।
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ऊखीमठ में नदी से अधेड़ का शव मिलने से मचा हड़कंप
रुद्रप्रयाग जिले की ऊखीमठ तहसील के मनसूना मुख्य बाजार में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब स्थानीय लोगों ने ग्रामीण बैंक के समीप पुलिया के नीचे नदी में एक व्यक्ति का शव देखा। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद संबंधित विभागों की टीम मौके पर पहुंच गई।
रेस्क्यू टीम ने नदी से शव को बाहर निकाला
सूचना के आधार पर जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस, आपदा प्रबंधन विभाग और जिला आपदा प्रतिक्रिया बल (DDRF) ने संयुक्त रूप से घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव अभियान शुरू किया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद टीम ने नदी से शव को सुरक्षित बाहर निकाला।

शव की अब तक नहीं हो पाई शिनाख्त
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC) को ये सूचना स्थानीय निवासी भगत सिंह द्वारा दी गई थी। इसके बाद जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार के निर्देश पर डीडीआरएफ, तहसील प्रशासन और पुलिस को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद शव को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मौत के कारणों की जांच जारी
फिलहाल मृतक की पहचान और मौत के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि व्यक्ति की मौत किन परिस्थितियों में हुई। मामले की सभी पहलुओं से जांच जारी है।
big news
ऋषिकेश जाने वालों के लिए बड़ा अपडेट, बजरंग सेतु चलने के लिए देना होगा किराया !

Rishikesh Bajrang Setu : ऋषिकेश में गंगा नदी पर बने बजरंग सेतु के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार कर रहा है। इस SOP के तहत पुल के उपयोग, श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और कांच से बने विशेष पैदल मार्ग के संचालन से जुड़े नियम तय किए जाएंगे। इसके साथ ही कांवड़ यात्रा के दौरान विशेष व्यवस्थाएं भी लागू की जाएंगी।
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बजरंग सेतु चलने के लिए देना होगा किराया
ऋषिकेश में बजरंग सेतु का मुख्य हिस्सा पहले की तरह आम लोगों की आवाजाही के लिए खुला रहेगा। हालांकि पुल के दोनों किनारों पर बनाए गए पारदर्शी कांच के फुटपाथ पर जाने के लिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों से शुल्क लिया जा सकता है। इसका उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना और इस आकर्षण का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करना है।
शुल्क की अंतिम दर SOP लागू होने के बाद होगी तय
बता दें कि ऋषिकेश में जो लोग गंगा के ऊपर बने कांच के रास्ते पर चलने का रोमांचक अनुभव लेना चाहेंगे, उन्हें निर्धारित शुल्क का भुगतान करना पड़ सकता है। शुल्क की अंतिम दर SOP लागू होने के बाद तय की जाएगी।
कांवड़ यात्रा में बंद रहेगा कांच वाला हिस्सा
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार कांवड़ यात्रा के दौरान कांच से बने फुटपाथ को पूरी तरह बंद रखा जाएगा। इस दौरान लाखों कांवड़ियों की आवाजाही के कारण पुल पर अत्यधिक भीड़ रहती है। ऐसे में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केवल पुल के सामान्य हिस्से से ही आवागमन की अनुमति दी जाएगी।

सुरक्षा और निगरानी पर रहेगा विशेष फोकस
करीब 69.20 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बजरंग सेतु का निर्माण वर्ष 2022 में शुरू हुआ था। लगभग 132.30 मीटर लंबे और 8.60 मीटर चौड़े इस आधुनिक सस्पेंशन ब्रिज को लक्ष्मण झूला के विकल्प के रूप में विकसित किया गया है।
कांच को कई बार पहले भी पहुंच चुका है नुकसान
पुल के दोनों ओर बनाए गए पैदल मार्ग में पांच परतों वाले टफेंड ग्लास का उपयोग किया गया है। निर्माण के दौरान कांच को कई बार नुकसान पहुंचने की घटनाओं के बाद अब इसकी सुरक्षा, नियमित निगरानी और रखरखाव के लिए भी विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं।
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