Uttarakhand
जगली मशरूम खाने से दो महिलाओं की हालत बिगड़ी, इलाज के दौरान एक महिला की मौत।

उत्तरकाशी – उत्तरकाशी चिन्यालीसौड़ के जोगत मल्ला में दो अलग-अलग परिवार की दो महिलाओं की जंगली मशरूम खाने से तबीयत बिगड़ गई। एक महिला की देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि अन्य महिला की गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

प्रखंड के जोगत मल्ला में दो महिलाएं जंगल में लकड़ी बीनने गई थी। इस दौरान महिलाएं जंगली मशरूम घर ले आई। जंगली मशरूम खाने से दोनों की तबीयत बिगड़ गई। मृतका बिंदा देवी (60) पत्नी वेदप्रकाश घर में अकेली रहती थी। दूसरी महिला ममता देवी (40) पत्नी स्व. कन्हैया लाल के साथ एक बेटा रहता है, लेकिन गनीमत रही बच्चे ने मशरूम नहीं खाया।
दोनों महिलाओं की तबीयत बिगड़ी तो पड़ोसी दोनों को इलाज के लिए देर रात लाए। सीएचसी चिन्यालीसौड में इलाज के दौरान बिन्दा देवी की मौत हो गई, और दूसरी महिला ममता देवी की हालत गंभीर देखते हुए डाक्टरों ने इलाज के लिए जिला अस्पताल रिफर कर दिया है।
Uttarakhand
धामी कैबिनेट की बैठक हुई समाप्त, सहकारिता नीति समेत 17 प्रस्तावों पर लगी मुहर

Dhami Cabinet Decisions : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में कुल 17 प्रस्ताव रखे गए। जिनमें सहकारिता, परिवहन, स्वास्थ्य, कार्मिक और शहरी विकास समेत कई विभागों से जुड़े फैसले शामिल रहे।
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धामी कैबिनेट की बैठक हुई समाप्त
आज हुई धामी कैबिनेट की बैठक में 17 प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक के बाद अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। सरकार ने उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी दी है। इस नीति के तहत सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सात प्रमुख मिशन तय किए गए हैं।
सहकारिता नीति समेत 17 प्रस्तावों पर लगी मुहर
परिवहन क्षेत्र में उत्तराखंड मोटरयान कराधान सुधार अधिनियम को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसले के अनुसार सीएनजी वाहनों को ग्रीन सेस में मिलने वाली छूट आगे भी जारी रहेगी। वहीं, हाइब्रिड वाहनों को दी जा रही राहत को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।
मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए बड़े फैसले
कैबिनेट ने अलग-अलग राज्यों की इलेक्ट्रिक वाहन नीतियों का अध्ययन करने के बाद उत्तराखंड के लिए नई ईवी पॉलिसी तैयार करने के निर्देश भी दिए हैं। इसका उद्देश्य राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर प्रभावी और व्यावहारिक नीति तैयार करना है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्तराखंड चिकित्सा एवं परिवार कल्याण सांख्यिक संवर्ग को मंजूरी दी गई। इसके अलावा ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट स्थापित करने से जुड़े अंत्योदय फाउंडेशन के प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है।
कैबिनेट के अन्य अहम फैसले
- उत्तराखंड लोकायुक्त अधिनियम-2014 के तहत सदस्यों के चयन के लिए उत्तराखंड लोकायुक्त खोजबीन समिति-2026 को मंजूरी।
- उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण अभिलेख नियमावली को स्वीकृति।
- उत्तराखंड सीड्स एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अन्य विभागों में समायोजित करने का निर्णय।
- इन कर्मचारियों को ऊधमसिंह नगर और आसपास के जनपदों में भेजने की व्यवस्था की जाएगी।
- रिस्पना नदी के किनारे काठ बंगला क्षेत्र में 116 आवासों से जुड़ी मलिन बस्ती के लोगों से ली जाने वाली 10 प्रतिशत राशि अब सरकार वहन करेगी।
- शहरी निकायों में पेयजल और सीवरेज से जुड़े कार्यों के लिए मंजूरी।
- ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट के प्रस्ताव को मंजूरी।
- उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत प्रस्ताव को स्वीकृति।
- उत्तरांचल विश्वविद्यालय की नियमावली को मंजूरी।
कैबिनेट के इन फैसलों से सहकारिता, परिवहन, स्वास्थ्य, शहरी विकास और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई क्षेत्रों में नीतिगत बदलाव का रास्ता साफ हुआ है।
Pithoragarh
धारचूला के ब्यालधार में भूस्खलन से आदि कैलाश मार्ग बंद, वाहनों की आवाजाही रोकने से टला हादसा

