Uttarakhand
जगली मशरूम खाने से दो महिलाओं की हालत बिगड़ी, इलाज के दौरान एक महिला की मौत।

उत्तरकाशी – उत्तरकाशी चिन्यालीसौड़ के जोगत मल्ला में दो अलग-अलग परिवार की दो महिलाओं की जंगली मशरूम खाने से तबीयत बिगड़ गई। एक महिला की देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि अन्य महिला की गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

प्रखंड के जोगत मल्ला में दो महिलाएं जंगल में लकड़ी बीनने गई थी। इस दौरान महिलाएं जंगली मशरूम घर ले आई। जंगली मशरूम खाने से दोनों की तबीयत बिगड़ गई। मृतका बिंदा देवी (60) पत्नी वेदप्रकाश घर में अकेली रहती थी। दूसरी महिला ममता देवी (40) पत्नी स्व. कन्हैया लाल के साथ एक बेटा रहता है, लेकिन गनीमत रही बच्चे ने मशरूम नहीं खाया।
दोनों महिलाओं की तबीयत बिगड़ी तो पड़ोसी दोनों को इलाज के लिए देर रात लाए। सीएचसी चिन्यालीसौड में इलाज के दौरान बिन्दा देवी की मौत हो गई, और दूसरी महिला ममता देवी की हालत गंभीर देखते हुए डाक्टरों ने इलाज के लिए जिला अस्पताल रिफर कर दिया है।
Uttarakhand
प्रदेश के 13 जिलों के 66 स्थानों पर आज एक साथ हुई मॉक ड्रिल, परखी गई व्यवस्थाएं

Uttarakhand News : उत्तराखंड में मानसून ने दस्तक दे दी है, हर साल मानसून राज्य में आपदा का कहर बरपाती है। उससे पहले आपदा प्रबंधन विभाग ने मॉक एक्सरसाइज की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आज प्रदेश के 13 जनपदों के 66 स्थानों पर एक साथ मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
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प्रदेश के 13 जिलों के 66 स्थानों पर एक साथ हुई मॉक ड्रिल
आज प्रदेश के सभी जिलों में 66 स्थानों पर एक साथ मॉक ड्रिल हुई। मुख्यमंत्री धामी स्वयं उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) मुख्यालय पहुंचे। जहां आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक व अधिकारी मौजूद रहे। इस मॉक ड्रिल में भूस्खलन, सड़क बंद होने, बादल फटने और अन्य आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों को धरातल पर परखा गया।
मॉक ड्रिल में परखी गई व्यवस्थाएं
राहत-बचाव दलों की त्वरित प्रतिक्रिया, मशीनरी की उपलब्धता और विभागों के आपसी समन्वय का लाइव परीक्षण किया गया। खास बात यह रही कि इस अभ्यास में शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ NDRF, ITBP और सेना जैसी केंद्रीय एजेंसियां भी शामिल रहीं, ताकि किसी भी बड़ी आपदा में केंद्र-राज्य का संयुक्त रिस्पॉन्स सुनिश्चित हो सके।
सीएम धामी ने एक-एक जिले की तैयारियों का लिया फीडबैक
मुख्यमंत्री धामी USDMA कंट्रोल रूम से सभी 13 जनपदों के जिलाधिकारियों से वर्चुअल माध्यम से जुड़े और एक-एक जिले की तैयारियों का फीडबैक लिया। जिलाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में संसाधनों की तैनाती, संवेदनशील स्थानों की पहचान और रिस्पॉन्स टाइम की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आपदा से निपटने की ये तैयारी सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे। 24×7 अलर्ट मोड, त्वरित निर्णय और जीरो रिस्पॉन्स डिले के साथ काम हो, ताकि मानसून में जन-धन की हानि को कम किया जा सके।
आपदा से निपटने की तैयारियों का लिया गया जायजा
आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि इस मॉक ड्रिल के जरिए आपदा से निपटने की तैयारी के साथ ही मशीनरी को भी चेक किया गया है ऐसे संवेदनशील स्थान जहां पर भूस्खलन सहित तमाम आपदाएं आ सकती हैं उन 66 स्थान को चिन्हित किया गया और पूरे प्रदेश भर में एक साथ यहां मॉक ड्रिल आयोजित की गई ताकि आपदा की घड़ी में चुनौतियों से पार पाया जा सके।
Dehradun
मसूरी में मलबा गिरने से कार खाई में गिरी, 20 यात्रियों से भरी बस फंसी, मौके पर पहुंचे SDM ने संभाला मोर्चा