Pithoragarh News : पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र में मंगलवार सुबह आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर अचानक भारी भूस्खलन होने से यातायात ठप हो गया। बीआरओ के पहले ही वाहनों को रोक देने के कारण बड़ी घटना होने से टल गई।
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धारचूला के ब्यालधार में भूस्खलन से आदि कैलाश मार्ग बंद
धारचूला के ब्यालधार में भूस्खलन होने से आदि कैलाश मार्ग बंद हो गया है। मिली जानकारी के मुताबिक ब्यालधार के पास पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मलबा और भारी बोल्डर सड़क पर आ गिरे, जिससे मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। भूस्खलन की ये घटना पांगला से करीब दो किलोमीटर आगे हुई।
वाहनों की आवाजाही रोकने से टला हादसा
बताया जा रहा है कि मलबा गिरने के बाद सड़क के दोनों ओर कई वाहन फंस गए। हालांकि, राहत की बात ये रही कि बीआरओ की 65 आरसीसी ग्रेफ टीम ने खतरे का अंदेशा पहले ही भांप लिया था और एहतियातन वाहनों की आवाजाही रोक दी थी। इससे बड़ा हादसा होने से टल गया और किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है।

बीआरओ ने मलबा हटाने का काम किया शुरू
सड़क बंद होने के बाद बीआरओ की टीम ने तत्काल मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, मौके पर दो जेसीबी मशीनों की मदद से बोल्डर और मलबा हटाया जा रहा है। यदि मौसम ने साथ दिया तो शाम तक मार्ग को यातायात के लिए खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
यात्रिययों से सुरक्षित स्थानों पर रूकने की अपील
पांगला थाने के हेड कांस्टेबल सोबन बनग्याल ने वाहन चालकों और यात्रियों से अपील की है कि वे भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में आगे बढ़ने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर रुकें। प्रशासन और बीआरओ की ओर से सड़क पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही आवाजाही शुरू करने की सलाह दी गई है।
big news
उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू की दस्तक, 22 दिनों में 31 संक्रमित, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

Swine Flu Alert : उत्तराखंड में मौसम बदलते ही एक ऐसे वायरस ने दस्तक दे दी है, जो शुरुआत में आम वायरल जैसा लगता है। लेकिन लापरवाही पर ये गंभीर रूप से सकती है। स्वाइन फ्लू यानी H1N1 की दस्तक से प्रदेश में अलर्ट है।
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उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू की दस्तक, 22 दिनों में 31 लोग मिले संक्रमित
स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के कई मामले प्रदेश में सामने आ चुके हैं। उत्तराखंड में अगस्त महीने में अब तक 31 मरीजों में इसकी पुष्टि हो चुकी है और ज्यादातर मामले देहरादून से सामने आए हैं। मामले बढ़ते ही स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है और एडवाइजरी जारी कर दी गई है। इसके साथ ही अस्पतालों में निगरानी और स्क्रीनिंग बढ़ा दी गई है।
स्वाइन फ्लू होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण
स्वाइन फ्लू की शुरुआत कई बार सामान्य वायरल जैसी ही होती है। अचानक बुखार, ठंड लगना, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और तेज थकान इसके आम लक्षण हो सकते हैं। कुछ लोगों में उल्टी या दस्त जैसी समस्या भी देखने को मिल सकती है।

लक्षण दिखने पर डॉक्टर से करें संपर्क
सबसे जरूरी बात ये है कि अगर सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, लगातार चक्कर या अत्यधिक कमजोरी जैसी गंभीर परेशानी हो रही है, तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल न करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। इसके साथ ही स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए कुछ छोटी-छोटी सावधानियां बेहद जरूरी हैं।
स्वाइन फ्लू से बचाव के उपाय
- खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकें।
- हाथों को बार-बार साबुन से धोएं या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
- बीमार व्यक्ति के बेहद करीब जाने से बचें।
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर जरूरत के मुताबिक मास्क का इस्तेमाल करें।
- इस्तेमाल किए गए टिश्यू को खुले में न फेंकें।
- अगर आप बीमार हैं तो दूसरों के संपर्क में आने से बचें और पर्याप्त आराम करें।
- डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या कोई दवा खुद से न लें।
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