Mussoorie News : मसूरी में आज मलबा गिरने के कारण एक कार खाई में गिर गई। जबकि 20 यात्रियों से भरी एक मिनी बस मलबे के कारण फंस गई। सूचना पर एसडीएम राहुल आनंद मौके पर पहुंचे और मोर्चा संभाला।
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मसूरी में मलबा गिरने से कार खाई में गिरी, 20 यात्रियों से भरी बस फंसी
उत्तराखंड में मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने के लिए जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने गुरूवार को मसूरी-एलकेडी रोड पर व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की। एसडीएम मसूरी राहुल आनंद के नेतृत्व में हुई इस ड्रिल में भूस्खलन की काल्पनिक स्थिति बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया।
मॉक ड्रिल के अनुसार पहाड़ी से भारी मलबा गिरने से 20 यात्रियों से भरी एक मिनी बस फंस गई, जबकि एक कार गहरी खाई में जा गिरी। कार में सवार चार लोगों में से दो की मौके पर मौत और दो के गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति दर्शाई गई।
मौके पर पहुंचे SDM ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस, फायर सर्विस, 108 एंबुलेंस, उप जिला चिकित्सालय, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग सहित अन्य विभागों की टीमें मौके पर पहुंच गईं। फायर सर्विस और वन विभाग के जवान रस्सियों के सहारे खाई में उतरे और घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल भिजवाया।
वहीं लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर यातायात सुचारु किया। भारी बारिश के बीच करीब तीन घंटे तक चले इस अभियान में विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय और कार्यक्षमता का परीक्षण किया गया।

बरसात में भूस्खलन से निपटने के लिए परखी गई तैयारियां
एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कि बरसात के मौसम में भूस्खलन और सड़क दुर्घटनाओं जैसी घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। इन्हीं परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रदेशभर में मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस अभ्यास में सूचना मिलने के 15 मिनट के भीतर सभी प्रमुख विभाग मौके पर पहुंच गए, जिसमें सबसे पहले मसूरी पुलिस और फायर सर्विस ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
ये सभी विभागों की बेहतर तैयारी और समन्वय का प्रमाण है।उन्होंने लोगों से अपील की कि आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल प्रशासन और पुलिस को सूचना दें, ताकि राहत और बचाव कार्य बिना देरी के शुरू किए जा सकें। साथ ही स्थानीय लोगों से प्रशासन का सहयोग करने का भी आग्रह किया।
बाइट राहुल आंनद एसडीएम मसूरी
Breakingnews
मुनकटिया में पत्थर गिरने से केदारनाथ पैदल मार्ग बाधित, अस्थाई रूप से रोकी गई केदारनाथ यात्रा

Kedarnath Yatra Update : प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। जिसके चलते पहाड़ों पर जमकर बारिश हो रही है। बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भूस्खलन हो गया। जिस कारण केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
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मुनकटिया में पत्थर गिरने से केदारनाथ पैदल मार्ग बाधित
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर गुरुवार सुबह सोनप्रयाग और मुनकटिया के बीच पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने की घटना के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पैदल यात्रा कुछ समय के लिए रोक दी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मार्ग पर आवाजाही फिलहाल बंद कर दी गई है।
अस्थाई रूप से रोकी गई केदारनाथ यात्रा
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि सुबह संबंधित अधिकारियों से मुनकटिया क्षेत्र में पहाड़ी से पत्थर गिरने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही संबंधित विभाग की टीमें जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंच गईं और मार्ग पर गिरे मलबे व बड़े पत्थरों को हटाने का कार्य शुरू कर दिया।

यात्रियों से अफवाहों पर ध्यान ना देने की अपील
प्रशासन का कहना है कि रास्ते का पूरी तरह निरीक्षण कर उसे सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही श्रद्धालुओं की आवाजाही दोबारा शुरू की जाएगी। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक अपडेट का इंतजार करें और सुरक्षा संबंधी सभी निर्देशों का पालन करें।
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